कोरबा
मंत्री और महापौर नूरा कुश्ती का खेल बंद करें, अशोक वाटिका की निविदा कराएं निरस्त – नत्थूलाल यादव
पहले साठगांठ से निजी हाथों में सौंपते हैं सरकारी सम्पत्ति, फिर बहाते हैं घड़ियाली आंसू
कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनता के हित में फैसला लेने की रखी मांग
कोरबा। अशोक वाटिका को निजी हाथों में दिए जाने पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नत्थू लाल यादव ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह खेल मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत और प्रशासन की मिलीभगत का है। केवल दिखावे के लिए नूरा कुश्ती की जा रही है। पहले खुद मंत्री देवांगन ने प्रशासन के साथ बैठकर शुल्क लिए जाने का निर्णय जनता पर थोपा और अब केवल मौखिक तौर पर शुल्क वापस लेने का दिखावा कर रहे हैं। यह सभी जानते हैं कि निविदा जारी कर अशोक वाटिका के संचालन की जवाबदारी अपने चहेते ठेकेदारों को सौंपा गया है। ऐसे में मौखिक आदेश से इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। यदि मंत्री देवांगन जनता के हितचिंतक हैं, तो लिखित आदेश जारी कर निविदा निरस्त कराएं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में श्री यादव ने कहा है कि अशोक वाटिका के लिए कोरबा निगम एक निर्माण एजेंसी रही है और उसके विकास का कार्य पूरा होने के बाद इसकी नीलामी का षडयंत्र रचा गया। अशोक वाटिका की नीलामी के लिए कोरबा के वर्तमान कलेक्टर के दबाव में निगम की पूर्व आयुक्त प्रतिष्ठा ममगाई के प्रस्ताव को तत्कालीन महापौर राजकिशोर प्रसाद ने जब ठुकरा दिया, तब इसकी नीलामी के लिए अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को माध्यम बनाया गया। इससे स्पष्ट है कि भाजपा वाहवाही लूटने के लिए पहले शुल्क का प्रत्यारोपण और बाद में उसे निरस्त करने का खेल खेला जा रहा है। श्री यादव ने कहा है कि महापौर संजू देवी ने कार्यभार सम्हालते ही सबसे पहला काम अप्पू गार्डन को नीलाम करने का किया। उनका पहला हस्ताक्षर जन विरोधी रहा और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। नगर निगम क्षेत्र में जनता के लिए कोई नई सुविधा उपलब्ध कराए जाने की जगह केवल पूर्व में तैयार किए गए निगम की सम्पत्तियों को बेचने का काम किया जा रहा है।
सार्वजनिक महत्व के कुछ और भवनों व संस्थानों की नीलामी कर भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय व आम नागरिकों के हितों पर कुठाराघात किया है, जिनमें प्रमुख रूप से वर्ष 1990 में अविभाजित मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री रहे सुंदरलाल पटवा द्वारा कोरबा में स्थापित हुए प्रथम 100 मेगावॉट ताप विद्युत संयंत्र की नीलामी की गई। इसी प्रकार भाजपा के ही शासनकाल में प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार ने वर्ष 2001 में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बालको संयंत्र की नीलामी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कोरबा विधायक व मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा निगम महापौर के कार्याल में कोरबा के हृदय स्थल परिवहन नगर में आम नागरिकों की सुविधा के लिए बनवाए गए दीनदयाल सांस्कृतिक भवन की नीलामी की गई, जिसे अब आशीर्वाद प्वाईंट के नाम से जाना जाता है।

नत्थू लाल यादव ने कहा है कि भाजपा की कार्यशैली ही आम नागरिकों की सुविधाओं और हितों पर प्रहार करना है, तभी तो अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी द्वारा अशोक वाटिका गार्डन में प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क वसूल किये जाने के नाम पर प्रस्ताव पारित किया गया और निर्धारित शुल्क के संबंध में सूचना बोर्ड लगाया गया।
यहॉं उल्लेखनीय है कि अशोक वाटिका कोरबा शहर का सबसे बड़ा उद्यान है, जो लगभग 40 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैला है और उसका विकास आम नागरिकों की सुविधा के लिए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की पहल पर करवाया गया था, जो समूचे छत्तीसगढ़ में अपनी अलग तरह का आक्सीजोन और प्राकृतिक सौंदर्य के मामले में हर दृष्टि से एकमात्र स्थल है। इसमें सेहत के प्रति जागरूक मार्निंग वॉक करने वाले युवाओं, बुजुर्गों के अलावा बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों का नियमित आगमन होता है। अशोक वाटिका के तैयार हो जाने के बाद उसमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के अलावा अनेक सामाजिक संगठनों द्वारा पिकनिक आदि भी आयोजित किए जाते हैं। यह एक सर्व सुविधायुक्त खुला स्थान है, जहां लोग बच्चों के जन्म दिन भी आयोजित करते हैं। इसके अलावा भ्रमण, मनोरंजन, योगा, प्राणायाम व व्यायाम आदि की सुविधा सहित अन्य अनेक सुविधाएं अशोक वाटिका में उपलब्ध करवाई गई है, जिसमें विस्तृत पाथवे में वॉक करने, पैदल चलने आदि के लिए प्रतिदिन लगभग 500 से ज्यादा नागरिक वहॉं पहुंचते हैं तथा प्रदूषण से मुक्त अनेक सुविधाओं का लाभ उठाते हैं।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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