दवाइयों के कार्टून और सीट के नीचे छिपाया, ओडिशा से महाराष्ट्र ले जा रहे थे, 3 तस्कर गिरफ्तार
महासमुंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने एक एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत 2.60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गांजे को तस्कर ओडिशा के भवानीपटना जिले से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के नागपुर ले जा रहे थे। पुलिस ने महासमुंद में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
महासमुंद पुलिस के मुताबिक तस्करों ने एम्बुलेंस में सीट के नीचे चैंबर बनाकर गांजा छिपाया था। इसके अलावा दवाइयों के कार्टून में भी गांजा रखा था। गांजा तस्करी के लिए आरोपियों ने महाराष्ट्र पासिंग एम्बुलेंस पर ओडिशा की फर्जी नंबर प्लेट (OD 02 AX 5501) का इस्तेमाल किया था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। यह मामला कोमाखान थाना के टेमरीनाका चेकिंग प्वाइंट का है।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के नागपुर जा रही एम्बुलेंस से गांजा जब्त
ओडिशा से महाराष्ट्र जा रही थी गांजा की खेप
दरअसल, कोमाथाना पुलिस को मंगलवार को सोर्स से जानकारी मिली थी कि एक एम्बुलेंस में बड़ी मात्रा में गांजा लोड है, जो ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के नागपुर जा रही है। एम्बुलेंस में 3 लोग सवार हैं। सूचना मिलते ही कोमाखान थाना की पुलिस एक्टिव हो गई।
कोमाखान थाने की पुलिस ने ओडिशा-छत्तीसगढ़ बार्डर के टेमरीनाका पर चेकिंग प्वाइंट बनाकर वहां से गुजरने वाली गाड़ियों की चेकिंग शुरू की। चेकिंग प्वाइंट पर गाड़ियों की जांच चल रही थी। इसी दौरान एक पुरानी और जर्जर हालत में एम्बुलेंस चेकिंग प्वाइंट की ओर आते दिखी। एम्बुलेंस पर ओडिशा का नंबर प्लेट (OD 02 AX 5501) था।
पुलिस ने चेकिंग प्वाइंट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एम्बुलेंस को रोका। एम्बुलेंस की हालत देख शक के आधार पर पुलिसकर्मियों ने उसकी तलाश ली।
पुलिस ने तीन तस्करों के साथ 5 क्विंटल 20 किलो गांजा पकड़ा।
दवाइयों के कार्टून के नीचे मिला गांजा
एम्बुलेंस की तलाशी लेने पर उसमें दवा के 16 कार्टून मिले। पुलिस ने कार्टून को खुलवाकर देखा तो उसके दवाइयों के नीचे गांजा रखा हुआ था। वहीं पुलिस ने एम्बुलेंस की सीट के नीचे तलाशी ली तो उसमें चैंबर मिला, जिसमें 14 प्लास्टिक बोरियों बरामद हुई। प्लास्टिक की बोरियों में गांजा छिपाकर रखे गए थे। बोरियों से कुल 5 क्विंटल 20 किलो गांजा भरा मिला।
पुलिस ने गांजे के साथ-साथ 4 मोबाइल फोन और एम्बुलेंस को भी जब्त कर लिया। जब्त किए गए कुल सामान की कीमत 2,65,10,500 रुपये आंकी गई है। आरोपियों को नारकोटिक्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
महासमुंद में एंबुलेंस से 5 क्विंटल गांजा जब्त
महासमुंद की एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि 6 जनवरी को टेमरीनाका चेकिंग प्वाइंट पर पुलिस की निगरानी थी। इसी दौरान महाराष्ट्र की तरफ से जाने वाली एक एम्बुलेंस पर शक हुआ। एम्बुलेंस पर ओडिशा का नंबर प्लेट था और यह टूटी-फूटी हालत में थी।
पुलिस ने एम्बुलेंस की तलाशी ली। तलाशी में पता चला कि दवाइयों के पैकेट, सीट के नीचे चैंबर बनाकर गांजा छिपाकर रखा गया था। कुल गांजे की मात्रा 5 क्विंटल 20 किलो थी और इसकी कीमत लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नौ दिन पहले बलरामपुर में पकड़ाया था 6 करोड़ का गांजा
नौ दिन पहले छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में भी पुलिस ने एक ट्रक से 6 करोड़ का गांजा जब्त किया था। गांजे को 3 तस्कर ओडिशा के बलांगीर जिले से छत्तीसगढ़ के रास्ते UP होते हुए 1700 किलोमीटर दूर राजस्थान ले जा रहे थे, लेकिन CG-UP बॉर्डर पर पकड़े गए।
आरोपी ट्रक में नारियल भूसा भरे थे। भूसे के बीच में गांजे की बोरियां थीं, जिसे टेप से लपेटा गया था। चेकिंग के दौरान आरोपियों ने ट्रक से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तीन आरोपियों को दौड़ाकर पकड़ लिया। तीनों आरोपी UP के रहने वाले हैं।
सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक ताकत, उनकी सुरक्षा एवं कल्याण नगर निगम की प्राथमिकता कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में आज जिला प्रशासन एवं नगर निगम के तत्वावधान में आयोजित सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सफाई मित्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके समर्पण, मेहनत एवं सेवाभाव की सराहना की।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक ताकत हैं। उनकी मेहनत और निष्ठा से ही कोरबा को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प साकार होता है। सफाई मित्रों का योगदान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि वे शहर के नागरिकों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली को सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि महापौर के रूप में सफाई मित्रों की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य एवं कल्याण सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। नगर निगम परिवार के इन महत्वपूर्ण सदस्यों को बेहतर कार्य परिस्थितियां, आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निगम निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान सफाई मित्रों के योगदान को नमन करते हुए महापौर ने कहा कि उनके परिश्रम और समर्पण का सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाएं तथा सफाई मित्रों के कार्यों का सम्मान करें।
महापौर ने कहा कि स्वच्छ कोरबा का निर्माण जनसहभागिता और सफाई मित्रों के समर्पण से ही संभव है। सफाई मित्रों का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके श्रम और सेवा भावना के प्रति नगर निगम की कृतज्ञता का प्रतीक है। महापौर का संदेश: “सफाई मित्रों का सम्मान, स्वच्छ कोरबा की पहचान है। उनकी सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के लिए नगर निगम सदैव प्रतिबद्ध है।”
माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य व शासकीय योजनाओं की दी गई जानकारी
कोरबा। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को रामसागर पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 2 की पूर्व पार्षद चित्रलेखा चंदेल ने स्वस्थ शरीर, संस्कारवान संतान और परिवार में अच्छे संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्कारम् टीम की अध्यक्ष आकांक्षा ने कहा कि मां केवल बच्चे को जन्म नहीं देती, बल्कि उसके भविष्य का निर्माण भी करती है। बच्चों के विकास के लिए माता-पिता का समय, विश्वास और संस्कार सबसे महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। माताओं को संतुलित आहार, बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास तथा बेहतर देखभाल के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और छह माह से अधिक आयु के शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना एवं बाल संदर्भ योजना से लाभान्वित हितग्राहियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के जिला सचिव जय सिंह नेताम सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना मूर्ति, सहायिका सुषमा राम, मितानिन विमल जगत, सुभाषिनी विश्वकर्मा, कृष्णा कुशवाहा, संतोष गुप्ता, श्याम बाई, रामेश्वरी, रिया, सोनी, मधु पटेल, भगवती मरावी, फुलवारी, योगिता, संजना पटेल, पायल, प्रिया, रोशनी और काव्या उपस्थित रहीं। महिलाओं एवं बच्चों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित जमीन आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर प्लॉट्स की जानकारी अपलोड होने के बाद कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने कचना की जमीन के बदले मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्लॉट दिए जाने का आरोप लगाया है।
उनके मुताबिक प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई गई है। उन्होंने आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव से इसकी जांच कराने और योजना को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है और दावा-आपत्ति आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।
कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट देने का दावा
कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता का आरोप है कि डॉक्यूमेंट के अनुसार साय कैबिनेट के मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप की कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिया जा रहा है। यह प्लॉट 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट का है।
डॉ. गुप्ता के मुताबिक, यह प्लॉट प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि भविष्य में यहां जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट हो सकती है। इस हिसाब से उन्होंने प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई है।
कांग्रेस नेता का दावा है कि कंपनी के पास कचना के नालापारा इलाके में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके मुताबिक, इस जमीन तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क है। इसलिए इसकी बाजार कीमत कुछ लाख रुपए ही थी।
डॉ. गुप्ता का आरोप है कि नगर विकास योजना में कचना की इस जमीन को शामिल करने के बाद कंपनी को इसके बदले सड्डू में अलग प्लॉट दिया जा रहा है।
कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।
एक किलोमीटर दूर प्लॉट मिलने पर उठाए सवाल
डॉ. राकेश गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर और ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 का हवाला दिया है। उनका कहना है कि नियम के मुताबिक नया भूखंड मूल जमीन या उसके आसपास के इलाके में दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की कचना वाली जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट दिया जा रहा है, जो मूल जमीन से करीब एक किलोमीटर दूर है।
कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।
प्रमुख सड़क से हटाकर अंदरूनी प्लॉट देने का आरोप
डॉ. राकेश गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य भू-स्वामियों को एमआर-43 जैसी प्रमुख सड़क पर मिलने वाले भूखंडों के बजाय योजना के अंदरूनी हिस्सों में जमीन दी गई। उन्होंने पूरे भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।
इन आरोपों पर मंत्री केदार कश्यप की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि दावा आपत्ति आने पर मामले में जांच कराई जाएगी।