Connect with us

कोरबा

नियमों के पालन पर अडिग बालको, आवास खाली पर अब कोई समझौता नहीं

Published

on

बालकोनगर। बालको सेवानिवृत्त मैत्री संघ, कोरबा ने हाल ही में नवनिर्मित बालको सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन (बीएसकेएस) द्वारा 29 अक्टूबर 2025 को लगाए गए जबरदस्ती क्वार्टर खाली कराने के आरोपों को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और गलत बताया है। संघ ने कहा कि बालको प्रबंधन सदैव अपने कर्मचारियों और सेवानिवृत्त साथियों के प्रति सम्मानजनक और मानवीय दृष्टिकोण रखता आया है। संगठन ने सभी से कंपनी के नियमों और अनुशासन का सम्मान करते हुए सहयोग बनाए रखने की अपील की, ताकि परिसर में बालको की परंपरा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहें।
मिली जानकारी के अनुसार, जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर बालको प्रबंधन ने स्वयं 31 अक्टूबर तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई को स्थगित रखा और सभी सुविधाएँ यथावत बनाए रखीं। कंपनी का उद्देश्य किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी को परेशान करना नहीं है, बल्कि कंपनी की संपत्तियों (क्वार्टर/आवासों) का नियमानुसार पुनः अधिग्रहण करना है, ताकि उन्हें वर्तमान पात्र कर्मचारियों को आवंटित किया जा सके।
बालको सेवानिवृत्त मैत्री संघ ने किया कार्यवाही का समर्थन
बालको सेवानिवृत्त मैत्री संघ, कोरबा, जो बालको के पूर्व कर्मचारियों का सबसे पुराना और सक्रिय संगठन है, सदैव कंपनी और सेवानिवृत्त साथियों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में अग्रणी रहा है। संगठन के संयोजक जे.के. तिवारी ने बीएसकेएस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि आवास बालको कर्मचारियों के लिए ही हैं। कंपनी के नियमानुसार, कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने के उपरांत तय समयावधि में आवास खाली कर देना चाहिए। बालको अपने सभी पूर्व और वर्तमान साथियों को परिवार का अभिन्न हिस्सा मानती है और उनके कल्याण एवं गरिमा की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और नागरिकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी अवैध गतिविधि में भाग न लें।
जनप्रतिनिधियों को दिया गया समय हुआ समाप्त
बीतों दिनों टाउनशिप प्रबंधन ने पूर्व में सभी जनप्रतिनिधियों को चर्चा हेतु आमंत्रित किया था। बैठक के दौरान प्रबंधन ने सुझावों का सम्मान करते हुए यह आश्वासन दिया कि 31 अक्टूबर यानि 45 दिन की अवधि तक किसी भी पूर्व कर्मचारी को मकान से नहीं हटाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने यह भी सहमति दी थी कि इस अवधि में आवास खाली करने की प्रक्रिया पूरी की जाए तथा 1 नवंबर से कंपनी नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगी।
पीएफ और अन्य सुविधाएँ रोकने का आरोप निराधार
मिली जानकारी के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रावधानों के तहत भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड का एक अपना ट्रस्ट है। प्रावधान के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारी स्वेच्छानुसार तीन वर्ष तक अपने पीएफ राशि पर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं। चूंकि पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन वैधानिक अनुपालन है जिसे रोका नहीं जा सकता है।
कंपनी के नियमानुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को तीन महीने तक आवासीय परिसर में रहने की अनुमति दी जाती है। इस दौरान कुछ भुगतान अस्थायी रूप से रोके जाते हैं, जो आवास खाली करने के उपरांत पूर्ण रूप से दे दिए जाते हैं। कंपनी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बालको अस्पताल में सभी चिकित्सा सुविधाएँ यथावत जारी रखती है। वहीं दूसरी तरफ कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी 10 से 15 सालों तक बिजली, पानी, आवास एवं अन्य सुविधा शुल्क का भुगतान नहीं कर रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मनमानी का हाल ये है कि ना तो आवास खाली और ना ही रूकी भुगतान राशि जमा कर रहे हैं। बालको कंपनी समय-समय पर उन्हें नोटिस के माध्यम से अवगत कराता रहा है।
कंपनी के नियमानुसार किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी की चिकित्सा सुविधा या लंबित भुगतान के विषय में यदि कोई वास्तविक समस्या है, तो वह व्यक्तिगत रूप से नगर प्रशासन विभाग से संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकता है।
प्रभावित हो रहे मौजूदा कर्मचारी
अवैध रूप से रह रहे निवासियों के कारण केवल मौजूदा कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित नहीं हो रहे, बल्कि कॉलोनियों की सुरक्षा और व्यवस्था भी खतरे में पड़ रही है। औद्योगिक क्षेत्र का सही संचालन और सुरक्षित कॉलोनियों का निर्माण केवल उद्योग के हित में नहीं है। यह स्थानीय समुदाय, शहर की संरचना और रोजगार सृजन में भी योगदान देता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

बॉयफ्रेंड के हमले में घायल गर्लफ्रेंड की मौत:बिलासपुर से कोरबा आए थे दोनों, गर्लफ्रेंड के गले पर गोदा चाकू, फिर खुद भी गला रेता

Published

on

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंड के गले के चाकू घोंप दिया। इसके बाद उसने खुद का गला काट लिया। युवक की मौके पर मौत हो गई। जबकि गर्लफ्रेंड की आठ दिन बाद बुधवार 11 फरवरी को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, अभी तक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

जानकारी के मुताबिक, बॉयफ्रेंड का नाम शुभम नायडू (28) है, जो कि पहले से शादीशुदा था और उसका एक बेटा है। जबकि गर्लफ्रेंड का नाम निशा उर्फ प्रतीक्षा (22) है। दोनों बिलासपुर के रहने वाले हैं। तीन फरवरी मंगलवार को दोनों बस से कोरबा पहुंचे थे। मंगलवार देर रात शुभम ने चाकू से निशा गले पर हमला कर दिया।

गंभीर रूप से घायल गर्लफ्रेंड ने किसी तरह वीडियो कॉल कर पुलिस और अपने परिजनों को इशारे से घटना की जानकारी दी। गर्लफ्रेंड को बिलासपुर रेफर किया गया था, जिसकी बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस की मानें तो प्रथम दृष्टया मामला अफेयर का है। मामला उरगा थाना क्षेत्र का है।

विवाद के बाद बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंड के गले पर चाकू घोंपा।

विवाद के बाद बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंड के गले पर चाकू घोंपा।

डॉक्टरों ने जांच के बाद बॉयफ्रेंड को मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टरों ने जांच के बाद बॉयफ्रेंड को मृत घोषित कर दिया।

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के अनुसार, जूना बिलासपुर निवासी निशा श्रीवास पार्लर का काम करती थी। उसका सरकंडा के अशोक नगर निवासी शुभम नायडू से अफेयर चल रहा था। शुभम एक निजी बैंक में काम करता था और पहले से शादीशुदा था, जिससे उसका एक बेटा भी है। शादी के कुछ समय बाद से ही उसकी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था।

दरअसल, तीन फरवरी मंगलवार शाम से दोनों लापता थे। निशा के लापता होने की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी थी। ऐसे में बिलासपुर पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इस बीच करीब 9 बजे रात को दोनों बस से कोरबा पहुंचे। संडैल नाला के पास दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

इस दौरान बॉयफ्रेंड शुभम ने गर्लफ्रेंड निशा के गले में चाकू गोद दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और गिर गई। इसके बाद उसी चाकू से शुभम ने खुद का गला काट लिया। इधर, खून से लथपथ जमीन पर पड़ी निशा ने किसी तरह 112 पर कॉल किया। इसके बाद परिजनों को वीडियो कॉल करके घटना की जानकारी दी।

मामले की जानकारी मिलते ही एएसपी समेत अन्य पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे।

मामले की जानकारी मिलते ही एएसपी समेत अन्य पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे।

गर्लफ्रेंड की हालत गंभीर, बिलासपुर रेफर

युवती ने पुलिस को लोकेशन भी बताई। लोकेशन मिलने के बाद 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, निशा की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद उसे बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।

आठ दिन बाद युवती ने दम तोड़ा

सिम्स में उसका लगातार इलाज चल रहा था। ऑपरेशन के बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया था और उसकी हालत में सुधार भी होने लगा था। हालांकि, दो दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह कोमा में चली गई। डॉक्टरों के लगातार प्रयासों के बावजूद बुधवार दोपहर युवती ने दम तोड़ दिया।

डॉक्टरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चीरघर में रखवा दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।

Continue Reading

कोरबा

शासकीय महाविद्यालय दीपका में  ’इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ का हुआ गठन, पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने बताया एसआईआर का महत्त्व

Published

on

कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने हेतु दिनांक 12 फरवरी 2026 को सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शासकीय महाविद्यालय दीपका में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का गठन किया गया।  इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदान के महत्व को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले प्रत्येक युवा को एक जागरूक मतदाता के रूप में अपना नाम पंजीकृत कराना चाहिए, ताकि वे लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के गठन के उद्देश्यों को बताया तथा युवाओं से लोकतंत्र की मज़बूती के लिए आगे आकर अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किये।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय की आयोजन टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का  संचालन राजमणि साकेत द्वारा किया गया। इस अवसर पर जी. सी. देवांगन सहायक प्राध्यापक भौतिकी, श्रीमती हेमलता कंवर कॉलेज स्वीप नोडल अधिकारी, सहायक प्राध्यापक एस. के. राठौर सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शत-प्रतिशत मतदान और पंजीकरण के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

Continue Reading

कोरबा

जिले में 16 फरवरी से 31 मार्च तक ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग प्रतिबंधित

Published

on

कलेक्टर ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर लगाया प्रतिबंध

कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा जारी हाई स्कूल/ हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा कार्यक्रम एवं शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षा  20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षाओं के सुचारू रूप से संचालन एवं छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं तैयारी में व्यवधान को रोकने हेतु विद्यार्थियों के हित में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के तहत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में 16 फरवरी 2026 से  31  मार्च 2026 तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही विशेष परिस्थितयों एवं शासकीय कार्यो के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग करने की अनुमति संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों एवं उपरोक्त अधिनियम में उल्लेखित शर्तों के अधीन देंगे।

Continue Reading
Advertisement

Trending