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कोरबा

मौसमी बीमारियों से बचाव  के लिए सतर्कता जरूरी

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मानसून में होने वाले रोगों से बचाव के लिए अपनाए ये उपाय, सेहत पर नहीं पड़ेगा बारिश का असर

कोरबा। मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही लोगों को भीषण गर्मी की मार से राहत तो मिली हैं लेकिन मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। दरअसल बरसात के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव होने से बैक्टीरिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य  पर पड़ता है और वह सर्दी या फ्लू का शिकार हो जाता है। बच्चों से लेकर बड़ो तक किसी भी आयु के व्यक्ति को मौसमी बीमारियॉं हो सकती है। इसलिए बरसात के मौसम में अपने शरीर को सुरक्षित रखने के लिए पौष्टिक  आहार का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और वह बीमारियों से लड़ने में सफल रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  अधिकारी डॉ.एस.एन. केशरी ने बताया कि वर्षाकाल में मच्छरों की भरमार होने के साथ ही इनसे जनित बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों में मलेरिया, डेंगू,हैजा, टाईफाईड, हेपेटाईटिस ए आदि शामिल हैं। बरसात के मौसम में मलेरिया से अधिक लोग ग्रस्त रहते हैं, बारिश का पानी भरे रहने पर उसमें मच्छरों की प्रजनन क्रिया होती है। डेंगू बुखार जानलेवा माना जाता है जो कि एडिज मच्छर के काटने से फैलता है। हैजा(डायरिया) एक जलजनित संक्रमण है जो शरीर में कालरा फैलाता है इस रोग के होने पर दस्त व निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। डायरिया एक संक्रामक रोग है जो सभी विकासशील देशों में व्यापक है। यह तीन साल से कम उम्र के बच्चों को हर साल औसतन तीन बार होता है। डायरिया कुपोषण का एक प्रमुख कारण होता है और कुपोषित बच्चों को डायरिया से बीमार पड़ने की संभावना अधिक रहती है। टाईफाइड बुखार दूषित भोजन व पानी से होता है। हेपेटाईटिस ए संक्रमण दूषित पानी व भोजन के कारण होता है। यह बीमारी लिवर को अधिक प्रभावित करती है। बारिश में त्वचा संबंधी कई तरह के रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती है। खुजली, जलन और रूखी त्वचा की समस्या होने लगती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नें बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव के उपाय बताए हैं। उन्होने बताया कि बेहतर स्वच्छता का उपयोग करें तथा खाना खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से हॉथ धोना चाहिए। नाखूनों को हमेशा छोटा और साफ रखना चाहिए। बरसात के मौसम में पानी को उबालकर पीना उचित होता है सीधे नल का पानी नहीं पीना चाहिए। बाहर के स्ट्रीट फूड खाने के बजाय घर का बना ताजा भोजन ले। अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन से बचना चाहिए । सब्जियों तथा फलों को धोकर उपयोग करना चाहिए। कटे फल , दही , रायता जैसे कच्चे भोजन खाने से बचें तथा घर से बाहर गोलगप्पे, चाट तथा दही खाने से बचें। संक्रमण व बुखार से बचने के लिए अदरक, तुलसी , कालीमिर्च, दालचीनी, इलायची की चाय बनाकर पीनी चाहिए। मानसून में त्वचा संबंधी रोग की समस्या से बचाव के लिए बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदल लेने चाहिए। अधिक देर बारिश में न रहें तथा त्वचा को सूखा रखें।
कलेक्टर कुणाल दुदावत तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के लोगों से अपील कर कहा है कि उपरोक्त सावधानिया बरतने से मौसमी बीमारियों के खतरों से बचा जा सकता है तथा किसी व्यक्ति को मलेरिया, डायरिया,टाईफाईड, हेपेटाईटिस तथा त्वचा रोग संबंधि लक्षण दिखाई दे तो वे चिकित्सालय, जाकर अपना उपचार करावें। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र  में भ्रमण के दौरान जल जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के उपाय के संबंध में जनसमुदाय/समाज के बीच व्यापक प्रचार प्रसार करें। जिससे मौसमी बीमारियों से क्षेत्र की जनता को बचाया जा सके।

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कोरबा

कोयला खनन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 50 खदानों को स्टार रेटिंग पुरस्कारों से किया गया सम्मानित

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रायपुर में आयोजित स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 में सुरक्षित, कुशल एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को मिला सम्मान

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित करने के बाद अपने संबोधन में जिम्मेदार एवं सतत खनन पर दिया जोर

रायपुर, 2 नवंबर 2026। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा आज रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 का आयोजन किया गया। समारोह में वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर कोयला एवं लिग्नाइट खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली देश की कुल 50 पांच सितारा खदानों को सम्मानित किया गया। इनमें 15 भूमिगत (अंडरग्राउंड) तथा 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से सुरक्षित, कुशल, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली खदानों के योगदान को मान्यता दी गई।

समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित किए। पुरस्कार वितरण के पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने कोयला क्षेत्र में उत्कृष्टता, सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिम्मेदार एवं सतत खनन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के अपर सचिव सानोज कुमार झा, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला नियंत्रक संगठन (CCO), नई दिल्ली के कोयला नियंत्रक सतीश कुमार सहित कोयला मंत्रालय एवं विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में देश की विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

छत्तीसगढ़ के लिए भी यह समारोह विशेष उपलब्धि का अवसर रहा। पांच सितारा रेटिंग प्राप्त खदानों की सूची में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की तीन भूमिगत खदानें—बंगवार अंडरग्राउंड माइन, खैराहा UG माइन और बहेराबांध UG माइन—शामिल हैं। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गेरे पेलमा सेक्टर-III कोल माइन तथा पारसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड की पारसा ईस्ट एंड कांटा बासन ओपनकास्ट कोल माइन को भी पांच सितारा रेटिंग प्राप्त हुई है।

कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग नीति के अंतर्गत कोयला एवं लिग्नाइट खदानों के प्रदर्शन का विभिन्न निर्धारित मानकों पर व्यापक मूल्यांकन किया जाता है। इनमें परिचालन दक्षता, उत्पादन एवं उत्पादकता, तकनीकी नवाचार, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन, सतत विकास तथा स्थानीय समुदायों के कल्याण से जुड़े पहलू शामिल हैं। मूल्यांकन एवं सत्यापन की प्रक्रिया कोयला नियंत्रक संगठन द्वारा नियुक्त समीक्षकों के माध्यम से की जाती है।

स्टार रेटिंग प्रणाली का उद्देश्य खदानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल देश के कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं सतत खनन को प्रोत्साहित करती है।

कोयला मंत्रालय की यह पहल देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में कोयला क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

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राज्योत्सव में जनसम्पर्क विभाग के स्टॉल में लोगों को मिली शासकीय योजनाओं की जानकारी

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जनमन, सहित अन्य प्रचार सामग्री का किया गया वितरण

कोरबा 02 नवम्बर 2026। कोरबा शहर के घन्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन आडिटोरियम परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

इसी कड़ी में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।  जिले के विकास प्रगति तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। जिले के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,  युक्तियुक्त करण एवं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार,  जल जीवन मिशन अंतर्गत लगे नल, पहाड़ी कोरवाओं के युवा बेरोजगारों को मिली नौकरी के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य योजनाओं के लाभ से जीवन में आए बदलाव को बताया गया।

स्टॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित  मासिक पत्रिका जनमन सहित अन्य ब्रोसर,पाम्पलेट व पत्रिकाओं का वितरण भी आमनागरिको को किया गया। यहाँ से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर युवाओं द्वारा बताया गया कि जनमन जैसी पत्रिका उनके लिए बहुत उपयोगी है। पत्रिका में शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जानकारी होती है। जो कि  प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में  काम आती है। साथ ही आमजनों को स्टॉल में लगी फोटो प्रदर्शनी के माध्यम अनेक विभागीय योजनाओं की भी जानकारी प्राप्त हुई। जिससे वे उन योजनाओं से जुड़कर निश्चित ही लाभांवित होंगे। राज्योस्थल पर महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, आदिम जाति विकास, वन, कृषि, मछली पालन, क्रेडा स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, रेशम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अन्य विभागों द्वारा अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिक इन स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

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मधु स्वीट्स, न्यू दिल्ली स्वीट्स, रवि डेयरी, लल्ला कैफे, नेचुरल स्वीट्स और सुगर क्राउन का निरीक्षण

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दो दुकानों से मिठाइयों के नमूने लिए, चार दुकानों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना

कोरबा, 2 नवंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व प्रशासन तथा नगर पालिक निगम की संयुक्त टीम ने मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान निहारिका स्थित मधु स्वीट्स से खोवा तथा टीपी नगर स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स से काजू कतली का नमूना जाँच के लिए लिया गया। खाद्य मानकों का पालन नहीं करने पर निहारिका स्थित रवि डेयरी पर 3,000 रुपये और लल्ला कैफे पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीपी नगर स्थित नेचुरल स्वीट्स पर 3,000 रुपये तथा सुगर क्राउन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
संयुक्त टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

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मौसमी बिमारियों से बचाव  के लिए सतर्कता जरूरी

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मानसून में होने वाले रोगों से बचाव के लिए अपनाए ये उपाय, सेहत पर नहीं पड़ेगा बारिश का असर

कोरबा । मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही लोगों को भीषण गर्मी की मार से राहत तो मिली हैं लेकिन मौसमी बिमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। दरअसल बरसात के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव होने से बैक्टीरिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है और वह सर्दी या फ्लू का शिकार हो जाता है।बच्चों से लेकर बड़ो तक किसी भी आयु के व्यक्ति को मौसमी बिमारियॉं हो सकती है। इसलिए बरसात के मौसम में अपने शरीर को सुरक्षित रखने के लिए पौष्टिक  आहार का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और वह बिमारियों से लड़ने में सफल रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन. केशरी ने बताया कि वर्षाकाल में मच्छरों की भरमार होने के साथ ही इनसे जनित बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से फैलने वाली बिमारियों में मलेरिया, डेंगू,हैजा, टाईफाईड, हेपेटाईटिस ए आदि शामिल हैं। बरसात के मौसम में मलेरिया से अधिक लोग ग्रस्त रहते हैं, बारिश का पानी भरे रहने पर उसमें मच्छरों की प्रजनन क्रिया होती है। डेंगू बुखार जानलेवा माना जाता है जो कि एडिज मच्छर के काटने से फैलता है। हैजा(डायरिया) एक जलजनित संक्रमण है जो शरीर में कालरा फैलाता है इस रोग के होने पर दस्त व निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है।डायरिया एक संक्रामक रोग है जो सभी विकासशील देशों में व्यापक है। यह तीन साल से कम उम्र के बच्चों को हर साल औसतन तीन बार होता है। डायरिया कुपोषण का एक प्रमुख कारण होता है और कुपोषित बच्चों को डायरिया से बिमार पड़ने की संभावना अधिक रहती है। टाईफाइड बुखार दूषित भोजन व पानी से होता है। हेपेटाईटिस ए संक्रमण दूषित पानी व भोजन के कारण होता है। यह बिमारी लिवर को अधिक प्रभावित करती है। बारिश में त्वचा संबंधी कई तरह के रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती है। खुजली , जलन और रूखी त्वचा की समस्या होने लगती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नें बरसात के मौसम में बिमारियों से बचाव के उपाय बताए हैं। उन्होने बताया कि बेहतर स्वच्छता का उपयोग करें तथा खाना खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से हॉथ धोना चाहिए। नाखूनों को हमेशा छोटा और साफ रखना चाहिए।बरसात के मौसम में पानी को उबालकर पीना उचित होता है सीधे नल का पानी नहीं पीना चाहिए।बाहर के स्ट्रीट फूड खाने के बजाय घर का बना ताजा भोजन ले।अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन से बचना चाहिए । सब्जियों तथा फलों को धोकर उपयोग करना चाहिए। कटे फल , दही , रायता जैसे कच्चे भोजन खाने से बचें तथा घर से बाहर गोलगप्पे, चाट तथा दही खाने से बचें। संक्रमण व बुखार से बचने के लिए अदरक, तुलसी , कालीमिर्च, दालचीनी, इलायची की चाय बनाकर पीनी चाहिए। मानसून में त्वचा संबंधी रोग की समस्या से बचाव के लिए बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदल लेने चाहिए। अधिक देर बारिश में न रहें तथा त्वचा को सूखा रखें।
कलेक्टर अजीत वसंत तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी
ने जिले के लोगों से अपील कर कहा है कि उपरोक्त सावधानिया बरतने से मौसमी बिमारियों के खतरों से बचा जा सकता है तथा किसी व्यक्ति को मलेरिया, डायरिया,टाईफाईड, हेपेटाईटिस तथा त्वचा रोग संबंधि लक्षण दिखाई दे तो वे चिकत्सालय, जाकर अपना उपचार करावें । उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों को निर्देशित किए है कि वे अपने कार्यक्षेत्र  में भ्रमण के दौरान जल जनित बिमारियों के प्रसार को रोकने के उपाय के संबंध में जनसमुदाय/समाज के बीच व्यापक प्रचार प्रसार करें। जिससे मौसमी बिमारियों से क्षेत्र की जनता को बचाया जा सके।

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कोयला खनन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 50 खदानों को स्टार रेटिंग पुरस्कारों से किया गया सम्मानित

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रायपुर में आयोजित स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 में सुरक्षित, कुशल एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को मिला सम्मान

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित करने के बाद अपने संबोधन में जिम्मेदार एवं सतत खनन पर दिया जोर

रायपुर, 2 नवंबर 2026। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा आज रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 का आयोजन किया गया। समारोह में वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर कोयला एवं लिग्नाइट खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली देश की कुल 50 पांच सितारा खदानों को सम्मानित किया गया। इनमें 15 भूमिगत (अंडरग्राउंड) तथा 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से सुरक्षित, कुशल, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली खदानों के योगदान को मान्यता दी गई।

समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित किए। पुरस्कार वितरण के पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने कोयला क्षेत्र में उत्कृष्टता, सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिम्मेदार एवं सतत खनन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के अपर सचिव सानोज कुमार झा, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला नियंत्रक संगठन (CCO), नई दिल्ली के कोयला नियंत्रक सतीश कुमार सहित कोयला मंत्रालय एवं विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में देश की विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

छत्तीसगढ़ के लिए भी यह समारोह विशेष उपलब्धि का अवसर रहा। पांच सितारा रेटिंग प्राप्त खदानों की सूची में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की तीन भूमिगत खदानें—बंगवार अंडरग्राउंड माइन, खैराहा UG माइन और बहेराबांध UG माइन—शामिल हैं। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गेरे पेलमा सेक्टर-III कोल माइन तथा पारसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड की पारसा ईस्ट एंड कांटा बासन ओपनकास्ट कोल माइन को भी पांच सितारा रेटिंग प्राप्त हुई है।

कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग नीति के अंतर्गत कोयला एवं लिग्नाइट खदानों के प्रदर्शन का विभिन्न निर्धारित मानकों पर व्यापक मूल्यांकन किया जाता है। इनमें परिचालन दक्षता, उत्पादन एवं उत्पादकता, तकनीकी नवाचार, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन, सतत विकास तथा स्थानीय समुदायों के कल्याण से जुड़े पहलू शामिल हैं। मूल्यांकन एवं सत्यापन की प्रक्रिया कोयला नियंत्रक संगठन द्वारा नियुक्त समीक्षकों के माध्यम से की जाती है।

स्टार रेटिंग प्रणाली का उद्देश्य खदानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल देश के कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं सतत खनन को प्रोत्साहित करती है।

कोयला मंत्रालय की यह पहल देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में कोयला क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

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राज्योत्सव में जनसम्पर्क विभाग के स्टॉल में लोगों को मिली शासकीय योजनाओं की जानकारी

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जनमन, सहित अन्य प्रचार सामग्री का किया गया वितरण

कोरबा 02 नवम्बर 2026। कोरबा शहर के घन्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन आडिटोरियम परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

इसी कड़ी में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।  जिले के विकास प्रगति तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। जिले के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,  युक्तियुक्त करण एवं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार,  जल जीवन मिशन अंतर्गत लगे नल, पहाड़ी कोरवाओं के युवा बेरोजगारों को मिली नौकरी के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य योजनाओं के लाभ से जीवन में आए बदलाव को बताया गया।

स्टॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित  मासिक पत्रिका जनमन सहित अन्य ब्रोसर,पाम्पलेट व पत्रिकाओं का वितरण भी आमनागरिको को किया गया। यहाँ से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर युवाओं द्वारा बताया गया कि जनमन जैसी पत्रिका उनके लिए बहुत उपयोगी है। पत्रिका में शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जानकारी होती है। जो कि  प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में  काम आती है। साथ ही आमजनों को स्टॉल में लगी फोटो प्रदर्शनी के माध्यम अनेक विभागीय योजनाओं की भी जानकारी प्राप्त हुई। जिससे वे उन योजनाओं से जुड़कर निश्चित ही लाभांवित होंगे। राज्योस्थल पर महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, आदिम जाति विकास, वन, कृषि, मछली पालन, क्रेडा स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, रेशम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अन्य विभागों द्वारा अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिक इन स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

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मधु स्वीट्स, न्यू दिल्ली स्वीट्स, रवि डेयरी, लल्ला कैफे, नेचुरल स्वीट्स और सुगर क्राउन का निरीक्षण

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दो दुकानों से मिठाइयों के नमूने लिए, चार दुकानों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना

कोरबा, 2 नवंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व प्रशासन तथा नगर पालिक निगम की संयुक्त टीम ने मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान निहारिका स्थित मधु स्वीट्स से खोवा तथा टीपी नगर स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स से काजू कतली का नमूना जाँच के लिए लिया गया। खाद्य मानकों का पालन नहीं करने पर निहारिका स्थित रवि डेयरी पर 3,000 रुपये और लल्ला कैफे पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीपी नगर स्थित नेचुरल स्वीट्स पर 3,000 रुपये तथा सुगर क्राउन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
संयुक्त टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

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