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स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था:इसलिए मैंने लोकसभा में उनकी स्पीच टाली, दावा- कांग्रेस ने हमले की प्लानिंग की थी

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नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसलिए उनकी कल शाम 5 बजे होने वाली स्पीच टालनी पड़ी। आशंका के चलते मैंने ही उनसे न आने का आग्रह किया था।

न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बुधवार को PM की स्पीच के दौरान कांग्रेस लोकसभा में उन पर हमला करने की योजना बना रही थी, इसी आशंका के चलते स्पीकर ने सदन स्थगित करने का फैसला लिया।

दरअसल, पीएम मोदी 5 फरवरी को लोकसभा में शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी।

इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया था। वहीं, धन्यवाद प्रस्ताव को हंगामे के बीच गुरुवार पास कराया गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है।

स्पीकर बोले- पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा- कल लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जो हुआ, वह सदन के इतिहास में कभी नहीं हुआ। जब सदन के नेता पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था तो विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे।

बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा कि आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। जिस तरह से महिला सदस्य पीएम की सीट तक पहुंची, उसे देश ने देखा। ये उचित नहीं था। ये सदन की गरिमा के अनुकूल भी नहीं था।

इस बीच विपक्ष के सांसद हंगामा कर रहे थे, इसको देखते हुए स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्रवाई शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।

बुधवार को पीएम की स्पीच से पहले क्या हुआ

शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो।

ये सांसद मंगलवार को हंगामे के बाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का विरोध कर रही थीं। हंगामे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। कुछ मंत्रियों ने विपक्षी सांसदों से जाने को कहा, इसके बाद उन्होंने घेराव बंद किया।

दावा- कांग्रेस ने PM पर हमला करने की योजना बनाई थी

न्यूज एजेंसी ANI सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री सदन में मौजूद थे और जवाब देने के लिए भी आने वाले थे। इस दौरान स्पीकर को कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पर हमला किए जाने की योजना की जानकारी मिली थी। साथ ही कांग्रेस ने महिला सांसदों को ढाल के तौर पर आगे किया था। इसी वजह से सदन को स्थगित करने का फैसला लिया गया।

4 फरवरीः स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में बुधवार को विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई थी। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में बुधवार को भाजपा-विपक्ष सांसदों में बहस हुई थी।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में बुधवार को भाजपा-विपक्ष सांसदों में बहस हुई थी।

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब लेकर राहुल संसद पहुंचे थे

राहुल गांधी बुधवार को आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब लेकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि अगर आज पीएम आए तो उन्हें यह किताब दूंगा।

राहुल ने किताब का वह पेज खोलकर दिखाया, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था- जो उचित समझो वह करो!। राहुल ने कहा कि सरकार और रक्षा मंत्री कह रहे है कि किताब का अस्तित्व नहीं है। देखिए यह रही किताब।

राहुल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री आज लोकसभा में आने की हिम्मत करेंगे। अगर प्रधानमंत्री आते हैं तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब सौंपूंगा, ताकि वे इसे पढ़ सकें और देश को इसके बारे में पता चल सके।

राहुल गांधी बुधवार को संसद में पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक लेकर पहुंचे थे।

राहुल गांधी बुधवार को संसद में पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक लेकर पहुंचे थे।

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राहुल से कारोबारी बोले- 1 नवंबर को रैली न करें:दिल्ली में रू.10 हजार करोड़ नुकसान होगा, पिछले दिवाली सीजन लगभग रू.75,000 करोड़ बिक्री हुई

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दिल्ली, एजेंसी। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से INDIA ब्लॉक की रैली टालने की अपील की है।

CTI ने शनिवार को लेटर लिखकर कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली 10 नवंबर के बाद की जाए।

संगठन ने दिवाली फेस्टिवल सीजन में 10 हजार करोड़ रुपए के व्यापारिक नुकसान की चेतावनी दी है। दरअसल, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में SIR और ज्ञानेश कुमार के विरोध में INDIA ब्लॉक की रैली है।

रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में चांदनी चौक और कनॉट प्लेस समेत 8 बड़े बाजार हैं। व्यापारी संगठन CAIT के मुताबिक, 2025 में इन बाजारों में दिवाली पर त्योहारी बिक्री 75,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी।

व्यापारी बोले- दिवाली व्यापार का पीक सीजन

  • दिवाली व्यापार का पीक सीजन: व्यापारियों ने कहा- धनतेरस, दीपावली और भैया दूज के दौरान दिल्ली में लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का बड़ा कारोबार होता है।
  • पहले हुआ नुकसान: दावा किया गया कि रैलियों और रास्ते बंद होने से दिल्ली के व्यापारियों को अक्टूबर में पहले ही लगभग 3 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।
  • प्रमुख बाजारों पर असर: कारोबारियों ने कहा- रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे 20 बड़े बाजार हैं, जहां ट्रैफिक डायवर्जन व बैरिकेडिंग से कामकाज ठप हो सकता है।
  • बाहरी खरीदारों को परेशानी: व्यापारियों ने कहा- नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पास होने के कारण बाहर से आने वाले लाखों खरीदारों व व्यापारियों की आवाजाही प्रभावित होगी।
कारोबारियों शनिवार को ने राहुल को लेटर लिखा।

कारोबारियों ने राहुल को लेटर लिखा।

रामलीला मैदान से पुरानी दिल्ली तक 1 लाख दुकानें

व्यापारियों का दावा है कि सिर्फ दिल्ली के चांदनी चौक में 75,000 से ज्यादा दुकानें हैं। सदर बाजार में दुकानों की संख्या 15,000 से 40,000 के बीच है, और यहां 50,000 से 70,000 लोग आते हैं।

चावडी बाजार के कागज के कारोबार में 1,000 से ज्यादा व्यापारी हैं। सब मिलाकर रामलीला मैदान के आसपास के पुरानी दिल्ली के बाजारों में एक लाख से ज्यादा दुकानें हो सकती हैं।

विपक्ष की SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 6 बैठकें-प्रदर्शन

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 से 13 अक्टूबर के बीच 8 बार प्रदर्शन किए।

कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट ने भी 10 अक्टूबर को इसी मुद्दे पर प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इस दौरान शहर में बैरिकेडिंग की गई थी, 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे और 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

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सोनिया बोलीं- राजीव और मैंने खुशियों भरी दुनिया बसाई:रेस्टोरेंट में मुलाकात, यहीं प्यार की शुरुआत, अपनी आने वाली किताब का किस्सा सुनाया

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नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने X पर अपना पहला पोस्ट किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ प्रेम की शुरुआत की यादें साझा कीं।

उन्होंने एक वीडियो साझा कर बताया कि वह इंग्लैंड में अपनी पसंद का खाना मिलने वाली जगह तलाश रही थीं। इसके बाद उन्हें कैम्ब्रिज में एक ग्रीक रेस्तरां मिला, जहां पहली बार एक दोस्त ने दोनों का परिचय कराया था।

सोनिया गांधी ने कहा-

यहीं से प्यार की शुरुआत हुई, हमने साथ मिलकर यादों की एक दुनिया बनाई।

कांग्रेस नेता ने शनिवार को ही अपना X अकाउंट बनाया और पहले पोस्ट में अपनी आगामी पुस्तक ‘Belonging: A Journey of Love’ का एक वीडियो साझा किया। यह किताब 10 नवंबर को लॉन्च होगी।

सोनिया ने किताब खोलकर बताया- इसमें प्रियंका की कई तस्वीरें हैं।

सोनिया ने किताब खोलकर बताया- इसमें प्रियंका की कई तस्वीरें हैं।

कहा- मुझे तुरंत लगा मैं उनके साथ रहना चाहूंगी

सोनिया गांधी ने कहा- जब मैं उनसे पहली बार मिली, तो मुझे लगभग तुरंत लगा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके साथ मैं रहना चाहूंगी। बाद में मुझे पता चला कि वह भी ऐसा ही महसूस करते थे।

उन्होंने ने बताया कि इसके बाद हम दोनों दोस्त बन गए। हम पार्टियों, घूमने और छात्रों की बैठकों में साथ समय बिताते थे।

उन्होंने कहा

वह बहुत सौम्य दिखने वाले व्यक्ति थे। बेशक, वह बहुत अच्छे दिखते थे। लेकिन उनका सौम्य स्वभाव साफ नजर आता था।

किताब में कैंब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात का जिक्र किया

किताब में सोनिया ने इटली में बिताए बचपन से लेकर कैंब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात तक का जिक्र किया है। इसमें नेहरू-गांधी परिवार में शादी और परिवार में हुई हत्याओं के बाद बदली जिंदगी के बारे में लिखा है।

‘Belonging’ की शुरुआत युद्ध के बाद इटली के वेनेटो क्षेत्र में सोनिया के बचपन से होती है। इसके बाद किताब में उनके कैम्ब्रिज जाने और 1965 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पोते राजीव गांधी से मुलाकात का जिक्र है।

आत्मकथा में राजीव गांधी से उनकी शादी और अपनी सास, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात का भी वर्णन है। इसमें भारत में जीवन के साथ तालमेल बैठाने के उनके अनुभव शामिल हैं। इनमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय खानपान व संस्कृति को अपनाना भी शामिल है।

किताब में गांधी परिवार को बदलकर रख देने वाली बड़ी त्रासदियों का भी जिक्र है। इनमें विमान हादसे में संजय गांधी की मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल हैं।

आत्मकथा में 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद के राजनीतिक घटनाक्रम का भी वर्णन है। उस चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत हुई थी। इसके बाद सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री बनने से इनकार कर दिया और पार्टी व गठबंधन का नेतृत्व किया। कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन अगले 10 साल तक देश की सत्ता में रहा।

पति की हत्या के बाद भी सियासत से दूर ही रहीं

1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद भी सोनिया राजनीति से दूर रहीं। पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। 1996 तक कांग्रेस कमजोर होने लगी और पार्टी में कई गुट बन गए।

1997 में कांग्रेस को एकजुट करने के लिए सोनिया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। 62 दिन बाद 1998 में वे कांग्रेस अध्यक्ष बन गईं। सोनिया 2017 तक अध्यक्ष रहीं, जो पार्टी के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल है।

2004 में PM की कुर्सी ठुकराई थी

2004 में कांग्रेस ने 14 सहयोगी दलों के साथ UPA बनाया। चुनाव के बाद लेफ्ट समेत कई दलों के समर्थन से UPA को 335 सांसदों का समर्थन मिला। सहयोगियों ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने 18 मई 2004 को पद ठुकरा दिया। इसके बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने।

हालांकि, NDA ने सोनिया के विदेशी नागरिक का मुद्दा उठाकर उनके पीएम बनने का विरोध किया। इसके कारण सोनिया ने पीएम पद ठुकरा दिया और मनमोहन सिंह को पीएम बनाने का प्रस्ताव रखा। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनें। हालांकि, कहा जाता है कि पर्दे के पीछे रहकर सरकार की बागडोर सोनिया के हाथों में ही थी।

सोनिया की जगह मनमोहन के पीएम बनने पर संजय बारू लिख चुके किताब

डॉ. मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाइजर रहे संजय बारू ने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ नाम से किताब लिखी थी, बाद में इस पर फिल्म भी बनी। इसमें सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने से पीछे हटने और डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद का घटनाक्रम बताया गया है।

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शरद पूर्णिमा पर विशेष कविता 

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चाँदनी रात में बिखरती भक्ति की दिव्यता

ये शरद की उजली रात है, और चाँदनी का नूर,

प्रकृति के कण-कण में छाया भक्ति का सुरूर।

नील गगन में चाँद दमके, तारे यहाँ करते श्रृंगार,

अमृत बरसाएँ चाँदनी, करती मन को पारावार।

आज चाँदनी में नहाई धरती, शीतल मंद बयार,

यूं भक्ति-भाव से ‘गूँज’ उठे मंदिर और घर-द्वार।

ये राधा-कृष्ण की रासलीला, प्रेम सुधा बरसाए,

मुरली की मधुरिम तान हृदय में रस घोल जाए।

वृंदावन की कुंज गलियों में प्रेम का हैं मधुमास,

कृष्ण के संग है राधा-रानी, भक्ति का उल्लास।

गोपियों के नृत्य में झलकता आत्मा का संगीत,

प्रेम जहाँ पूजा बन जाए, जीवन हो पावन-प्रीत।

देखों माँ लक्ष्मी के आगमन की मंगल बेला आई,

धन-धान्य एवं सुख-समृद्धि की शुभ आशा लाई।

व्रत, पूजन और दीप जलाकर करें प्रभु का ध्यान,

मन के भीतर ज्योति जले, मिट ही जाए अज्ञान।

हाँ,खीर की कटोरी चाँद तले श्रद्धा से सज जाए,

हरेक परिवार के आँगन में खुशियों की धुन गाए।

प्रेम, दया और सत्य का दीप हृदय में ऐसे जलाएँ,

दीन-दुखियों के जीवन में आशा के फूल खिलाएँ।

संजय एम तराणेकर

(कवि, लेखक व समीक्षक)

इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश)

मो. 98260 25986

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