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दिल्ली में AAP का शीशमहल Vs भाजपा का राजमहल:AAP नेता मीडिया को लेकर CM हाउस पहुंचे, पुलिस से झड़प, PM हाउस जाने से रोका गया

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नई दिल्ली,एजेंसी।दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों पार्टियों के बीच अब ‘AAP के शीशमहल’ और ‘भाजपा के राजमहल’ को लेकर विवाद जारी है।

भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने CM हाउस रेनोवेट कराने में घोटाला किया। टेंडर ₹8 करोड़ का था, पेमेंट 4 गुना ज्यादा किया। जवाब में AAP ने PM आवास को 2700 करोड़ का राजमहल बताया है।

AAP सांसद संजय सिंह और मंत्री सौरभ भारद्वाज बुधवार को मीडिया को लेकर CM हाउस दिखाने पहुंचे। हालांकि पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। संजय सिंह की पुलिस के साथ बहस भी हुई।

दोनों नेता AAP समर्थकों के साथ कुछ देर वहीं बैठ गए। इसके बाद वे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बन रहे नए प्रधानमंत्री आवास की ओर निकले। हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते से ही वापस भेज दिया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा कह रही है कि CM हाउस में सोने का टॉयलेट लगाया गया है। हम सोने का टॉयलेट ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए हम मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास जा रहे थे।

दिल्ली भाजपा बोली- केजरीवाल से पूछिए सोने का टॉयलेट कहां छिपा रखा है

दिल्ली भाजपा ने बुधवार को X पर एक नया पोस्टर जारी कर केजरीवाल को टॉयलेट चोर बताया। कहा कि केजरीवाल अपने शौक की पोल खुलने की डर से पहले लाखों की टॉयलेट सीट चुरा ले गए और अब जब दिल्ली की जनता के सामने उनकी पोल खुल गई तो 2 लोगों को भेज दिया नौटंकी करने के लिए? संजय सिंह और सौरव भारद्वाज, टॉयलेट सीट के बारे में केजरीवाल से पूछिए कहां छिपा रखा है?

दिल्ली सीएम हाउस को लेकर AAP और भाजपा में 7 जनवरी से बढ़ा विवाद

1. आतिशी ने कहा- CM हाउस से मेरा सामान निकाला

मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी, आप सांसद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। आतिशी ने कहा कि सोमवार रात केंद्र की भाजपा सरकार ने मेरे सरकारी आवास से मेरा सामान निकालकर फेंक दिया। ये तीन महीने में दूसरी बार हुआ है।

आतिशी ने AAP सांसद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

आतिशी ने AAP सांसद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

2. PWD बोला- आतिशी ने कभी इस बंगले का पजेशन ही नहीं लिया

आतिशी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने एक लेटर जारी कर उनके दावों को खारिज कर दिया। PWD ने कहा कि आतिशी कभी मुख्यमंत्री निवास में रहने ही नहीं आईं। PWD ने कहा कि आतिशी से कई बार 6-फ्लैगस्टाफ रोड का पजेशन लेने को कहा गया, लेकिन वे नहीं मानीं।

PWD ने बताया कि आतिशी को दो नए आवासों का प्रस्ताव भी दिया गया था। इनमें से एक राज निवास लेन और दूसरा दरियागंज में है। नियमों के मुताबिक, जिसे आवास अलॉट किया गया है, वह अगर ‘हैबिटेबिलिटी सर्टिफिकेट’ जारी होने के पांच वर्किंग डे के अंदर घर का भौतिक कब्जा नहीं लेता, तो आवंटन खुद ही रद्द हो जाता है।

3. संजय सिंह बोले- दिल्ली के राजा पीएम मोदी का राजमहल 2700 करोड़ रुपए में बना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली मुख्यमंत्री आवास के बारे में नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के बड़े नेता तक एक ही प्रचार कर रहे हैं। कह रहे हैं कि उसमें मिनी बार बना हुआ है, उसमें सोने का टॉयलेट बना हुआ है, उसमें स्विमिंग पूल बना हुआ है। जबकि इसी दिल्ली में प्रधानमंत्री का राजमहल है जो 2700 करोड़ रुपए में बना है।

संजय सिंह ने कहा कि पीएम ने फैशन डिजाइनर्स को फेल कर दिया है। दिन में तीन-तीन बार कपड़े बदलते हैं, 10-10 लाख की पेन रखते हैं, 6700 जूते की जोड़ियां, 5000 सूट हैं। उनके घर में 300 करोड़ रुपए के कालीन बिछे हैं, जिसमें सोने के तार लगे हुए हैं। 200 करोड़ रुपए का झूमर लगा हुआ है। राजमहल में कहां-कहां हीरे लगे हुए हैं, ये पूरे देश को दिखाइए।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इस देश की जनता को, मीडिया को अपना राजमहल दिखाए। मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि तुम्हारा झूठ कल उजागर होगा। कल 11 बजे मीडिया के साथ चलकर पहले दिल्ली सीएम के आवास को देखें और कितने करोड़ में बना है और फिर पीएम के राजभवन को देखने चलें।

4. मुख्यमंत्री आवास मीडिया को दिखाने पहुंचे सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह

संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने CM हाउस के सामने धरना दिया।

संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने CM हाउस के सामने धरना दिया।

बुधवार सुबह AAP नेता सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह मीडिया को लेकर CM हाउस पहुंचे। भारद्वाज ने कहा कि BJP रोज CM आवास के नए-नए वीडियो और फोटो भेजती थी। आज हम सभी मीडिया वालों को लेकर यहां आए हैं। अब बीजेपी भाग रही है। यहां तीन लेयर की बैरिकेडिंग लगा दी है। पानी फेंकने के लिए वाटर कैनन लगाए हैं और एडिशनल DCP को तैनात कर दिया है। इसे बॉर्डर बना दिया है ताकि मीडिया अंदर न जा सके।

ये क्यों हमें अंदर नहीं जाने देना चाहते। भाजपा आरोप लगाती थी कि मुख्यमंत्री आवास में स्विमिंग पूल है, वो कहां है मीडिया भी देखे। मिनी बार कहां है, वो हमें तो आज तक नहीं दिखा। शायद कहीं छिपा हुआ हो। सोने के टॉयलेट कहां लगे हैं, क्योंकि हमने भी इस घर के टॉयलेट इस्तेमाल किए हैं पर वो सोने के तो नहीं थे। इसलिए आज जनता को सीएम और पीएम आवास दोनों देखने दीजिए।

5. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का जवाब- आतिशी को जो बंगला मिला, वहीं से सरकार चलाएं

आतिशी के आरोपों के जवाब में आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि 17 ए.बी. मथुरा रोड बंगला आतिशी को आवंटित है। स्वर्गीय शीला दीक्षित ने 1998 से 2004 तक मुख्यमंत्री रहते हुए यहीं से सरकार चलाई थी तो आतिशी मार्लेना क्यों नही चला सकतीं?

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मथुरा रोड पर आतिशी को आवंटित हुए बंगले पर पहुंचकर पूछा कि अगर आतिशी यहां नहीं रहतीं, तो ये बंगला उनके नाम क्यों हैं।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मथुरा रोड पर आतिशी को आवंटित हुए बंगले पर पहुंचकर पूछा कि अगर आतिशी यहां नहीं रहतीं, तो ये बंगला उनके नाम क्यों हैं।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आतिशी से 4 सवाल पूछे:

1. आतिशी मार्लेना बताएं 17 ए.बी. मथुरा रोड़ किसको आवंटित बंगला है?

2. दिल्ली जानना चाहती है कि क्या यह सच नहीं की 17 ए.बी. मथुरा रोड़ से तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित ने 1998 से 2004 तक सरकार चलाई थी तो आतिशी मार्लेना क्यों नही चला सकतीं?

3. आतिशी बताएं 2015 से 2024 तक अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री थे तो फिर 6 फ्लैग स्टाफ रोड़ को मुख्यमंत्री आवास घोषित क्यों नही किया?

4. आतिशी मार्लेना बताएं की 17 ए.बी. मथुरा रोड़ बंगला जो उनको आवंटित है उसमें कौन रहता है?

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10 साल जेल, रू.10 करोड़ का जुर्माना, पेपर लीक संशोधन बिल कैबिनेट से मंजूर

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नई दिल्ली, एजेंसी। परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024 में संशोधन के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

संशोधित विधेयक को मिली मंजूरी

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संशोधित पेपर लीक विधेयक के मसौदे पर चर्चा की गई और उसे मंजूरी दे दी गई। सरकार अब इस विधेयक को अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।

पेपर लीक माफिया पर होगी कड़ी कार्रवाई

प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।

बता दें कि इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार मजबूत कानूनी व्यवस्था लागू करेगी।

CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक

इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। इस वार्ता को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक से पहले CJP ने मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग की थी, जिसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को वार्ता स्थल बनाया गया।

CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें

बैठक के दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।

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कांग्रेस का बड़ा ऐलान- कल देशभर में पार्टी निकालेगी कैंडल मार्च

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नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे 25 जुलाई (शनिवार) को ज़िला स्तर पर कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करें। यह आयोजन NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के समर्थन में और विरोध कर रहे छात्रों पर कथित “बर्बर हमलों” की निंदा करने के लिए किया जाएगा। सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों को लिखे एक पत्र में, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशन में आयोजित किए जाने चाहिए।

वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, “माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशानुसार, आपसे अनुरोध है कि आप अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक ज़िला कांग्रेस कमेटी (DCC) को शनिवार शाम, 25 जुलाई, 2026 को एक विशाल कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का निर्देश दें।” पत्र में कहा गया है कि मार्च महात्मा गांधी या डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की ओर बढ़ना चाहिए और वहीं समाप्त होना चाहिए, साथ ही छात्रों और युवाओं के समर्थन में सत्याग्रह आयोजित किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करने का भी निर्देश दिया। पार्टी ने परीक्षा की शुचिता के “पूरी तरह से ध्वस्त होने” और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया, “हमें परीक्षा की शुचिता के पूरी तरह से ध्वस्त होने और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी स्पष्ट रूप से मांग करनी चाहिए।”

PunjabKesari

पार्टी ने PCC, DCC, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के सदस्यों की भागीदारी का आह्वान किया। PCC अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि मार्च और सत्याग्रह “शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावी ढंग से” आयोजित किए जाएं और उन्हें व्यापक मीडिया और सोशल मीडिया कवरेज मिले।

पत्र में कहा गया, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और डराने-धमकाने, दमन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस की यह घोषणा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई।

CJP बातचीत के लिए तब सहमत हुई जब सरकार ने कथित तौर पर उसकी दो शर्तें मान लीं — कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और हाल ही में परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, CJP प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर अड़ी रही। CJP प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने कहा, “हमें (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।” यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रणालीगत सुधारों के संबंध में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे मसौदा विधेयक पर विचार करेगा जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा।

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हिमाचल में चलती कार पर चट्टानें गिरीं, 13 की मौत:गुजरात के नवसारी में बाढ़, हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट, 5 शहरों में पानी भरा, बाजार डूबे

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नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर, एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को उदयपुर-किलाड़ सड़क पर कडू नाला के पास लैंडस्लाइड हो गई। इसकी चपेट में टाटा सूमो टैक्सी आ गई। गाड़ी में 15 लोग सवार थे, 13 की मौत हो गई।

उधर गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं।

नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अहमदाबाद, सूरत में पानी भर गया। वाव-थराद जिले में बाजार डूब गए।

यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में पानी सड़क पर भर गया। ग्रामीण नाव से आ-जा रहे हैं।

वहीं, राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।

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