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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सिर्फ शिक्षा ही नहीं बल्कि संस्कार की पाठशाला भी है-लखन

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सरस्वती शिशु मंदिर उच्च.मा.वि. दर्री में पूर्व छात्र परिषद् द्वारा मनाया गया वार्षिकोत्सव समारोह

कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्च.मा.वि. दर्री परिसर में लखनलाल देवांगन (कैबिनेट मंत्री, छ.ग.शासन) के मुख्य आतिथ्य एवं पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल (पूर्व प्रान्तपाल, डिस्ट्रिक्ट 3233 सी) व हितानंद अग्रवाल (नेता प्रतिपक्ष- नगर पालिक निगम कोरबा) के विशिष्ट आतिथ्य में विज्ञान प्रदर्शनी, आनंद मेला एवं वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य नवल किशोर शुक्ला द्वारा किया गया। सर्वप्रथम पूर्व शिक्षकों एवं पूर्व छात्र परिषद के सदस्यों द्वारा विधिवत् विज्ञान प्रदर्शनी एवं आनंद मेले का शुभारंभ किया गया। जिसमें विद्यालय में अध्ययनरत् छात्रों द्वारा विज्ञान से संबंधित विभिन्न वर्किंग मॉडल बनाये गये, जिसमें चंद्रयान की सराहना सभी लोगों ने की। सायं काल में अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति में वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा भारत माता, मॉ सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीपप्रज्जवलन किया गया। तत्पश्चात् परंपरानुसार अतिथियों को तिलक लगाकर पुष्प गुच्छ से स्वागत कर सम्मान किया गया। दीप प्रज्जवलन पश्चात् विद्यालय के प्राचार्य नवल किशोर शुक्ला द्वारा स्वागत उद्बोधन कर विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् विशिष्ट अतिथि हितानंद अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर ऐसा स्कूल है, जहॉ बच्चों को भारतीय संस्कार की शिक्षा दी जाती है। वैदिक गणित, सदाचार की बातें गुरूजनों द्वारा छात्रों को दी जाती है। वहीं विशिष्ट अतिथि पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवालने अपने उद्बोधन में बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएॅ देते हुये कहा कि आज बच्चों को सैद्धांतिक शिक्षा के साथ साथ व्यवहारिक शिक्षा का ज्ञान देना भी आवश्यक है। बच्चों में समाज के उत्थान एवं पीडि़त मानवता की सेवा हेतु जागरूकता जरूरी है, इसके लिए शिक्षक इस विषय को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर इसका ज्ञान बच्चों को दें। आज के ये बच्चे कल हमारे समाज, देश के कर्णधार बनेंगे। शिक्षा से ही राष्ट्र विकास संभव है। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि लखनलाल देवांगन द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्व छात्र परिषद् सदस्यों द्वारा आज के इस वार्षिकोत्सव समारोह के भव्य आयोजन की जितनी सराहना करें, कम है। आज सभी छात्रों को अपने विद्यालय के प्रति इस प्रकार की भावना और लगाव होनी चाहिए, जो कि आज इन पूर्व छात्रों के द्वारा उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। ये सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के संस्कार का प्रभाव है जो आज हम सभी को देखने को मिल रहा है। उद्बोधन पश्चात् सभी अतिथियों का फूल माला, शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। सम्मान पश्चात् विद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। जिसमें देशभक्ति, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, नाटक, गीत एवं पूर्व शिक्षक दुष्यंत सोनी द्वारा श्रीराम भक्तिगीत की प्रस्तुति दी गई। अतिथियों एवं समस्त नागरिकों ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की सराहना की। अंत में पूर्व छात्र परिषद् के अध्यक्ष भीष्म देव सिंह एवं सचिव आशीष अग्रवाल द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। उक्त कार्यक्रम में पूर्व गुरूजन दुर्गाप्रसाद देवांगन, संतोष तिवारी, प्रदीप पाण्डेय, बोधन यादव, श्रीमती अनिता पटेल, नरेश जायसवाल, अर्जुन सिंह पटेल, शिवचरण साहू,जिला भाजपा उपाध्यक्ष प्रफूल्ल तिवारी,नगर निगम कोरबा के पार्षद नरेंद्र देवांगन सहित अन्य पूर्व छात्र सहित काफी संख्या में अभिभावक, विद्यार्थीगण एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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कोरबा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से सुदृढ़ हो रही किसानों की आर्थिक स्थिति

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तीन किश्तों में वार्षिक सहायता से मिली खेती को नई मजबूती

कोरबा। केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाएं जिले के कृषकों के लिए संबल सिद्ध हो रही हैं। कोरबा जिले के ग्राम रिसदा निवासी कृषक गोवर्धन सिंह इसका जीवंत उदाहरण हैं। श्री सिंह एक मेहनतकश किसान हैं और पिछले कई वर्षों से कृषि कार्य में संलग्न हैं। वे लगभग 18 वर्ष की आयु से खेती कर रहे हैं और वर्तमान में उनके पास लगभग चार एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे मुख्य रूप से धान की फसल का उत्पादन करते हैं।
श्री सिंह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राही हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि समय पर सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो जाती है, जिससे उन्हें खेती-किसानी के कार्यों में आर्थिक सहारा मिलता है। योजना से उन्हें वर्ष में तीन बार रूपये दो-दो हजार की किश्त समय पर प्राप्त हो जाती है।  प्राप्त राशि का उपयोग वे बीज, खाद एवं अन्य कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति में करते हैं। इससे खेती की लागत वहन करने में सुविधा होती है और आर्थिक दबाव कम होता है।
उन्होंने कहा कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे आत्मसम्मान के साथ कृषि कार्य कर पा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

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कोरबा

कोरबा में कोयला उद्योग की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन:श्रमिक नेताओं के साथ कार्यकर्ता भी खदान बंद कराने पहुंचे, कहा-भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध

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कोरबा। कोरबा में कोयला उद्योग की राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन मिला। केंद्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में श्रमिक नेताओं के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी दीपका, कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों को बंद कराने पहुंचे।

कोरबा जिला कांग्रेस के प्रमुख हरीश परसाई, वरिष्ठ कांग्रेसी तनवीर अहमद, विशाल शुक्ला और रामू कंवर सहित अन्य कांग्रेस नेता दीपका खदान पहुंचे। उन्होंने मजदूरों के साथ मिलकर अपनी आवाज बुलंद की और हड़ताल को समर्थन दिया।

कांग्रेस नेता हरीश परसाई ने बताया कि पार्टी के निर्देश पर वे इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार की नीतियों और रीति का विरोध कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

कर्मचारियों ने किया सहयोग

तनवीर अहमद ने बताया कि सुबह से ही सभी श्रमिक नेताओं और कर्मचारियों का इस हड़ताल को व्यापक समर्थन मिल रहा है। कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों में भी श्रमिक नेताओं ने पहली पाली के कर्मचारियों से हड़ताल का समर्थन करने का आग्रह किया, जिस पर कर्मचारियों ने सहयोग किया।

कांग्रेस और श्रमिक नेताओं ने इस हड़ताल को सफल बताया है, जिसमें सभी का सहयोग मिला। इस एक दिवसीय हड़ताल से साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) को नुकसान होने की संभावना है।

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कोरबा

सूअर के फंदे में फंसा तेंदुआ:वन विभाग ने किया उपचार, इलाज के बाद जंगल में छोड़ गया, शिकारी भेजा गया जेल

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कोरबा। कोरबा जिले के लाफा जंगल में सूअर पकड़ने के लिए लगाए गए तार के फंदे में एक तेंदुआ फंस गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने रात में ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

तेंदुए को फंदे से सुरक्षित निकालना मुश्किल था, इसलिए वन विभाग ने उसे ट्रेंकुलाइजेशन की अनुमति मांगी। रायपुर से अनुमति मिलने के बाद कुमार निशांत, डॉ. चंदन और कानन पेंडारी, बिलासपुर की रेस्क्यू टीम मंगलवार रात करीब 10 बजे मौके पर पहुंची।

तीन घंटे बाद तेंदुए को फंदे से बाहर निकाला

फंदे में फंसे तेंदुए को छटपटाते देख उसे पहले ट्रेंकुलाइज कर बेहोश करने का निर्णय लिया गया। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को फंदे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसके पेट और पिछले हिस्से में चोटें थीं, जिसका प्राथमिक उपचार किया गया।

वन विभाग ने किया रेस्क्यू

रेस्क्यू टीम तेंदुए को अपने वाहन में कानन पेंडारी, बिलासपुर ले गई। वहां स्वास्थ्य में सुधार और एंटी-स्नेयर वॉक और निगरानी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार शाम छह बजे उसे उसी क्षेत्र में वापस छोड़ दिया गया। रात भर निगरानी में उसकी स्थिति सामान्य बनी रही।

रेस्क्यू टीम तेंदुए को इलाज के लिए अपने वाहन से कानन पेंडारी, बिलासपुर ले गई। वहां इलाज और निगरानी के बाद जब उसकी हालत ठीक हो गई, तो बुधवार शाम करीब छह बजे उसे उसी जंगल में छोड़ दिया गया। रात भर उस पर नजर रखी गई और उसकी स्थिति सामान्य रही।

टीम ने शिकारी को तार, फंदे के साथ पकड़ा

इस बीच, अचानकमार टाइगर रिजर्व से आई डॉग स्क्वाड टीम ने जांच के दौरान नगोई भाठा निवासी विजय कुमार गोड़ (37) को पकड़ा। उसकी तलाशी में शिकार में इस्तेमाल किए गए तार, फंदे और अन्य सामग्री बरामद हुई।

आरोपी विजय कुमार गोड़ ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने सूअर का मांस खाने की लालसा में फंदा लगाया था, लेकिन उसमें तेंदुआ फंस गया। वन विभाग ने उसके खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 51 और 52 के तहत मामला दर्ज किया है।

उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, पाली के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर उप जेल कटघोरा भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि पाली वन परिक्षेत्र में तेंदुए के अलावा बाघों के विचरण की सूचनाएं भी वन विभाग को मिलती रही हैं।

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