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राजीव गांधी की पुण्यतिथि, राहुल-मोदी-खड़गे ने श्रद्धांजलि दी:राहुल ने बचपन की फोटो शेयर की, कहा- आपकी यादें मेरा मार्गदर्शन करती हैं

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नई दिल्ली,एजेंसी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 34वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली के वीर भूमि पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

राहुल गांधी ने ‘X’ पर पापा राजीव गांधी के साथ बचपन की फोटो शेयर की। लिखा- पापा, आपकी यादें हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन करती हैं। आपके अधूरे सपनों को साकार करना ही मेरा संकल्प है और मैं इन्हें पूरा करके रहूंगा।

PM मोदी ने कहा- मैं हमारे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘X’ पर लिखा- राजीव गांधी जी भारत के एक महान सपूत थे, जिन्होंने करोड़ों भारतीयों में नई उम्मीद जगाई।

राहुल गांधी ने पापा राजीव गांधी के साथ आज ये तस्वीर शेयर की।

राहुल गांधी ने पापा राजीव गांधी के साथ आज ये तस्वीर शेयर की।

वीर भूमि में राजीव गांधी को राहुल-खड़गे ने श्रद्धांजलि दी, 2 तस्वीरें…

राजीव गांधी को नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

मल्लिकार्जुन खड़गे- राजीव गांधी की दूरदर्शी सोच और साहसी फैसलों ने भारत को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार किया। उनके अहम कामों में 18 साल की उम्र में वोट देने का अधिकार देना, पंचायती राज को मज़बूत करना, टेलिकॉम और IT क्रांति की शुरुआत करना, कंप्यूटराइजेशन को बढ़ावा देना, शांति समझौते करवाना, टीकाकरण प्रोग्राम शुरू करना और सबको साथ लेकर चलने वाली नई शिक्षा नीति लाना शामिल हैं।

ममता बनर्जी- भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धा से याद करती हूं। राजीव जी एक दूरदर्शी नेता और देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सच्चे शहीद थे।

तेजस्वी यादव- देश की प्रगति, उन्नति, एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि और नमन।

आत्मघाती बम धमाके में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या

आत्मघाती हमले से पहले खींची गई राजीव गांधी की आखिरी तस्वीर। स्कूली बच्ची के पीछे नारंगी फूल सिर में लगाकर आगे बढ़ रही धनु ने ही फूलों का हार पहनाकर विस्फोट किया था।

आत्मघाती हमले से पहले खींची गई राजीव गांधी की आखिरी तस्वीर। स्कूली बच्ची के पीछे नारंगी फूल सिर में लगाकर आगे बढ़ रही धनु ने ही फूलों का हार पहनाकर विस्फोट किया था।

21 मई 1991 में एक आत्मघाती बम धमाके में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में श्रीलंका में शांति सेना भेजी थी, जिससे तमिल विद्रोही संगठन लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) उनसे नाराज चल रहा था। 1991 में जब लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने राजीव गांधी चेन्नई के पास श्रीपेरम्बदूर गए तो वहां लिट्टे ने राजीव पर आत्मघाती हमला करवाया।

विस्फोट में 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई

राजीव को फूलों का हार पहनाने के बहाने लिट्टे की महिला आतंकी धनु (तेनमोजि राजरत्नम) आगे बढ़ी। उसने राजीव के पैर छुए और झुकते हुए कमर पर बंधे विस्फोटकों में ब्लास्ट कर दिया। धमाका इतना बड़ा था कि कई लोगों के चीथड़े उड़ गए। राजीव और हमलावर धनु समेत 16 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि 45 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

राजीव गांधी 1966 में कॉमर्शियल पायलट बने। राजनीति में आना नहीं चाहते थे, इसलिए 1980 तक इंडियन एयरलाइंस के पायलट बने रहे।

राजीव गांधी 1966 में कॉमर्शियल पायलट बने। राजनीति में आना नहीं चाहते थे, इसलिए 1980 तक इंडियन एयरलाइंस के पायलट बने रहे।

देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस तीन-चौथाई सीटें जीतने में कामयाब रही थी। उस समय कांग्रेस ने 533 में से पार्टी ने 414 सीटें जीतीं। राजीव जब प्रधानमंत्री बने, तब उनकी उम्र महज 40 साल थी। वे देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने अपने कार्यकाल में स्कूलों में कंप्यूटर लगाने की व्यापक योजना बनाई। जवाहर नवोदय स्कूल स्थापित किए। गांव-गांव तक टेलीफोन पहुंचाने के लिए PCO कार्यक्रम शुरू किया।

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भारत को एशियन गेम्स में छठा गोल्ड:4×400 मीटर विमेंस रिले रेस में सोना जीता, गुलवीर की हैट्रिक; लगातार छठी बार भारत के 50 मेडल

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नगोया, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स के 4×400 मीटर महिला रिले रेस में गोल्ड जीत लिया है। टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकेंड में रेस पूरी की। इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत को 6 गोल्ड मिल गए हैं।

मंगलवार को भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में लगातार छठी बार 50 मेडल का आंकड़ा भी पार किया। एशियन गेम्स हर 4 साल में होते हैं और 2006 से भारत हर बार 50 या ज्यादा मेडल जीत रहा है।

इससे पहले गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में 13 मिनट 32.75 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज जीता। वे 10 हजार और 1500 मीटर में सिल्वर जीत चुके हैं। वे मेडल की हैट्रिक करने वाले पहले भारतीय पुरुष धावक बने।

इधर, नीरू ढांडा ने विमेंस ट्रैप शूटिंग में गोल्ड जीता। 10 दिन पहले फ्लू की वजह से अस्पताल में भर्ती रहीं नीरू इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

एशियन गेम्स के 10वें दिन भारत ने 8 मेडल जीते। टीम के कुल मेडल 53 हो गए हैं और मेडल टेबल में 10वें स्थान पर है।

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देश

तेलंगाना CM बोले- राम अमीरों और शिव गरीबों के भगवान:भाजपा ने राम को चुराया, इसलिए कांग्रेस दक्षिण में सफल और उत्तर भारत में पिछड़ी

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नई दिल्ली, एजेंसी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा कि शिव गरीबों और राम अमीरों के भगवान हैं। उन्होंने भाजपा को अमीरों की पार्टी भी बताया। कहा कि भाजपा ने भगवान राम को अपने राजनीतिक नैरेटिव से जोड़ लिया है। भाजपा ने राम को चुरा लिया है।

सोमवार को दिल्ली में एक मीडिया सम्मेलन के दौरान उनसे पूछा गया कि कांग्रेस दक्षिण भारत में मजबूत है, लेकिन उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत में उसका प्रदर्शन उतना अच्छा क्यों नहीं रहा।

रेवंत ने इसकी वजह धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव बताई। उन्होंने कहा कि हम द्रविड़ हैं, जबकि उत्तर भारत के लोग आर्य हैं। हम शिव के भक्त हैं और आर्य भगवान राम के भक्त हैं।

केंद्रीय मंत्री बोले- रेड्डी भगवान को नहीं बांटें

रेवंत रेड्डी के बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने कहा कि रेड्डी पहले “मुस्लिम कांग्रेस है, कांग्रेस मुस्लिम है” कह चुके हैं। अब वे भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक सीमाएं खींच रहे हैं।

कुमार ने कहा- तेलंगाना के सीएम के तौर पर रेवंत रेड्डी को बेहतर पता होना चाहिए। तेलंगाना में वेमुलावाड़ा में दक्षिण काशी और भद्राचलम में दक्षिण अयोध्या है।

उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी को भगवान राम और भगवान शिव को उत्तर और दक्षिण में नहीं बांटना चाहिए। पीएम मोदी लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके मुताबिक, काशी विश्वनाथ वाराणसी के आध्यात्मिक केंद्र में स्थित है।

पहले भी कांग्रेस नेताओं के शिव को लेकर बयान दिए

2017: राहुल गांधी बोले- मैं शिव भक्त हूं

2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी लगातार मंदिरों का दौरा कर रहे थे। BJP ने इसे चुनावी रणनीति बताया था। इस पर राहुल गांधी ने कहा था कि वह भगवान शिव के भक्त हैं और उनका सच उनके साथ है।

यह बयान 30 नवंबर 2017 को गुजरात के अमरेली में व्यापारियों के साथ बंद कमरे में हुई बैठक में दिया गया था। उस समय सोमनाथ मंदिर के रजिस्टर को लेकर उनके धर्म पर विवाद भी चल रहा था।

यह बयान उस विवाद के जवाब में था जिसमें सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी का नाम कथित तौर पर गैर-हिंदू आगंतुकों वाले रजिस्टर में दर्ज होने को लेकर सवाल उठाए गए थे। राहुल ने कहा था कि उन्होंने उस रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं किए, बल्कि विजिटर बुक में साइन किया था।

इसके बाद भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने राहुल से भगवान राम को लेकर उनका रुख स्पष्ट करने को कहा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि राहुल खुद को शिव भक्त बताते हैं तो भगवान राम को लेकर उनका क्या विचार है।

2024: राहुल ने शिव संदेश सुनाया

राहुल गांधी ने लोकसभा में भगवान शिव की तस्वीर दिखाकर कहा था कि शिव का संदेश “डरो मत, डराओ मत” है। भाजपा नेताओं ने उनके भाषण और हिंदू धर्म को लेकर उनके बयानों पर आपत्ति जताई थी।

16 अगस्त: रेड्डी ने कहा- BRS ने सरकार गिराने के लिए तंत्र-मंत्र कराया, कर्नाटक-तमिलनाडु के मंदिरों में जाकर पूजा कर रहे

रेड्डी ने भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) नेताओं पर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए कर्नाटक और तमिलनाडु के मंदिरों में जाकर तंत्र-मंत्र कराने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि नेताओं ने राज्य में सूखा, किसानों की परेशानी और कांग्रेस सरकार के गिरने की प्रार्थना की।

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देश

जयशंकर बोले-भारत को नसीहत देने वाला अमेरिका नकल कर रहा:US आतंकवाद पर भारत की चिंताएं नहीं समझता, इससे रिश्तों में मुश्किल

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका से रिश्तों को लेकर कहा कि वह आतंकवाद पर भारत की चिंता नहीं समझता है। इसका असर रिश्तों पर पड़ता है। उन्होंने सोमवार को न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में कहा,

भारत ने कई दशकों तक अपने पड़ोसी देश की ओर से आतंकवाद का सामना किया है। अगर अमेरिका को इसकी गंभीरता समझ नहीं आती, तो रिश्तों पर असर पड़ता है।

जयशंकर ने चीन और अमेरिका के बीच बढ़ रही दोस्ती को लेकर कहा कि अब अमेरिका एक साथ रूस, यूक्रेन और चीन जैसे देशों के साथ संबंध अच्छे कर रहा है। अब वह भारत का डिप्लोमेसी मॉडल अपना रहा है। पहले भारत की इसी नीति को लेकर अमेरिका में आलोचना की जाती थी।

पूर्व अमेरिकी राजनयिक डेनियल रसेल ने एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में जयशंकर के साथ बातचीत की।

पूर्व अमेरिकी राजनयिक डेनियल रसेल ने एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में जयशंकर के साथ बातचीत की।

जयशंकर के अमेरिका में 5 बड़े बयान

1. टैरिफ विवाद पर: अमेरिका से रिश्ते मुश्किल

अमेरिका के पूर्व राजनयिक डेनियल रसेल ने जयशंकर से पूछा कि व्यापार और टैरिफ को लेकर पिछले एक साल में भारत-अमेरिका के रिश्तों में आई खटास को कैसे दूर किया जा सकता है।

इस पर जयशंकर ने कहा कि दुनिया के कई देशों के लिए अमेरिका के साथ रिश्ते पहले के मुकाबले मुश्किल हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह शायद हमारे लिए राहत की बात न हो, लेकिन यही हकीकत है।

2. US-चीन दोस्ती पर: उनका दिखावा खत्म हो गया

जयशंकर ने कहा कि पहले अमेरिका में यह सोच थी कि भारत के पास ज्यादा विकल्प नहीं होने चाहिए और उसे अपने रिश्तों में ज्यादा ध्यान अमेरिका पर रखना चाहिए, लेकिन अब उसका दिखावा खत्म हो गया है।

उन्होंने कहा- अब अमेरिका खुद एक साथ एशिया के दूसरे देशों के साथ रिश्ते संभाल रहा है। यानी जिस नीति पर भारत से सवाल किए जाते थे, अब अमेरिका भी उसी पर चल रहा है।

3. बहुध्रुवीय व्यवस्था पर: यह च्यूइंग गम हर किसी के पास

जयशंकर के मुताबिक दुनिया अब ऐसे दौर में पहुंच रही है, जहां देश किसी एक के भरोसे रहने के बजाय कई देशों के साथ अपने रिश्ते बना रहे हैं। यही बदलाव दुनिया को बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर ले जा रहा है।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब यह ‘च्यूइंग गम’ सबके पास होगा और हर देश इसे अपने तरीके से इस्तेमाल करेगा।

उन्होंने कहा कि यह बदलाव अच्छा लगे या नहीं, लेकिन जब अमेरिका जैसी बड़ी ताकत इस तरीके से काम करती है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है और यह एक वैश्विक ट्रेंड बन जाता है।

विदेश मंत्री जयशंकर न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में बोलते हुए।

विदेश मंत्री जयशंकर न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में बोलते हुए।

4. चीन से सीमा विवाद पर: दूसरे देशों को फायदा न मिले

जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के रिश्ते पिछले कुछ समय के मुकाबले बेहतर हुए हैं। 2020 में सीमा पर तनाव के बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी बिगड़ गए थे, लेकिन अब सीमा पर स्थिति सामान्य होने के साथ रिश्ते भी धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। हालांकि सभी समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं।

उन्होंने कहा,

2024-2025 के मुकाबले आज की स्थिति बेहतर है। सीमा पर जैसे हालात होंगे, दोनों देशों के रिश्ते भी वैसे ही रहेंगे। यह तनाव दोनों देशों के हित में नहीं है। ऐसी समस्या में फंसे रहना ठीक नहीं है, जिसका फायदा दूसरे देशों को मिले।

5. ग्लोबल सिस्टम पर: डिप्लोमेसी पहले से ज्यादा मुश्किल

जयशंकर ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया में कई जगह जंग चल रही है। इसके साथ आर्थिक दबाव और व्यापार को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिशों ने भी दुनिया के हालात को अस्थिर कर दिया है।

जयशंकर ने कहा कि दुनिया की सप्लाई चेन भी पहले के मुकाबले ज्यादा असुरक्षित हो गई है। दुनिया के सामने ‘4F संकट’ यानी भोजन, ईंधन, खाद और पैसों की कमी को बड़ी चुनौती हैं।

जयशंकर ने कहा कि जब किसी देश की किसी जरूरी चीज के लिए दूसरे देश पर निर्भरता ज्यादा होती है, तो दूसरा देश इसी निर्भरता का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर सकता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में कूटनीति पहले के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो गई है। राजनयिकों को जोखिम भरे फैसले लेने पड़ते हैं और साथ ही पुराने विवादों को भी संभालना पड़ता है। उन्होंने इसी वजह से कहा कि “कूटनीति एक एक्सट्रीम स्पोर्ट बन गई है।”

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