जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने 27 प्राचीन धार्मिक, आध्यात्मिक महत्व की दुर्लभ पांडुलिपियां को सर्वेक्षित कर किया डिजिटल संरक्षण
कोरबा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु व्यापक, सुनियोजित एवं प्रभावी कार्यवाही कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सतत रूप से की जा रही है।
इस अभियान को कोरबा जिले को बड़ी सफलता मिली हैं। “ज्ञानभारतम् मिशन” के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह के कुशल नेतृत्व में दिनांक 23 मई 2026 को सर्वेक्षण के दौरान कोरबा के पुराना राजमहल राजगढ़ी, रानी रोड, पुरानी बस्ती में निवासरत कोरबा की अंतिम शासिका रही स्व. रानी धनराज कुंवर देवी के नाती कुमार रविभूषण प्रताप सिंह उम्र 67 वर्ष के निवास में 16वीं शताब्दी कल्चुरीकालीन की लगभग 400 वर्ष पुरानी श्रीमद् भागवत पुराण, धार्मिक एवं आध्यात्मिक ग्रन्थ सुखसागर बारहवां स्कन्ध की हस्तलिखित 27 प्राचीन पाण्डुलिपियों को सर्वेक्षित किया गया।
जिसे मौके पर ही “ज्ञानभारतम् मिशन” के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश प्रकाश सिंह के द्वारा “ज्ञानभारतम् एप” में इन 27 प्राचीन दुर्लभ हस्तलिखित पाण्डुलिपियों का फ़ोटो अपलोड करके डिजिटल संरक्षण किया गया।
इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश प्रकाश सिंह ने कोरबा में मिली इन प्राचीन पाण्डुलिपियों के सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ के इतिहासकार एवं भाषाविद डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र रायपुर से मोबाइल पर चर्चा करके उसके इतिहास के सम्बन्ध में जानकारी ली। डॉ. मिश्र से चर्चा उपरांत इन प्राचीन पाण्डुलिपियों के बारे में जानकारी को संग्रहित कर “ज्ञानभारतम् एप” में सुरक्षित किया गया हैं।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए “ज्ञानभारतम् मिशन” के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि, कोरबा की अंतिम शासिका रही स्व. रानी धनराज कुंवर देवी पति. स्व. जोगेश्वर प्रताप सिंह के पूर्वजों के पास पीढ़ी दर पीढ़ी से मौजूद रही इन प्राचीन पाण्डुलिपियों का धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक महत्व हैं। ये प्राचीन पाण्डुलिपियाँ पुराने मोटे कागज़ पर काले स्याही से हस्तलिखित रूप में श्रीमद भागवत पुराण, सुखसागर बारहवां स्कन्ध धार्मिक आध्यात्मिक ग्रन्थ को देवनागरी और संस्कृत भाषा में लिखा गया हैं। जो कि 16 वीं शताब्दी की लगभग 400 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पाण्डुलिपि हैं। यह प्राचीन पाण्डुलिपि बहुत ही जर्जर हालात में हैं, इसके कागज़ छूने से ही टूट कर बिखर रहे हैं। कुमार रविभूषण प्रताप सिंह और उनके परिजनों क़े द्वारा इसे पूजा घर में लाल कपड़े में लपेट कर पूजा-अर्चना की जाती हैं। इन पाण्डुलिपियों को लगभग 20 वर्ष बाद खोल कर दिखाया गया हैं। जो कि नष्ट होने की स्थिति में आ चुकी हैं।
श्री सिंह ने बताया कि पुराने राजपरिवार के समय में इन धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक महत्व की पाण्डुलिपियों का समय-समय पर राजपरिवार एवं जनता के मध्य विभिन्न धार्मिक आयोजनों में इसका वाचन किया जाता रहा हैं। जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि इन प्राचीन पाण्डुलिपियों के साथ ही राजपरिवार के यहाँ से स्कन्ध पुराण की अंग्रेजी शासनकाल में कोलकाता से 19वीं शताब्दी में छापाखाना से हिन्दी में छपी हुई पुर्न:जागरणकाल की ऐतिहासिक महत्व की लगभग 300 पृष्ठ का धार्मिक, आध्यात्मिक ग्रन्थ भी प्राप्त हुआ हैं, जो कि बहुत जर्ज़र हालात में हैं। इस ग्रन्थ का भी फ़ोटो खींच कर डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा गया हैं।
इस प्रकार “ज्ञान भारतम् मिशन ” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के संचालित होने से कोरबा के पुराने राजपरिवार से प्राप्त हुई धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक महत्व की इन प्राचीन दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटल संरक्षण करके उन्हें “ज्ञानभारतम एप” में अपलोड कर राष्ट्रीय स्तर पर अभिलेखित किया गया हैं, जो डिजिटल रूप में भावी पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक धरोहर के रूप में अब हमेशा उपलब्ध होगी।
परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल
कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।
समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।
जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।
गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित
कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट
दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।
आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।