RCWF के प्रो. भागवत प्रसाद दुबे के आह्वान पर एकजुट हुए कोयला मजदूर, अधिकारों के लिए फूंक डाला बिगुल
जून से अगस्त तक चलेगा डेटा संग्रह अभियान, सीएमडी बिलासपुर हेडक्वार्टर का होगा महा-घेराव
OSHWC कोड 2020 की धारा 57 को लागू करने और ठेका श्रमिकों को नियमित करने की उठी पुरजोर मांग
कोरबा/कुसमुंडा। राष्ट्रीय कॉलरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के आह्वान पर गत शुक्रवार 12 जून 2026 को कुसमुंडा के महतारी अंगना (कबीर चौक) में ठेका मजदूर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ इस। महासभा में एसईसीएल (SECL) और विभिन्न कोयला खदानों में कार्यरत भारी संख्या में ठेका श्रमिकों, मजदूर प्रतिनिधियों और श्रमिक संगठनों ने हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता का शंखनाद किया ।
महासभा के मंच पर प्रमुख अतिथि के रूप में प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे, मोहम्मद नासिर खान, भावेन्द्र तिवारी, UBKKS संगठन के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप, CKS (गैर-राजनीतिक संगठन) के अतुल दास महंत, उमा, गोपाल गोंडवाना पार्टी से गणेश सिंह ऊईके और प्रखर समाजसेवी नेत्री अनुसुईया राठौर सहित कई श्रमिक नेता उपस्थित रहे ।
मजदूरों की रीढ़ पर टिका है कोयला उद्योग- श्रमिक नेता
मंच पर उपस्थित अतिथियों ने अपने संबोधन में ठेका मजदूरों की दयनीय स्थिति पर गहरा प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि कोयला खदानों की मुख्य और अनिवार्य गतिविधियों (Core Activities) जैसे ड्रिलिंग, ब्लास्टिंग, डम्पर संचालन, रूफ बोल्टिंग और कोयला उत्खनन में रात-दिन खटने वाले ठेका मजदूर ही इस उद्योग की असली रीढ़ हैं। नेताओं ने आह्वान किया कि अब वक्त आ गया है, जब सभी मजदूरों को एक मंच पर आकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करना होगा ।
महासभा में सर्वसम्मति से पारित हुए तीन ऐतिहासिक प्रस्ताव
प्रस्ताव क्रमांक 1 नियमितीकरण और धारा 57 का क्रियान्वयन:- ओ.एस.एच.डब्ल्यू. कोड, 2020 की धारा 57 का हवाला देते हुए मांग की गई कि खदानों के कोर कार्यों में ठेका प्रथा पूरी तरह बंद हो। दशकों से MDO और EPC मॉडल के तहत काम कर रहे ठेका श्रमिकों को चरणबद्ध तरीके से SECL/प्रधान नियोक्ता के नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए ।
प्रस्ताव क्रमांक 2 श्रम कानूनों में विधिक संशोधन की मांग:- कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट 1970 के नियम 25(2)(v)(a) के तहत समान कार्य के लिए समान वेतन और ठेका प्रथा के उन्मूलन के जो प्रावधान थे, उन्हें नए OSHW Code 2020 में भी शामिल करने हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक संशोधन की मांग की गई ।
प्रस्ताव क्रमांक 3 NCWA-IV की कण्डिका 11.5.1 का स्मरण:- एसईसीएल को याद दिलाया गया कि नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट के तहत वह स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेका मजदूर न लगाने के लिए बाध्य है, अतः सभी कोर एक्टिविटी वाले श्रमिकों को तत्काल एसईसीएल के रोल (On-Roll) पर समायोजित किया जाए ।
जारी हुआ कुसमुंडा घोषणा-पत्र
महासभा में सर्वसम्मति से ऐतिहासिक कुसमुंडा घोषणा-पत्र जारी किया गया, जिसमें स्थायी कार्य के लिए स्थायी रोजगार और समान कार्य, समान वेतन, समान सम्मान के सिद्धांतों को बुलंद किया गया। घोषणा-पत्र में मांग की गई कि हर ठेका श्रमिक को नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, रोजगार कार्ड, सामाजिक सुरक्षा, आवास और चिकित्सा सुविधा अनिवार्य रूप से मिलनी चाहिए ।
बिलासपुर सीएमडी मुख्यालय के घेराव का ऐलान
महासभा को संबोधित करते हुए RCWF के प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे ने एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा की घोषणा की उन्होंने बताया कि जून से अगस्त 2026 के बीच खदानों में कार्यरत सभी ठेका मजदूरों का एक विस्तृत डेटा (आंकड़े) इकट्ठा किया जाएगा। इसके पश्चात मजदूरों के हक में एक विशाल मांग पत्र सौंपने के लिए बिलासपुर स्थित एसईसीएल सीएमडी (CMD) हेडक्वार्टर का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा ।
आयोजनकर्ताओं को साधुवाद, संघर्ष रहेगा जारी
इस विशाल कार्यक्रम को जमीन पर सफल बनाने वाले स्थानीय मजदूर नेताओं अशोक पटेल, गोविंदा सारथी, विनोद सारथी, संतोष चौहान, ललित महिलांगे, प्रकाश जयसवाल, महावीर यादव, छाल से अजय सिंह ठाकुर सहित अन्य कर्मठ कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत को मंच द्वारा साधुवाद दिया गया ।
कार्यक्रम के समापन पर UBKKS संगठन के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने सभी आगंतुक मजदूरों और मंचस्थ अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा मजदूरों के हक की यह तो सिर्फ शुरुआत है, आगे इस लड़ाई को और पैना और तेज करने के लिए हम सबको अपनी कमर कसनी होगी ।
Shri Nripendra Nath has assumed the additional charge of Director (Technical) – Projects & Planning at South Eastern Coalfields Limited (SECL).
Shri Nath is currently Director (Technical) at CMPDI.
Bilaspur/Korba. The SECL family extended a warm welcome to Shri Nripendra Nath and conveyed its best wishes on his assuming the additional responsibility. On the occasion, he paid a courtesy visit to Shri Ramesh Chandra Mohapatra, Director (Technical – Operations), SECL.
About Shri Nripendra Nath
Shri Nripendra Nath graduated from IIT (ISM), Dhanbad, in 1988. He began his professional career with the N.K. Area of Central Coalfields Limited (CCL) and made significant contributions to the World Bank-assisted KDH Project for nearly two decades.
During his long and distinguished career, Shri Nath has held several key positions, including Project Officer in various mines of Eastern Coalfields Limited (ECL) and Regional General Manager of the Magadh-Sanghamitra Area of CCL. During his tenure, the Magadh-Sanghamitra Area achieved the distinction of entering the prestigious 20-million-tonne production club.
An Australia-trained and SIMTARS-certified trainer, Shri Nath has played an important role in imparting mine safety training across various subsidiaries of Coal India Limited. He has also made significant contributions to the formulation and implementation of Mine Safety Management Plans.
Shri Nath also possesses valuable international exposure in the mining sector. In 2024, he was a member of the AGTMP delegation that visited several European countries, providing him with exposure to global mining practices and modern mining technologies.
Shri Nath is currently serving as Director (Technical) at Central Mine Planning & Design Institute Limited (CMPDI), a position he assumed on 31 October 2025. With extensive experience in mining operations, project implementation, planning and mine safety, he brings a rich blend of technical expertise and managerial experience to his additional responsibility at SECL.
डॉ. चरणदास महंत, पूर्वमंत्री जयसिंह अग्रवाल, रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया सहित कांग्रेसजनों ने मनाया जन्मदिन कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ शहर के जिलाध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू का 11 सितम्बर को जन्मदिन था। श्री साहू के जन्मदिन पर जिला कांग्रेस कार्यालय में छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत पहुंचे और श्री साहू को सुदीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए बुके भेंट किया।
श्री साहू को पूर्वमंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कर समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दी। श्री साहू को बधाई देने वालों में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया, जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर, पूर्व विधायक मोहितराम केरकेट्टा, ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, नगर पालिका परिषद कटघोरा अध्यक्ष राज जायसवाल, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजेश मानिकपुरी, नवनियुक्त कार्यालय महामंत्री सुरेश अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल थे। घर में भी परिजनों ने मनाया जन्मदिन गजानंद प्रसाद साहू का परिवार काफी विस्तारित है और 11 सितम्बर को निजनिवास में परिजनों ने उनका जन्मदिन खासतौर से उल्लास के साथ मनाया। पुत्र लक्ष्मीकांत साहू ने बताया कि पापा के दीर्घायु एवं स्वस्थ तथा सुलभ जीवन के लिए परिवारजनों ने प्रार्थना की और पूजा-अर्चना कर उनके सतत् सौभाग्य के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा। केक काटकर पापा के जन्मदिन को अच्छे से सेलिब्रेट किया गया।
बिलासपुर/कोरबा। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) के निदेशक (तकनीकी) नृपेंद्र नाथ ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के निदेशक (तकनीकी) – योजना/परियोजना का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है। एसईसीएल परिवार ने नई जिम्मेदारी संभालने पर उनका हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने एसईसीएल के निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र से सौजन्य भेंट की। बड़ी संख्या में विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
पढ़ें एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी) – योजना/परियोजना नृपेंद्र नाथ के बारे में
नृपेंद्र नाथ ने 1988 में आईआईटी (आईएसएम), धनबाद से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के एन.के. क्षेत्र से की और विश्व बैंक सहायता प्राप्त केडीएच परियोजना में लगभग दो दशकों तक महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की विभिन्न खदानों में परियोजना अधिकारी तथा सीसीएल के मगध-संघमित्रा क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके कार्यकाल में मगध-संघमित्रा क्षेत्र ने प्रतिष्ठित 20 मिलियन टन उत्पादन क्लब में स्थान बनाया।
ऑस्ट्रेलिया में प्रशिक्षित सिमटार्स-प्रमाणित प्रशिक्षक के रूप में श्री नाथ ने कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों में खान सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खान सुरक्षा प्रबंधन योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नृपेंद्र नाथ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खनन क्षेत्र का अनुभव प्राप्त है। वर्ष 2024 में वे एजीटीएमपी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में कई यूरोपीय देशों के दौरे पर गए, जहाँ उन्होंने वैश्विक खनन प्रथाओं एवं आधुनिक तकनीकों का अनुभव प्राप्त किया।
वर्तमान में वे सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी) के पद पर कार्यरत हैं और 31 अक्टूबर 2025 को उन्होंने इस पद का कार्यभार ग्रहण किया था। खनन परिचालन, परियोजना क्रियान्वयन, योजना एवं खान सुरक्षा के क्षेत्र में उनको व्यापक अनुभव है I