काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में बाढ़ से सुरक्षित निकाले गए तमिलनाडु के 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री शुक्रवार को काठमांडू से दिल्ली पहुंच गए। इन्हें नेपाली सेना ने बाढ़ प्रभावित इलाके से रेस्क्यू किया था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिल्ली में उनसे मुलाकात कर उनकी आपबीती सुनी।
इधर, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक और झील फटने के बाद नेपाल में भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे बसे गांव खाली कराए जा रहे हैं। नेपाली सेना ने लोगों और सुरक्षाकर्मियों को नदी किनारे से हटकर सुरक्षित जगह जाने को कहा है।
चीन ने तिब्बत में लेवल-4 अलर्ट जारी किया है और दोबारा बाढ़ के खतरे को देखते हुए राहत-बचाव अभियान रोक दिया है।
नेपाल और तिब्बत में बाढ़-भूस्खलन से अब तक 552 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
चीन के CCTV मीडिया ने यह फुटेज जारी किया है। इसमें झील से पानी ओवरफ्लो होते दिख रहा है।
ग्लेशियल झील का बांध टूटने के बाद नुवाकोट जिल में लोग सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं।
नेपाल में
547 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 977 लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं।
तिब्बत में
5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 558 लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
नेपाल में बाढ़ से जुड़ीं तस्वीरें
नेपाल में ग्लेशियर फटने के बाद मलबे और कीचड़ की नदी में तब्दील हुई खूबसूरत हरी-भरी घाटी।
बाढ़ के पानी और मलबे में एक घर पूरी तरफ से घिर गया। उसके दोनों तरफ से पानी बह रहा है।
काठमांडु के त्रिभुवन हॉस्पिटल में मुर्दाघर के बाहर मृतकों की पहचान के लिए लगाई गई तस्वीरों को देखते हुए परिजन।
नेपाली सेना ने रसुवा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
बाढ़ से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल-चीन सीमा का रसुवागढ़ी बॉर्डर पोस्ट। बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद पोस्ट पूरी तरह तबाह नजर आया।
नेपाल में रेस्क्यू का प्लान: हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट, गांव खाली कराए
नेपाल सरकार के मुताबिक, रेस्क्यू और राहत अभियान में 13,295 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। इनमें 7,250 नेपाल पुलिस, 4,200 नेपाली सेना और 1,845 आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान शामिल हैं। सरकार के अनुसार, अब तक 3,253 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
नेपाली सेना के रेस्क्यू का 3-लेयर प्लान…
एयरलिफ्ट: हेलिकॉप्टरों के जरिए ऊंचे पहाड़ों और टनल में फंसे लोगों को निकालना।
इवैक्यूएशन: तटीय और निचले गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित कैंपों में शिफ्ट करना।
फॉरेंसिक सर्च: खोजी कुत्तों और मलबे को हटाने वाली भारी मशीनों से शवों और मलबे को साफ करना।
मेडिकल सुविधा: घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
जयशंकर ने नेपाल से लौटे तीर्थयात्रियों से मुलाकात की
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल में बाढ़ से सुरक्षित बचाए गए तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की आपबीती सुनकर वे भावुक हो गए।
जयशंकर ने रेस्क्यू अभियान के लिए नेपाली सेना और नेपाल सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने भारतीय दूतावास की भी सराहना की, जिसने तीर्थयात्रियों की सुरक्षित भारत वापसी में मदद की।
नेपाल बाढ़ में 320 भारतीय लापता
बाढ़ के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है या वे लापता हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि करीब 100 भारतीय मूल के लोग भी संपर्क से बाहर हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, लेकिन किसी दूसरे देश के नागरिक हैं।
जायसवाल के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से रेस्क्यू किए गए 21 भारतीय शुक्रवार को काठमांडू से दिल्ली पहुंच गए।
इससे पहले त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया था। वहीं, चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।
नेपाल बाढ़ में 537 विदेशी नागरिक अब भी लापता
नेपाल सरकार ने बाढ़ के बाद लापता 537 विदेशी नागरिकों की सूची जारी की है। लापता लोगों में 178 भारतीय, 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 51 मलेशियाई, 33 ऑस्ट्रेलियाई और 33 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं।
नेपाल के 8 जिलों से 538 शव बरामद
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद 8 जिलों से अब तक 538 शव बरामद किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा चितवन में 221 शव मिले हैं। जिलेवार आंकड़े;
चितवन – 221 शव
नवलपरासी पूर्व – 134 शव
गोरखा – 46 शव (मानव अंगों समेत)
नुवाकोट – 37 शव
धादिंग – 33 शव
तनहूं – 28 शव
नवलपरासी पश्चिम – 27 शव
रसुवा – 12 शव
बाढ़ के बाद 121 विदेशियों का रेस्क्यू, इनमें भारत के 85 नागरिक
नेपाल पर्यटन बोर्ड के ताजा अपडेट के मुताबिक, भोटेकोशी बाढ़ के बाद अब तक 121 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है।
इनमें 85 भारतीय, 16 चीनी, 9 दक्षिण कोरियाई, 2 अमेरिकी और 2 रूसी नागरिक शामिल हैं।
चीन बोला – नेपाल में ऊंचाई वाले इलाके में ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़
चीन ने शुक्रवार को कहा कि नेपाल में ऊंचाई वाले इलाके में ग्लेशियर टूटने से बुधवार को भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आई हो सकती है। इस बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा के बड़े इलाके में तबाही मचाई।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन और नेपाल के विशेषज्ञों और सरकारी संस्थानों ने शुरुआती जांच की है। उनके मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाके में ग्लेशियर टूटना इस आपदा की संभावित वजह हो सकती है।
बाढ़ की चेतावनी के बाद सुरक्षित ठिकाना ढूंढ़ रहे लोग
पानी का स्तर बढ़ने पर अधिकारियों ने फिर से बाढ़ की चेतावनी जारी की। इसके बाद लोग सुरक्षित जगहों की ओर जाते हुए।
बाढ़ की चेतावनी जारी होने के बाद लोग सुरक्षित जगहों की ओर जाते हुए।
एक महिला जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगह की ओर जाती हुई।
बाढ़ की चेतावनी के बाद धादिंग जिले में एक महिला जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगह जाती हुई।
नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग के अफसर मनीष गर्ग के कामकाज के विवाद पर अब नई जानकारी सामने आई है। RTI से खुलासा हुआ है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग लेटर लिखकर उनके कामकाज की शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
RTI जवाब में बताया गया, कैबिनेट सचिवालय ने ये शिकायतें चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक नहीं मानीं। सचिवालय का मानना था कि इस स्तर पर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। इसे संवैधानिक संस्था के काम में दखल माना जा सकता है।
यह जानकारी RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को दी गई। गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों से चर्चा किए बिना वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज को बदलने वाला आदेश जारी किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने उनके आदेश को पलट दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 जुलाई को दोनों चुनाव आयुक्तों ने मनीष गर्ग के काम के बंटवारे से जुड़ा आदेश रद्द कर दिया। साथ ही, निर्देश दिया कि आयोग में किसी बदलाव पर सहमति बनने तक पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
गर्ग 2024 में चुनाव आयुक्त में नियुक्त हुए
मनीष गर्ग 1996 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अगस्त 2024 में केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उन्हें चुनाव आयोग में उप चुनाव आयुक्त बनाने की मंजूरी दी थी। उन्होंने 2 सितंबर 2024 को पद संभाला। इससे पहले वे हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे।
पहले भी विवादों में आया मनीष गर्ग का नाम
मनीष गर्ग का नाम मतदाता सूची के आईटी सिस्टम के संचालन और अधिकारियों को उसकी पहुंच मिलने से जुड़े विवाद में भी सामने आया था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने ERONet सॉफ्टवेयर पर निर्वाचन अधिकारियों की पहुंच को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि कई निर्वाचन अधिकारियों को सिस्टम का पूरा एक्सेस नहीं मिल रहा था, जिससे मतदाता सूची से जुड़े उनके वैधानिक काम प्रभावित हो सकते थे।
दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी
25 सितंबर: इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। इसमें मतदाता सूची के डेटा पर नियंत्रण और अधिकारियों को जानकारी नहीं दिए जाने के मुद्दे भी शामिल थे।
26 सितंबर: चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मनीष गर्ग के काम के बंटवारे संबंधी आदेश लागू नहीं किए गए थे और IT विभाग की निगरानी वास्तव में नहीं हटाई गई थी।
3 अक्टूबर: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मनीष गर्ग की भूमिका और आयोग के IT सिस्टम से जुड़े कामकाज पर सवाल उठाए थे।
21 अक्टूबर: RTI से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों आयुक्तों के पत्र कैबिनेट सचिवालय पहुंचे थे और आगे संबंधित अधिकारियों को भेजे गए। पत्रों में क्या था, यह सामने नहीं आया था।
मुंबई, एजेंसी। अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को शुक्रवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।
इसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की बात लिखी गई। कहा गया कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। हमला 1984 के ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का बदला होगा।
इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी आत्मघाती हमले में मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह मेल तब आया है, जब 5 दिन पहले रविवार को एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग की गई। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी।
ई-मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे
मुंबई मेयर को भेजे गए मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं। इसमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी जिक्र है। मेल में कहा गया कि दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छूए थे इसलिए उस पर हमला किया जाएगा। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में आत्मघाती हमले में मारना है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबर्स की भी तलाशी ली। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं।
बीएमसी में मेयर के ऑफिस की जांच करती हुईं जांच टीमें ।
रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग
शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर 5 राउंड फायरिंग की थी।
मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।
इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा के 7 आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है।
मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल
इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
सीवान, एजेंसी। बिहार के सीवान में पटाखा बनाने के दौरान हुए ब्लास्ट में पति-पत्नी और उनकी बेटी समेत 7 की मौत हो गई।
जामो थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव के एक मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक धमाके होने लगे। इस धमाके में पूरा मकान उड़ गया। लोगों के शव सड़क पर बिखर गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे।
धमाके के बाद क्षतिग्रस्त मकान।
दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, महाराजगंज एसडीपीओ अमन और बड़हरिया, जामो, गोरेयाकोठी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची है। अधिकारी घटनास्थल की जायजा ले रहे हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। आग पर काबू पाने के बाद मामले की जांच की जाएगी।
एसपी भारत सोनी ने बताया कि अब तक शवों की पहचान नहीं हो सकी है। जिस मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे, वह घनी आबादी वाले इलाके में है।
हादसे की तस्वीरें
धमाके के बाद मकान के बाहर बिखरे शव।
धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद DM और SP मौके पर पहुंचे।