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कोरबा

छुरी सहकारी समिति में किसान कृष्ण सिंह ने किया सुचारु धान विक्रय

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पारदर्शिता और तकनीकी सहूलियत किसानों को समय पर तुलाई, सुविधा और सर्वाधिक समर्थन मूल्य का लाभ

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष भी धान खरीदी व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया गया है। किसानों की मेहनत का सम्मान करते हुए राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य के अलावा कृषक उन्नति योजना की राशि दी जाती है। जो देश में सबसे अधिक है। इस निर्णय ने किसानों में उत्साह और भरोसा दोनों बढ़ाया है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है। धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए खरीदी केन्द्रों में आधुनिक सुविधाएँ विकसित की गई हैं। सुव्यवस्थित तुलाई, पर्याप्त बारदाना उपलब्धता, सुरक्षित भंडारण, पेयजल, डिजिटल भुगतान और पारदर्शी प्रक्रिया ने किसानों के अनुभव को सहज बनाया है।
कोरबा जिले के ग्राम अरदा निवासी किसान कृष्ण कुमार सिंह एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरे हैं। अपनी एक एकड़ के आसपास भूमि में मेहनत से उपजे 12 क्विंटल 80 किलो धान को वे छुरी सहकारी समिति में बेचने पहुँचे, जहाँ उन्हें पूरी तरह आरामदायक, सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया का अनुभव मिला। श्री सिंह ने बताया कि तुहर टोकन ऐप उनके लिए अत्यंत सुविधाजनक साबित हुआ – घर बैठे ही टोकन मिलने से न तो उन्हें लाइन में लगना पड़ा और न ही भीड़भाड़ की किसी परेशानी का सामना करना पड़ा। निर्धारित समय पर केंद्र पहुँचते ही तुलाई और खरीदी की सभी प्रक्रियाएँ तेज, सुचारु और बिना किसी बाधा के पूरी हुईं।


उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विष्णु सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, किसानों के लिए बड़ी राहत और सम्मान का विषय है, और यह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित सोच का स्पष्ट प्रमाण है। श्री सिंह ने बताया कि खरीदी केंद्र में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा – सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध थीं, व्यवस्था सुदृढ़ थी और स्टाफ का व्यवहार अत्यंत सहयोगपूर्ण रहा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया।
राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, उन्नत तकनीकी सुविधाओं और जिला प्रशासन की सक्रिय निगरानी ने धान खरीदी प्रक्रिया को न केवल सुगम बनाया है, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है। कृष्ण कुमार सिंह जैसे किसानों की संतुष्टि और सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकार के प्रयास वास्तविक रूप से खेत-खलिहानों तक पहुँच रहे हैं और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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