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कोरबा

किसान समृद्धि का आधार – पशुपालन : कोरबा में 25 वर्षों की सुनहरी सफलता की कहानी

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स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान – यही ग्रामीण विकास की पहचान

कोरबा। कृषि प्रधान देश भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था सदियों से खेती पर आधारित रही है, किंतु समय के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि किसान की समृद्धि केवल खेत की फसल पर निर्भर नहीं रह सकती। पशुपालन आज ग्रामीण आजीविका का दूसरा मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। दूध, गोबर, अंडे जैसे उत्पाद न केवल किसानों को अतिरिक्त आय देती है, बल्कि ग्रामीण उद्योगों और जैविक खेती को भी नई दिशा प्रदान करती है।
पशुपालन से जुड़ी गतिविधियाँ जैसे दुग्ध उत्पादन, डेयरी प्रसंस्करण और गोबर से जैविक खाद या बायोगैस निर्माण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायित्व दे रही हैं। इससे किसानों को सालभर आय के अवसर मिल रहे हैं और रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। खेत में मेहनत करने वाले हाथों तभी सशक्त बनते हैं जब उनके पास स्वस्थ और उत्पादक मवेशी हो, इसी सोच को साकार करते हुए कोरबा जिले के पशु चिकित्सा सेवाएँ विभाग ने पिछले 25 वर्षों (2000 से 2025) में ऐसी उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिन्होंने न केवल पशुपालन की दिशा बदली बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई। पशु चिकित्सा सेवाओं विभाग ने योजनाओं के माध्यम से न केवल पशुओं का उपचार किया बल्कि किसानों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया है।

सेवा और समर्पण से बदली तस्वीर

वर्ष 2000 में जहाँ विभाग की गतिविधियाँ सीमित दायरे में थीं, वहीं 2025 तक कोरबा जिले के लगभग हर गाँव तक पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुँच बन चुकी है। पशु उपचार की संख्या 28 हजार 822 से बढ़कर 95 हजार 097 तक पहुँच गई है, औषधि वितरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज किया गया है, वर्ष 2000 के 26 हजार 766 से बढ़कर वर्ष 2025 में 95 हजार 550 हो गई है।
विभाग ने पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान पर विशेष ध्यान दिया। जिले मे वर्ष 2000 में जहाँ मात्र 57 कृत्रिम गर्भाधान हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 20 हजार 481 तक पहुँच गई। वत्सोपादन 71 से बढ़कर 05 हजार 227  की गई है। यह वृद्धि बताती है कि अब किसान उन्नत नस्लों के माध्यम से बेहतर दूध उत्पादन की ओर अग्रसर हैं। बधियाकरण में भी भारी प्रगति दर्ज करते हुए 05 हजार 049 से बढ़कर 20 हजार 201  हो गई है। वर्तमान में डीटीकिंग 67 हजार 197 एवं कृमिनाशक दवापान 60 हजार 697 की गई है।

रोगमुक्त पशुधन की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति

पशुओं को रोगों से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाए गए है। वर्ष 2000 में केवल 1.16 लाख टीकाकरण हुए थे,  2025 में यह संख्या बढ़कर  13 लाख 78 हजार 129 तक पहुँच गई। यह उपलब्धि जिले को रोगमुक्त पशुधन क्षेत्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

व्यक्तिमूलक योजनाओं की उपलब्धियाँ
 कुक्कुट और बकरी पालन से ग्रामीणों को मिला नया सहारा

ग्रामीण किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग ने कई योजनाएँ संचालित की हैं। विभाग  की बैकयार्ड कुक्कुट इकाई वितरण  योजनांतर्गत वर्ष 2025 तक 550 इकाइयाँ वितरित की जा चुकी हैं। नर बकरा वितरण भी बढ़कर 55  तक पहुँच गया है। वर्ष 2025 तक विभाग द्वारा साँड वितरण 12, उन्नतमादा वत्स पालन 41, राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना से  61 हितग्राही, राज्य पोषित बकरी उद्यमिता विकास योजना से  1 एवं राज्य पोषित कुक्कुट पालन प्रोत्साहन  योजना से 3 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इन योजनाओं ने ग्रामीण पशुपालकों को विकास की नई दिशा दी है। पशुपालक मित्र योजना के माध्यम से हितग्राहियों को 11 लाख  तक कि राशि से लाभान्वित किया गया है। जिससे ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा

इन योजनाओं और प्रयासों का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर देखा जा सकता है। बेहतर उपचार, टीकाकरण और नस्ल सुधार से दुग्ध उत्पादन बढ़ा है, जिससे किसानों को बाजार में अच्छा मूल्य प्राप्त हो रहा है।
आज  जिले के किसान केवल कृषि पर निर्भर नहीं, बल्कि पशुपालन से भी अपनी आजीविका का स्थायी आधार बना चुका है।

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कोरबा

दीपका वार्ड 15 उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, ऋषि सिदार बने पार्षद; कार्यकर्ताओं में जश्न की लहर

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भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर दीपका में जश्न का माहौल, ऋषि सिदार के जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया विजय उत्सव

जनता ने विकास पर लगाई मुहर, भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार की रिकॉर्ड जीत

कोरबा/दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक 15 में संपन्न उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक एवं प्रचंड विजय दर्ज करते हुए एक बार फिर जनता का विश्वास हासिल किया है। भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ऋषि सिदार ने भारी जनसमर्थन प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को बड़े मतों के अंतर से पराजित करते हुए पार्षद पद पर शानदार जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम घोषित होते ही पूरे वार्ड में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने फटाखे फोड़कर, एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर तथा भारत माता और भाजपा के जयघोष के साथ विजय का जश्न मनाया।

गोपाल मोदी के नेतृत्व में भाजपा का विजय अभियान जारी, उपचुनाव में विपक्ष का सूपड़ा साफ

गौरतलब है कि भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में संगठन लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हाल ही में संपन्न पंचायत चुनावों में भी भाजपा ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी। वार्ड क्रमांक 15 के उपचुनाव में मिली यह प्रचंड जीत संगठन की बढ़ती मजबूती और जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण मानी जा रही है। भाजपा नेताओं ने वार्ड की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए विकास एवं जनसेवा के कार्यों को और अधिक गति प्रदान करेगी।

जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मिली ऐतिहासिक जीत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि वार्ड क्रमांक 15 के उपचुनाव में मिली यह ऐतिहासिक जीत संगठन की एकजुटता, कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि चुनाव अभियान के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर व्यापक जनसंपर्क किया तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई। भाजपा की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता ने विश्वास जताया, जिसका सकारात्मक परिणाम चुनाव में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

इस अवसर पर मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि यह जीत विकास, सुशासन एवं जनकल्याणकारी नीतियों पर जनता की मुहर है। इस गौरवपूर्ण विजय के उपलक्ष्य में आयोजित विजय उत्सव एवं आभार कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष ज्योतिनंद दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा, जिला उपाध्यक्ष व मंडल प्रभारी योगेश जैन, जिला संवाद प्रमुख अर्जुन गुप्ता, नगर पालिका परिषद दीपका के अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, मंडल अध्यक्ष राजू प्रजापति, संतोषी दीवान सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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कोरबा

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय अधिवेशन में “व्यापार एवं उद्योग समिति” के राष्ट्रीय संयोजक बने अशोक कुमार मोदी

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कोरबा। संपूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश एवं कोरबा नगर के लिए अत्यंत हर्ष, गौरव एवं सम्मान का विषय है कि कोरबा के सुप्रसिद्ध व्यवसायी, समाजसेवी, धार्मिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता तथा छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के चेयरमैन अशोक कुमार मोदी को अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में “व्यापार एवं उद्योग समिति” का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया है।

यह भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन इंदौर स्थित सिमचा रिसोर्ट में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों से संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं समाज के गणमान्य प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अधिवेशन के दौरान संगठन के विस्तार, समाजहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

राष्ट्रीय अधिवेशन में संगठन की योजनाओं को प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने हेतु 12 विभिन्न राष्ट्रीय समितियों का गठन किया गया तथा उनके लिए राष्ट्रीय संयोजकों की नियुक्ति की गई। विशेष गौरव की बात यह रही कि छत्तीसगढ़ प्रदेश से दो पदाधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदान की गई। सामान्यतः एक प्रदेश से केवल एक राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया जाता है, किंतु छत्तीसगढ़ में संगठन की गतिविधियों, सामाजिक अभियानों एवं योजनाओं की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

इसी क्रम में अशोक कुमार मोदी को “व्यापार एवं उद्योग समिति” का राष्ट्रीय संयोजक तथा श्रीमती शोभा केडिया को “मंगल परिणय समिति” का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया।

राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किए जाने पर अशोक कुमार मोदी ने संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस महत्वपूर्ण दायित्व की गरिमा को सदैव बनाए रखेंगे तथा समाज और राष्ट्रहित में पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े लोगों की समस्याओं के समाधान, व्यापारिक विकास, रोजगार सृजन एवं व्यापारी हितों की रक्षा के लिए संगठन के माध्यम से सकारात्मक एवं प्रभावी पहल की जाएगी।

राष्ट्रीय कार्यसमिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में सामाजिक, व्यापारिक एवं संगठनात्मक विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में अग्रसेन ग्लोबल अवार्ड, युवक-युवती परिचय सम्मेलन, सामूहिक विवाह, शिक्षा सहायता कोष, डिजिटल डेटा बैंक, रोजगार सहायता मंच, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण अभियान, अग्र पंचायत गठन तथा राष्ट्रीय स्तर पर संगठन विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

अधिवेशन के समापन अवसर पर यह निर्णय लिया गया कि संगठन की आगामी राष्ट्रीय बैठक हरिद्वार में आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय संयोजक अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे तथा कार्यों की समीक्षा की जाएगी।

इस गरिमामयी राष्ट्रीय अधिवेशन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, राष्ट्रीय महामंत्री राजेश भारूचा सहित देश के 16 राज्यों से आए पदाधिकारीगण, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं समाज के अनेक वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

अशोक कुमार मोदी की इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ एवं कोरबा क्षेत्र के सामाजिक, व्यापारिक एवं धार्मिक संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों में हर्ष का वातावरण है तथा उन्हें लगातार बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ प्राप्त हो रही हैं।

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कोरबा

आंधी-तूफान से पेड़ गिरने की घटना में तीन युवकों की मृत्यु, वन विभाग के कार्य से नहीं था कोई संबंध

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जांच में पंचों ने दी जानकारी

कोरबा/पाली । पाली विकासखण्ड के ग्राम चोरकाडांड में 30 मई 2026 को हुई दुखद दुर्घटना के संबंध में प.स.राहा द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों एवं पंचों से जानकारी प्राप्त की गई। जांच के दौरान पंचों ने लिखित बयान देकर घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की।

पंचों के अनुसार, 30 मई 2026 को लगभग अपराह्न 03 बजे अचानक तेज आंधी-तूफान आने से गांव के समीप स्थित एक बड़ा घावड़ा वृक्ष जड़ से टूटकर गिर गया। उस समय वृक्ष के नीचे बैठे तीन युवक उसकी चपेट में आ गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान तीनों युवकों की मृत्यु हो गई।
पूछताछ में पंचों ने बताया कि घटनास्थल के निकट वन प्रबंधन समिति चोरकाडांड द्वारा सुअर पालन हेतु शेड निर्माण का कार्य कराया जा रहा था, किंतु मृतक युवक उक्त निर्माण कार्य में संलग्न नहीं थे। घटना के समय वे वृक्ष के नीचे बैठे थे।
पंचों ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि मृतकों का वन विभाग अथवा शेड निर्माण कार्य से कोई संबंध नहीं था तथा यह दुर्घटना प्राकृतिक कारणों से आई आंधी-तूफान के दौरान वृक्ष गिरने के कारण हुई।

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