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कोरबा

कोरबा महापौर सीट अगर सामान्य होती है तो विकास अग्रवाल हो सकते हैं भाजपा के प्रबल दावेदार

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कोरबा। नगरीय निकाय चुनाव संभवत: दिसंबर में हो सकते हैं, इसके लिए भाजपा ने सदस्यता अभियान महापर्व के बहाने एक बड़ा प्रचार अभियान प्रारंभ कर दिया है। इस बार छत्तीसगढ़ में भी लक्ष्य से अधिक सदस्य बनाने के लिए प्रदेश भाजपा संगठन ने बूथ से लेकर जिला पदाधिकारियों को लक्ष्य दिया है। छोटे से लेकर बड़े कार्यकर्ता इस महापर्व में सदस्य बनाने लग गए हैं। इस बार कोरबा जिले में भी लक्ष्य से अधिक सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि इसका फायदा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मिल सके।
कोरबा में इस बार भाजपा का महापौर बने, इसके लिए भाजपा ने अभी से रणनीति बनाना प्रारंभ कर दिया है। संभवत: इस बार कोरबा महापौर की सीट सामान्य हो सकती है और यदि ऐसा होता है तो भाजपा को एक ऐसे उम्मीदवार की तलाश होगी, जो किसी भी परिस्थिति में कांग्रेस प्रत्याशी को मात दे सके।
नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक-2 के पूर्व पार्षद एवं भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक विकास अग्रवाल एक नेता ही नहीं बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपने वार्ड को ऐसा स्वरूप दिया, जो पूरे नगर निगम क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में उभरा है। उनकी राजनीति सिर्फ वार्ड तक ही सीमित नहीं, बल्कि संगठन में भी उनका दायरा काफी बड़ा है। पिछले विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में कोरबा विधानसभा क्षेत्र में उनकी अहम भूमिका रही। विधानसभा में कोरबा प्रत्याशी लखनलाल देवांगन (केबिनेट मंत्री )को करीब 27 हजार एवं लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडेय को कोरबा विधानसभा में करीब 51 हजार की लीड मिली थी। यदि कोरबा सीट सामान्य होती है, तो भाजपा को प्रत्याशी की तलाश ज्यादा नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि विकास अग्रवाल एक ऐसे दमदार और प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं जो जनबल में भी काफी आगे दिख रहे हैं और वे कांग्रेस के किसी भी प्रत्याशी को मात देने में सफल हो सकते हैं।

विरासत में मिली भाजपा की राजनीति

विकास अग्रवाल को भाजपा की राजनीति विरासत में मिली है। पिताजी राजबीर प्रसाद अग्रवाल लंबे समय तक भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष रहे और मजबूत संगठन दिलाने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। आज भी भाजपा संगठन उनके मार्गदर्शन से आगे बढ़ रहा है।
दादाजी स्व. छोटेलाल अग्रवाल जनसंघ से जुड़े व्यक्तित्व रहे और उन्होंने भाजपा के लिए लंबे समय तक काम किया। चाचाद्वय पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल एवं भगवान दास अग्रवाल वैसे सक्रिय राजनीति में नहीं हैं, लेकिन समाज और रचनात्मक कार्यों में इनकी कोई सानी नहीं। पत्नी श्रीमती आरती अग्रवाल इस समय वार्ड क्रमांक -2 साकेत नगर की पार्षद हैं और उनके कार्यकाल को लोगों ने देखा। आज विकास अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती आरती अग्रवाल की अथक मेहनत एवं जज्बे से सबसे गंदी बस्ती के रूप में जाना जाने वाली स्लम एरिया- स्वीपर मोहल्ला, जहां की गंदगी के कारण लोग जाना पसंद नहीं करते थे, वह आज सर्वसुविधा युक्त स्वच्छ मोहल्ला बन गया है। यह कम बड़ी बात नहीं कि -विकास अग्रवाल अंतिम व्यक्ति से विकास की शुरूआत करने वाले एक राजनेता हैं, जिन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताये मार्गों पर चलकर अंतिम व्यक्ति की समृद्धि के लिए सोच रखते हैं और उनकी समृद्धि के लिए कार्य करते भी हैं।

भाजपा का एक ईमानदार सिपाही

जिला बनने के बाद यहां नगरीय निकाय, विधानसभा, लोकसभा के कई चुनाव हुए और भाजपा प्रत्याशी के लिए उन्होंने अपनी मजबूत टीम के साथ कार्य किया और जहां से भी उन्हें प्रभारी बनाया, वहां से भाजपा को लीड दिलायी।

तो… कोरबा में भाजपा का महापौर होता!

वार्ड क्रमांक 2 से विकास अग्रवाल की धर्मपत्नी श्रीमती आरती विकास अग्रवाल को भाजपा ने टिकट दी और एकतरफा जीत हासिल की। यहां महिला सीट होने के कारण आरती को टिकट दी गई थी। विकास अग्रवाल ने राताखार वार्ड से स्वयं के लिए टिकट की मांग की, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दी गई और राताखार से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती संजू देवी राजपूत की हार हो गई। महापौर के लिए एक सीट की जरूरत थी, यदि राताखार सीट से विकास अग्रवाल को टिकट मिलती तो आज वे पार्षद होते और कोरबा में महापौर भाजपा का होता।

पिताजी के बाद अटल बिहारी बाजपेयी आदर्श

वरिष्ठ भाजपा नेता राजबीर प्रसाद अग्रवाल विकास अग्रवाल के रोल मॉडल हैं। वे अपने पिता को एक आदर्श पिता के साथ-साथ एक आदर्श नेता मानते हैं और राजनीति में वे अपने पिता राजबीर प्रसाद से हमेशा मार्गदर्शन लेते रहते हंै। वे अपने पिता के समान राजनीति को समाज सेवा का बड़ा माध्यम मानते हैं और राजनीति के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों में भी एक आदर्श स्थापित कर चुके हैं। वे अपने वार्ड साकेत नगर के खासकर गरीबों के लिए कुछ करते रहते हैं और यंू कहें तो विकास अग्रवाल गरीबों के मसीहा भी हैं। सरकार की हर योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए वे कड़े संघर्ष करते हैं और व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्य करते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सबसे अधिक इसी वार्ड को मिला है, जहां झोपडिय़ां थीं, वहां आज पक्के मकान बन गए हैं और वार्ड को सुशोभित कर रहे हैं। छठ घाट को या सीसी रोड, नल-जल योजना का लाभ हो या पीडीएस, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर भी विकास अग्रवाल का फोकस रहता है। राष्ट्रीय राजनेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को वे अपना आदर्श मानते हैं और इसीलिए तो विकास अग्रवाल कहते हैं कि भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी देश के एक वाकई रत्न थे, जिनके नेतृत्व में भारत एक सक्षम और समर्थ राष्ट्र बना, जिसे प्रधानमंत्री मोदी आगे बढ़ा रहे हैं।

एक मजबूत टीम

वरिष्ठों से इस तरह मिलते हैं विकास अग्रवाल

विकास अग्रवाल का व्यक्तित्व ही ऐसा है कि वे अपने सद्व्यवहार से लोगों को अपना बना लेते हैं। वे राजनीति को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचते हैं और हर वर्ग के लोगों के लिए काम करते हैं। उनकी सोच है कि जनप्रतिनिधि को हर व्यक्ति के लिए काम करना चाहिए। विकास कार्यों में राजनीति तो होनी ही नहीं चाहिए। जनप्रतिनिधि सभी का होता है और सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना उनकी सोच में है। आकर्षित व्यक्तित्व होने के कारण उनके पास एक मजबूत टीम भी है।

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कोरबा

संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।

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कोरबा

सुशासन  तिहार में जनमन सहित अन्य प्रचार समाग्री का किया गया वितरण

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कोरबा। सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जन कल्याणकारी और महत्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित तथा जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों  एवं नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही जिले के सभी पांच ब्लाक में आयोजित महत्वपूर्ण शिविर स्थल-ग्राम पिपरिया, जल्के, बसीबार, बैरा, चोढ़ा, चुईया, गिधौरी, केराकछार, सिरमिना, लमना, नगोई, मोरगा, निरधी, जटगा, छिंदपुर आदि स्थानों में शिविर के माध्यम से जनमन सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का अवलोकन किया। शिविर के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में प्रचार सामग्री सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिंग टूमारो छ.ग.टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड) आदि का वितरण किया गया।

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31 मई को मनाया जाएगा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में कोरबा जिले में 31 मई 2026 को राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले में तंबाकू सेवन एवं धुम्रपान  से हाने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे जनसामान्य में धुम्रपान और तम्बाकू सेवन करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य परामर्श एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधयां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों, महाविद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्तिगत स्वाथ्य के लिए हानिकारक है , बल्कि यह हमारे परिवारों और पर्यावरण को भी नुकसान पहॅंुचाता है वर्तमान समय में कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बिमारियॉं एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण तंबाकू सेवन  है।
उन्होंने आमजन से अपील किया है कि वे स्वयं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावो के प्रति जागरूक करें साथ ही विश्व तंबाकू निषेघ कार्यक्रम में सहभागिता कर तंबाकू मुक्त समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।

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