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मलेशिया में पुलिस का हेलिकॉप्टर सीधे नदी में गिरा:टेक ऑफ के कुछ मिनट बाद तकनीकी खराबी आई, पांचों क्रू मेंबर बचाए गए

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कुआलालंपुर,एजेंसी। लेशिया के जोहोर राज्य में बुधवार सुबह एक पुलिस हेलिकॉप्टर आपात लैंडिंग के दौरान सीधे नदी में जा गिरा। यह हादसा सुंगाई पुलाई इलाके में हुआ।

उस वक्त हेलिकॉप्टर नियमित सैन्य अभ्यास (MITSATOM 2025) में शामिल था। हेलिकॉप्टर में सवार पांचों क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी घायल अफसरों को जोहोर बारू के सुल्ताना अमीना अस्पताल में भर्ती कराया गया। मलेशिया की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा है कि हादसे की जांच एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो करेगा।

टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद गिरा हेलिकॉप्टर

मलेशिया के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAAM) के मुताबिक, हेलिकॉप्टर ने सुबह 9:51 बजे तंजुंग कुपांग पुलिस स्टेशन से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में तकनीकी गड़बड़ी के कारण इसे आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। यह लैंडिंग नदी में जाकर हुई।

नदी में गिरने के तुरंत बाद समुद्री पुलिस बल (Marine Police Force) ने सभी पांचों क्रू मेंबर्स को बचाया और उन्हें पास के मलेशियाई समुद्री प्रवर्तन एजेंसी (MMEA) जेटी पर लाया गया। इसके बाद सभी को इलाज के लिए भेजा गया।

इस हादसे में कोई जान नहीं गई, लेकिन मलेशियाई नागरिक उड्डयन नियामक ने इसे गंभीर विमानन घटना मानते हुए जांच शुरू कर दी है।

CAAM के अनुसार, जांच एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जाएगी। यह ब्यूरो परिवहन मंत्रालय के तहत काम करता है। जांच सिविल एविएशन रेगुलेशन 2016 के पार्ट XXVI के तहत होगी।

CAAM के अनुसार, जांच एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जाएगी। यह ब्यूरो परिवहन मंत्रालय के तहत काम करता है। जांच सिविल एविएशन रेगुलेशन 2016 के पार्ट XXVI के तहत होगी।

हादसे में गिरा हेलिकॉप्टर 30 साल पुराना था

हादसे का शिकार हुआ हेलिकॉप्टर फ्रांस में निर्मित Airbus AS355N मॉडल था। यह एक लाइट यूटिलिटी सिंगल-रोटर हेलिकॉप्टर है। इसका प्रोडक्शन 1975 से 2016 तक हुआ था और इसका उपयोग दुनियाभर में सुरक्षा बलों, प्राइवेट चार्टर और कॉर्पोरेट सेवाओं द्वारा किया जाता है।

मलेशियाई पुलिस को यह हेलिकॉप्टर 1996 में डिलीवर किया गया था। 2023 के नवंबर में इन्हें बदलने के लिए नए टेंडर बुलाए थे।

हादसे से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुराने एयरक्राफ्ट की सेवा अवधि खत्म हो चुकी है और क्या भविष्य में ऐसे और हादसे रोके जा सकते हैं।

अप्रैल में अमेरिका में दो टुकड़ों में बंट गया था हेलिकॉप्टर

इस साल अप्रैल में अमेरिका के न्यूयॉर्क में गुरुवार को एक हेलिकॉप्टर हडसन नदी में क्रैश हो गया था। हादसे में हेलिकॉप्टर में बैठे सभी 6 लोगों की मौत हो गई थी।

मरने वालों में इंजीनियरिंग कंपनी सीमेंस के CEO ऑगस्टिन एस्कोबार, उनकी पत्नी मर्स कैंपरुबी और उनके तीन बच्चे शामिल थे। बच्चों की उम्र 4, 5 और 11 साल थी। ये परिवार स्पेन का रहने वाला था।

हादसे में हेलिकॉप्टर के 36 साल का पायलट की भी मौत हो गई थी।

हादसे में हेलिकॉप्टर के 36 साल का पायलट की भी मौत हो गई थी।

न्यूयॉर्क सिटी के फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, हादसे से ठीक पहले बेल 206 एयरक्राफ्ट दो टुकड़ों में टूट गया था। उसकी टेल और रोटर ब्लेड बॉडी से अलग हो गए थे।

इमरजेंसी क्रू ने नदी से सभी विक्टिम्स को बाहर निकाला। उनमें से चार को माैके पर ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दो ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ा।

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जेलेंस्की का बड़ा ऐलान: भारत देगा यूक्रेन का साथ, डिफेंस डील फाइनल स्टेज में!

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कीव,एजेंसी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि भारत (India) के साथ सुरक्षा सहयोग को लेकर एक समझौता तय हो चुका है। इस समझौते से जुड़े जरूरी दस्तावेज अभी तैयार किए जा रहे हैं। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस, सेना को समर्थन और देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसी दिशा में भारत के साथ यह सहयोग अहम माना जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन के रक्षा मंत्री Rustem Umierov अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही सुरक्षा समझौतों पर काम कर रहे हैं, ताकि यूक्रेन को ज्यादा सैन्य और रणनीतिक मदद मिल सके। साथ ही, यूक्रेन अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ भी बातचीत कर रहा है, ताकि पहले से स्वीकृत सहायता पैकेज को जल्द लागू किया जा सके, जो अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है।  कुल मिलाकर, भारत और यूक्रेन के बीच यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करेगा और यूक्रेन की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है।

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मिडल ईस्ट जंग में ट्रंप को सबसे बड़ा झटका, UAE ने दिखा दिया ठेंगा ! बोला-‘हमें अमेरिका की जरूरत नहीं’

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दुबई,एजेंसी। मिडिल ईस्ट  जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात  (UAE) और संयुक्त राज्य अमेरिका(USA) के बीच संबंधों को दरार बहुत गहरी हो  गई है। यह खुलासा तब  प्रमुख एमिराती विश्लेषक अब्दुल खालिक अब्दुल्ला के बयान से हुआ है। उन्होंने कहा कि UAE को अब अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षा के बजाय एक “बोझ” बन सकते हैं।

हालांकि यह उनका व्यक्तिगत मत है और UAE सरकार की आधिकारिक नीति नहीं मानी जा रही है। विश्लेषक का तर्क है कि हाल के हमलों और खतरों के बीच UAE ने अपनी रक्षा क्षमता मजबूत की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से आए ड्रोन और मिसाइल खतरों को रोककर UAE ने दिखाया है कि वह अपनी सुरक्षा खुद संभाल सकता है। इसी कारण कुछ लोग अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर पुनर्विचार की बात कर रहे हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी एक बड़ा मुद्दा सामने आया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर युद्ध या संकट की वजह से डॉलर की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो UAE तेल व्यापार के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। इसमें चीन की मुद्रा युआन का नाम सामने आया है।  दशकों से खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच एक समझ बनी हुई थी, जिसमें अमेरिका सुरक्षा देता था और बदले में तेल का व्यापार डॉलर में होता था। अब अगर इस व्यवस्था में बदलाव आता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों पर पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में  चीन का नाम भी सामने आ रहा है। अगर भविष्य में युआन में तेल व्यापार बढ़ता है, तो इससे चीन की वैश्विक भूमिका और मजबूत हो सकती है।  

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होर्मुज में फायरिंग पर भड़के ट्रंपः बोले- “No More Mr Nice Guy, अब ईरान ने बात न मानी तो…”

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वाशिंगठन, एजेंसी। जलमार्ग होर्मुज में हुई कथित गोलीबारी ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान (Iran) ने इस क्षेत्र में फायरिंग की, जिसमें एक फ्रांसीसी जहाज और एक ब्रिटेन का मालवाहक जहाज निशाने पर आए। इस घटना को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है।इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिका का प्रस्तावित समझौता नहीं माना, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने साफ कहा कि अब अमेरिका सख्ती से कार्रवाई करेगा और पीछे नहीं हटेगा।  ट्रंप ने ईरान को “आखिरी मौका” देते हुए कहा है कि वह समझौता स्वीकार करे, वरना कड़ी कार्रवाई होगी। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान जाकर वार्ता करेंगे। 

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 हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या रास्ता बंद होता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान को भी इससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी बीच अमेरिका ने अपनी टीम को Islamabad भेजने का फैसला किया है, जहां अगले दौर की बातचीत होगी। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner सोमवार को Islamabad पहुंचेंगे। वहां वे ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) को लेकर अहम बातचीत करेंगे। ट्रंप के अनुसार, यह कूटनीति का “आखिरी प्रयास” है।उन्होंने कहा कि इस डील के अधिकांश बिंदु पहले ही तय हो चुके हैं और ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने होंगे। अब केवल औपचारिक सहमति बाकी है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलना होगा, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले हफ्ते भी J. D. Vance के नेतृत्व में इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब एक बार फिर से कोशिश की जा रही है कि 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले कोई समझौता हो जाए। हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से इन नई वार्ताओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अगर यह बातचीत भी असफल रही, तो अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

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