कोरबा
कोरबा महापौर सीट अगर सामान्य होती है तो विकास अग्रवाल हो सकते हैं भाजपा के प्रबल दावेदार
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Divya Akash
कोरबा। नगरीय निकाय चुनाव संभवत: दिसंबर में हो सकते हैं, इसके लिए भाजपा ने सदस्यता अभियान महापर्व के बहाने एक बड़ा प्रचार अभियान प्रारंभ कर दिया है। इस बार छत्तीसगढ़ में भी लक्ष्य से अधिक सदस्य बनाने के लिए प्रदेश भाजपा संगठन ने बूथ से लेकर जिला पदाधिकारियों को लक्ष्य दिया है। छोटे से लेकर बड़े कार्यकर्ता इस महापर्व में सदस्य बनाने लग गए हैं। इस बार कोरबा जिले में भी लक्ष्य से अधिक सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि इसका फायदा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मिल सके।
कोरबा में इस बार भाजपा का महापौर बने, इसके लिए भाजपा ने अभी से रणनीति बनाना प्रारंभ कर दिया है। संभवत: इस बार कोरबा महापौर की सीट सामान्य हो सकती है और यदि ऐसा होता है तो भाजपा को एक ऐसे उम्मीदवार की तलाश होगी, जो किसी भी परिस्थिति में कांग्रेस प्रत्याशी को मात दे सके।
नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक-2 के पूर्व पार्षद एवं भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक विकास अग्रवाल एक नेता ही नहीं बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपने वार्ड को ऐसा स्वरूप दिया, जो पूरे नगर निगम क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में उभरा है। उनकी राजनीति सिर्फ वार्ड तक ही सीमित नहीं, बल्कि संगठन में भी उनका दायरा काफी बड़ा है। पिछले विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में कोरबा विधानसभा क्षेत्र में उनकी अहम भूमिका रही। विधानसभा में कोरबा प्रत्याशी लखनलाल देवांगन (केबिनेट मंत्री )को करीब 27 हजार एवं लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडेय को कोरबा विधानसभा में करीब 51 हजार की लीड मिली थी। यदि कोरबा सीट सामान्य होती है, तो भाजपा को प्रत्याशी की तलाश ज्यादा नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि विकास अग्रवाल एक ऐसे दमदार और प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं जो जनबल में भी काफी आगे दिख रहे हैं और वे कांग्रेस के किसी भी प्रत्याशी को मात देने में सफल हो सकते हैं।
विरासत में मिली भाजपा की राजनीति

विकास अग्रवाल को भाजपा की राजनीति विरासत में मिली है। पिताजी राजबीर प्रसाद अग्रवाल लंबे समय तक भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष रहे और मजबूत संगठन दिलाने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। आज भी भाजपा संगठन उनके मार्गदर्शन से आगे बढ़ रहा है।
दादाजी स्व. छोटेलाल अग्रवाल जनसंघ से जुड़े व्यक्तित्व रहे और उन्होंने भाजपा के लिए लंबे समय तक काम किया। चाचाद्वय पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल एवं भगवान दास अग्रवाल वैसे सक्रिय राजनीति में नहीं हैं, लेकिन समाज और रचनात्मक कार्यों में इनकी कोई सानी नहीं। पत्नी श्रीमती आरती अग्रवाल इस समय वार्ड क्रमांक -2 साकेत नगर की पार्षद हैं और उनके कार्यकाल को लोगों ने देखा। आज विकास अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती आरती अग्रवाल की अथक मेहनत एवं जज्बे से सबसे गंदी बस्ती के रूप में जाना जाने वाली स्लम एरिया- स्वीपर मोहल्ला, जहां की गंदगी के कारण लोग जाना पसंद नहीं करते थे, वह आज सर्वसुविधा युक्त स्वच्छ मोहल्ला बन गया है। यह कम बड़ी बात नहीं कि -विकास अग्रवाल अंतिम व्यक्ति से विकास की शुरूआत करने वाले एक राजनेता हैं, जिन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताये मार्गों पर चलकर अंतिम व्यक्ति की समृद्धि के लिए सोच रखते हैं और उनकी समृद्धि के लिए कार्य करते भी हैं।
भाजपा का एक ईमानदार सिपाही

जिला बनने के बाद यहां नगरीय निकाय, विधानसभा, लोकसभा के कई चुनाव हुए और भाजपा प्रत्याशी के लिए उन्होंने अपनी मजबूत टीम के साथ कार्य किया और जहां से भी उन्हें प्रभारी बनाया, वहां से भाजपा को लीड दिलायी।
तो… कोरबा में भाजपा का महापौर होता!
वार्ड क्रमांक 2 से विकास अग्रवाल की धर्मपत्नी श्रीमती आरती विकास अग्रवाल को भाजपा ने टिकट दी और एकतरफा जीत हासिल की। यहां महिला सीट होने के कारण आरती को टिकट दी गई थी। विकास अग्रवाल ने राताखार वार्ड से स्वयं के लिए टिकट की मांग की, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दी गई और राताखार से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती संजू देवी राजपूत की हार हो गई। महापौर के लिए एक सीट की जरूरत थी, यदि राताखार सीट से विकास अग्रवाल को टिकट मिलती तो आज वे पार्षद होते और कोरबा में महापौर भाजपा का होता।
पिताजी के बाद अटल बिहारी बाजपेयी आदर्श
वरिष्ठ भाजपा नेता राजबीर प्रसाद अग्रवाल विकास अग्रवाल के रोल मॉडल हैं। वे अपने पिता को एक आदर्श पिता के साथ-साथ एक आदर्श नेता मानते हैं और राजनीति में वे अपने पिता राजबीर प्रसाद से हमेशा मार्गदर्शन लेते रहते हंै। वे अपने पिता के समान राजनीति को समाज सेवा का बड़ा माध्यम मानते हैं और राजनीति के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों में भी एक आदर्श स्थापित कर चुके हैं। वे अपने वार्ड साकेत नगर के खासकर गरीबों के लिए कुछ करते रहते हैं और यंू कहें तो विकास अग्रवाल गरीबों के मसीहा भी हैं। सरकार की हर योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए वे कड़े संघर्ष करते हैं और व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्य करते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सबसे अधिक इसी वार्ड को मिला है, जहां झोपडिय़ां थीं, वहां आज पक्के मकान बन गए हैं और वार्ड को सुशोभित कर रहे हैं। छठ घाट को या सीसी रोड, नल-जल योजना का लाभ हो या पीडीएस, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर भी विकास अग्रवाल का फोकस रहता है। राष्ट्रीय राजनेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को वे अपना आदर्श मानते हैं और इसीलिए तो विकास अग्रवाल कहते हैं कि भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी देश के एक वाकई रत्न थे, जिनके नेतृत्व में भारत एक सक्षम और समर्थ राष्ट्र बना, जिसे प्रधानमंत्री मोदी आगे बढ़ा रहे हैं।
एक मजबूत टीम

वरिष्ठों से इस तरह मिलते हैं विकास अग्रवाल

विकास अग्रवाल का व्यक्तित्व ही ऐसा है कि वे अपने सद्व्यवहार से लोगों को अपना बना लेते हैं। वे राजनीति को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचते हैं और हर वर्ग के लोगों के लिए काम करते हैं। उनकी सोच है कि जनप्रतिनिधि को हर व्यक्ति के लिए काम करना चाहिए। विकास कार्यों में राजनीति तो होनी ही नहीं चाहिए। जनप्रतिनिधि सभी का होता है और सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना उनकी सोच में है। आकर्षित व्यक्तित्व होने के कारण उनके पास एक मजबूत टीम भी है।
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कोरबा
एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश
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11 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।
गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।
2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।
गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।
बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला
25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।
युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह
युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।
पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज
कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।
लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।
इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।
साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।
सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन
मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।
यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।
पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

कोरबा
आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा
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11 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।
बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल
पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।
सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

कोरबा
कोरबा में सजेगा श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार— धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में श्री हनुमंत कथा, आयोजक स्वयं बजरंग बली
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12 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashप्रथम दिन की प्रथम आरती सफाई कर्मीयों द्वारा होगी
कोरबा। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, हनुमान जी के अनन्य भक्त संत धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में कोरबा की पावन धरा पर आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जश्न रिसॉर्ट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में इस विराट आध्यात्मिक आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। बैठक में समाजसेवी राणा मुखर्जी ने भावुक स्वर में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली होंगे, जबकि समाज की सेवा में समर्पित कोरबा के सफाई कर्मी इस महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे— जो सामाजिक समरसता और सेवा-भाव का अद्भुत संदेश देगा।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 27 मार्च को 21 हजार माताओं-बहनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकालने का संकल्प लिया गया है, जिससे पूरे नगर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनेगा।

इस अवसर पर मंच से मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संभागीय सर संघचालक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान जी ने भक्ति, सेवा और समर्पण का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही आज के समाज का मार्गदर्शन है। बजरंग बली के अनन्य भक्त धीरेंद्र शास्त्री अपनी वाणी से भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि विश्व को सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव की प्रेरणा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है और हम से बड़ा हमारा संगठन है। हम सब एक ही विचारधारा के यात्री हैं। श्री हनुमंत कथा का उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है।” उन्होंने इस पावन कार्य के लिए सभी को चुने जाने पर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयोजन को भव्य बनाने का आह्वान किया।
समाजसेवी सुबोध सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का महायज्ञ है। कोई समय देगा, कोई आर्थिक सहयोग करेगा, कोई अपने अनुभव और श्रम से योगदान देगा— तभी यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा। बैठक में नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, ऋतु चौरसिया, सुबोध सिंह शिव कश्यप, विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष गौरव मोदी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।


आयोजन की संगठनात्मक रूपरेखा भी घोषित की गई। संयोजक के रूप में अमरजीत सिंह, सचिव डॉ. पवन सिंह तथा कोर टीम में ऋषभ केशरवानी, तपिश, रवि गिडवानी, नवल गुप्ता, ऋषभ शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं के लिए “भारत मां की रसोई” को सतत एवं निर्बाध रूप से संचालित रखने की जिम्मेदारी समाजसेवी प्रेम मदान ने ग्रहण की।
नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि कोरबा में श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार सजने जा रहा है और वे प्रतिदिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए अनुमानित बजट लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये है। यदि एक लाख धर्मपरायण श्रद्धालु मात्र 280 रुपये का सहयोग दें, तो यह महायज्ञ सहज रूप से सफल हो सकता है। उन्होंने स्वयं जन-जन तक पहुंचकर सहयोग जुटाने का संकल्प लिया।

इस महाआयोजन के प्रमुख समन्वयक अपना घर सेवा आश्रम के अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरी समय-सारणी तय कर ली गई है और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी विभागों में जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि सहयोग के सभी मार्ग खुले रखे जाएं— बड़ी राशि देने वालों से लेकर सामान्य श्रद्धालु तक अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग कर सकें। इसके लिए डिजिटल माध्यम (क्यूआर कोड) जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती वैशाली रत्नपारखी ने महिलाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का दायित्व लेते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और सनातन चेतना का विराट अभियान बनेगी— जिसमें कोरबा का हर श्रद्धालु सहभागी बनेगा और यह आयोजन आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।


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