Connect with us

कोरबा

पारदर्शी प्रक्रिया से संपन्न हुई रेत खदानों की नीलामी

Published

on

भिलाईखुर्द, कुदमुरा-2 एवं चारपारा रेत खदानों की नीलामी में 488 बोलीदारों ने लिया भाग

कोरबा, 29 अक्टूबर 2026। कार्यालय कलेक्टर, जिला कोरबा (खनिज शाखा) द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के प्रावधानों के अंतर्गत जिले की तीन रेत खदानों-भिलाईखुर्द, कुदमुरा-2 एवं चारपारा की नीलामी प्रक्रिया दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को संपन्न की गई।
उक्त रेत खदानों के लिए दिनांक 21 अक्टूबर 2026 को निविदा आमंत्रण सूचना (छप्ज्) जारी की गई थी। नीलामी की प्रक्रिया डैज्ब् पोर्टल के माध्यम से रिवर्स ऑक्शन पद्धति से संपन्न कराई गई। निर्धारित सीलिंग प्राइस रू.200 के विरुद्ध न्यूनतम बोली राशि रू.50 प्रस्तुत किए जाने के फलस्वरूप पात्र बोलीदारों के मध्य पोर्टल के माध्यम से लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई। लॉटरी प्रक्रिया के उपरांत तीनों रेत खदानों के लिए अधिमानी बोलीदार घोषित किए गए।

भिलाईखुर्द रेत खदान की नीलामी में कुल 115 बोलीदारों ने भाग लिया। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से आशीष कुमार गुप्ता, निवासी वार्ड क्रमांक 2, बाजारपारा, कोटमीकला, जिला कोरबा, छत्तीसगढ़ को अधिमानी बोलीदार घोषित किया गया।
इसी प्रकार, कुदमुरा-2 रेत खदान की नीलामी में कुल 241 बोलीदारों ने भाग लिया। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से हरजिंदर सिंह, निवासी गढ़फुलझर, बसना, जिला महासमुंद, छत्तीसगढ़ को अधिमानी बोलीदार घोषित किया गया।
चारपारा रेत खदान की नीलामी में कुल 132 बोलीदारों ने भाग लिया। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से जुगेश्वर बाग, निवासी पलसापाली, महासमुंद-अंकोरी क्षेत्र, छत्तीसगढ़ को अधिमानी बोलीदार घोषित किया गया।
इस प्रकार जिले की तीनों रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया में कुल 488 बोलीदारों ने भाग लिया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डैज्ब् पोर्टल के माध्यम से रिवर्स ऑक्शन एवं लॉटरी के जरिए अधिमानी बोलीदारों का चयन किया गया।
खनिज विभाग द्वारा नीलामी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अनुरूप संपन्न कराया गया।  खदानों का संचालन संबंधित नियमों, स्वीकृत अनुमति एवं निर्धारित शर्तों के अधीन ही किया जा सकेगा।

Continue Reading

कोरबा

कस्तूरबा छात्रावास में घुसा 5 फीट का नाग, जितेंद्र सारथी ने किया सुरक्षित रेस्क्यू, बच्चों और कर्मचारियों ने ली राहत की सांस

Published

on

कोरबा। कस्तूरबा छात्रावास में उस समय हड़कंप मच गया, जब परिसर में लगभग 5 फीट लंबा कोबरा सांप दिखाई दिया,छात्रावास में रिकंस्ट्रक्शन (पुनर्निर्माण) का कार्य चल रहा था,इसी दौरान काम कर रहे मजदूरों की नजर अचानक सांप पर पड़ी, सांप को देखते ही वहां मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया, इसके बाद तत्काल उमेश राठौर ने वन विभाग एवं नोवा नेचर के सदस्य जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी बिना देर किए मौके पर पहुंचे और बेहद फुर्तीले एवं आक्रामक स्वभाव के कोबरा का सावधानीपूर्वक सुरक्षित रेस्क्यू किया,सांप को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली फिर उसे प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ दिया गया।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं जितेंद्र सारथी और छात्रावास अधीक्षिका

छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, जितेंद्र सारथी और छात्रावास की अधीक्षिका इस तरह की घटनाओं को लेकर गंभीर रहते हैं,परिसर में सांप या किसी अन्य वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल सूचना देकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है, ताकि बच्चों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की सुरक्षा बनी रहे।

वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं, विशेषज्ञों को दें सूचना

जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें, सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या संबंधित वन विभाग को सूचना दें, समय पर सूचना और सुरक्षित रेस्क्यू से मानव जीवन के साथ-साथ वन्यजीवों की भी रक्षा की जा सकती है।

Continue Reading

कोरबा

स्पेशल कैंपेन 6 के अंतर्गत एसईसीएल ने निर्धारित लक्ष्यों को किया पार, स्क्रैप निपटान से अर्जित किए रू.26.17 करोड़

Published

on

226 स्थलों पर 47 लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में स्वच्छता कार्य, 4,602 मीट्रिक टन स्क्रैप का निपटान

बिलासपुर/कोरबा। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने स्पेशल कैंपेन 6 के अंतर्गत स्वच्छता, स्क्रैप निपटान, स्थान के बेहतर उपयोग एवं रिकॉर्ड प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज करते हुए कई निर्धारित लक्ष्यों को समय से पहले पार कर लिया है।
एसईसीएल ने निर्धारित 225 स्थलों के लक्ष्य के मुकाबले 226 स्थलों पर स्वच्छता गतिविधियाँ संचालित की हैं। इस दौरान 40 लाख वर्गफुट के लक्ष्य के विरुद्ध 47 लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में स्वच्छता कार्य किया गया है।

अभियान के अंतर्गत एसईसीएल ने 3,300 मीट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 4,602 मीट्रिक टन स्क्रैप का निपटान कर लगभग रू.26.17 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह उपलब्धि संसाधनों के बेहतर उपयोग, व्यवस्थित स्क्रैप निपटान एवं कार्यस्थलों के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में कंपनी के प्रयासों को दर्शाती है।

रिकॉर्ड प्रबंधन एवं लंबित प्रकरणों के निपटान में उल्लेखनीय प्रगति

स्पेशल कैंपेन 6 के अंतर्गत एसईसीएल ने भौतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक फाइलों के प्रबंधन में भी निर्धारित लक्ष्यों से अधिक उपलब्धि हासिल की है।
कंपनी ने 500 भौतिक फाइलों की समीक्षा के लक्ष्य के विरुद्ध 2,100 फाइलों की समीक्षा की है, जबकि 200 के लक्ष्य के मुकाबले 872 भौतिक फाइलों की नियमानुसार छंटनी कर उन्हें रिकॉर्ड से हटाया गया है।

इसी प्रकार, 7,000 ई-फाइलों की समीक्षा के लक्ष्य के विरुद्ध 14,215 ई-फाइलों की समीक्षा की गई है। वहीं 3,000 ई-फाइलों को बंद करने के लक्ष्य के मुकाबले 13,708 ई-फाइलों का निस्तारण किया गया है।
इन प्रयासों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने, लंबित मामलों के निपटान एवं सुशासन को बढ़ावा देने में सहायता मिल रही है।

ई-वेस्ट प्रबंधन एवं ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पहल

स्पेशल कैंपेन 6 में ई-वेस्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निपटान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत एसईसीएल मुख्यालय सहित विभिन्न संचालन क्षेत्रों में ई-वेस्ट संग्रहण अभियान चलाए जा रहे हैं।
एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में कर्मचारियों द्वारा पुराने एवं अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जमा करने के लिए विशेष ई-वेस्ट संग्रहण बिन स्थापित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस बिन का निर्माण भी अनुपयोगी सामग्री से किया गया है, जो ‘वेस्ट टू वेल्थ’ अर्थात कचरे से उपयोगी संसाधन बनाने की अवधारणा का उदाहरण है।

एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों में भी ई-वेस्ट संग्रहण एवं जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि स्पेशल कैंपेन 6 का क्रियान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में स्वच्छता, ई-वेस्ट प्रबंधन, उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग, स्क्रैप निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन एवं लंबित प्रकरणों का निस्तारण शामिल हैं।

इन पहलों के माध्यम से एसईसीएल स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित कार्यस्थलों, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, प्रशासनिक दक्षता एवं सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

Continue Reading

कोरबा

SECL गेवरा और ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता संपन्न, बसाहट रोजगार और मुआवजा मामलों पर बनी सहमति

Published

on

​कोरबा/​गेवरा l ​एसईसीएल गेवरा क्षेत्र अंतर्गत प्रभावित ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से अपनी जायज मांगों बसाहट रोजगार मुआवजा और पुनर्वास को लेकर किए जा रहे संघर्ष के बाद गत 23 अक्टूबर 2026 को एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के सभागार में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई l बैठक में सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में ग्रामीणों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई और कई अहम निर्णय लिए गए l

​प्रमुख उपस्थिति

​इस त्रिपक्षीय वार्ता में कटघोरा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक प्रेमचंद पटेल, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा विपिन दुबे, तहसीलदार दीपका राजभानु, एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक (CGM) अशोक कुमार, स्टाफ ऑफिसर (भू-राजस्व), कार्मिक प्रबंधक सुधा शिंडे, ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप, ग्राम नराईबोध की पार्षद अमिला पटेल, पार्षद पति राकेश पटेल, रुद्र दास महंत, जगदीश पटेल, शशि साहू, ललित महिलांगे, रामायण लाल यादव, सहसराम, सुंदर साय, मकसुदन यादव, समारु दास, नवीन दास, संजय पाल, कृष्णा कुमार तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण व अन्य जनप्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।

​बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं चर्चा के बिंदु

  1. ​बसाहट स्थल का रकबा और आवंटन:- ग्रामीणों द्वारा मांग की गई थी कि इश्तहार प्रकाशन के अनुसार बसाहट के लिए 74.00 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए l इस पर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा की दृष्टि से समतलीकरण के उपरांत लगभग 300 से 330 प्लॉट इस स्थल पर केवल नराईबोध के ग्रामवासियों के लिए ही आबंटित किए जा सकेंगे ।
  2. ​एकमुश्त राशि और पुनर्वास प्रक्रिया:- प्रबंधन ने जानकारी दी कि लगभग 450 लोगों ने बसाहट के एवज में एकमुश्त राशि के लिए सहमति दी है l पुनर्वास हेतु पात्र व अपात्र लोगों की सूची तैयार की जा रही है, जिसे बिलासपुर मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही, दिसंबर 2026 से प्लॉट आबंटन और मकान ध्वस्तीकरण व भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी ।
  3. ​परिसम्पत्तियों का मुआवजा व अन्य तकनीकी विषय:-
  4. भू-स्वामियों और मकान स्वामियों के बीच सहमति न बनने की स्थिति में एसओपी मानक संचालन प्रक्रिया के नियमों के तहत ही भुगतान की कार्यवाही की जाएगी ।
  5. ​कटघोरा एसडीएम और गेवरा महाप्रबंधक द्वारा अवगत कराया गया कि बिना भू-स्वामी या उनके विधिक वारिसों की सहमति के भुगतान करने पर यदि आपत्ति आती है, तो मुख्यालय से समय-सीमा के भीतर निर्देश प्राप्त कर उचित कदम उठाए जाएंगे ।
  6. ​ग्राम नराईबोध के घटते क्रम की सूची में निर्धारित कट-ऑफ पॉइंट 0.51 एकड़ तक के संशोधन से संबंधित कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसे सक्षम अधिकारी के अनुमोदन उपरांत जल्द पूरा किया जाएगा।

​ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे चाहते हैं कि कंपनी द्वारा उनकी मूलभूत हक बुनियादी व्यवस्था पानी, सुरक्षा और विस्थापन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान किया जाए l इसके साथ ही ग्रामीणों ने बैठक में कहां कि समय-सीमा अनुरूप समस्याओं का निराकृति होना चाहिए आंदोलन करने के लिए बाध्य न होना पड़े l

बैठक के अंत में एसईसीएल के अधिकारी ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में बैठक की समाप्ति की घोषणा की गई ।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677