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ट्रम्प का जापान पर अमेरिकी चावल खरीदने का दबाव:नाराज जापानी डेलीगेशन ने दौरा रद्द किया, भारत पर भी मांसाहारी दूध खरीदने का दबाव था

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टोक्यो,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प जापान पर अमेरिकी चावल के लिए बाजार खोलने का दबाव बना रहे हैं। इस वजह से जापान के मुख्य वार्ताकार रयोसेई अकाजावा ने अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है।

निक्केई एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अकाजावा 28 अगस्त को वॉशिंगटन डीसी का दौरा करने वाले थे, लेकिन ट्रम्प के अमेरिकी चावल खरीदने के दबाव के बाद उन्हें यह यात्रा रद्द करनी पड़ी।

अमेरिका ने इसी तरह का दबाव भारत पर भी बनाया था। अमेरिका चाहता था कि भारत उनकी मांसाहारी गायों का दूध खरीदे। साथ ही उनके किसानों के लिए भारत अपना मार्केट ओपन करे। लेकिन भारत ने इससे साफ इनकार कर दिया था।

इससे बाद अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ लगा दिया था, जो बाद में बढ़कर 50% तक पहुंच गया।

अमेरिका-जापान में कुछ मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है, इस वजह से जापानी वार्ताकार रयोसेई अकाजावा का अमेरिका दौरा रद्द हो गया।

अमेरिका-जापान में कुछ मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है, इस वजह से जापानी वार्ताकार रयोसेई अकाजावा का अमेरिका दौरा रद्द हो गया।

अमेरिका से टैरिफ घटने की उम्मीद नहीं, इसलिए यात्रा रद्द

निक्की एशिया के मुताबिक अकाजावा चाहते थे कि उनकी यात्रा से अमेरिका से यह लिखित वादा मिल जाए कि जापानी उत्पादों पर टैरिफ घटेगा, लेकिन जब यह साफ हो गया कि ऐसा नहीं होगा, तो उन्होंने यात्रा रद्द कर दी।

कई सरकारी अधिकारियों ने निक्केई एशिया से कहा कि ट्रम्प ने जापान पर दबाव डालकर पहले उससे टैरिफ कम कराया और फिर कृषि उत्पादों का आयात बढ़ाने की शर्त रखी।

इसके बदले में जापान को उम्मीद थी कि अमेरिका ऑटोमोबाइल पर टैरिफ का बोझ कम करेगा, लेकिन ट्रम्प की तरफ से इसे लेकर कोई ठोस भरोसा नहीं मिला।

जापान का कहना है कि अमेरिका का रवैया उसकी घरेलू नीतियों में हस्तक्षेप है।

अकाजावा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अभी कई मुद्दे ऐसे हैं जिन पर अधिकारियों के स्तर पर और बातचीत की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि जब तक वार्ता आगे बढ़ती रहेगी, वे अमेरिका की यात्रा टाल रहे हैं, लेकिन संभव है कि भविष्य में फिर से जाएं।

दावा- जापान चावल कोटा में 75% बढ़ोतरी पर सहमति दे चुका है

रिपोर्ट के मुताबिक अगर जापान, अमेरिका से चावल की खरीद बढ़ाता है तो इससे उसके किसानों को नुकसान हो सकता है। इससे कृषि समुदाय नाराज भी हो सकता है।

इस बीच व्हाइट हाउस ने दावा किया कि जापान ने जुलाई में ही अमेरिकी चावल के आयात कोटा में 75% बढ़ोतरी पर सहमति दे दी थी। बाद में जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने साफ कहा कि उनका देश अमेरिकी दबाव में अपने किसानों के हितों का बलिदान नहीं करेगा।

अमेरिका-जापान को एक दूसरे पर भरोसा नहीं

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जापान और अमेरिका की बातचीत में मुख्य समस्या एक-दूसरे पर भरोसा न करना है। अमेरिका चाहता है कि जापान अपने 550 अरब डॉलर के इन्वेस्टमेंट के वादे को लिखित समझौते में बदले।

वहीं, जापान कह रहा है कि अगर उसे लिखित गारंटी चाहिए तो अमेरिका को भी यह लिखकर देना होगा कि जापानी ऑटो पर 15% टैरिफ तुरंत लागू नहीं होगा।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से जापान और अमेरिका करीबी सहयोगी बने हुए हैं। 1951 में हुई सुरक्षा संधि के तहत अमेरिका जापान की रक्षा की जिम्मेदारी निभाता है, जबकि जापान एशिया में अमेरिकी रणनीतिक उपस्थिति का अहम हिस्सा है।

अमेरिका ने जापान से 148 अरब डॉलर का इम्पोर्ट किया

आर्थिक दृष्टि से भी दोनों देशों के रिश्ते बेहद मजबूत हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका ने 2024 में जापान से लगभग 148 अरब डॉलर का आयात किया, जबकि जापान ने अमेरिका से सिर्फ 80 अरब डॉलर का निर्यात किया।

जापान का सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र कार और ऑटो पार्ट्स है, जो अमेरिकी ऑटोमोबाइल बाजार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और एडवांस तकनीक से जुड़े उत्पाद भी जापानी निर्यात का अहम हिस्सा हैं।

जापान की अर्थव्यवस्था कई मामलों में अमेरिका पर निर्भर है। प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा इसे ‘राष्ट्रीय संकट’ बता चुके हैं। जापान ने अमेरिका पर निर्भरता कम करने की बात कही, लेकिन सैन्य गठबंधन के कारण मजबूरन बातचीत कर रहा है।

भारत-अमेरिका में भी डेयरी प्रोडक्ट को लेकर मतभेद

जापान की तरह ही अमेरिका भारत में अपने डेयरी प्रोडक्ट्स (जैसे दूध, पनीर, घी आदि) को बेचने की इजाजत मांग रहा है। अमेरिकी कंपनियां दावा करती हैं कि उनका दूध स्वच्छ और गुणवत्ता वाला है और वो भारतीय बाजार में सस्ता भी पड़ सकता है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और इस सेक्टर में करोड़ों छोटे किसान लगे हुए हैं। भारत सरकार को डर है कि अगर अमेरिकी डेयरी उत्पाद भारत में आएंगे, तो वे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसके अलावा, धार्मिक भावना भी जुड़ी हुई है। भारत में ज्यादातर लोग शुद्ध शाकाहारी दूध उत्पाद चाहते हैं, जबकि अमेरिका में कुछ डेयरी उत्पादों में जानवरों की हड्डियों से बने एंजाइम (जैसे रैनेट) का इस्तेमाल होता है।

इसलिए भारत की शर्त है कि कोई भी डेयरी उत्पाद तभी भारत में बिक सकता है जब वह यह प्रमाणित करे कि वह पूरी तरह शाकाहारी स्रोत से बना हो।

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खेल

टी-20 वर्ल्डकप में भारत-पाकिस्तान मैच होगा:श्रीलंका के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद मानी शहबाज सरकार, 15 फरवरी को मुकाबला

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नई दिल्ली,एजेंसी। टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार रात अपने X अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।

पोस्ट में बताया गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने फोन कर भारत के खिलाफ मैच खेलने की अपील की थी। इसके अलावा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से मुकाबला खेलने की सिफारिश की थी।

दरअसल, बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर किए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने 1 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। हालांकि उसने टूर्नामेंट के बाकी मुकाबले खेलने पर सहमति जता दी थी।

पाकिस्तान सरकार की पोस्ट

पोस्ट की खास बातें

  • पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके के बीच फोन पर बातचीत हुई। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने श्रीलंका में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मैच खेलने का अनुरोध किया।
  • श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद के मुश्किल दौर में पाकिस्तान ने श्रीलंकाई क्रिकेट का पूरा समर्थन किया था। उसी भावना से पाकिस्तान से सहयोग की अपील करते हैं।
  • प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति की भावनाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद अंतिम फैसला श्रीलंका को बता दिया जाएगा। श्रीलंका मुश्किल समय में पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा रहा। हाल ही में श्रीलंका टीम ने पाकिस्तान दौरा रद्द न कर अहम सहयोग दिखाया।
  • PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पीएम को भारत-पाकिस्तान मैच पर हुई हालिया बैठकों की जानकारी दी। इन बैठकों में ICC और BCB के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
  • पाकिस्तान सरकार ने BCB के औपचारिक अनुरोध और श्रीलंका, यूएई सहित अन्य देशों के समर्थन पर विचार किया।
  • सभी पक्षों से चर्चाओं और मित्र देशों के अनुरोधों को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने फैसला लिया। पाकिस्तान टीम 15 फरवरी 2026 को ICC मेंस टी-20 वर्ल्ड कप मैच खेलेगी।

PAK मीडिया का दावा- शर्तें मानी गईं

पाकिस्तान की मीडिया का दावा है कि PCB की शर्तें ICC ने मान ली गई हैं, लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ICC ने पाकिस्तान की तीनों मांगे खारिज कर दी हैं। ICC ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी ओर से जारी विज्ञप्ति में यह कहा गया है कि बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। उन्हें भविष्य में एक ईवेंट भी दिया जाएगा।

पाकिस्तान ने ICC के सामने 3 शर्तें रखी थीं

बैठक में ICC की ओर से CEO संजोग गुप्ता वर्चुअल तरीके से जुड़े। भारत से खेलने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने तीन शर्तें रखीं। पहली, ICC की कुल कमाई में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए। दूसरी, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल कराई जाए। तीसरी, मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।

दरअसल, एशिया कप के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। फिलहाल ICC रेवेन्यू मॉडल में पाकिस्तान चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बोर्ड है। उसे कुल कमाई का करीब 5.75 फीसदी हिस्सा मिलता है। इससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बोर्ड हैं।

हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा- SLC

7 फरवरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा। इसमें कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा।

मेल पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा कहा, हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।

पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं

पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।

सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

भारतीय टीम तय समय पर श्रीलंका जाएगी

टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी से पहले श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।

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देश

भारत-PAK मैच, दिल्ली–मुंबई से कोलंबो फ्लाइट 5 गुना महंगी हुई:₹1.45 लाख तक खर्च करने होंगे, होटल का किराया ₹1.13 लाख तक पहुंचा

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नई दिल्ली,एजेंसी। भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का मैच 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। अगर आप इस मैच को देखने के लिए 14 और 15 फरवरी को फ्लाइट से कोलंबो जाना चाहते हैं, तो आपको 5 गुना तक किराया चुकाना पड़ेगा।

मेकमायट्रिप की वेबसाइट पर मंगलवार (10 फरवरी) को 14 और 15 फरवरी को दिल्ली-मुंबई से कोलंबो फ्लाइट का किराया एक पैसेंजर के लिए रू.1.45 लाख तक दिखा रहा है। आम दिनों में कोलंबो की डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 30 हजार रुपए के आस-पास तक रहता है। वहीं कोलंबो में बड़े होटलों का किराया भी रू.1.14 लाख तक पहुंच गया है।

दिल्ली से कोलंबो फ्लाइट को 4 घंटे लगते हैं

दिल्ली से कोलंबो जाने में डायरेक्ट फ्लाइट से करीब 4 घंटे लगते हैं। मैच से एक दिन पहले 14 फरवरी को एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.90 हजार से रू.1.09 लाख तक है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.65 हजार से ₹1.45 लाख तक दिखा रहा है।

मैच के दिन रविवार (15 फरवरी) को शाम 7 बजे से पहले एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.1.09 लाख है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.66 हजार दिखा रहा है।

मुंबई से कोलंबो फ्लाइट को 3 घंटे लगते हैं

वहीं मुंबई से कोलंबो तक पहुंचने में डायरेक्ट फ्लाइट को करीब 3 घंटे लगते हैं। 14 फरवरी को एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.90 हजार तक है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.56 हजार तक दिखा रहा है।

15 फरवरी को शाम 7 बजे से पहले एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.28 हजार है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.66 हजार दिखा रहा है।

होटल का किराया रू.1.14 लाख तक पहुंचा

वहीं अगर आप 14 फरवरी और 15 फरवरी को कोलंबो में 3 स्टार, 4 स्टार या 5 स्टार जैसे बड़े होटलों में 2 लोगों के लिए रूम बुक करते हैं, तो एक नाइट का किराया रू.1.14 लाख तक है। आम दिनों में कोलंबो में बड़े होटलों का किराया रू.40 हजार तक रहता है। हालांकि, छोटे होटलों और गेस्ट हाउस में 2 से 3 हजार रुपए तक में भी रूम मिल जाएगा।

श्रीलंका की टूरिज्म इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा

श्रीलंका की टूरिज्म इंडस्ट्री इस समय संकट से गुजर रही है। श्रीलंका के सेंट्रल बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बाद भी कमाई में कमी आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2026 में श्रीलंका आने वाले पर्यटकों से होने वाली कमाई में सालाना आधार पर करीब 5.6% की गिरावट आई है।

श्रीलंका को जनवरी 2025 में टूरिज्म से 400 मिलियन डॉलर यानी 3,622 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। वहीं जनवरी 2026 में यह कमाई गिरकर 378 मिलियन डॉलर यानी 3,423 करोड़ रुपए रह गई। ऐसे में श्रीलंका को उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान मैच के कारण काफी संख्या में लोग श्रीलंका पहुंचेंगे और वहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा।

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खेल

ICC ने पाकिस्तान की तीनों शर्तें खारिज कीं:फाइनल अल्टीमेटम दिया, PCB यू-टर्न लेगा, भारत से वर्ल्ड कप मुकाबला खेलना लगभग तय

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नई दिल्ली,एजेंसी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच ना खेलने पर अड़े पाकिस्तान की तीनों मांगे खारिज कर दी हैं। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के साथ हुई मीटिंग के बाद उसे फाइनल अल्टीमेटम दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब PCB यू-टर्न लेगा और उनकी टीम 15 फरवरी को कोलंबो में भारत का सामना भी करेगी।

पाकिस्तान ने भारत से प्रस्तावित मैच के बॉयकॉट का ऐलान किया था। इसी सिलसिले में ICC के दो प्रतिनिधि इमरान ख्वाजा और मुबाशिर उस्मानी रविवार सुबह लाहौर पहुंचे, जहां उन्होंने PCB अधिकारियों के साथ चर्चा की।

दैनिक भास्कर को भी ICC में मौजूद सूत्रों ने बताया कि सभी मसले सुलझा लिए जाएंगे। श्रीलंका बोर्ड मैच की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है और मुकाबला तय शेड्यूल पर ही खेला जाएगा।

पाकिस्तानी PM को लेना है अंतिम फैसला

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे। यह बैठक करीब पांच घंटे तक चली।

बैठक के बाद अब अंतिम फैसला पाकिस्तान सरकार के स्तर पर होना है। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को देंगे, जिसके बाद बोर्ड अगले 24 घंटे में अपना फैसला सुना सकता है।

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे।

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे।

पाकिस्तान ने ICC के सामने 3 शर्तें रखीं

बैठक में ICC की ओर से CEO संजोग गुप्ता वर्चुअल तरीके से जुड़े। भारत से खेलने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने तीन शर्तें रखीं। पहली, ICC की कुल कमाई में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए। दूसरी, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल कराई जाए। तीसरी, मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।

दरअसल, एशिया कप के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। फिलहाल ICC रेवेन्यू मॉडल में पाकिस्तान चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बोर्ड है। उसे कुल कमाई का करीब 5.75 फीसदी हिस्सा मिलता है। इससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बोर्ड हैं।

हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा- SLC

7 फरवरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा। इसमें कहा गया है कि भारत-पाक मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा।

मेल पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा कहा, हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।

पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं

पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।

सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

ICC बोला- पाकिस्तान अपने फैसले पर विचार करे

ICC ने एक फरवरी को ही देर रात 11 बजे मीडिया रिलीज में कहा, हम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के ऑफिशियल कन्फर्मेशन का इंतजार कर रहे हैं। ICC सरकार के फैसलों का समर्थन करता है, लेकिन पाकिस्तान का फैसला दुनियाभर में क्रिकेट के इकोसिस्टम को प्रभावित करने वाला है।

ICC उम्मीद कर रहा है कि PCB अपने फैसले पर फिर से विचार करेगा ताकि दुनियाभर में क्रिकेट का सिस्टम प्रभावित न हो। पाकिस्तान खुद ICC का सदस्य है। हम चाह रहे हैं कि पाकिस्तान किसी तरह सभी स्टेकहोल्डर्स को ध्यान में रखते हुए आखिरी फैसला ले।

मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी।

मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी।

भारतीय टीम तय समय पर श्रीलंका जाएगी

टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी से पहले श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।

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