मुंबई, एजेंसी। बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को मुंबई में निधन हो गया है। जिस तरीके से उनका अंतिम संस्कार हुआ, उससे उनके चाहने वालों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। वे जानना चाह रहे हैं कि पद्म भूषण से सम्मानित धर्मेंद्र की पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए क्यों नहीं रखी गई। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ क्यों नहीं हुआ।
धर्मेंद्र के निधन की खबर पर परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी भी नहीं दी गई। इससे पहले 10 नवंबर को जब धर्मेंद्र ब्रीच कैंडी में एडमिट हुए थे तब उनकी बेटियों को आनन-फानन में विदेश से बुलाया गया था। धर्मेंद्र को तब 2 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद 12 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया था।
धर्मेंद्र के चाहने वालों के 5 सवाल हैं-
सोमवार दोपहर करीब 1 बजे धर्मेंद्र के बंगले के बाहर एम्बुलेंस देखी गई थी। इसके बाद खबरें ये रहीं कि धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ी है। हालांकि जल्द ही बंगले के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई और बैरिकेडिंग की जाने लगी। इसी बीच विले पार्ले श्मशान घाट में भी सिक्योरिटी बढ़ी। फिर खबर आई कि उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
11 नवंबर को भी धर्मेंद्र के निधन की खबर आई थी, जिसके बाद उनके परिवार ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे अपमानजनक कहा था। यही वजह रही कि सोमवार को हर कोई निधन की खबर की पुष्टि करने से झिझक रहा था। इसी बीच दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर IANS ने सबसे पहले धर्मेंद्र के निधन की जानकारी दी और फिर सभी न्यूज चैनल्स में उसी के हवाले से खबर चलाई गई।
खबर सामने आई ही थी कि धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल विले पार्ले श्मशान घाट पर स्पॉट हुईं।
ईशा देओल, दोपहर करीब डेढ़ बजे श्मशान घाट पहुंची थीं।
उस समय न तो वहां ज्यादा भीड़ इकट्ठा हुई थी और न ही खबर की पुष्टि की गई थी। कुछ देर बाद हेमा मालिनी श्मशान घाट पहुंचीं। देखते-ही-देखते आमिर खान, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन समेत कई सेलेब्स श्मशान भूमि पहुंचने लगे।
श्मशान घाट के बाहर हेमा मालिनी।
अमिताभ बच्चन, बेटे अभिषेक के साथ विले पार्ले श्मशान भूमि पहुंचे थे।
सलमान खान भी धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे।
आमिर खान कार खुद ड्राइव कर विले पार्ले श्मशान घाट पहुंचे थे।
फिल्ममेकर करण जौहर पहले सेलिब्रिटी थे, जिन्होंने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निधन की पुष्टि की। दोपहर करीब डेढ़ बजे तक निधन की पुष्टि हुई और 3 बजे तक हेमा मालिनी अंतिम संस्कार खत्म कर श्मशान घाट से बाहर आईं और वहां से रवाना हो गईं।
अंतिम संस्कार के बाद करीब 3 बजे हेमा मालिनी श्मशान घाट से बाहर आईं।
अंतिम संस्कार होने के बाद कई फैंस श्मशान घाट के बाहर मातम मनाते दिखे। कई फैंस ने धर्मेंद्र के अंतिम दर्शन न मिल पाने पर नाराजगी जताते हुए उनके बच्चों पर नाराजगी जाहिर की।
धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुए उनके फैंस।
धर्मेंद्र 2004 से 2009 के बीच बीकानेर से सांसद रहे। उन्हें 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। आमतौर पर पद्म अवॉर्डी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाता है। धर्मेंद्र को राजकीय सम्मान दिया गया या नहीं, ये साफ नहीं है। रिपोर्टर्स को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। बाहर मौजूद रहे रिपोर्टर्स ने भी गार्ड ऑफ ऑनर नहीं सुना।
श्रीदेवी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनका निधन 24 फरवरी 2018 को दुबई में हुआ था। 4 दिनों बाद पार्थिव शरीर भारत लाया गया और 28 फरवरी 2018 को उनका अंतिम संस्कार हुआ। पद्मश्री अवॉर्डी श्रीदेवी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ हुआ था।
श्रीदेवी के अंतिम संस्कार की तस्वीर।
धर्मेंद्र को 10 नवंबर को सांस लेने में तकलीफ होने पर ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। हॉस्पिटल से धर्मेंद्र का वीडियो लीक हुआ था, जिसमें वो वेंटिलेटर पर नजर आए थे। परिवार ने वीडियो लीक करने वाले हॉस्पिटल स्टाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। सवाल ये है कि अगर 89 साल के धर्मेंद्र वेंटिलेटर पर थे, तो उन्हें अचानक घर क्यों लाया गया।
12 नवंबर को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से एम्बुलेंस में घर जाते धर्मेंद्र।
धर्मेंद्र को 12 नवंबर को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। तब से ही उन्हें लगातार डॉक्टर्स की कड़ी निगरानी में रखा गया था। इस बीच हेमा मालिनी ने एक पत्रकार से कहा था कि धर्मेंद्र रिकवर कर रहे हैं। उनके परिवार ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था-
धर्मेंद्र जी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और अब वे घर पर आराम करेंगे। हम मीडिया और लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और इस समय उनकी तथा परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। हम सभी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने धर्मेंद्र जी की अच्छी हेल्थ और लंबी उम्र के लिए दुआ की। कृपया उनका सम्मान करें क्योंकि वे आप सभी से बहुत प्यार करते हैं।
डॉ. प्रतीत समदानी आंतरिक रोगों और गंभीर मरीजों की देखभाल (क्रिटिकल केयर) के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने बताया था कि धर्मेंद्र पिछले कई हफ्तों से कभी अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, तो कभी घर लौट रहे थे।
डॉ. प्रतीत समदानी ने धर्मेंद्र की हेल्थ पर अपडेट दिया था।
धर्मेंद्र 10 नवंबर को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में एडमिट होने से पहले 31 अक्टूबर को भी एडमिट हुए थे। तब भी उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई थी। हालांकि जब 10 नवंबर को वे भर्ती हुए तो परिवार के करीबी सूत्र ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया था कि धर्मेंद्र की हालत नाजुक है और उनकी बेटियों अजेता-विजेता को भी विदेश से भारत बुला लिया गया है। तब बॉबी देओल भी अल्फा फिल्म की शूटिंग छोड़कर हॉस्पिटल पहुंचे थे।
बॉबी देओल 10 नवंबर को हॉस्पिटल के बाहर बेहद भावुक नजर आए थे।
सनी देओल समेत धर्मेंद्र का पूरा परिवार हॉस्पिटल में बेहद भावुक दिखा था।
तब भी सलमान खान, शाहरुख खान, गोविंदा समेत कई सेलेब्स अचानक हॉस्पिटल पहुंच रहे थे। अब अगर बेटियों को विदेश से बुलाया गया, तो फिर दो दिन वेंटिलेटर पर होने के बावजूद उन्हें आनन-फानन में डिस्चार्ज क्यों करवाया गया।
नई दिल्ली, एजेंसी। परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024 में संशोधन के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
संशोधित विधेयक को मिली मंजूरी
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संशोधित पेपर लीक विधेयक के मसौदे पर चर्चा की गई और उसे मंजूरी दे दी गई। सरकार अब इस विधेयक को अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।
पेपर लीक माफिया पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।
बता दें कि इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार मजबूत कानूनी व्यवस्था लागू करेगी।
CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक
इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। इस वार्ता को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक से पहले CJP ने मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग की थी, जिसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को वार्ता स्थल बनाया गया।
CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे 25 जुलाई (शनिवार) को ज़िला स्तर पर कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करें। यह आयोजन NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के समर्थन में और विरोध कर रहे छात्रों पर कथित “बर्बर हमलों” की निंदा करने के लिए किया जाएगा। सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों को लिखे एक पत्र में, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशन में आयोजित किए जाने चाहिए।
वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, “माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशानुसार, आपसे अनुरोध है कि आप अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक ज़िला कांग्रेस कमेटी (DCC) को शनिवार शाम, 25 जुलाई, 2026 को एक विशाल कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का निर्देश दें।” पत्र में कहा गया है कि मार्च महात्मा गांधी या डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की ओर बढ़ना चाहिए और वहीं समाप्त होना चाहिए, साथ ही छात्रों और युवाओं के समर्थन में सत्याग्रह आयोजित किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करने का भी निर्देश दिया। पार्टी ने परीक्षा की शुचिता के “पूरी तरह से ध्वस्त होने” और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया, “हमें परीक्षा की शुचिता के पूरी तरह से ध्वस्त होने और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी स्पष्ट रूप से मांग करनी चाहिए।”
पार्टी ने PCC, DCC, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के सदस्यों की भागीदारी का आह्वान किया। PCC अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि मार्च और सत्याग्रह “शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावी ढंग से” आयोजित किए जाएं और उन्हें व्यापक मीडिया और सोशल मीडिया कवरेज मिले।
पत्र में कहा गया, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और डराने-धमकाने, दमन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस की यह घोषणा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई।
CJP बातचीत के लिए तब सहमत हुई जब सरकार ने कथित तौर पर उसकी दो शर्तें मान लीं — कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और हाल ही में परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, CJP प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर अड़ी रही। CJP प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने कहा, “हमें (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।” यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रणालीगत सुधारों के संबंध में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे मसौदा विधेयक पर विचार करेगा जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर, एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को उदयपुर-किलाड़ सड़क पर कडू नाला के पास लैंडस्लाइड हो गई। इसकी चपेट में टाटा सूमो टैक्सी आ गई। गाड़ी में 15 लोग सवार थे, 13 की मौत हो गई।
उधर गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं।
नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अहमदाबाद, सूरत में पानी भर गया। वाव-थराद जिले में बाजार डूब गए।
यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में पानी सड़क पर भर गया। ग्रामीण नाव से आ-जा रहे हैं।
वहीं, राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।