Connect with us

कोरबा

मन, वचन,काय की कुटिलता को दूर कर जीवन को सरल और सहज बनाना ही उत्तम आर्जव धर्म है-आर्यिका रत्न श्री 105 अखंडमति माताजी

Published

on

कोरबा। आर्वज स्वभावी आत्मा के आश्रय से आत्मा में छल- कपट, मायाचार के अभाव रूप, शांतिस्वरूप जो पर्याय प्रकट होती है ,उत्तम आर्जव धर्म कहते हैं ।उत्तम आर्जव भी क्षमा और मार्दव धर्म के समान ही आत्मा का स्वभाव है। कपट से व्यक्ति पहले खुद की नजर में गिरता है फिर परिवार और समाज की नजर में। कुटिलता अधर्म है, इससे दूर रहकर जीवन को सरल और सहज बनाना ही उत्तम आर्जव है।


उक्त विचार बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन धर्म के 10 लक्षणों को परिभाषित करने हेतु संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज ,आचार्य श्री 108 समय सागर महाराज एवं आर्यिका रत्न श्री 105 आदर्श मति माताजी के मंगल आशीर्वाद से आर्यिका रत्न श्री 105 अखंड मति माताजी एवं आर्यिका रत्न श्री 105 अभेदमति माताजी के सानिध्य में चातुर्मास के दौरान प्रदूषण पर्व पर जैन मंदिर में विराजमान है ।उन्होंने अपने प्रवचन की दौरान बताया कि हमें हमेशा सरल परिणामी बनना है। छल-कपट, मायाचारी से बचना है ।जो दूसरों को छलता है, उसकी खुद की आत्मा में छाले पड़ जाते हैं। मायाचारी रहित जीवन , कार्यों की सिद्धि में सफलता देता है ।छल- कपट करने वाला व्यक्ति पहले खुद की नजर में गिरता है और समय आने पर उसकी सच्चाई उसे परिवार की नजरों से भी गिरा देती है ।जब मन, सरल और पवित्र होता तो वाणी अपने आप पवित्र हो जाएगी और यही वाणी की पवित्रता तन को सुंदर बना देती है फिर उसे शरीर से मानव कल्याण की प्रत्येक कार्य में सफलता मिलती है ।यही उत्तम आर्जव धर्म है।


जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी दिनेश जैन ने बताया कि उत्तम आर्जव धर्म का पालन तभी होता है ,जब व्यक्ति के अंदर जितनी अधिक सरलता होगी वह उत्तम आर्जव धर्म है ।मन, वचन ,शरीर की कुटिलता को दूर कर मृदुता एवं सरलता का पालन करना ही उत्तम आर्जव धर्म है। हमें सदैव सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र का पालन करना चाहिए ।देव- शास्त्र -गुरु का स्मरण करने से उत्तम आर्जव धर्म का पालन होता है। यदि इन तीनों की प्रति समर्पित नहीं हुए,तो मन, वचन, काय की कुटिलता होगी और इसी कुटिलता को दूर करना सरलता का पालन करना ही उत्तम आर्जव है। इसके विपरीत मायाचारी होती है ।व्यक्ति में धर्म, कर्म, व्यापार आदि ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां मायाचारी नहीं होती है ।इस प्रकार से हमने धर्म को समझ तो लिया, जान तो लिया लेकिन इसके पालन करने पर ही उत्तम आर्जव धर्म का पालन होता है। कुटिलता ही जीवन के लिए घातक होती है। इसके भाव छुपे रहकर व्यक्ति विश्वासघात करने लगता है। माया कषाय के अभाव का नाम ही उत्तम आर्जव धर्म है।
इस प्रकार से जैन समाज मैं पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म को अच्छे ढंग से समझ कर अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया ।प्रातः काल से ही समस्त जैन समाज के लोगों ने प्रातः 7:00 से ही श्री जी का अभिषेक, शांति धारा एवं पूजन किया ,तत्पश्चात उत्तम आर्जव धर्म पर अखंड मति माताजी द्वारा प्रवचन किया गया। उसके पश्श्चात् तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया गया ।

शाम की बेला में जैन मिलन समिति के सचिव मनीष जैन एवं सांस्कृतिक प्रभारी अखिलेश जैन द्वारा मोनो एक्टिंग धार्मिक एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता की गई। जिसमें समस्त जैन समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर प्रतियोगिता में भाग लिया ।इस प्रकार से समस्त जैन समाज की समस्त महिलाएं पुरुष एवं समिति के सभी पदाधिकारी उपस्थित हुए ।उक्त समस्त जानकारी जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी दिनेश जैन ने दी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

Published

on

कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

Continue Reading

कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

Published

on

मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

Continue Reading

कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

Published

on

कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677