कोरबा/जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ में 12वीं की बोर्ड परीक्षा 20 फरवरी से और 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से शुरू होने वाली है। लेकिन परीक्षा से पहले प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 5 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया है। कोरबा में पिछले 48 घंटों में 4 स्टूडेंट्स ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वहीं, जांजगीर चांपा जिले में 1 छात्रा ने फांसी लगाई है।
घटना अलग-अलग थाना क्षेत्र का है। मृतकों में 3 छात्रा और 2 छात्र शामिल है। सभी स्टूडेंट्स एग्जाम की तैयारी में लगे हुए थे। सुसाइड के भी अलग-अलग रिजन सामने आए हैं। कहीं मां की मौत के बाद पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आई। एक छात्र ने सुसाइड नोट में शव दान करने की इच्छा जताई है। इनमें एक छात्रा वीडियो कॉल पर किसी लड़के से बात कर रही थी फिर फांसी लगा ली। सभी मामले में पुलिस की जांच जारी है।
12वीं का छात्र उज्जवल डनसेना। जिसने अपने घर में फांसी लगाई। इस दौरान रुम में टीवी चल रहा था।
गीता महंत 9वीं की छात्रा थी। ने गांव के तालाब के पास एक पेड़ से फांसी लगा ली।
ये शव अंजलि केंवट का है। वो 10वीं की छात्रा थी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
केस 1- एग्जाम से 3 दिन पहले फंदे पर लटकी
पहली घटना कोरबा के कोतवाली थाना क्षेत्र के इंद्रानगर दुरपा, वार्ड नंबर-5 की है। मंगलवार (17 फरवरी) को अंजलि केंवट (17) ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। अंजलि 10वीं कक्षा की छात्रा थी और दुरपा रोड स्थित लवली केयर स्कूल में पढ़ती थी।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया गया है। भाई कार्तिक ने बताया कि अंजलि बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
गीता महंत 9वीं क्लास में पढ़ती थी। मां की मौत के बाद पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
केस 2 – मां की मौत से पढ़ाई प्रभावित
दूसरी घटना कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के धमनागुड़ी मोहार गांव की है। मंगलवार (17 फरवरी) को ही गीता महंत (16) ने गांव के तालाब के पास एक पेड़ से फांसी लगा ली। वह 9वीं क्लास में पढ़ती थी। सुबह करीब 11 बजे नहाने के लिए घर से निकली थी।
ग्रामीणों की सूचना पर उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। परिजनों के अनुसार, सितंबर महीने में गीता की मां की अचानक तबीयत खराब होने से मौत हो गई थी। मां की मौत के बाद से गीता परेशान रहती थी और उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी।
इस मामले उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उज्जवल डनसेना के कमरे से सिगरेट मिला। इस दौरान टीवी भी चल रहा था।
केस 3 – सुसाइड नोट छोड़कर फंदे पर लटका छात्र
तीसरी घटना कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर आईटीआई बस्ती की है। जहां उज्जवल डनसेना उर्फ ध्रुव (17) ने अपने कमरे में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उज्जवल एसईसीएल डीएवी पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था।
उज्जवल कॉमर्स विषय का छात्र और क्लास मॉनिटर था। बुधवार (18 फरवरी) को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक सेंट जेवियर स्कूल में फिजिकल एजुकेशन का पेपर देने नहीं पहुंचा। जब वह परीक्षा में अनुपस्थित रहा, तो स्कूल के कुछ शिक्षक उसके घर पहुंचे।
घर का दरवाजा अंदर से बंद था और तेज आवाज में टीवी-गाने चल रहे थे। खिड़की से देखने पर उज्जवल का शव पंखे से लटका मिला। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो अंग्रेजी में लिखा गया है। सुसाइड नोट में उज्जवल ने अपनी मौत के बाद शव को मेडिकल कॉलेज को दान करने की इच्छा व्यक्त की है।
केस 4 – घर पर अकेला था छात्र, फांसी लगाई
चौथी घटना भी बुधवार (18 फरवरी) को सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। सीएसईबी कॉलोनी में रहने वाले 12वीं कक्षा के छात्र दीपांशु कौशिक (पिता- गजेंद्र कौशिक) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय दीपांशु घर पर अकेला था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
18 वर्षीय छात्रा रजनी सूर्यवंशी अपने कमरे में पंखे से लटकी मिली।
केस 5 – पंखे पर लटकी मिली छात्रा
पांचवीं घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के लछनपुर गांव की है। जहां छात्रा रजनी सूर्यवंशी (18) अपने कमरे में पंखे से लटकी मिली। बुधवार (18 फरवरी) को जब उसकी मां मजदूरी से लौटी तो उन्होंने देखा कि दरवाजा अंदर से बंद था।
कई बार आवाज देने पर भी कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से झांकने पर उन्होंने अपनी बेटी को फंदे से लटका देखा। परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा, लेकिन तब तक रजनी की मौत हो चुकी थी। रजनी 12 वीं की छात्रा थी। 2 दिन बाद ही उसका एग्जाम था।
वीडियो कॉल पर कर रही थी बात
इस मामले में थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि रजनी सूर्यवंशी वीडियो कॉल पर किसी लड़के से बात कर रही थी। इस संबंध में आगे और जांच की जाएगी। जिसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा फिर परिजनों को सौंप दिया है।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।