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वांगचुक की पत्नी बोलीं-सोनम जेल में फर्श पर सो रहे:बैरक में टहलने तक की जगह नहीं, सरकार जानती हैं उनके केस में दम नहीं

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नई दिल्ली,एजेंसी। लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जेल में फर्श पर कंबल में सोना पड़ा रहा है। उनके पास कोई फर्नीचर नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनके बैरक में इतनी भी जगह नहीं है कि वे ठीक से टहल सकें। आंगमे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तारीख पर तारीख मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि केस में कोई दम नहीं है।

गीतांजलि ने न्यूज एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में ये बाते कहीं। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था।

यह कार्रवाई लेह में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे।

गीतांजलि ने और क्या कहा…

  • गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम वांगचुक की हिरासत के खिलाफ विरोध न होने से वह थोड़ी निराश हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आवाज़ को और एकजुट और मज़बूत होना चाहिए।
  • आंगमो के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिए गए व्यक्ति को 5 से 10 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज दिए जाने चाहिए। लेकिन वांगचुक को जरूरी वीडियो 28वें दिन दिए गए।
  • उन्होंने कहा कि यह NSA की धारा 8 का उल्लंघन है और इसी आधार पर हिरासत आदेश रद्द होना चाहिए। जरूरी दस्तावेज देर से मिलने के कारण वांगचुक सलाहकार बोर्ड के सामने प्रभावी तरीके से अपनी बात नहीं रख पाए।
  • जिन पांच FIR का हवाला दिया गया है, उनमें से तीन में वांगचुक का नाम नहीं है। जिन दो FIR में नाम है, उनमें से एक अगस्त 2025 की है, जिसमें न तो नोटिस दिया गया और न पूछताछ हुई।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि जिला मजिस्ट्रेट का हिरासत आदेश पुलिस के प्रस्ताव की कॉपी-पेस्ट है। अधिकारी को अपना दिमाग लगाना चाहिए, सिर्फ कागज़ों की नकल नहीं करनी चाहिए।
  • आंगमो ने कहा कि वे मामले को राजनीतिक नहीं बनाना चाहतीं। लेकिन उन्होंने कोर्ट में हो रही देरी पर चिंता जताई। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की ओर से तारीख पर तारीख ली जा रही है।
  • गीतांजलि बोलीं- सोनम जेल के अनुभव पर किताब लिख रहे
  • गीतांजलि आंगमो ने बताया कि सोनम जेल के अपने अनुभव पर जो किताब लिख रहे हैं, उसका टाइटल शायद फॉरएवर पॉजिटिव होगा। अगर वह कुछ चींटियों और उनके व्यवहार को देखते हैं, तो वह मुझसे चींटियों के व्यवहार पर किताबें लाने के लिए कहते हैं।
  • उन्होंने कहा कि चींटियों के समुदाय में बहुत एकता, बहुत टीम भावना होती है। तो, शायद वह उसका अध्ययन करना चाहते हैं। उनके मुताबिक वांगचुक को धूपघड़ी पर किताबें चाहिए थीं, क्योंकि उनके पास लंबे समय तक घड़ी नहीं थी। वांगचुक को मैकेनिकल घड़ियों सहित कोई भी डिवाइस रखने की इजाजत नहीं है।
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राज्यसभा में खड़गे बोले- प्रधान इस्तीफा दें, फिर चर्चा करेंगे:राहुल समेत कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे, हंगामे के बीच दोनों सदन कल तक स्थगित

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नई दिल्ली, एजेंसी। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। हंगामे के बीच लोकसभा-राज्यसभा को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, वे सदन में नीट पेपर लीक मामले में चर्चा तभी चाहते हैं जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे दें।

सदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की पेशकश कर रही है। लेकिन विपक्ष मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।

राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी पार्टियां 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक का विरोध कर रही हैं।

आमतौर पर सफेद टी-शर्ट में नजर आने वाले राहुल काले रंग की टी-शर्ट, पैंट और चप्पल पहनकर संसद पहुंचे।

आमतौर पर सफेद टी-शर्ट में नजर आने वाले राहुल काले रंग की टी-शर्ट, पैंट और चप्पल पहनकर संसद पहुंचे।

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केदारनाथ पैदल मार्ग फिर बंद: गौरीकुंड के पास पहाड़ी से गिरा मलबा, श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया

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रुद्रप्रयाग, एजेंसी। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला में भगवान शंकर के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग बुधवार सुबह पहाड़ों से पत्थर और मलबा आने के कारण एक बार फिर बंद हो गया। जिला आपदा परिचालन केंद्र प्रभारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि सुबह छह बजकर एक मिनट पर सूचना प्राप्त हुई कि गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी के समीप केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर एवं मलबा आने के कारण मार्ग अस्थायी रूप से अवरुद्ध हो गया है। 

सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र द्वारा तत्काल सेक्टर अधिकारी, गौरीकुंड को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर सुरक्षात्मक कार्यों के साथ-साथ मार्ग से मलबा हटाने और आवागमन शीघ्र सुचारु करने में जुटी हुई हैं। रजवार ने बताया कि मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है तथा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 

NDRF और SDRF अलर्ट मोड पर
मौके पर जिला आपदा प्रतिक्रिया बल, वाईएमएफ, आपदा मित्र, एमपीएफ तथा पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं सुरक्षा कार्यों में लगी हुई हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एवं राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनकी सेवाएं ली जा सकें। रजवार  ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रियों की आवाजाही पुन: शुरू की जाएगी। 

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कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला, हेड कॉन्स्टेबल की मौत:अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में तैनात थे, लश्कर से जुड़े आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी ली

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श्रीनगर, एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के लाल चौक इलाके में बुधवार को आतंकियों ने पुलिस पर हमला किया। इसमें हेड कॉन्स्टेबल (35 साल) की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक दोपहर करीब 12:30 बजे आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर अचानक फायरिंग की।

सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलियां चलीं। इस दौरान हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हमले के बाद आतंकी भाग गए। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। जिस जगह फायरिंग हुई, वह शहर का मुख्य बाजार है। यहां आम दिनों में भी काफी भीड़ रहती है।

सभी रास्तों पर नाकेबंदी, आतंकियों की तलाश तेज

घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे लाल चौक और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी। अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजे गए और आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

इलाके में आने-जाने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर वाहनों और लोगों की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले में कितने आतंकी शामिल थे और फायरिंग के बाद वे किस दिशा में भागे।

आतंकी हमले में शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी बडगाम के निवासी थे।

आतंकी हमले में शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी बडगाम के निवासी थे।

जम्मू-कश्मीर में हाल की दो आतंकी घटनाएं

1. 18 जुलाई: राजौरी LoC पर घुसपैठ की कोशिश

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर 17 जुलाई की रात संदिग्ध गतिविधि देख भारतीय सेना ने फायरिंग की। अधिकारियों के मुताबिक, तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में रात करीब 10 बजे सैनिकों ने कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधि देखी, जिसके बाद फायरिंग की गई।

अधिकारियों ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक दोनों ओर से रुक-रुककर गोलीबारी हुई। हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। सेना का मानना है कि संदिग्ध आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

2. 8 जुलाई : शोपियां लश्कर कमांडर जाकिर अहमद ढेर

सुरक्षाबलों ने शोपियां में मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी को मार गिराया। वह पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी 14 मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल था। ऑपरेशन सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त रूप से चलाया था।

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