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कोरबा

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के आतिथ्य में वृद्धजनों का सम्मान समारोह  हुआ आयोजित

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माता-पिता तुल्य वृद्धजनों का सम्मान करना बड़े गर्व की बात- मंत्री लखनलाल देवांगन

कोरबा। वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कलेक्ट्रेट के प्रथम तल में निर्मित्त ऑडोटोरियम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम में वरिष्ठजनों एवं वृद्धजनों को शॉल श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि माता-पिता तुल्य वृद्धजनों का सम्मान करना गर्व की बात है। वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक एवं अमूल्य संस्कृति के धरोहर है। इनका देखभाल सरकार और समाज दोनों की ही जिम्मेदारी है। वृद्धजनों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।


मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान सेवा पखवाड़ा का बड़ा कदम है। सरकार द्वारा वृद्धजनों हेतु अनेक लाभकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। साथ ही जिले में उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए अनेक कल्याणकारी कार्य किए गए हैं। डीएमएफ से वृद्धाश्रम का संचालन किया जा रहा है। नगर में एक नए सियान सदन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। बाल्को, शारदा विहार में निर्मित्त सियान सदन में वातानुकुलित एसी, मनोरंजन एवं अन्य सुविधा भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंनें बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत 2047 की संकल्पना को पूरा करने का कार्य छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार कर रही है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विकास के हर क्षेत्र को आगे बढ़ाने का सतत प्रयास जारी है। जीएसटी रिफॉर्म से आमजनों को राहत पहुंचाया गया है।


श्री देवांगन ने बताया कि जिले में डीएमएफ से जिले के सभी प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों में सबेरे पौष्टिक नास्ता वितरण किया जा रहा है, शिक्षकों की आवश्यकता वाले शालाओं में मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति, पहाड़ी कोरवा व बिरहोर वर्ग के शिक्षित युवाओं को अतिथि शिक्षक व भृत्य के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है। अनेक स्थानों में नए शाला भवन, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण की स्वीकृति दी गई है एवं मेधावी छात्रों को नीट जेईई की निःशुल्क तैयारी की व्यवस्था भी डीएमएफ से की गई है।


कार्यक्रम में मंत्री श्री देवांगन ने वृद्धजनों को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राज्य में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग व कोरबा में 4 नए सर्वसुविधायुक्त सियान गुड़ी (वृद्धाश्रम) बनाने की घोषणा की है। उन्होंनें सभी वृद्धजनों को इसके लिए बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने नशा से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए सभी युवाओं को नश से दूर रहने एवं सभ्य समाज का निर्माण के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने वरिष्ठ नागरिकों एवं वृद्धजनों को शॉल श्रीफल एवं जरूरतमंदो को वॉकिंग स्टीक देकर सम्मानित किया तथा उन्हें शुभकामनाएं दी। केबिनेट मंत्री ने कलेक्ट्रेट परिसर में 04 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकल प्रदाय की। साथ ही आयुष विभाग द्वारा कैंप लगाकर वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर लाभांवित किया गया।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, उप संचालक समाज कल्याण विभाग हरीश सक्सेना, आयुष विभाग के  डॉ उदय शर्मा वरिष्ठ नागरिक एवं वृद्धजन उपस्थित थे।

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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान के तहत दीपका एवं छुरी कला में विशेष शिविर कल

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कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आम नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 01 अक्टूबर से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहें।
इसी क्रम में 02 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका कार्यालय एवं नगर पंचायत छुरीकला अंतर्गत बस स्टैंड छुरी के समीप शिविर आयोजित किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठायें।

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कोरबा

कीचड़ भरे रास्ते से मिली राहत, डोंगानाला के बिरहोर परिवारों तक पहुँची पक्की सड़क

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पीएम जनमन के अंतर्गत लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से अटल चौक से जंगल पारा तक बना 2.38 किलोमीटर मार्ग
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। विकासखंड पाली के दूरस्थ ग्राम डोंगानाला के जंगल पारा में रहने वाले बिरहोर परिवारों के लिए बारिश का मौसम बड़ी परेशानी लेकर आता था। अटल चौक से बस्ती तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था और बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे। अब प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत बनी पक्की सड़क ने उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान कर दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अटल चौक से जंगल पारा तक लगभग 2.38 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मार्ग में सीसी सड़क के साथ डामर सड़क भी बनाई गई है। इससे बस्ती में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लगभग 40 परिवारों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।
बस्ती के सुनहर सिंह बिरहोर बताते हैं कि पक्की सड़क बनने से अब आने-जाने में आसानी होती है। गीता बाई के अनुसार उन्हें रास्ते में पहले जैसी परेशानी नहीं होती और बच्चे भी आसानी से स्कूल आ-जा सकते हैं। गाँव के किसान पुनो राम पटेल पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बारिश में रास्ते पर घुटनों तक कीचड़ हो जाता था। अब पक्की सड़क बनने से उस परेशानी से राहत मिली है।
जंगल पारा के परिवारों के लिए यह सड़क स्कूल और आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने का सुगम रास्ता बन गई है। बारिश के दिनों में जिस मार्ग से गुजरना कठिन था, उसी पर अब ग्रामीण अधिक आसानी से आ-जा रहे हैं।

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कोरबा

धान की एक फसल से आगे बढ़कर वर्ष में दो से तीन फसलें ले रहे गुरुचरण मरार

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उद्यानिकी विभाग की सहायता से अपनाई ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग और उन्नत खेती
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नगौई बछेरा निवासी किसान गुरुचरण मरार पहले परंपरागत तरीके से धान की खेती करते थे। वर्ष में एक ही फसल लेने के कारण खेती से होने वाली आय सीमित थी। सिंचाई का साधन नहीं था और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य मशीनें किराये पर लानी पड़ती थीं। ऐसे में छह सदस्यीय परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन होता था।
गांव के भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने श्री मरार को विभागीय योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी, नगौई में आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग तथा ग्राफ्टेड बैंगन रोपण के लिए कुल 46 हजार रुपये का विभागीय अनुदान मिला।
इन संसाधनों और विभागीय मार्गदर्शन की मदद से श्री मरार ने खेती के तरीके में बदलाव किया। अब वे वर्ष में दो से तीन फसलें लेते हैं और वर्तमान में भिंडी की खेती से भी आय अर्जित कर रहे हैं। विभाग को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी अनुमानित वार्षिक आय पहले लगभग 45 हजार रुपये थी, जो अब लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी है। वे गांव के अन्य किसानों को भी खेती से जुड़ी जानकारी देते हैं।
श्री मरार कहते हैं कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी मिलने पर उनका आधुनिक खेती के प्रति उत्साह बढ़ा। वे आगे भी विभागीय मार्गदर्शन लेकर खेती करना चाहते हैं और मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।

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