उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने किया उक्त दोनों महत्वपूर्ण विकास कार्यो का भूमिपूजन
कोरबा। निगम के वार्ड क्र. 56 लाटा में 02 करोड रूपये से नाला का निर्माण किया जाएगा, तो वहीं दूसरी ओर 38 लाख रूपये की लागत से सरदार वल्लभभाई पटेल चैक में सौंदर्यीकरण का कार्य होगा। आज प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में उक्त दोनों महत्वपूर्ण विकास कार्यो का भूमिपूजन उनके द्वारा किया गया।
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा दर्री जोन के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्र. 56 में पी.एम.ए.वाई. साईट से लाटा तालाब तक 02 करोड रूपये की लागत से आर.सी.सी. नाला का निर्माण तथा वार्ड क्र. 58 में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल चैक में सौदर्यीकरण का कार्य 38 लाख रूपये की लागत से कराया जाना हैं। आज पृथक-पृथक आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रमों में उक्त दोनों महत्वपूर्ण विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं शिलान्यास उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा किया गया। इस मौके पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन सहित वार्ड पार्षदगण व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक निर्णयों से बढ़ा देश का सम्मान
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के हित में लिए गए अपने ऐतिहासिक निर्णयों के लिए जाने जाते हैं, उनके निर्णयों से विश्वस्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है तथा विश्व में भारत की प्रतिष्ठा व विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है, उनके मार्गदर्शन में एक ओर जहाॅं देश के चहुमंुखी विकास को तेज गति मिली है, वहीं दूसरी ओर उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ो परिवार लाभांवित हो रहे हैं। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि अपने सहज, सरल स्वभाव की छबि रखने वाले प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में छत्तीसगढ़ राज्य विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है, उन्होने कहा कि 15 वर्षो तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे डाॅ.रमन सिंह के द्वारा प्रारंभ कराई गई विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया था, अब इन योजनाओं को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा पुनः प्रारंभ कराया गया है, साथ ही जनहित की नई योजनाएं क्रियान्वित कराई गई हैं, जिनसे प्रदेश के लाखों परिवार लाभांवित हो रहे हैं। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जहाॅं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो यहाॅं पर निगम के सभी 67 वार्डो में बिना किसी भेदभाव के लगातार विकास कार्य जारी हैं, विगत 02 वर्षो के दौरान यहाॅं 800 करोड़ रूपये के विकास कार्यो को स्वीकृत दी जा चुकी है, जिसमें अनेक कार्य प्रगतिरत या पूर्णता की ओर है तथा बडे़ पैमाने पर विकास कार्य प्रारंभ भी कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने वार्ड क्र. 56 में सार्वजनिक मंच निर्माण की घोषणा एवं सी.सी. रोड निर्माण की घोषणा भी की।
कोरबा की विकास यात्रा ने पकड़ ली है रफ्तार
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि विगत कुछ वर्षेा से रूकी हुई कोरबा की विकास यात्रा अब रफ्तार पकड़ चुकी है, वार्ड व बस्तियों में निरंतर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, क्षेत्र की जनता जनार्दन की विकास संबंधी जो भी मांग या आवश्यकता सामने लाई जाती है, उस पर त्वरित कार्यवाही हो रही है, जनसमस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है, और मुझे खुशी है कि कोरबा की इस विकास यात्रा में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव व उद्योग मंत्री तथा कोरबा के विधायक लखनलाल देवांगन का पूरा-पूरा आशीर्वाद व मार्गदर्शन हम सबको प्राप्त हो रहा है।
जनता की उम्मीदों पर खरे उतर रहे उद्योग मंत्री व महापौर
इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह हम सबके लिए गौरव का विषय है कि कोरबा की जनता ने जिस विश्वास व उम्मीद से उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत को अपना आशीर्वाद प्रदान किया था, उन पर अपना विश्वास दिखाया था, आज उद्योग मंत्री श्री देवांगन व महापौर श्रीमती राजपूत जनता जनार्दन की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे उतर रहे हैं। उन्होने कहा कि मैं कामना करता हूॅं कि उद्योग मंत्री श्री देवांगन व महापौर श्रीमती राजपूत को कोरबा की जनता का लगातार आशीर्वाद व स्नेह प्राप्त होता रहे।
भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन के साथ ही वार्ड पार्षद विनम्र तिवारी, श्रीमती सुखविन्दर कौर, एम.आई.सी.सदस्य फिरतराम साहू, पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, किशन केंवट, जनक राजपूत, मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, पूर्व पार्षद राधेलाल यादव, बुधवारसाय यादव, कविता राजपूत, संजय कुर्मवंशी, रतन सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर साहू, पूर्व एल्डरमेन तुलसी ठाकुर, नारायण सिंह ठाकुर, लक्ष्य चतुर्वेदी, नरेन्द्र पाटनवार, अनिल यादव, राज जायसवाल, किशोर साहू, विजय मिर्री, भूपेन्द्र साहू, विजय अग्रवाल, प्रमोद शुक्ला, नीलम दुग्गल, नीलम शुक्ला, उषा ठाकुर, गजाधर यादव, राकेश राय, टेकलाल वर्मा, करीम शेख, ओम यादव, उमेश साहू, पूर्णिमा महंत, बंधन महंत, विनय कुमारी तिवारी, रमेश जादूगर, सुबोध सिंह आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
विकसित भारत-जी राम जी के तहत रू1.32 करोड़ से अधिक के कार्य स्वीकृत
जल संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार, 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में हो रहा निर्माण
मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल सरंक्षण एवं संवर्धन सम्बंधी संरचनाओं को प्राथमिकता
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। जिले में गिरते भूजल स्तर को बढ़ाने तथा वर्षा जल के संरक्षण और पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के तहत 234 बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 97 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन संरचनाओं के निर्माण से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, वहीं भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देकर जल संकट की चुनौती से निपटने में भी मदद मिलेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने में मिलेगी मदद
बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट ऐसी संरचना है, जिसके माध्यम से वर्षा जल को रेत एवं अन्य फिल्टर सामग्री की सहायता से छानकर जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है। इससे भूजल पुनर्भरण में मदद मिलती है तथा बोरवेल और आसपास के जलस्रोतों के जलस्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। ग्राम पंचायतों, शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक भवनों में ऐसी संरचनाएं जल संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी हैं।
पांचों विकासखंडों में हो रहा निर्माण
जिले की 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में मांग एवं आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंडवार स्थिति के अनुसार करतला में 64, कटघोरा में 30, कोरबा में 66, पाली में 13 तथा पोड़ी उपरोड़ा में 61 रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं।
इन संरचनाओं से विशेषकर उन ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण को प्रोत्साहन मिलेगा, जहां जलस्तर में गिरावट की समस्या है। वर्षा जल का बेहतर उपयोग होने से जल उपलब्धता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
विकसित भारत- जी राम जी से जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के इन प्रयासों के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ जल सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ भविष्य के लिए भी जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
कोरबा। प्रेस क्लब के सदस्य एवं दैनिक तरूण छत्तीसगढ़ के संपादक सुभाष अग्रवाल के अनुज भ्राता (छोटे भाई) शहर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं होटल रिलैक्स इन के संचालक सतीश अग्रवाल पिता स्वर्गीय ओमप्रकाश अग्रवाल का आज सोमवार दिनांक 26/10/2026 की देर शाम 7.30 बजे निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार कल मंगलवार दिनांक 27/10/2026 को सुबह 11 बजे स्थानीय मोती सागर पारा मुक्तिधाम में संपन्न होगा। इससे पूर्व अग्रोहा मार्ग स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनके निधन पर कोरबा प्रेस क्लब परिवार ने शोक व्यक्त किया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में परम शांति प्रदान करे एवं शोकाकुल परिवार को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति दे।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में 9 हाथियों का झुंड घूम रहा है। झुंड में नन्हे हाथी के जन्म की खुशी में रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई और उसका नाम ‘काशी’ रखा।
कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया। इसमें रामभाठा, लबेद, पाहराभांठा, काशीपानी, छातापाठ, जामपानी और छुईडुंगा गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने हाथी के बच्चे के स्वस्थ जीवन की कामना की।
बेबी एलिफेंट का नाम ‘काशी’ रखा गया है।
छठी कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया।
रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई।
जिले में 48 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 9 हाथियों का झुंड फिलहाल काशीपानी के जंगल में घूम रहा है। इसके अलावा कुदमुरा रेंज में 32 हाथी और चचिया क्षेत्र में 7 हाथी मौजूद हैं। हाल के दिनों में हाथियों ने 17 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
20 साल से जंगल में आ रहे हाथी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 साल से हाथी इस जंगल में आते हैं। वे लंबे समय तक यहां रुकने के बाद वापस चले जाते हैं। यह हाथियों का पुराना कॉरिडोर है।
SDO मणिकांत वर्मा ने ग्रामीणों से हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान के मामलों में नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है। जनहानि रोकने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
साल 2000 में पहली बार आए थे हाथी
जिले में साल 2000 में पहली बार कुदमुरा रेंज के आमटिकरा गांव में हाथी आए थे। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ती गई। कई बार जिले में हाथियों की संख्या 150 तक पहुंच चुकी है।
धिनारा गांव से शुरू हुई छठी मनाने की परंपरा
बेबी एलिफेंट की छठी मनाने की परंपरा धिनारा गांव से शुरू हुई थी। ग्रामीण अब हाथियों को लेकर जागरूक हो रहे हैं। पहले जहां हाथियों को भगवान मानकर पूजा की जाती थी, वहीं अब ग्रामीण सुरक्षित दूरी बनाए रखने पर जोर देते हैं।