रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में शहीद नंदकुमार यूनिवर्सिटी के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। पिछले 6 साल 200 एकड़ जमीन से देखा जा रहा है, लेकिन अब तक जमीन नहीं मिल पाने के चलते केआईटी की पुरानी बिल्डिंग पर संचालित हो रही है। जिससे यूनिवर्सिटी के कई काम प्रभावित हो रहे हैं।
दरअसल, साल 2020 से शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इससे पहले पॉलिटेक्निक की बिल्डिंग में यूनिवर्सिटी का काम चल रहा था, तो अब गढ़उमरिया रोड स्थित केआईटी की बिल्डिंग में संचालित है।
विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी जरूरत उसकी जमीन है। जिससे विश्विविद्यालय के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालयों का काम बेहतर ढंग से संचालित हो सके। इसके बाद भी यूनिवर्सिटी के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। बताया जा रहा है कि शाहिद नंद कुमार पटेल यूनिवर्सिटी के लिए 200 एकड़ जमीन की जरूरत है।
जिससे उसमें विश्वविद्यालय के अलग-अलग शिक्षण विभागों के साथ ही अन्य काम हो सके। ऐसे में यूनिवर्सिटी के लिए जिले में दो जगह पर जमीन भी देखी गई थी, लेकिन उसमें वन भूमि क्षेत्र आने से वह भूमि यूनिवर्सिटी को नहीं मिल सकी। अब लगातार इसके लिए विश्वविद्यालय प्रयास कर रहा है।
विश्वविद्यालय के तहत 4 जिले के महाविद्यालय
विश्वविद्यालय के तहत चार जिले आते हैं। जिसमें जांजगीर चांपा, सक्ती, सारंगढ़ और रायगढ़ शामिल है।
इन चार जिलों में महाविद्यालय की एकेडमिक गतिविधियों के लिए विश्वविद्यालय काम करता है।
विश्वविद्यालय के तहत 136 महाविद्यालय हैं। जिसमें से करीब 40 शासकीय महाविद्यालय। बाकी 100 अशासकीय महाविद्यालय हैं।
विश्वविद्यायल चारों जिलों की महाविद्यायलय की परीक्षाएं आयोजित करता हैं। उनका एकेडमीक कार्य करता है।
छात्र चाहते थे कि पीएचडी का प्रवेश विश्वविद्यालय में शुरू हो। पीएचडी प्रवेश के लिए भी जल्द प्रक्रिया की जा रही है।
स्टाफ की भी कमी से जूझ रहा विश्वविद्यालय
बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय में अलग अलग शिक्षण विभाग शुरू करने का है। उस दिशा में भी प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। शुरुआती तौर पर 14 विभागों के लिए लिखा गया है।विश्वविद्यालय में स्टाफ की कमी भी देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि 62 पद राज्य शासन से स्वीकृत किया है। 177 पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव राज्य शासन के पास विचाराधीन है। इन पदों पर भर्ती करने की नियुक्ती करने की अनुमती प्राप्त नहीं हुई है।
यूनिवर्सिटी के लिए जल्द जमीन मिलने की उम्मीद- कुलपति
यूनिवर्सिटी के कुलपति एलपी पटेरिया ने बताया कि, ये विश्वविद्यालय 2020 में विस्थापित हुआ। शुरुआती दौर में कोरोनाकाल में विकास की गति धीमी रही। 2022 के बाद हमने अपने गतिविधियों को गति दी। अभी कुछ काम शेष है। जैसे की विश्वविद्यायल का जमीन का आबंटन नहीं हो पाया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन, राज्य शासन से समन्वय स्थापित करके जमीन आबंटन के लिये काम कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही राज्य शासन की तरफ से जमीन आबंटित कर दी जाएगी।
भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विश्वविद्यालय को कम से कम 200 एकड़ जमीन चाहिए होगी। कुछ जमीन देखी गई थी, लेकिन वनभूमि होने के कारण उसमें परेशानी आ गई है। दूसरे जमीन के लिए प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से चर्चा कर रहे हैं।
कोरबा। शासन के निर्देशानुसार जिले में 9 फरवरी से 18 फरवरी 2026 तक ‘वजन उत्सव’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 ब्लॉक स्थित एसईसीएल कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 15 के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 22404030620 में शुक्रवार को 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष वजन उत्सव शिविर आयोजित किया गया।
शिविर के दौरान क्षेत्र के सभी बच्चों का एक-एक कर इलेक्ट्रॉनिक मशीन से वजन तथा ऊंचाई मापी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक विकास की नियमित निगरानी करना एवं कुपोषण की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों को बच्चों का नियमित वजन कराने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार देने तथा स्वच्छता के महत्व के संबंध में जानकारी दी। साथ ही गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को भी पोषण संबंधी आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उमा राय एवं मालती सारथी, सहयोगी कार्यकर्ता पूर्णिमा सिंह, मितानिन उर्मिला चौधरी एवं अनिता यादव, आंगनबाड़ी सहायिका सुशीला सारथी व निर्मला चौधरी ननका हितग्राही—सपना राणा, पुष्पा साहू, रजनी सूर्यवंशी, तुलसी ठाकुर, नीलम, रवीना साहू, उपासना साहू, आराधना, प्रिंस और अशोक—तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित इस पहल से अभिभावकों में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी तथा समुचित पोषण एवं विकास पर विशेष बल दिया गया।
पीएम श्री विद्यालय के वार्षिकोत्सव में प्रतिभाओं को किया गया सम्मानित
पाटन। आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं शिष्टाचार का समावेश अत्यंत आवश्यक है। गुरुकुल परंपरा की मूल भावना को अपनाते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है।उक्त विचार रूपनारायण सिन्हा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा पीएम श्री प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला अखरा (पाटन), जिला दुर्ग के वार्षिकोत्सव एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए गए।
श्री सिन्हा ने कहा कि पीएम श्री विद्यालय की संकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधायुक्त, गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करना है। इस पहल के अंतर्गत शिक्षा के साथ-साथ संगीत, खेल एवं योग जैसी गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेंद्र वर्मा द्वारा की गई। अतिथियों का शाला प्रबंधन समिति द्वारा पुष्पगुच्छ, शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया।
वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, योगासन एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रभावी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधिगण, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षकगण एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से सौजन्य भेंट कर प्रदेश में संचालित महिला एवं बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर अवगत कराया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्वावलंबन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को विकास की धुरी मानते हुए योजनाओं को और अधिक प्रभावी स्वरूप दे रही है।
बैठक में मातृशक्ति सशक्तिकरण, पोषण अभियान की प्रगति, बाल संरक्षण सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं के उन्नयन तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन जैसे विषयों पर सकारात्मक एवं परिणाममुखी विचार-विमर्श हुआ। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ में संचालित नवाचारों, जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों तथा हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की।
केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने योजनाओं के प्रभावी संचालन, मॉनिटरिंग तंत्र को मजबूत करने तथा पात्र हितग्राहियों तक लाभ की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य के समन्वित प्रयासों को महिला एवं बाल कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग एवं मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाएगा। सुशासन सरकार मातृशक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।