रायपुर। छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग ने मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन मनपसंद लॉन्च किया है। इससे ग्राहक मदिरा दुकानों में शराब की उपलब्धता, ब्रांड, कीमत आदि की ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ऐप के लॉन्च होने बाद कांग्रेस साय सरकार पर लगातार निशाना साध रही है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद स्कॉच शुरू।
वहीं पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि, शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के ऐप बनाने चाहिए लेकिन सरकार घर-घर तक शराब पहुंचा रही है। इस पर बीजेपी ने भी पलटवार किया। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि बघेल को कम-से-कम अपना गिरेबां तो झांक लेना था।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने यह पोस्ट किया है।
अब तक सरकार ने शिक्षा मंत्री नहीं बनाया- बैज
दीपक बैज ने कहा कि, मैं सरकार से पूछना चाहता हूं आज स्कूलों में चॉक डस्टर तक नहीं है। कई स्कूल में शिक्षक भी नहीं है। आज पूरी तरह से आत्मानंद स्कूल चौपट हो चुका है, हमारी सरकार ने गरीब बच्चों के लिए अंग्रेजी स्कूल की सुविधा उपलब्ध कराई थी। इस सरकार ने पूरी तरह से चौपट कर दिया है। इन सारी चीजों के लिए सरकार ऐप क्यों नहीं बना रही है।
शराब के लिए ऐप बनाकर सरकार जनता को लूटने का काम कर रही है। अभी तक इस सरकार ने शिक्षा मंत्री तक नहीं बनाया है, शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कोई काम नहीं किया। यह सरकार रेस्टोरेंट से लेकर हर जगह पर शराब परोसने का काम कर रही है।
बैज ने कहा कि गली-मोहल्ले में शराब पहुंचाने का काम सरकार कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में यह सरकार युवाओं की भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के युवा और यहां के लोगों को शराब के माध्यम से लूटने का काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव।
भूपेश सरकार सरकारी खजाने को लूटकर गई- संजय
कांग्रेस के मनपंसद ऐप को लेकर विरोध पर भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि, भूपेश बघेल को यह याद रखना चाहिए कि कांग्रेस के शासनकाल में शराब के दो काउंटर चलते थे, एक वैध और दूसरा अवैध। शराब घोटाला और हजारों करोड़ रुपए के घोटाले करने वाले कांग्रेस नेताओं को को ऐसी टिप्पणियां करने पर शर्म महसूस करनी चाहिए।
यह सब करके कांग्रेस की भूपेश सरकार सरकारी खजाने तक को लूटकर गई। अब भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि सबकुछ वैध हो, पारदर्शी हो, ऑनलाइन हो और किसी भी प्रकार से राजस्व की हानि न हो। इस नेक इरादे से शुरू किए गए ऐप पर कांग्रेस आज प्रलाप कर रही है।
जानिए क्या है मनपसंद ऐप
आबकारी विभाग की सचिव आर संगीता की अध्यक्षता में नवा रायपुर जीएसटी भवन में आबकारी विभाग की बुधवार को बैठक हुई। इसमें मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन मनपसंद लॉन्च किया गया। इससे ग्राहक मदिरा दुकानों में शराब की उपलब्धता, दुकान, ब्रांड, कीमत आदि की ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
शराब दुकान में अपनी पसंद का ब्राण्ड उपलब्ध न होने, मदिरा दुकानों के संचालन और शिकायत की जानकारी भी विभाग को दे सकेंगे। यह ऐप एनआईसी ने बनाया है। इसे गूगल प्ले स्टोर के माध्यम डाउनलोड किया जा सकता है। भविष्य में आईओएस बेस्ड वर्जन भी शीघ्र जनता को उपलब्ध कराया जाएगा।
धान खरीदी में देरी को लेकर साय सरकार को घेरा
धान खरीदी देर से शुरू होने पर भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार को घेरा। बैज ने कहा कि कांग्रेस ने 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग की थी। जानबूझकर सरकार ने 15 दिन लेट से धान खरीदी की शुरुआत की है।
बैज ने कहा कि धान खरीदी में कुछ भी व्यवस्थित नहीं है। 15 दिन से किसान धान को लेकर खेतों में रखवाली कर रहे थे। धान खरीदी को लेकर बीजेपी की नीयत साफ नहीं है। देर से खरीदी शुरू होने से किसानों को काफी नुकसान होगा। इसके अलावा उन्होंने आबकारी विभाग के बनाए ऐप को लेकर भी निशाना साधा।
पीसीसी चीफ दीपक बैज।
अजय चंद्राकर के बयान पर किया पलटवार
भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर के बयान शराबबंदी बीजेपी का मुद्दा नहीं है इस पर दीपक बैज ने कहा कि डॉ रमन सिंह जब मुख्यमंत्री थे कहते थे शराबबंदी सिर्फ 2 कदम दूर है। विधानसभा में जवाब देते थे। लेकिन शराबबंदी से सरकार कई किलोमीटर दूर निकल चुकी है।
दीपक बोले- मतदान कम होने से भाजपा की सांस फूल गई
दीपक बैज ने कहा कि उपचुनाव में मतदान कम होने से भारतीय जनता पार्टी के सांसें फूल गई हैं। भाजपा पूरी तरह से डरी हुई है, उनके नेता अपने आप को जो तीस मार खां समझते थे। वह भी डरे सहमे हुए हैं। दक्षिण की जनता ने बदलाव के लिए वोट किया है, इसका फायदा कांग्रेस को होगा। कम मतदान होने से भारतीय जनता पार्टी को नुकसान है। इसमें सीधा-सीधा कांग्रेस को फायदा हो रहा है कांग्रेस इस दक्षिण विधानसभा का चुनाव जीत रही है।
जनजातीय नृत्य महोत्सव से कोई फर्क नहीं पड़ेगा
जनजातीय गौरव दिवस में आयोजित जनजातीय नृत्य महोत्सव को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी महोत्सव के नाम से कांग्रेस कार्यकाल में कार्यक्रम होता था। लेकिन भाजपा सरकार को आदिवासी शब्द से नफरत क्यों है? भाजपा प्रदेश के लोगों से जल, जंगल और जमीन को छीनने का काम कर रही है। जनता को लूटने का काम कर रही है इस कार्यक्रम से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
ब्लड बीपी समेत सभी जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद भी महिला ने तोड़ा दम
अस्पताल प्रबंधन व बीएमओ के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश, मुआवजा व जांच की मांग पर अड़े
क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे
कोरबा/हरदीबाजार। ग्राम पंचायत रेकी की निवासी 60 वर्षीया भगा बाई पति गौठिया पटेल की हरदीबाजार स्थित अस्थाई सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर लगभग 1:00 बजे भगा बाई गांव के ही तालाब में स्नान कर घर लौट रही थीं, इसी दौरान उनके शरीर में अचानक तेज दर्द व पीड़ा महसूस हुई, महिला के पोते व परिजन तत्काल उन्हें हरदीबाजार स्थित अस्थाई शासकीय स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे ।
स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा महिला का ब्लड, बीपी व अन्य आवश्यक जांच कराने की सलाह दी गई। परिजनों ने बाहर से सभी जांचें करवाईं, जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य आई। जांच कराने के पश्चात महिला स्वयं पैदल चलकर अस्पताल के भीतर पहुंची थी, इसके बाद प्रभारी डॉक्टर द्वारा महिला का उपचार शुरू किया गया, लेकिन इलाज के कुछ ही घंटों के भीतर भगा बाई की मृत्यु हो गई ।
प्रशासनिक वादों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
महिला की मृत्यु की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हरदीबाजार के मूल अस्पताल भवन के ध्वस्तीकरण के बाद पाली ब्लॉक के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) ने पुराने तहसील भवन में अस्थाई अस्पताल शिफ्ट करते समय यह आश्वासन दिया था कि मरीजों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
इसके विपरीत आलम यह है कि अस्पताल में न तो सही ढंग से इलाज की सुविधा है और न ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। मामूली जांचों के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है ।ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इस अस्थाई अस्पताल में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं ।
मुआवजे की मांग, पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार
घटना के बाद बीएमओ और हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर के प्रति ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला, स्थिति को संभालने पहुंचे तहसीलदार ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराने का सुझाव दिया, जिसे परिजनों और ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे ।
महिला के शव को पाली ब्लॉक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के फ्रीजर में रखकर रातभर हरदीबाजार के स्वास्थ्य केंद्र में ही सुरक्षित रखा गया है। शांति व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से दीपका, कुसमुंडा और हरदीबाजार पुलिस बल मौके पर तैनात रहा ।
जनप्रतिनिधि व ग्रामीण रहे मौजूद
घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा क्षेत्र के क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल, नरेश टंडन, अनिल टंडन, हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, अनुसुईया राठौर, मनमोहन खांडे, श्याम रात्रे, कृष्णा पटेल, रमेश अहीर, इंद्र भूषण ओढे (पंच) और उत्तम पटेल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर उपस्थित रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया ।
कोरबा। सुबह करीब 6.30 बजे मिशन रोड निवासी एक परिवार के लिए दिन की शुरुआत बेहद भावुक और डरावनी घटना के साथ हुई, परिवार जब अपने पालतू तोते को देखने के लिए पिंजरे के पास पहुंचा तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए, पिंजरे के भीतर करीब 5 फीट लंबा नाग फन फैलाए बैठा था।
परिवार ने जब ध्यान से देखा तो पता चला कि नाग पिंजरे में घुसकर उनके पालतू तोते का शिकार कर चुका था, जिस तोते को परिवार ने लंबे समय से बड़े प्यार और स्नेह से पाला था, उसे इस तरह खोना उनके लिए बेहद दुखद था, वहीं पिंजरे में मौजूद दूसरे तोते को लेकर भी परिवार चिंतित हो गया कि कहीं नाग उसे भी अपना शिकार न बना ले।
बिना समय गंवाए परिवार ने वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम प्रमुख (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को सूचना दी,सूचना मिलते ही सारथी ने तत्काल अपनी टीम के सदस्य बॉबी श्रीवास को मौके के लिए रवाना कियाफिर कुछ देर पश्चात मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक स्थिति को नियंत्रित किया और नाग का सुरक्षित रेस्क्यू किया, रेस्क्यू के दौरान नाग के शरीर पर संघर्ष के कारण चोट के निशान भी दिखाई दिए,सांप को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली, बाद में उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
“तोते की मौत का दुख है, लेकिन सांप भी दोषी नहीं”
जितेंद्र सारथी ने कहा कि इस घटना में सबसे ज्यादा दुख उस परिवार को हुआ जिसने अपने तोते को अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला था, लेकिन प्रकृति के नजरिए से देखें तो यह फूड चैन और इकोसिस्टम का हिस्सा है।
सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक ताकत, उनकी सुरक्षा एवं कल्याण नगर निगम की प्राथमिकता कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में आज जिला प्रशासन एवं नगर निगम के तत्वावधान में आयोजित सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सफाई मित्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके समर्पण, मेहनत एवं सेवाभाव की सराहना की।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक ताकत हैं। उनकी मेहनत और निष्ठा से ही कोरबा को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प साकार होता है। सफाई मित्रों का योगदान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि वे शहर के नागरिकों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली को सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि महापौर के रूप में सफाई मित्रों की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य एवं कल्याण सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। नगर निगम परिवार के इन महत्वपूर्ण सदस्यों को बेहतर कार्य परिस्थितियां, आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निगम निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान सफाई मित्रों के योगदान को नमन करते हुए महापौर ने कहा कि उनके परिश्रम और समर्पण का सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाएं तथा सफाई मित्रों के कार्यों का सम्मान करें।
महापौर ने कहा कि स्वच्छ कोरबा का निर्माण जनसहभागिता और सफाई मित्रों के समर्पण से ही संभव है। सफाई मित्रों का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके श्रम और सेवा भावना के प्रति नगर निगम की कृतज्ञता का प्रतीक है। महापौर का संदेश: “सफाई मित्रों का सम्मान, स्वच्छ कोरबा की पहचान है। उनकी सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के लिए नगर निगम सदैव प्रतिबद्ध है।”