Connect with us

विदेश

ट्रम्प भारतवंशी नागरिक का सिर काटने वाले पर भड़के:कहा- नरमी का समय खत्म, अब सजा मिलेगी, पत्नी-बेटे के सामने हुई थी हत्या

Published

on

वॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को भारतीय मूल के चंद्रा नागमलैया की हत्या की निंदा की। उन्होंने इसे भयानक बताया।

ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा-

चंद्रा नागमल्लैया डलास के रहने वाले थे। उनकी पत्नी और बेटे के सामने, क्यूबा के अवैध अप्रवासी ने बेरहमी से उनका सिर कलम कर दिया। हमारे देश में ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था।

ट्रम्प ने बताया कि हमलावर को पहले भी बाल यौन शोषण, कार चोरी जैसे अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि बाइडेन प्रशासन ने इस अपराधी को रिहा कर दिया था और क्यूबा ने उसे वापस लेने से भी इनकार कर दिया था।

दरअसल, टेक्सास के डलास में 10 सितंबर को भारतीय मूल के नागमलैया की हत्या कर दी गई थी। ट्रम्प ने कहा, ‘अवैध अप्रवासी अपराधियों के प्रति नरमी का समय अब खत्म हो गया है, अब सजा दी जाएगी।’

ट्रम्प बोले- अपराधी को कड़ी सजा मिलेगी

ट्रम्प ने लिखा, ‘निश्चिंत रहें, यह अपराधी हमारी हिरासत में है। उसे फर्स्ट डिग्री हत्या (सोची-समझी साजिश) का दोषी ठहराया जाएगा। उसे कड़ी सजा मिलेगी’

ट्रम्प ने अपनी टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम, अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी और बॉर्डर जार टॉम होमैन अमेरिका को फिर से सुरक्षित बनाने का काम कर रहे हैं।’

पत्नी बेटे के सामने सिर धड़ से अलग किया था

10 सितंबर को भारतीय मूल के नागमलैया की अपने सहकर्मी, 37 साल के योर्डानिस कोबोस-मार्टिनेज के साथ टूटी हुई वॉशिंग मशीन को लेकर विवाद हो गया था। नागमल्लैया ने मार्टिनेज को मशीन इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा।

थोड़ी देर में बहस काफी बढ़ गई, और मार्टिनेज ने चंद्रमौली पर कई बार चाकू से हमला किया। घटना का CCTV फुटेज सामने आया था। इसमें चंद्रमौली पार्किंग लॉट में मदद के लिए चिल्लाते हुए भागे, लेकिन योर्डानिस ने उनका पीछा किया और माचेटे (चौड़ा और भारी ब्लेड वाला चाकू) से हमला किया।

चंद्रमौली की पत्नी और बेटे, जो मोटल के फ्रंट ऑफिस में थे, बाहर आए और रोकने की कोशिश की, लेकिन योर्डानिस ने उन्हें धक्का दे दिया। इसके बाद उसने चंद्रमौली का सिर काट दिया, फिर उसे दो बार लात मारते हुए और बाद में कूड़ेदान में फेंकता दिखा था।

चंद्रमौली नागमलैया जिनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

चंद्रमौली नागमलैया जिनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

वारदात के फुटेज…

सहकर्मी ने मामूली विवाद के बाद चंद्रमौली का सिर चाकू से काटकर अलग कर दिया।

सहकर्मी ने मामूली विवाद के बाद चंद्रमौली का सिर चाकू से काटकर अलग कर दिया।

हमलावर ने कटे हुए सिर को सड़क से उठा कर थोड़ी दूर ले जाकर रख दिया।

हमलावर ने कटे हुए सिर को सड़क से उठा कर थोड़ी दूर ले जाकर रख दिया।

कटे हुए सिर को फेंक कर हमलावर मौके से जाने लगा, हालांकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

कटे हुए सिर को फेंक कर हमलावर मौके से जाने लगा, हालांकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी ने जुर्म कबूल किया था

पुलिस ने उसी दिन मार्टिनेज को हिरासत में लिया था। पुलिस ने कोबोस-मार्टिनेज के पास से खून से सनी एक टी-शर्ट, एक चाकू, नागमलैया का फोन और एक की-कार्ड बरामद किया था। उसने हत्या की बात कबूल कर ली थी।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस ने बताया था कि कोबोस-मार्टिनेज का हिंसक आपराधिक रिकॉर्ड मिला। उसे पहले कैलिफोर्निया में दोषी ठहराया गया था और इससे पहले फ्लोरिडा और ह्यूस्टन में भी गिरफ्तार किया जा चुका था। अब ट्रम्प के बयान के बाद इसकी पुष्टि हो गई है।

पुलिस ने घटनास्थल पर कोबोस-मार्टिनेज को गिरफ्तार कर लिया, जहां उसके पास से खून से सनी टी-शर्ट, चाकू, नागमलैया का फोन और एक की-कार्ड बरामद हुआ।

पुलिस ने घटनास्थल पर कोबोस-मार्टिनेज को गिरफ्तार कर लिया, जहां उसके पास से खून से सनी टी-शर्ट, चाकू, नागमलैया का फोन और एक की-कार्ड बरामद हुआ।

भारतीय उच्चायोग ने नागमलैया की मौत पर दुख जताया था

ह्यूस्टन स्थित भारतीय उच्चायोग ने नागमलैया की मौत पर शोक जताया था। दूतावास ने एक्स पर एक बयान में कहा, ‘हम परिवार के संपर्क में हैं और हरसंभव सहायता कर रहे हैं। आरोपी डलास पुलिस की हिरासत में है। हम मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।’

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विदेश

जेलेंस्की का बड़ा ऐलान: भारत देगा यूक्रेन का साथ, डिफेंस डील फाइनल स्टेज में!

Published

on

कीव,एजेंसी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि भारत (India) के साथ सुरक्षा सहयोग को लेकर एक समझौता तय हो चुका है। इस समझौते से जुड़े जरूरी दस्तावेज अभी तैयार किए जा रहे हैं। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस, सेना को समर्थन और देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसी दिशा में भारत के साथ यह सहयोग अहम माना जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन के रक्षा मंत्री Rustem Umierov अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही सुरक्षा समझौतों पर काम कर रहे हैं, ताकि यूक्रेन को ज्यादा सैन्य और रणनीतिक मदद मिल सके। साथ ही, यूक्रेन अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ भी बातचीत कर रहा है, ताकि पहले से स्वीकृत सहायता पैकेज को जल्द लागू किया जा सके, जो अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है।  कुल मिलाकर, भारत और यूक्रेन के बीच यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करेगा और यूक्रेन की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है।

Continue Reading

विदेश

मिडल ईस्ट जंग में ट्रंप को सबसे बड़ा झटका, UAE ने दिखा दिया ठेंगा ! बोला-‘हमें अमेरिका की जरूरत नहीं’

Published

on

दुबई,एजेंसी। मिडिल ईस्ट  जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात  (UAE) और संयुक्त राज्य अमेरिका(USA) के बीच संबंधों को दरार बहुत गहरी हो  गई है। यह खुलासा तब  प्रमुख एमिराती विश्लेषक अब्दुल खालिक अब्दुल्ला के बयान से हुआ है। उन्होंने कहा कि UAE को अब अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षा के बजाय एक “बोझ” बन सकते हैं।

हालांकि यह उनका व्यक्तिगत मत है और UAE सरकार की आधिकारिक नीति नहीं मानी जा रही है। विश्लेषक का तर्क है कि हाल के हमलों और खतरों के बीच UAE ने अपनी रक्षा क्षमता मजबूत की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से आए ड्रोन और मिसाइल खतरों को रोककर UAE ने दिखाया है कि वह अपनी सुरक्षा खुद संभाल सकता है। इसी कारण कुछ लोग अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर पुनर्विचार की बात कर रहे हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी एक बड़ा मुद्दा सामने आया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर युद्ध या संकट की वजह से डॉलर की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो UAE तेल व्यापार के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। इसमें चीन की मुद्रा युआन का नाम सामने आया है।  दशकों से खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच एक समझ बनी हुई थी, जिसमें अमेरिका सुरक्षा देता था और बदले में तेल का व्यापार डॉलर में होता था। अब अगर इस व्यवस्था में बदलाव आता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों पर पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में  चीन का नाम भी सामने आ रहा है। अगर भविष्य में युआन में तेल व्यापार बढ़ता है, तो इससे चीन की वैश्विक भूमिका और मजबूत हो सकती है।  

Continue Reading

विदेश

होर्मुज में फायरिंग पर भड़के ट्रंपः बोले- “No More Mr Nice Guy, अब ईरान ने बात न मानी तो…”

Published

on

वाशिंगठन, एजेंसी। जलमार्ग होर्मुज में हुई कथित गोलीबारी ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान (Iran) ने इस क्षेत्र में फायरिंग की, जिसमें एक फ्रांसीसी जहाज और एक ब्रिटेन का मालवाहक जहाज निशाने पर आए। इस घटना को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है।इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिका का प्रस्तावित समझौता नहीं माना, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने साफ कहा कि अब अमेरिका सख्ती से कार्रवाई करेगा और पीछे नहीं हटेगा।  ट्रंप ने ईरान को “आखिरी मौका” देते हुए कहा है कि वह समझौता स्वीकार करे, वरना कड़ी कार्रवाई होगी। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान जाकर वार्ता करेंगे। 

PunjabKesari

 हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या रास्ता बंद होता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान को भी इससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी बीच अमेरिका ने अपनी टीम को Islamabad भेजने का फैसला किया है, जहां अगले दौर की बातचीत होगी। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner सोमवार को Islamabad पहुंचेंगे। वहां वे ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) को लेकर अहम बातचीत करेंगे। ट्रंप के अनुसार, यह कूटनीति का “आखिरी प्रयास” है।उन्होंने कहा कि इस डील के अधिकांश बिंदु पहले ही तय हो चुके हैं और ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने होंगे। अब केवल औपचारिक सहमति बाकी है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलना होगा, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले हफ्ते भी J. D. Vance के नेतृत्व में इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब एक बार फिर से कोशिश की जा रही है कि 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले कोई समझौता हो जाए। हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से इन नई वार्ताओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अगर यह बातचीत भी असफल रही, तो अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677