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छत्तीसगढ़

सूरजपुर : बाल विवाह पर सख्त हुई सरकार: सूरजपुर में दो मामलों में पॉक्सो के तहत होगी कार्रवाई

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मुख्यमंत्री साय की मंशा के अनुरूप बाल विवाह उन्मूलन अभियान को प्रशासनिक स्तर पर मिली नई मजबूती

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में बाल विवाह के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सूरजपुर जिले में दो गंभीर प्रकरण सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

राज्य सरकार द्वारा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।

पहले प्रकरण में भटगांव क्षेत्र के एक गांव में 14 वर्षीय बालिका के विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में पाया गया कि बालिका का विवाह दिसंबर 2025 में मंदिर में कराया गया था, उस समय उसकी आयु मात्र 13 वर्ष 8 माह थी। विवाह के बाद से बालिका को लड़के के घर में पत्नी के रूप में रखा गया था। प्रशासन ने बालिका को तत्काल रेस्क्यू कर सखी वन स्टॉप सेंटर में संरक्षण प्रदान किया तथा बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की।

दूसरे मामले में टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना मिली कि प्रेमनगर क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव में नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा रहा है। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने कार्रवाई के डर से सुबह-सुबह विवाह संपन्न करा दिया और बालिका को ससुराल भेज दिया। बाद में संयुक्त टीम ने वर पक्ष के गांव पहुंचकर जांच की, जहां प्रारंभिक इंकार के बाद परिजनों ने विवाह होने की बात स्वीकार कर ली। बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर सखी वन स्टॉप सेंटर भेजा गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल एवं संयुक्त टीम द्वारा दोनों मामलों का प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित अधिकारियों को अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह कराने वाले अभिभावकों, सहयोगियों एवं संबंधित पक्षों के विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार का मानना है कि बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। इसी उद्देश्य से गांव-गांव में जनजागरूकता अभियान, स्कूलों में संवाद कार्यक्रम और समुदाय आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाया जा सके।

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छत्तीसगढ़

सिंगल यूज प्लास्टिक…मोबाइल एप से होगी जांच और शिकायतों की निगरानी

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जांजगीर। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक को लेकर ​नगरीय निकायों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

अब अभियान में फील्ड अधिकारियों को एसयूपी (फील्ड इंस्पेक्शन मोबाइल एप) के माध्यम से निरीक्षण करना होगा। इसे जिले के 11 नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। टीम द्वारा शहर में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। पोर्टल पर विक्रेताओं, उपयोगकर्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से एसयूपी एप के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। संबंधित स्थानीय निकाय को उनका निराकरण करना होगा।

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कोरबा

बिलासपुर जोन की 10 ट्रेनें कैंसिल:13-14 सितंबर को रायपुर-उरकुरा सेक्शन में काम, तीजा पर मायके जाने वाली महिलाओं की बढ़ी परेशानी

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।

इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।

यात्रियों के लिए जरूरी बात

तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।

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छत्तीसगढ़

मंत्री खुशवंत के बड़े भाई ने ज्वॉइन की कांग्रेस:भूपेश बघेल ने कराया प्रवेश, ढालदास बोले- जनता जानती है कि भाजपा क्या कर रही है

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया।

ढाल दास ने कहा कि जनता भी जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। अगर कांग्रेस मुझे मौका देती है तो मैं मुंगेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगा। पार्टी जहां से मुझे चुनाव लड़ने के लिए चयनित करेगी, मैं वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।

उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने से पहले मैंने अपने भाई और पिताजी से बातचीत की थी और उन्हें इस बारे में बताया था। दोनों ने अपनी सहमति दे दी। वहीं उनके भाई मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तोड़ने की नीति से काम करती है।

रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।

रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।

सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है परिवार

ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका परिवार सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के एक सदस्य के भाजपा सरकार में मंत्री होने और दूसरे के कांग्रेस में शामिल होने को सियासी तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

गुरु बालदास के 4 बेटे, ढाल दास सबसे बड़े

सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब का परिवार बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा से जुड़ा हुआ है। गुरु बालदास के चार बेटे हैं- ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास। उनकी एक बेटी भी है। इनमें ढाल दास सबसे बड़े बेटे हैं।

गुरु परिवार का सतनामी समाज में धार्मिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। गिरौधपुरी धाम और भंडारपुरी धाम से जुड़े प्रमुख आयोजनों में परिवार की सक्रिय भूमिका रहती है।

मंत्री के भाई का कांग्रेस में जाना क्यों अहम?

ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को सिर्फ एक राजनीतिक ज्वाइनिंग के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। वे मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई हैं और गुरु बालदास के परिवार से आते हैं। ऐसे में उनके कांग्रेस में जाने से एक ही परिवार के राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों में होने का समीकरण सामने आया है।

ढाल दास ने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुंगेली विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और इसे भाजपा के मजबूत प्रभाव वाली सीट माना जाता है। यहां भाजपा के पुन्नूलाल मोहले लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी।

2023 के चुनाव में पुन्नूलाल मोहले को 85,429 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजीत बनर्जी को 73,648 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 11,781 वोट रहा था। ऐसे में अगर भविष्य में कांग्रेस ढाल दास को मुंगेली से अपना प्रत्याशी बनाती है, तो चुनावी समीकरण कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं।

कांग्रेस तोड़ने के नीयत से काम करती है- मंत्री खुशवंत

मंत्री खुशवंत साहेब ने भाई के कांग्रेस प्रवेश को लेकर कहा कि वह मेरे भाई हैं। सुख-दुख हो या किसी तरह का तीज-त्योहार, हम हमेशा एक-दूसरे के साथ मिलते हैं और आगे भी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीयत ही समाज और परिवार को तोड़ने की रही है।

उन्होंने कहा कि एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक समाज को दूसरे समाज से और एक परिवार को दूसरे परिवार से लड़ाने की कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले, वह कभी सफल नहीं होगी।

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