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छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : सहकार से समृद्धि छत्तीसगढ़ में खुशहाली का नया मार्ग

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  •                   धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक)
  •                   अशोक कुमार चंद्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो अब सहकार से समृद्धि के विजन के साथ विकास के एक नए और आधुनिक ढांचे में बदल रहा है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में सहकारी समितियों को मजबूत कर ग्रामीण विकास और किसान सशक्तिकरण को नई गति दी जा रही है। एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना। सहकारिता के इस शाश्वत मंत्र को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकार से समृद्धि विजन ने आज भारत के ग्रामीण और शहरी परिदृश्य में एक नई क्रांति का आधार बना दिया है। धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में यह संकल्प आज एक आर्थिक संबल बनकर उभर रहा है। यह मात्र एक व्यवस्था नहीं, बल्कि अंत्योदय की वह भावना है जहाँ समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहा है।

सहकारिता विकास का आधुनिक ढांचा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने सहकारिता के दायरे को केवल कृषि तक सीमित न रखकर इसे व्यापार और सेवा क्षेत्र का प्रमुख स्तंभ बना दिया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की संकल्पनाओं को धरातल पर उतारते हुए राज्य के सहकारी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार किया गया है।
समृद्धि के प्रमुख आधार क्रांतिकारी कदम

सहकारिता के माध्यम से खुशहाली सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित प्रयास किए जा रहे हैं। 515 नवीन पैक्स का गठन सहकारी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए राज्य में 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का गठन किया गया है। अब राज्य में कुल पैक्स समितियों की संख्या 2 हजार 573 हो गई है। ये समितियाँ अब केवल ऋण वितरण नहीं, बल्कि बहुउद्देश्यीय केंद्रों के रूप में कार्य कर रही हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा

इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को खाद-बीज के साथ-साथ जन औषधि केंद्र, उर्वरक वितरण और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएं सीधे उनके गांव में मिल रही हैं। विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत किसान अब अपनी उपज का स्थानीय स्तर पर सुरक्षित भंडारण कर सकेंगे। इससे उन्हें फसल को कम दामों पर बेचने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। महिला और युवा सशक्तिकरण को बढावा देने दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में सहकारी समितियों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की जा रही है।

तकनीक, पारदर्शिता और सुशासन

सहकारिता में स्व से ऊपर सर्व के कल्याण की भावना निहित है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस क्षेत्र में डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया है। समितियों के कंप्यूटरीकरण से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और हर लेनदेन पारदर्शी हुआ है। ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से स्थानीय सहकारी उत्पादों को अब राष्ट्रीय और वैश्विक मंच प्राप्त हो रहा है।

विकसित छत्तीसगढ़ – विकसित भारत

सहकार से समृद्धि केवल एक नारा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों, महिलाओं और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला एक जीवंत अभियान है। जब हमारे गांव के पैक्स केंद्र सशक्त होंगे, तभी राष्ट्र समृद्ध होगा। जुड़िए सहकारिता से, बढ़िए समृद्धि की ओर की पहल के साथ छत्तीसगढ़ आज विकास के ऐसे मॉडल की ओर अग्रसर है, जहाँ सामूहिक सहयोग ही प्रत्येक व्यक्ति की प्रगति का आधार है।

             छत्तीसगढ़ में सहकारिता केवल ऋण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी ग्रामीण आत्मनिर्भरता का आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकार से समृद्धि के संकल्प को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने सहकारी समितियों (पैक्स) को बहुउद्देश्यीय केंद्रों के रूप में विकसित किया है, ताकि किसान और ग्रामीण महिलाओं को उनके गांव के समीप ही खाद-बीज के साथ-साथ बैंकिंग, स्वास्थ्य और तकनीकी सुविधाएँ मिल सकें। जब हमारा गांव और वहां का सहकारी तंत्र मजबूत होगा, तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के स्वप्न को साकार कर पाएंगे।
-विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

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छत्तीसगढ़

जगदलपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

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दुगनपाल में घर-घर जाकर देखी जल की आपूर्ति, पिछले पांच महीनों से गांव के हर घर में नल से आ रहा जल

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

जगदलपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा बस्तर संभाग में निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं के गहन निरीक्षण का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। कांकेर और कोंडागांव में 5 जून को निरीक्षण और बैठक के बाद आज उन्होंने बस्तर जिले में जगदलपुर नगर निगम के विभिन्न कार्यों, लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज तथा जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 48 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। श्री साव ने पुल निर्माण की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी इसके अधूरे निर्माण पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जगदलपुर में अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक बन रहे 5 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों को भी देखा। चित्रकोट रोड पर 27 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। श्री साव ने बरसात के मौसम को देखते हुए सड़क के ड्रेनेज का काम अभी तक पूरा नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बारिश के पहले इसे प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में केशलूर-जगदलपुर रोड पर किरंदुल-विशाखापत्तनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यहां भी काम में लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने तेजी से काम पूरा करने को कहा।

दुगनपाल में कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर देखी पानी की धार 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तोकापाल विकासखण्ड के ग्राम दुगनपाल जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने गांव की महिलाओं कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर जल जीवन मिशन से आ रहे पानी की धार देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से पानी बचाने, वर्षा जल के संचय और वृक्षारोपण की अपील की।

दुगनपाल में जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग कर हर घर नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। यहां के सभी 131 घरों में घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं। ग्रामीणों को रोज तीन घंटे भरपूर पेयजल मिल रहा है।

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कोरबा

युवा कांग्रेस का चुनाव:वर्तमान कमेटी भंग, आचार संहिता लागू, कोरबा शहर अध्यक्ष के लिए एसटी आरक्षित

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कोरबा। 03 जून को जिला कांग्रेस कार्यालय कोरबा में युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर जोनल रिजनल आफिसर अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार ने प्रेसवार्ता ली और युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर बताया। उन्होंने कहा कि 29 मई से नामांकन प्रारंभ हो गया है और आचार संहिता लागू हो चुकी है। प्रदेश भर में युवा कांग्रेस की कार्यकारिणी को निरस्त कर दिया गया है और नए सिरे से चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।

कोरबा युवा कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष एसटी और ग्रामीण के लिए सामान्य आरक्षित
ZRO अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार ने बताया कि कोरबा जिला की दो सीटों पर जिला अध्यक्ष का चुनाव होगा, जिसमें कोरबा शहर को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है, वहीं कोरबा ग्रामीण जिला अध्यक्ष का पद सामान्य है। मेंबरशीप के लिए 75 रूपए की फीस रखी गई है।
18 से 35 वर्ष के युवा ले सकेंगे भाग
नरेन्द्र कुमार ने बताया कि 18 से 35 वर्ष के युवा ही नामांकन दाखिल कर सकेंगे और जो सिर्फ कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता ही चुनाव में भाग ले सकेंगे। 28.05.1990 से 29.05.2008 के बीच जन्म लेने वाले युवा कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव में भाग ले सकते हैं। युवा कांग्रेस का चुनाव के लिए 06 पद प्रदेश स्तर पर सृजित हैं। प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लाक अध्यक्ष के लिए वोटिंग होगी।
नरेन्द्र कुमार ने बताया 29 मई से नामांकन प्रारंभ हो चुका है और 13 जून तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। उसके बाद मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
IYC एप के माध्यम से होगा चुनाव
नरेन्द्र कुमार ने बताया कि कांग्रेस संगठन ने प्रदेश में 41 जिला संगठन बनाया है, जिसमें जिला अध्यक्षों के लिए IYC एप के माध्यम से नामांकन से लेकर चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 41 जिला अध्यक्षों (शहर एवं ग्रामीण) के साथ 90 विधानसभा अध्यक्षों एवं 307 ब्लाक अध्यक्षों का भी चुनाव IYC एप के माध्यम से सम्पन्न कराया जाएगा। नरेन्द्र कुमार ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया डेढ़ महीने के अंदर पूरी कर ली जाएगी और प्रदेश में लोकतांत्रिक ढंग से युवा कांग्रेस का नया संगठन तैयार होगा। चुनाव में सक्रिय कार्यकर्ता छंटकर आएंगे और संगठन को नई मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्षद्वय मुकेश राठौर, मनोज चौहान, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्षद्वय राकेश पंकज एवं विजय सिंह, जिला प्रवक्ता एवं कार्यालय मंत्री सुरेश अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, कोरबा ब्लाक अध्यक्ष पालूराम साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं युवा कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

सक्ती : बरगद की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल : सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

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सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

सक्ती। सुशासन तिहार के अंतर्गत सक्ती जिले के ग्राम ठठारी के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। खुले वातावरण में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव प्राप्त किए तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया।

सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेकर उपभोक्ता बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा बस्तर में जनता के सहयोग से शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव की आवश्यकताओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ठठारी में बैंक शाखा खोलने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ठठारी को नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने हेतु कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बरगद की छांव में सजी यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक यादगार अवसर बन गई, जहां उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला।

जनचौपाल में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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