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छत्तीसगढ़

मां बोली-बेटी को उसके बॉयफ्रेंड ने जिंदा जलाया:कहा-होटल में झगड़ा हुआ था, मारपीट कर लगाई आग, आदिवासी होने के कारण मामला दबाया जा रहा

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सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मां ने अपनी बेटी को जिंदा जलाने का आरोप उसके बॉयफ्रेंड पर लगाया है। यह भी आरोप है कि घटना के बाद बॉयफ्रेंड के दोस्तों ने युवती को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, 8 दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।

इधर, युवती की मां ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आदिवासी होने के कारण दबाव बनाया जा रहा है। किसी तरह से कार्रवाई करने से इनकार किया जा रहा है। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की है।

मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, गर्लफ्रेंड का नाम दिशा मरावी (23) है, जो वार्ड नंबर-11 झूलकदम की रहले वाली थी। जबकि बॉयफ्रेंड का नाम योगेन्द्र साहू है, वह सकरेली कला का रहने वाला है। आरोप है कि योगेंद्र ने तारपीन डालकर दिशा को आग के हवाले कर दिया।

बाद में योगेंद्र के दोस्त ने दिशा को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद अननोन नंबर मामले की जानकारी युवती की मां को दी। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आरोप है कि विवाद के बॉयफ्रेंड ने आरोपी ने होटल के कमरे में गर्लफ्रेंड को आगे हवाले कर दिया।

आरोप है कि विवाद के बॉयफ्रेंड ने आरोपी ने होटल के कमरे में गर्लफ्रेंड को आगे हवाले कर दिया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद युवती के परिजन बिहान अस्पताल पहुंचे।

मामले की जानकारी मिलने के बाद युवती के परिजन बिहान अस्पताल पहुंचे।

बिलासपुर में 16 दिनों तक चले इलाज के बाद युवती ने दम तोड़ दिया।

बिलासपुर में 16 दिनों तक चले इलाज के बाद युवती ने दम तोड़ दिया।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, दिशा मरावी कॉलेज में पढ़ाई करती थी, जबकि मां मीना मरावी सरकारी स्कूल में लेक्चरर है। 2008 में पति से तलाक के बाद मां-बेटी अलग रहते थे। वहीं दिशा और सब्जी व्यापारी योगेंद्र साहू के बीच प्रेम संबंध था।

मां मीना मरावी के अनुसार, 24 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 1:40 बजे मीना मरावी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि दिशा गंभीर रूप से जली हुई हालत में बिहान नर्सिंग होम में एडमिट है।

दिशा मरावी की मां ने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की है।

दिशा मरावी की मां ने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की है।

बिलासपुर में इलाज के दौरान मौत

जानकारी मिलते ही मां अस्पताल पहुंची। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद दिशा को बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया। दिशा को बर्न उपचार सुविधा वाले अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

वहां आईसीयू में इलाज के दौरान 1 फरवरी को उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बिलासपुर के तारबाहर थाना में शून्य में केस दर्ज किया गया। इसके बाद पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की गई। हालांकि, अभी तक केस डायरी और रिपोर्ट सक्ती पुलिस को नहीं सौंपी गई है।

दिशा की फाइल फोटो।

दिशा की फाइल फोटो।

मां बोली- होटल में बुलाकर तारपीन डालकर आग लगाई

मीना मरावी ने आरोप लगाया है कि योगेन्द्र कुमार साहू ने दिशा को होटल में बुलाया। वहां तारपीन तेल छिड़ककर उसे आग लगा दी गई। उन्होंने इस घटना में महेन्द्र कुमार सिदार और आशीष पटेल की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है।

अस्पताल ले जाते समय दिशा ने बताई घटना

मीना मरावी के अनुसार अस्पताल ले जाते समय दिशा ने बताया था कि उसे बाराद्वार रोड स्थित होटल में बुलाया गया था। वहां विवाद के बाद उसके साथ मारपीट की गई और फिर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।

युवती की मां का दावा है कि आरोपी ने दिशा को धमकाकर घटना को किसी और जगह हुई बताने का दबाव भी बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि दिशा की मौत से पहले बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) लिया गया था या नहीं। अगर बयान लिया गया, तो परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।

दिशा की मां ने थाने में आवेदन देकर मामले की शिकायत की है।

दिशा की मां ने थाने में आवेदन देकर मामले की शिकायत की है।

CCTV और गवाहों की जांच पर भी संदेह

मां ने आरोप लगाया है कि कथित घटनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने CCTV फुटेज की जांच पर भी सवाल उठाए हैं।

मीना मरावी ने कहा कि घटना के बाद से अब तक नामजद आरोपियों को हिरासत में नहीं लिया गया है। इस वजह से उन्हें न्याय मिलने में देरी का डर है।

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कोरबा

कोरबा दीपका में उपचुनाव, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, क्या पावर का हुआ गलत इस्तेमाल

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प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोकने मनमाना नियम थोपने का आरोप

हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी शोभा तिग्गा की उम्मीदें

बिलासपुर//कोरबा। कोरबा जिले के नगर पालिका परिषद दीपका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 में हो रहे उपचुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है इस उपचुनाव में भाग लेने की इच्छुक अभ्यर्थी का नामांकन पत्र मनमाना नियम थोप कर लेने से अस्वीकार कर कर दिया गया इससे क्षुब्ध हो कर शोभा तिग्ग ने उच्च न्यायालय की शरण ली है अपने अधिवक्ता अंशुल तिवारी के माध्यम से याचिका दायर कर राहत देने की गुहार लगाई है इसमें छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग के साचिव/कमिश्नर, रायपुर, जिला निर्वाचन अधिकारी कोरबा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपका व रिटर्निंग ऑफिसर, वार्ड नंबर 15 को प्रतिवादी बनाया गया है ।

याचिकाकर्ता शोभा तिग्गा वार्ड 15 दीपका की निवासी है, उसने दीपका के वार्ड नंबर 15 के काउंसलर/पार्षद के पद के लिए उसकी उम्मीदवारी में रुकावट डालने के लिए नगर पालिका अधिकारियों की मनमानी कार्रवाई को चुनौती दी है। 11.05.2026 के इलेक्शन नोटिफिकेशन के मुताबिक वह पालिका चुनाव लड़ना चाहती थी और उसने कानून के मुताबिक अपने नामांकन पत्र तैयार किए थे। इलेक्शन शेड्यूल में नॉमिनेशन पेपर फाइल करने की आखिरी तारीख 18.05.2026 तय की गई थी, जिसमें 01.06.2026 को पोलिंग और 04.06.2026 को काउंटिंग तय है ।

दुकान का एनओसी मांगा गया,इसी पर सवाल

शोभा तिग्गा ने हाईकोर्ट को बताया कि उसने पहले साल 2021 में नगर पालिका दीपका के अंतर्गत चौपाटी में दुकान नंबर 06 चलाने के लिए एक एग्रीमेंट किया था और उसी साल उस दुकान से जुड़े सभी ड्यूज़ (बकाया) भी क्लियर कर दिए थे लेकिन जब उसने 18 मई 2026 को अपना नॉमिनेशन पेपर जमा करने के लिए ऑफिस गई तो चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर ने एक विवादित लेटर जारी किया जिसमें उसे उस दुकान के संबंध में म्युनिसिपल काउंसिल से एक NOC या पंचनामा पेश करने का निर्देश दिया गया था इसके तुरंत बाद 18 मई को ही शोभा तिग्गा ने एक रिक्वेस्ट दी जिसमें उसी ऑफिस से NOC जारी करने की मांग की गई क्योंकि CMO खुद ही वह अथॉरिटी थे जो ऐसे NOC पर ज़ोर दे रहे थे और किसी भी बकाया का स्टेटस साफ़ करने और NOC जारी करने के लिए भी वही अथॉरिटी थे याचिकाकर्ता ने कहा है कि ऐसे डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना पूरी तरह से मनमाना था और किसी भी कानूनी नियम से सपोर्टेड नहीं था पिटीशनर का कहना है कि 2021 के बाद से उसके खिलाफ कभी कोर्ड बकाया नोटिस डिमांड या रिकवरी की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

न्याय सिद्धान्तों का उल्लंघन

पिटीशनर शोभा तिग्गा का कहना है कि विवादित कार्रवाई गैर-कानूनी मनमाना और नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों का उल्लंघन है क्योंकि रेस्पोंडेंट्स ने नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करने के लिए एक गैर-कानूनी शर्त लगाने की कोशिश की है यह खास तौर पर कहा गया है कि पिटीशनर छत्तीसगढ़ म्युनिसिपैलिटीज एक्ट 1961 के सेक्शन 35 के तहत किसी भी तरह की डिसक्वालिफिकेशन के दायरे में नहीं आती है क्योंकि उसके खिलाफ कोई मौजूदा म्युनिसिपल बकाया नहीं है और डिसक्वालिफिकेशन लिए कानूनी शर्तें नहीं हैं रेस्पोंडेंट बिना इजाज़त NOC की ज़रूरत पर ज़ोर देकर कानूनी तौर पर अयोग्य ठहराए जाने का दायरा नहीं बढ़ा सकते। पिटीशनर ने 18.05.2026 के विवादित लेटर को रद्द करने और रेस्पोंडेंट को यह निर्देश देने की मांग की है कि वे कानून के तहत तय नहीं किए गए किसी भी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर दिए बिना उसका नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करें और प्रोसेस करें ।

मनमानी, बेमतलब और पावर का गलत इस्तेमाल

शोभा तिग्गा ने याचिका में कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया मनमानी बेमतलब और सही प्रक्रिया की बुनियादी ज़रूरतों के खिलाफ है उसको ऐसा कोई कानूनी नियम नहीं दिखाया गया जिसके तहत काउंसिलर/पार्षद के ऑफिस के लिए नॉमिनेशन स्वीकार करने की शर्त के तौर पर नगर निगम से पहले किराए पर ली गई दुकान के संबंध में कोई NOC जमा करने की ज़रूरत हो शोभा का कहना है कि जिस लेटर पर सवाल उठाया गया है वह उसे उसका नॉमिनेशन पेपर दाखिल करने से रोकने का एक साफ तरीका है जिससे चुनाव लड़ने के उसके डेमोक्रेटिक (लोकतांत्रिक) अधिकार को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है आरोप है कि यह सब जानबूझकर रुकावट डालने के मतलब में गलत इरादे से की गई है भले ही किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई निजी गलत इरादे न बताए गए हों बार-बार कहने के बावजूद नॉमिनेशन स्टेज पर एक गैर-कानूनी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना, पावर का मनमाना इस्तेमाल दिखाता है ।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 13 कर्मियों को भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। 31.05.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले 13 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में दिनांक 30.05.2025 को निदेशक तकनीकी (संचालन) एन फ्रैंकलिन जयकुमार के मुख्य आतिथ्य, निदेशक (वित्त) डारला सुनील कुमार एवं निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, विभीन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में सक्तिवेल महाप्रबंधक (ई/टी) ई/टी विभाग, एके पटनायक महाप्रबंधक (सिविल) सायडिंग विभाग, आरके भारत वरिष्ठ प्रबंधक (सर्वे) एमसीआर विभाग, अजय दत्ता चौधरी वरि.तक.निरीक्षक ग्रेड ए-1 गुणवत्ता विभाग, श्रीमती विनीता मसीह मेट्रन ग्रेड ए-1 इंदिरा विहार डिस्पेंसरी, प्रकाश कुमार द्विवेदी सुरक्षा उप निरीक्षक सुरक्षा विभाग, सुनील नायर सहायक सुपरवाईजर निदे. (वित्त) सचिवालय, नारायण आचार्जी सहायक सुपरवाइजर ग्रेड-सी परिवहन विभाग, बजरंग चौहान प्यून ग्रेड-एच पीएफ-पेंशन विभाग, चैतराम कुर्मी इलेक्ट्रीशियन वसंत विहार सब स्टेशन, श्रीमती अनारकली बंजारे केटेगरी-III सामग्री प्रबंधन विभाग को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी, वहीं बी. एन. झा महाप्रबंधक (खनन) निदेशक तकनीकी संचालन सचिवालय, मनोज मिश्रा वरिष्ठ प्रबंधक (सर्वे) एसईसीएल भोपाल कार्यालय भी दिनांक 31.05.2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं ।

इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी के योगदान, कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्जवल भविष्य की ईश्वर से कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहां के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं ।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।

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कोरबा

“ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान जन-जागरूकता हेतु बैठक सम्पन्न

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भारतीय सांस्कृतिक विरासतों एवं प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा को बचाने के लिए संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक – सतीश प्रकाश सिंह

कोरबा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु व्यापक, सुनियोजित एवं प्रभावी कार्यवाही कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सतत रूप से की जा रही है।

इस कड़ी में आम जनमानस तथा समाज के सभी वर्गों में जन-जागरूकता लाने के लिए “ज्ञानभारतम् मिशन” कोरबा के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में 26 मई 2026 को अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने कोरबा जिले में संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के महत्व तथा उद्देश्यों को बताया।
श्री सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रतीक प्राचीन पाण्डुलिपियाँ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासतों की प्रतीक हैं, इनके डिजिटल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक हैं।
जिला समन्वयक श्री सिंह ने बताया कि “ज्ञानभारतम्” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी सांस्कृतिक विरासत रूपी महत्वपूर्ण,ऐतिहासिक और दुर्लभ हस्तलिखित पाण्डुलिपियों (ताड़पत्र, भोजपत्र, कागज़, पुरानी लिपि के हस्तलिखित ग्रन्थ, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व के हस्तलिखित दस्तावेज आदि) को बचाने और उन्हें डिजिटल संरक्षण करने का कार्य सतत रूप से किया जा रहा हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनसमुदाय की सहभागिता आवश्यक हैं। जिले में “ज्ञानभारतम् अभियान” को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का कार्य सतत रूप से किया जा रहा हैं।

जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासतों एवं प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को बचाने के लिए तथा दुर्लभ पाण्डुलिपियों को डिजिटल संरक्षण करने के लिए जिले में संचालित किये जा रहे राष्ट्रीय महत्व के “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि जिले में व्यापक रूप से संचालित किये जा रहे “ज्ञान भारतम् अभियान” में 75 वर्ष से पुराने हस्तलिखित अभिलेखों, प्राचीन पाण्डुलिपियों, ग्रंथों, पोथियों का सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण में अहम् भूमिका निभाने वाले संरक्षकों, सर्वेक्षणकर्ताओं को तथा अभियान में अपना सक्रिय योगदान देने वाले लोगों को प्रमाण-पत्र भेंट करके सम्मानित किया जावेगा।

इस अवसर पर “ज्ञानभारतम्” अभियान में सहभागिता निभाते हुए रेडक्रॉस कोरबा के अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल,कमला नेहरू महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा, अग्रसेन महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल,वरिष्ठ पत्रकार गेंदलाल शुक्ल ने कार्यक्रम में अपने विचार प्रकट किये।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की “ज्ञानभारतम्” प्रभारी सहायक प्राध्यापक नूपुर अग्रवाल के द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार झा के द्वारा किया गया।

बैठक में सहायक प्राध्यापक डॉ. आसमां सिंह, डॉ. मन्दाकिनी चंद्रा,डॉ.शकुंतला जायसवाल, डॉ. भारती कुलदीप, डॉ. आसीबाला गुप्ता, रमिता दास, मंजीत कौर लाम्बा, डॉ. पियाधार सिंह, डॉ. प्रशांत सिंह राजपूत,अनिल अग्रवाल अग्रवाल सभा मिडिया प्रभारी, नानक सिंह राजपूत सहित विभिन्न समाज के प्रतिनिधिगण, स्वयंसेवी संस्थाओं,सामाजिक संस्थाओं के सदस्यगण, शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, “ज्ञानभारतम् प्रभारी सहायक प्राध्यापक, “ज्ञानभारतम् दूत” युवा टीम, स्वयंसेवी वालंटियर्स एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

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