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छत्तीसगढ़

मां को कुल्हाड़ी से काटकर थाने पहुंचा बेटा:बिलासपुर में आरोपी बोला-मां जादू-टोना करती, बच्चे बार-बार बीमार हो रहे थे, बैगा ने बताया था नाम

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जादू-टोने के शक में बेटे ने अपनी मां को कुल्हाड़ी से काट डाला। फिर थाने पहुंचकर खुद को सरेंडर कर दिया। पुलिसकर्मियों से कहा कि, मां जादू-टोना करती है। जिससे बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। इसलिए हत्या कर दी।

बच्चों के बीमार पड़ने से वो झाड़-फूंक कराने बैगाओं का चक्कर काट रहा था। इसी दौरान किसी बैगा ने उससे कहा था कि, तुम्हारे बच्चों पर किसी ने जादू टोना किया है। वो तुम्हारे परिवार का ही सदस्य है। इसलिए उसका शक मां पर ही था। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। घटना चकरभाठा थाना क्षेत्र की है।

कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंचा आरोपी बेटा विष्णु केंवट।

कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंचा आरोपी बेटा विष्णु केंवट।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, सरवानी गांव के रहने वाले विष्णु केंवट (38) अपनी पत्नी और 4 बच्चों (दो बेटा और दो बेटी) के साथ रहता है। उसकी मां मंटोरा बाई केंवट (55) अपने छोटे बेटे महेश केंवट के साथ रहती थी। शुक्रवार की शाम विष्णु अचानक कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंच गया।

उसने पुलिस को बताया कि, उसने इसी कुल्हाड़ी से अपनी मां की हत्या कर दी है। यह बात सुनकर पुलिस हैरान रह गई। जिसके बाद पुलिस आरोपी को लेकर उसके गांव पहुंची। तब उसकी मां की लाश खून से लथपथ उसके घर के पास सड़क पर पड़ी मिली।

बेटा बोला- जादू टोना करने से मना किया, नहीं मानी तो मार डाला

आरोपी विष्णु ने पुलिस को बताया कि, कुछ सालों से उसके बच्चों की तबीयत बार-बार खराब होने से वो परेशान और मानसिक तनाव में था। बच्चों को लेकर डॉक्टर के पास इलाज कराया। साथ ही वैद्य से भी इलाज करा रहा था। इसके बाद भी राहत नहीं मिली, तब वो झाड़-फूंक कराने बैगाओं का चक्कर काटने लगा।

इसी दौरान किसी बैगा ने उससे कहा कि, तुम्हारे बच्चों पर किसी ने जादू टोना किया है। इस कारण वे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। उसने कहा कि जादू टोना करने वाला तुम्हारे परिवार का ही सदस्य है। विष्णु उसकी बातों में आ गया। उसने जादू टोना करने वाले का नाम पूछा। बैगा ने पहले तो उसे नाम बताने की बजाय टाल दिया।

इसके बाद भी विष्णु बार-बार उसके पास जाकर जादू-टोना करने वाले का नाम पूछता रहा। बार-बार पूछे जाने पर बैगा ने बताया कि तुम्हारी मां ही उसके बच्चों पर जादू-टोना कर रही है। विष्णु ने अपनी मां को जादू-टोना करने से मना किया। लेकिन, उसने जानू-टोना करने से साफ मना कर दिया।

अंधविश्वास के चक्कर में अपनी ही मां की ली जान।

अंधविश्वास के चक्कर में अपनी ही मां की ली जान।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

इस मामले में टीआई उत्तम साहू ने बताया कि, आरोपी अपनी मां पर जादू-टोना करने का शक करता था। उसके मन में अंधविश्वास था। इसी के चलते उसने अपनी मां को कुल्हाड़ी मार कर हत्या कर दी। शनिवार को पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमॉर्टम करने के बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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