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छत्तीसगढ़

ओपी चौधरी-टीएस सिंहदेव की सोशल मीडिया बहस:सूरजपुर में अमरजीत भगत ने साधा निशाना, भाजपा सरकार पर लगाए आरोप

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सूरजपुर, एजेंसी। सूरजपुर में वित्त मंत्री ओपी चौधरी और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बीच सोशल मीडिया पर चल रही बहस अब और गरमा गई है। इस विवाद में अब पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

यह विवाद सूरजपुर में किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ था। पोस्ट को लेकर ओपी चौधरी और टीएस सिंहदेव आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच ऑनलाइन बहस तेज हो गई।

‘ओपी चौधरी बहस का मजा ले रहे’

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ओपी चौधरी इस बहस का “मजा ले रहे हैं”, जबकि प्रदेश कई समस्याओं से जूझ रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान पर गाड़ी हटाने को लेकर भी तंज कसा। भगत ने कहा कि यह “दिखावा है या सही”, यह कहना मुश्किल है।

साथ ही उन्होंने नेताओं से मिलने आने वाले लोगों को लेकर भी सवाल उठाए। भगत ने कहा कि “भाजपा हो या कांग्रेस, किसी भी नेता से मिलने आने वाला व्यक्ति कैसा है, यह कोई नहीं जानता।”

नशे के कारोबार को लेकर सरकार पर हमला

अमरजीत भगत ने भाजपा सरकार पर प्रदेश में नशे और अवैध कारोबार बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद अनैतिक गतिविधियों और नशे के कारोबार में बढ़ोतरी हुई है।

‘छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती हो रही’

भगत ने सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा “हमने आज तक इतिहास में नहीं देखा था कि छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती हो रही है। इसमें जितने भी लोग शामिल हैं, सभी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। यह बेहद चिंताजनक बात है।”

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

भाजपा की कोई प्रतिक्रिया नहीं

छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती और नशे के कारोबार को लेकर लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक माहौल और गर्मा दिया है। विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है।

फिलहाल अमरजीत भगत के आरोपों पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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कोरबा

प्रज्ञा संजीवनी वन औषधालय पाली में चिकित्सा शिविर को मिला लोगों का अच्छा प्रतिसादपारंपरिक चिकित्सा से हर बीमारियों का ईलाज-डॉ. पवन सिंह

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वैद्यराज रामफल पटेल का समाज में रचनात्मक कार्य सराहनीय

कोरबा/पाली। आरोग्य के देवता भगवान श्री धनवंतरी जयंती पर पाली स्थित प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय में पारंपरिक/आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। प्रात: 10.00 बजे जिला पंचायत कोरबा के अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के मुख्य आतिथ्य में प्रज्ञा संजीवनी- वन औषधालय के संचालक वैद्यराज रामफल पटेल की अध्यक्षता एवं उपस्थित समाजसेवियों, ग्रामीणों की उपस्थिति में शिविर का शुभारंभ भगवान श्री धनवंतरी की पूजा अर्चना के साथ हुआ।

शिविर को सम्बोधित करते हुए जिला पंचायत कोरबा के अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा कि भारत में ही सबसे पहले चिकित्सा प्रारंभ हुआ और भगवान श्री धनवंतरी ने पूरे विश्व को आरोग्य का मंत्र, चिकित्सा विधि दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में सभी बीमारियों का ईलाज संभव है। उन्होंने वैद्यराज रामफल पटेल के रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि श्री पटेल द्वारा पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ाया जा रहा है और पारंपरिक चिकित्सा से गंभीर बीमारियों का ईलाज करने के साथ लोगों के बीच जाकर नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है, ताकि समाज स्वस्थ हो और एक आदर्श समाज की स्थापना हो।
पारंपरिक चिकित्सा में हर बीमारियों का ईलाज-वैद्यराज रामफल पटेल

कार्यक्रम की अध्यक्षता/संयोजक रामफल पटेल ने शिविर में उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया और कहा कि स्वास्थ्य धन ही सबसे बड़ा धन है और लंबी तथा स्वस्थ जीवन जीने के लिए आयुर्वेद को अपनाएं। उन्होंने उपस्थित लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ दिया और नाड़ी परीक्षण कर बीमारियों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक आयुर्वेद दवाईयां वितरित की।
सैकड़ों लोगों ने लिया शिविर का लाभ

पाली बस स्टैण्ड स्थित प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय परिसर में आज भगवान धनवंतरी जयंती पर आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें संचालक वैद्यराज रामफल पटेल ने नाड़ी परीक्षण कर लोगों को स्वास्थ रहने के लिए आवश्यक उपाय बताए और स्वास्थ्य जांच भी किया। शिविर में पाली क्षेत्र के सैकड़ों लोग पहुंचे और शिविर का लाभ लिया।
चूंकि डॉ. पवन सिंह भी एक चिकित्सक हैं और उन्होंने भी यहां उपस्थित लोगों के चिकित्सा में अपनी सहभागिता निभाते हुए स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।

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छत्तीसगढ़

नितिन नबीन और स्मृति ईरानी 15 नवंबर को आएंगे छत्तीसगढ़:जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल, राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहला प्रदेश दौरा

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रायपुर, एजेंसी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ आएंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका यह पहला प्रदेश दौरा होगा।

वे रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आमंत्रण पर नितिन नबीन ने दौरे के लिए सहमति दी है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन।

कार्यक्रम में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी भी मौजूद रहेंगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी के दौरे को लेकर बीजेपी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

अक्टूबर माह में प्रदेश प्रवास में आई थी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी।

अक्टूबर माह में प्रदेश प्रवास में आई थी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी।

कार्यक्रम स्थल पर बीजेपी नेताओं की मीटिंग

बीजेपी सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी कार्यक्रम स्थल में प्रदेश पदाधिकारियों की मीटिंग लेंगे।

मीटिंग के दौरान प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में पिछले दौरे में हुई चर्चा का फीडबैक और अपडेट लेंगी। बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों को आगे की जिम्मेदारियों और कामों को लेकर निर्देश भी दिए जाएंगे।

सीएम विष्णुदेव साय।

सीएम विष्णुदेव साय।

CM साय ने दिया था छत्तीसगढ़ आने का न्योता

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को छत्तीसगढ़ आने का आमंत्रण दिया था। इसके बाद नितिन नबीन ने 15 नवंबर को धरमजयगढ़ पहुंचने की सहमति दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनके पहले दौरे को प्रदेश भाजपा संगठन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है।

बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाता है जनजातीय गौरव दिवस

जनजातीय गौरव दिवस हर साल 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने 2021 में इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करने के साथ जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देना है।

अंग्रेजों के खिलाफ किया था उलगुलान आंदोलन

भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आदिवासी समाज को एकजुट कर उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। जनजातीय गौरव दिवस पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित कर बिरसा मुंडा सहित आदिवासी नायकों के योगदान को याद किया जाता है।

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छत्तीसगढ़

भूपेश बघेल ने जेल में रामगोपाल अग्रवाल से की मुलाकात:10 मिनट हुई बातचीत, बोले- गलत तरीके से सरकार ने जेल में बंद रखा है

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रायपुर, एजेंसी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई।

इसके बाद भूपेश बघेल जेल से बाहर आए, इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से कहा कि वे रामगोपाल अग्रवाल से मिलने आए थे। वे कांग्रेस के कोषाध्यक्ष हैं। उन्हें गलत तरीके से जेल में बंद करके रखा गया है।

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं रामगोपाल अग्रवाल।

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं रामगोपाल अग्रवाल।

रिजवी बोले- रामगोपाल के खिलाफ 6 केस, 2 में जमानत, 4 मामले लंबित

बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज हैं। इनमें से 2 में उन्हें जमानत मिल चुकी है, जबकि 4 मामले अभी लंबित हैं। इन चारों में जमानत मिलने के बाद ही उनकी रिहाई संभव है।

रिजवी का दावा है कि किसी भी FIR में रामगोपाल का नाम नहीं है। उन्हें पहले से अपराधी एक आरोपी के बयान के आधार पर फंसाया गया है। वकील ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि कांग्रेस कोषाध्यक्ष होने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया है।

ED का दावा- रामगोपाल की निगरानी में कांग्रेस कार्यालय पहुंचाए गए 880 करोड़

बता दें कि, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया था। एजेंसी के मुताबिक, शराब सिंडिकेट से जुटाए गए करीब 860 से 880 करोड़ रुपए रायपुर के शंकर नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंचाए गए थे।

ईडी का दावा है कि रामगोपाल अग्रवाल की निगरानी में यह पैसा कांग्रेस कार्यालय पहुंचाया गया। इस मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।

इन संपत्तियों की कीमत करीब 9.06 करोड़ रुपए बताई गई है। ED ने 8 अक्टूबर को संपत्तियों को अटैच करने का आदेश जारी किया था।

इसके बाद 9 अक्टूबर को रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की गई। रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।

अकाउंटेंट को सौंपा जाता था कैश

ED की जांच के मुताबिक, शराब सिंडिकेट से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल संभालता था। आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर यह पैसा रायपुर के शंकर नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंचाया जाता था।

वहां रामगोपाल अग्रवाल के साथ काम करने वाले अकाउंटेंट देवेंद्र डढ़सेना को कैश सौंपे जाने का दावा किया गया है। ED के मुताबिक, इस पूरे लेनदेन में करीब 72 करोड़ रुपए रामगोपाल अग्रवाल के नियंत्रण में थे।

इस रकम को उनके निर्देश पर रखने, इस्तेमाल करने या बांटने का आरोप है। ED ने अपने दावों के समर्थन में डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए बयानों का हवाला दिया है।

अलग-अलग मामलों में जुलाई 2026 से हिरासत में

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले और उससे जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी को नियमित जमानत दे दी है। दोनों जुलाई 2026 से अलग-अलग मामलों में न्यायिक हिरासत में थे।

हाईकोर्ट ने लंबे समय से जेल में रहने, दस्तावेजी साक्ष्यों और बड़ी संख्या में गवाहों के कारण ट्रायल में लगने वाले संभावित समय को जमानत का आधार माना है।

रामगोपाल अग्रवाल को EOW/ACB में दर्ज FIR नंबर 4/2024 में आरोपी बनाया गया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मूल FIR में उनका नाम नहीं था और आठवीं पूरक चार्जशीट में उन्हें आरोपी बनाया गया। उनके पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री या कैश भी बरामद नहीं हुआ।

त्रिपाठी को देश नहीं छोड़ने और अन्य शर्तों पर जमानत

वहीं, अरुण पति त्रिपाठी पर सीएसएमसीएल में मैनपावर एजेंसियों के बिलों में ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त कार्यदिवसों के नाम पर अनियमित भुगतान की व्यवस्था बनाने और कमीशन वसूली में भूमिका निभाने का आरोप है।

त्रिपाठी को देश नहीं छोड़ने की शर्त पर जमानत मिली है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने कहा कि आरोप गंभीर हैं, लेकिन गवाहों के बयान और कथित लेन-देन के साक्ष्यों का परीक्षण ट्रायल में होगा। अभी अभियोजन के गवाहों के बयान शुरू नहीं हुए हैं।

मामला मुख्य रूप से दस्तावेजी साक्ष्यों पर आधारित है। हाई कोर्ट ने भी माना कि उनके खिलाफ कोई बरामदगी लंबित नहीं है और कई सह आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है।

ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

फरवरी 2019 में बना था सिंडिकेट

कारोबारी अनवर ढेबर ने सिंडिकेट बनाने के लिए फरवरी 2019 में जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में प्रदेश के 3 डिस्टलरी मालिकों को बुलाया। इस मीटिंग में छत्तीसगढ़ डिस्टलरी से नवीन केडिया, भाटिया वाइंस प्राइवेट लिमिटेड से भूपेंदर पाल सिंह भाटिया और प्रिंस भाटिया शामिल हुए।

साथ ही वेलकम डिस्टलरी से राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल के साथ हीरालाल जायसवाल और नवीन केडिया के संपर्क अधिकारी संजय फतेहपुरिया पहुंचे। मीटिंग में इनके अलावा एपी त्रिपाठी और अरविंद सिंह भी मौजूद थे।

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