लोकप्रियता भाजपा को रास नहीं आ रही, बीजेपी बोली- साजिश बताना सरासर गलत
जांजगीर-चांपा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांजगीर-चांपा जिले की खोखरा जेल जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू से मुलाकात की। यह मुलाकात लगभग 25 मिनट चली। भूपेश बघेल ने कहा कि विधायक को फंसाया गया है, क्योंकि उनकी लोकप्रियता भाजपा को रास नहीं आ रही है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ने एक किसान के खाते से फर्जी तरीके से पैसा आहरण किया है। पुलिस ने मामले की जांच कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां न्यायालय ने फर्जीवाड़े को सही पाया।
नारायण चंदेल ने कांग्रेस नेताओं के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की साजिश बताना सरासर गलत, असत्य और झूठ है। यह पूरा मामला न्यायालय का है और न्यायालय के आदेश पर ही कार्रवाई हुई है।
दरअसल, कांग्रेस विधायक पर ने किसान से 42 लाख 78 हजार रुपए की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने 9 जनवरी को कोर्ट में चार्जशीट पेश किया। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा ने विधायक को 22 जनवरी तक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
विधायक के मिलने के बाद भूपेश बघेल रायपुर रवाना हो गए।
भूपेश बघेल ने क्या-क्या कहा ?
दरअसल, पूर्व सीएम भूपेश बघेल मंगलवार को जांजगीर-चांपा जिले की खोखरा जेल पहुंचे। उन्होंने 25 मिनट तक जेल में बंद विधायक बालेश्वर साहू से बातचीत की। मुलाकात के बाद सर्किट हाउस में कांग्रेस नेताओं से मिले। फिर रायपुर रवाना हो गए।
रायपुर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार विपक्ष में बैठे किसी भी व्यक्ति को दबाने का काम कर रही है, जो उसके खिलाफ बोलता है। इसी के चलते बालेश्वर साहू की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बालेश्वर साहू जल्द ही रिहा होंगे।
षड्यंत्र के आरोपों पर भूपेश बघेल ने कहा कि मामला न्यायालय में चल रहा है, इसलिए वे इस पर ज्यादा बात नहीं कर सकते। उन्होंने दोहराया कि सरकार ने जानबूझकर बालेश्वर साहू को फंसाया है। भाजपा किसी भी स्तर तक जा सकती है। पूर्व सीएम ने बेटे चैतन्य बघेल के मामले का भी जिक्र किया।
बदले की राजनीति का आरोप
भूपेश बघेल ने कहा कि चाहे मोदी सरकार हो या विष्णुदेव साय की सरकार, यह सब बदले की राजनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोधियों की ओर से उठाई जा रही जांच की मांग को नहीं मान रही है और इस सरकार से सभी वर्ग नाराज हैं।
धान खरीदी की स्थिति पर पूर्व सीएम ने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों का धान नहीं बिका है, न रकबा बढ़ा है और न ही टोकन कट रहा है। उन्होंने कोरबा और खल्लारी विधानसभा क्षेत्रों में किसानों की आत्महत्या के मामलों का भी जिक्र किया।
कांग्रेस किसान के साथ या अपराधी के साथ- भाजपा
इस मामले में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल, चरणदास महंत और अन्य विधायकों से सवाल करते हुए कहा कि किसान के साथ फर्जीवाड़ा हुआ है, ऐसे में वे यह स्पष्ट करें कि वे किसान के साथ खड़े हैं या अपराधी के साथ। जो खुद को किसान पुत्र और किसान हितैषी बताते हैं। उन्हें आज ही साफ करना चाहिए कि वे किसान के पक्ष में हैं या अपराध करने वाले के समर्थन में।
जेल मैनुअल और नियमों के पालन की नसीहत
नारायण चंदेल ने चरणदास महंत को लेकर कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक जिम्मेदार पद है। जब कांग्रेस का विधायक फर्जीवाड़े के मामले में जेल में है और उससे मिलने जाया जाता है, तो जेल मैनुअल और नियमों का पालन करना चाहिए। जेल के नियम और कानून के तहत सीमित लोगों को ही मिलने की अनुमति होती है, वहां किसी प्रकार का जुलूस निकालकर मिलने नहीं जाया जाता।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 2015 से 2020 के बीच बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे। वहीं गौतम राठौर उस समय विक्रेता के पद पर काम कर रहा था। दोनों ने मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का झांसा दिया। बहाने से 10 ब्लैंक चेक भी ले लिए।
इसके साथ ही साथ ही एचडीएफसी बैंक में दो नए खाते भी खुलवाए। इन चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर, दोनों ने धीरे-धीरे मिलाकर 42 लाख 78 हजार रुपए किसान के खातों से निकाल लिए।शुरुआत में 15 जनवरी 2015 को पहली बार 51 हजार रुपए की निकासी की गई थी।
9 जनवरी को बालेश्वर साहू जांजगीर चांपा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा की कोर्ट में पेश हुए थे।
HDFC बैंक से मिली धोखाधड़ी की जानकारी
किसान राजकुमार शर्मा ने बताया कि इसके बाद रकम धीरे-धीरे बढ़ती गई। बालेश्वर साहू ने अपनी पत्नी आशा साहू के खाते में भी 7.5 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। किसान को इस मामले की जानकारी तब हुई, जब 2020 में एचडीएफसी बैंक चांपा से उसे कॉल आया।
इस दौरान पूछा गया कि क्या उसने बालेश्वर साहू को पैसे निकालने की अनुमति दी है। यह सुनकर किसान के होश उड़ गए। वो तुरंत बैंक जाकर डिटेल निकाला। इसके बाद बालेश्वर साहू के पास पहुंचा। उस समय बालेश्वर साहू ने 6 महीने के भीतर ब्याज समेत पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ।
किसान ने बताया कि इसी बीच विधानसभा चुनाव हुए। सहयोगी गौतम राठौर ने रकम को चुनावी खर्च बताया। पैसा वापस मांगने पर दोनों टालमटोल करने लगे। इसके बाद पीड़ित किसान ने विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ चांपा थाने में 14 अगस्त 2025 को शिकायत दर्ज कराई।
कोरबा। थाना दर्री में प्रार्थिया, निवासी दर्री ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि फेसबुक पर बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी (लगभग 30,000 थाई भाट प्रतिमाह) का विज्ञापन देखकर उसने संपर्क किया था। आरोपी महिला लीजा एवं उसके साथियों ने उसे बेंगलुरु बुलाया और फिर फ्लाइट से थाईलैंड गए और बोर्डर पार कराकर म्यांमार के ‘KK Park’ पहुँचा दिया। वहाँ उसका पासपोर्ट जब्त कर उसे बंधक बनाया गया, प्रताड़ित किया गया और फर्जी सोशल मीडिया आईडी के जरिए ऑनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने के लिए मजबूर किया गया।
पीड़िता को वापस म्यांमार से कोरबा लाना और अपराध विवरण
भारतीय दूतावास एवं स्थानीय प्रशासन की मदद से प्रार्थिया को सुरक्षित भारत लाया गया। तत्पश्चात प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना दर्री, जिला कोरबा में अपराध क्रमांक 331/2026, धारा 143(2), 146 BNS के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना में संलिप्तता पाए जाने पर आरोपिया स्नेहा भथलाल बडोले (35 वर्ष), निवासी जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और रिमांड प्राप्त की गई। अन्य आरोपियों तथा गिरोह के डिजिटल व वित्तीय नेटवर्क की जाँच जारी है।
साइबर जागरूकता अभियान कोरबा पुलिस द्वारा “साइबर जागरूकता अभियान” के अंतर्गत जागरूकता बढ़ाने के साथ साथ ऑनलाइन ठगी, फर्जी नौकरी के प्रस्तावों और सोशल मीडिया फ्रॉड से सम्बन्धी साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई सतत जारी रहेगी।
चित्रकला, भाषण और नारा लेखन प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्राचार्य सुषमा बारस्कर ने जिम्मेदारीपूर्वक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग और ई-कचरे के उचित निपटान के लिए किया प्रेरित
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री, कोरबा में ई-कचरा प्रबंधन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित प्रबंधन, पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भाषण, नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने की। कार्यक्रम का निर्देशन सुश्री पूजा ठाकुर एवं श्रवण कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को ई-कचरे के दुष्प्रभावों, उसके सुरक्षित निपटान और पुनर्चक्रण के महत्व से अवगत कराने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग के बाद निकलने वाले कचरे का लापरवाही से निपटान पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे कचरे का उचित प्रबंधन और पुनर्चक्रण पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण से जुड़ी जिम्मेदारियों को समझने और दैनिक जीवन में उनका पालन करने के लिए प्रेरित किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में स्वाति पटेल और यामिनी बरेठ ने हासिल किया प्रथम स्थान चित्रकला प्रतियोगिता में प्राथमिक विभाग की स्वाति पटेल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि श्रिया यादव द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं, हाईस्कूल विभाग में यामिनी बरेठ ने प्रथम और साधना ने द्वितीय स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से ई-कचरे के उचित प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के महत्व को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
भाषण प्रतियोगिता में सृष्टि राठौर प्रथम, दिव्या जाल द्वितीय भाषण प्रतियोगिता में सृष्टि राठौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दिव्या जाल ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ई-कचरे के बढ़ते उपयोग, उसके उचित निपटान और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आवश्यकता जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने और पर्यावरण संबंधी विषयों पर जागरूकता फैलाने का अवसर मिला।
नारा लेखन में पूनम साहू और आँचल साहू ने मारी बाजी नारा लेखन प्रतियोगिता में पूनम साहू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आँचल साहू द्वितीय स्थान पर रहीं। विद्यार्थियों ने आकर्षक और संदेशपरक नारों के माध्यम से ई-कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। प्रतियोगिता में उनकी रचनात्मकता और विषय के प्रति समझ देखने को मिली।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को दिलाया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। विद्यार्थियों के उत्साह, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित किया गया। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, ई-कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति सजग रहने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की भावना विकसित करने के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना रहा। भाषण, चित्रकला और नारा लेखन जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया। इस आयोजन ने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी समझने और उसे सुरक्षित रखने की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया।
कभी दूसरों पर निर्भर थीं, आज अपनी किराना दुकान से बनीं परिवार की आर्थिक ताकत
कोरबा, 29 अक्टूबर 2026। महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना से मिलने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि का उपयोग कर महिलाएं अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा रही हैं। कोरबा जिले के राजीव नगर, दर्री निवासी श्रीमती भगवती निर्मलकर इसकी प्रेरक मिसाल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के तहत श्रीमती निर्मलकर को हर माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने इस राशि को धीरे-धीरे बचाकर अपना किराना व्यवसाय शुरू किया। इससे उन्हें आय का एक नया साधन मिला है और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिल रही है। श्रीमती निर्मलकर बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब परिस्थितियों में बदलाव आया है। अपना व्यवसाय शुरू करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक योगदान दे पा रही हैं। अब उनकी इच्छा अपने किराना व्यवसाय को और आगे बढ़ाने की है। श्रीमती भगवती निर्मलकर ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें बचत करने, व्यवसाय शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।