किसानों की सहूलियत हेतु खाद भण्डारण व वितरण में तेजी लाने के दिए निर्देश
पीएम स्वनिधि योजना से अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने किया निर्देशित
पीएम आवास में लक्ष्य निर्धारित कर आवास निर्माण शीघ्रता से पूर्ण कराने के दिए निर्देश
कलेक्टर ने ली समय-सीमा बैठक, विभागीय कार्यों की हुए विस्तृत समीक्षा
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति तथा टीएल के लंबित प्रकरणों के निराकरण स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का आज से आमजनों के लिए शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को पोर्टल को पूर्ण गंभीरता से लेने एवं पोर्टल से प्राप्त होने वाले आवेदनों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आगामी खरीफ वर्ष हेतु जिले में खाद भंडारण व वितरण की समीक्षा करते हुए किसानों को खाद वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही खाद वितरण की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने जुलाई माह हेतु खाद्यान्न आबंटन व भंडारण स्थिति की जानकारी लेते हुए जून माह के अंत तक सभी सोसायटियों में खाद्यान्न का अनिवार्य रूप से पूर्ण भण्डारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जिससे जुलाई माह में आमजनों को समय पर राशन वितरण हो सके। उन्होंने डीएमओ को समय पर मिलर्स द्वारा लाट जमा नहीं कराने हेतु नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि हेतु शेष किसानों का शीघ्रता से पंजीयन कराने के लिए कहा। साथ ही किसानों के ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग कार्य को भी तेजी से पूर्ण कराने की बात कही। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों की पंजीयन की अद्यतन प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने संयुक्त खाता धारकों का भी नियमानुसार पोर्टल में पंजीयन कराने के निर्देश दिए। किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से शीघ्र जोड़ने के लिए कहा। इस हेतु किसानों को केसीसी से मिलने वाले लाभ की जानकारी देकर वंचित किसानों को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित करने, इच्छुक किसानों से आवेदन लेने एवं स्वीकृति प्रक्रिया को समयबद्ध पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने के निर्देश दिए। इस हेतु सभी नगरीय निकायो में आयोजित होने वाले विशेष शिविर के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों से आवेदन प्राप्त कर उन्हें लाभ दिलाने के लिए कहा। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडरों की पहचान कर उन्हें भी योजना से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम जनमन अंतर्गत आवास निर्माण कार्य की जानकारी लेते हुए लम्बित निर्माण कार्य में शीघ्रता से प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आवास शहरी अंतर्गत स्वीकृत हुए आवासों का जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ कराने एवं निर्माणाधीन आवासों को बरसात के पूर्व पूर्ण कराने के लिए कहा। इसी प्रकार पीएम आवास ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी जनपद सीईओ को प्रति सप्ताह आवास पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित कर निर्माण में गम्भीरता से तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रथम किश्त की राशि जारी होने वाले हितग्राहियों के यहां जल्द से जल्द आवास निर्माण शुरू कराने की बात कही साथ ही खिड़की, दरवाजे, छत लेवल कार्य हो चुके आवासों का शीघ्रता से शेष कार्य पूर्ण कराने निर्देशित किया। उन्होंने डीएमएफ अंतर्गत प्रगतिरत व स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधूरे कार्याे को तेजी से पूर्ण कराने के लिए कहा। साथ ही मुख्यमंत्री घोषणा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वीकृत कार्याे का समय पर प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति हेतु प्रेषित करने निर्देशित किया। बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, ओएसडी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर द्वय देवेंद्र पटेल व ओंकार यादव, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ, सीएमओ नगरीय निकाय सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी
कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे। जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह
समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी
कोरबा 05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।” पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है। सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है। इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।