कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय कैरियर काउंसिलिंग के हुआ आयोजन
विद्यार्थियों को विषय चयन, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं स्वरोजगार के विविध अवसरों की दी गई जानकारी
सही मार्गदर्शन और सतत प्रयास से हासिल करें सफलता – मंत्री लखन लाल देवांगन
लक्ष्य निर्धारित कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें -कलेक्टर कुणाल दुदावत
जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने बच्चों से संवाद कर बेहतर कैरियर निर्माण के लिए दिया मार्गदर्शन
कोरबा। जिला प्रशासन द्वारा राजीव गांधी ऑडिटोरियम, ट्रांसपोर्ट नगर, कोरबा में 10वीं, 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए जिला स्तरीय कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, सभापति नूतन सिंह ठाकुर कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, आयुक्त नगर निगम आशुतोष पांडेय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों को विषय चयन, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं स्वरोजगार के विविध अवसरों की जानकारी प्रदान कर उनके भविष्य निर्माण के लिए उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था।
कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और सही कैरियर मार्गदर्शन की महत्ता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में असीम संभावनाएं होती हैं, आवश्यकता उन्हें पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ने की है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि राज्य शासन युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दौरान मुख्य अतिथि द्वारा संदर्शिका किताब का विमोचन भी किया गया, जिसमें राज्य स्तर एवं अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षाओं का आयोजन किस प्रकार किया जाता है, उनकी चयन प्रक्रिया क्या है, इसके संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई है। उक्त पुस्तकें सभी विद्यालयों के प्राचार्यों को उपलब्ध कराई गई हैं तथा प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि पुस्तकों में दिए गए विषयों के संबंध में विद्यालय में अध्ययनरत सभी बच्चों को विद्यालय स्तर पर कैरियर काउंसलिंग का आयोजन कर विस्तार से अवगत कराया जाए।
कार्यक्रम में विधायक कटघोरा श्री पटेल द्वारा विद्यार्थियों को बेहतर कैरियर चयन हेतु मार्गदर्शन करते हुए लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कोरबा जिले के समस्त हाई स्कूलों से लगभग 600 से अधिक विद्यार्थी एवं उनके पालक उपस्थित हुए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कलेक्टर श्री दुदावत द्वारा विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें अपने लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित करने तथा निरंतर परिश्रम के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और सकारात्मक सोच भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की सलाह दी। उन्होंने 10वीं उत्तीर्ण छात्रों को 11वीं कक्षा में किस प्रकार अपने कैरियर का चयन करना है तथा कौन-कौन से क्षेत्र हैं, जिनमें अध्ययन कर अपने भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है, इसकी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में कक्षा 12वीं के 450 विद्यार्थियों द्वारा सहभागिता निभाई गई। कलेक्टर श्री दुदावत व पुलिस अधीक्षक श्री तिवारी द्वारा 12वीं कक्षा के छात्रों का मार्गदर्शन किया गया, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को क्या करना है और क्या नहीं करना है, इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी ।
कलेक्टर द्वारा बच्चों के बीच जाकर उनसे उनके संबंध में जानकारी ली गई तथा यह आश्वासन दिया गया कि देश के किसी भी कोने में कोरबा जिले के किसी भी विद्यार्थी को पढ़ाई पूरी करने में आर्थिक कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। विद्यार्थियों द्वारा भी अधिकारियों से अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनमें कॉमर्स, गणित एवं विज्ञान विषयों से संबंधित प्रश्न प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। आयुक्त नगर निगम श्री पांडेय कोरबा के परिवेश को कहानी के माध्यम से बताते हुए मोबाइल के लाभ एवं हानियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। सीईओ श्री नाग द्वारा बच्चों को आगे बढ़ने के अवसरों की जानकारी दी गई। हेमंत जायसवाल, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (आई.टी.) के क्षेत्र तथा मोबाइल के माध्यम से समय का सदुपयोग करने के संबंध में जानकारी दी गई। विशाल राजपूत, जिला चिकित्सालय कोरबा द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाओं, उसकी शाखाओं तथा तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसी प्रकार दीपेश भारती, जिला रोजगार अधिकारी द्वारा विभिन्न प्रकार के रोजगार अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। राजीव लिल्हारे, प्रबंधक (तकनीकी), सीपेट कोरबा द्वारा प्लास्टिक के उपयोग एवं विभिन्न तकनीकों के संबंध में जानकारी दी गई। देवेंद्र कंवर, उप संचालक, कृषि विभाग, कोरबा द्वारा कृषि विज्ञान, खाद उत्पादन, मत्स्य पालन, कृषि कार्य तथा मधुमक्खी पालन जैसे रोजगारोन्मुखी कार्यों की जानकारी प्रदान की गई। एम.एम. जोशी, शासकीय महाविद्यालय कटघोरा द्वारा कला संकाय (आर्ट्स) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि आर्ट्स के विद्यार्थी भी किसी से कम नहीं होते तथा स्वयं पर किया गया विश्वास ही सफलता की ओर ले जाता है। श्रीमती उपासना पाठक, व्याख्याता, शासकीय हाई स्कूल अजगरबहार द्वारा कंप्यूटर शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। सुश्री तस्कीन, डी.आई.ओ., एन.आई.सी. द्वारा एम.एससी., एम.सी.ए., एम.टेक., सेट इत्यादि पाठ्यक्रमों एवं परीक्षाओं के संबंध में जानकारी दी गई, जिनके माध्यम से आई.टी. कंपनियों एवं अन्य क्षेत्रों में अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं तथा कौशल विकास किया जा सकता है।
पूरे कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहभागिता निभाई गई। जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय द्वारा सभी अतिथियों एवं अधिकारियों को स्मृति-चिन्ह प्रदान किए गए। दोनों सत्रों में कुल 1047 विद्यार्थी एवं 200 अभिभावकों की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति एवं विशेषज्ञों के उपयोगी मार्गदर्शन से कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं सार्थक रहा।
नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी
कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे। जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह
समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी
कोरबा 05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।” पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है। सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है। इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।