बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी पर हमला कर 3 करोड़ 35 लाख की लूट की गई है। कार सवार बदमाशों ने पहले उनकी कार को टक्कर मारी। फिर विवाद करते हुए पिस्टल तान कर हथौड़े से सिर पर जानलेवा हमला कर दिया।
इसके बाद लुटेरे उनकी कार समेत 2 किलो 200 ग्राम सोना, 3 लाख 50 हजार कैश सहित 3 करोड़ 35 लाख का माल लूटकर भाग गए। हमले में घायल कारोबारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लूट की इस घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है।
वीडियो में कारोबारी पर लुटेरे हमला करते दिख रहे हैं। फिलहाल, पुलिस शहर और पड़ोसी जिलों में नाकेबंदी कर लुटेरों की तलाश कर रही है। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है।
वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें –
राजकिशोर नगर कॉलोनी के बीएसएनल ऑफिस गली के तिराहे के पास कारोबारी पर हमला हुआ।
टोपी पहने और रूमाल से मुंह ढके आरोपी ने पिस्टल दिखाकर लोगों को दूर खदेड़ा।
पुलिस ने मौके से कारतूस बरामद किए हैं।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, शहर के अरपापार स्थित पॉश कॉलोनी राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी की राजकिशोर नगर वसंत विहार चौक में महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप है। सराफा कारोबारी संतोष बिक्री के लिए दुकान में रखे सोने के जेवरों को रोज कार से लाना-ले जाना करते हैं।
मंगलवार रात करीब 8.30 बजे वो दुकान बंद कर अपनी कार में गहनों को रखकर घर जा रहे थे। अभी वो राजकिशोर नगर कॉलोनी के बीएसएनल ऑफिस गली के तिराहे पर पहुंचे। उसी समय सामने एक सफेद रंग की कार (सीजी 10 बीजे 8147) खड़ी थी।
उनकी कार आते देखकर सामने कार में सवार ड्राइवर ने टक्कर मार दी, जिससे सराफा कारोबारी की कार पर डैश लगा। जिसके बाद वो कार से बाहर निकले।
प्लानिंग के तहत विवाद और हमला
इस दौरान कार सवार बदमाशों ने प्लानिंग के तहत सराफा कारोबारी से विवाद शुरू किया, जिसके बाद पिस्टल निकालकर मारपीट करने लगे। इस बीच लुटेरों के बाइक सवार साथी भी वहां पहुंच गए। लुटेरों ने पिस्टल तान दिया।
झूमाझटकी के दौरान पिस्टल से मैग्जीन नीचे गिर गया, जिसके बाद लुटेरों ने पिस्टल के बट और हथौड़े से कारोबारी के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में संतोष तिवारी खून से लथपथ होकर बुरी तरह से घायल हो गए। उन्हें छोड़कर लुटेरे उनकी कार लेकर फरार हो गए।
लूटेरे अपनी गाड़ी छोड़कर सराफा कारोबारी की गाड़ी ले भागे।
घर से रिश्तेदार को बुलाया, खून से लथपथ थाना पहुंचे
खून से लथपथ घायल सराफा कारोबारी संतोष दौड़ते हुए अपने घर गए, जहां अपने साले के साथ सरकंडा थाना पहुंचे और लूट की जानकारी दी। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया।
वहीं, लूट की खबर मिलते ही टीआई प्रदीप आर्य सहित पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। सीएसपी निमितेश सिंह, एडिशनल एसपी पंकज पटेल भी घटनास्थल पहुंचे।
IG भी पहुंच गए घटनास्थल, पुलिस अफसरों को दिए दिशा निर्देश
शहर में हुई लूट की बड़ी वारदात की खबर मिलते ही IG रामगोपाल गर्ग भी घटनास्थल पहुंचे। उनकी मौजूदगी में मौके को सील कर बारीकी से जांच की गई। जांच के लिए सर्च डॉग, फोरेंसिक टीम और फिंगर एक्सपर्ट को भी बुलाया गया।
आईजी ने शहर के साथ ही जिले और पड़ोसी जिलों में भी नाकेबंदी कराने के निर्देश दिए। एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि लूट की वारदात के बाद पूरा शहर हाई अलर्ट पर है। पुलिस सभी एक्जिट पाइंट पर नाकेबंदी कर कार की तालाश कर रही है। देर रात तक सभी संभावित ठिकानों में भी पुलिस दबिश दे रही।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचेी।
पुलिस को चकमा देने चोरी की कार और बाइक का इस्तेमाल
वारदात के बाद लुटेरे अपनी बाइक और कार मौके पर छोड़ गए हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि कार और बाइक के जरिए बदमाशों की पहचान आसानी से की जा सकती है।
लेकिन, जब पुलिस ने कार और बाइक की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि लुटेरों ने चोरी की वाहनों को वारदात में इस्तेमाल किया है।
आउटर में मिली सराफा कारोबारी की कार
इस वारदात के बाद से पुलिस टीम लगातार लुटेरों की तलाश में जुट गई है। शहर के आउटर इलाकों की तलाशी ली गई। खुद आईजी गर्ग सीपत क्षेत्र में घूमते रहे। इस दौरान शहर के आउटर में उरतुम के पास सराफा कारोबारी की कार बरामद हुई है।
इससे अब आशंका है कि लुटेरों की संख्या करीब आधा दर्जन रही होगी। उनके गिरोह का सदस्य दूसरी गाड़ी से आउटर में उनका इंतजार कर रहा था। प्लानिंग के तहत लुटेरों ने आउटर में कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से फरार हो गए।
सराफा कारोबारी संतोष की फाइल फोटो।
रेकी के बाद लुटेरों ने वारदात को दिया अंजाम
माना जा रहा है कि लुटेरों ने कारोबारी की रैकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया है। उन्हें कारोबारी के रात में घर आने और जाने के रूट की खबर थी। आरोपी दुकान बंद करने के बाद से ही उसके पीछे थे।
पुलिस ने रूट के अलग-अलग जगहों के CCTV फुटेज में बाइक सवारों को कारोबारी के पीछा करते पाया है।
बाहरी गैंग के साथ स्थानीय बदमाशों के शामिल होने की आशंका
जिस तरह से लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया है, इसमें पूरी प्लानिंग दिख रही है। वारदात में इस्तेमाल गाड़ियां चोरी की है। इस घटना में बाहरी गैंग के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
यह भी माना जा रहा है कि गैंग में स्थानीय युवक भी शामिल हैं, जिन्हें दुकान संचालक के गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। इसके साथ ही उसे रूट की भी पूरी जानकारी है।
लुटेरे अपनी बाइक और कार मौके पर छोड़ गए हैं।
पिस्टल लहराते दिखा एक आरोपी
इस घटना के बाद आरोपियों की पहचान करने पुलिस हर कोशिश में जुट गई है। घटनास्थल के एक मकान में लगे CCTV फुटेज की भी जांच की गई। जिसमें लुटेरे युवक कारोबारी पर ताबड़तोड़ हमला करते दिख रहे हैं।
वहीं, बाइक से उतरने के बाद आरेापी बंदूक से दो राउंड फायर करते हुए दिख रहा है। हालांकि, पुलिस की तरफ फायरिंग की पुष्टि नहीं की गई है। जांच के दौरान पुलिस ने मौके पर एक मैगजीन और बुलेट बरामद किया है।
कारोबारी को आई गंभीर चोटें, सिर पर लगे 50 टांके
घायल कारोबारी संतोष तिवारी को घटना के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें ओटी में सिर के चोट की जांच की गई। उनके सिर में कई जगह गहरा जख्म लगा है, जिसमें 50 टांके लगे हैं।
देर रात उन्हें आईसीयू रूम में शिफ्ट किया गया है। अस्पताल में पुलिस और घायल के परिजन बड़ी संख्या में देर रात तक मौजूद थे।
घायल कारोबारी संतोष तिवारी को घटना के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
स्निफर डॉग हरि ओम पैलेस की तरफ भागा
मौके पर फोरेंसिक के साथ डॉग स्क्वायड की टीम भी मौजूद थी। स्निफर डॉग मौके पर आरोपियों की गंध पाने के बाद तेजी से ओम पैलेस अटल आवास की तरफ भागा। इसी दिशा से आरोपियों को भागने की बात कॉलोनी के लोगों ने भी पुलिस को बताई है।
IG बोले- मौके से मैगजीन, कुछ राउंड्स मिले
IG रामगोपाल गर्ग ने कहा कि व्यापारी से लूट की घटना समाने आई है। नाकेबंदी और टेक्नीकल इनपुट के जरिए आरोपियों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। मौके पर किसी ने गोली की आवाज नहीं सुनी है।
एक मैगजीन और कुछ राउंड्स जरूर मिले हैं। मौके पर मिली दो में से एक गाड़ी संभवत चोरी की है, उसकी और डिटेल निकाले जा रहे हैं।
मंत्री गजेंद्र बोले- देशहित में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें:रमन सिंह ने कहा- फैसला जरूरी था, भूपेश बोले- Gen-Z नरसिंह अवतार, मोदी सरकार हिरण्यकश्यप
रायपुर, एजेंसी।शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर लिखा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है।
इसके अलावा भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और Gen Z को नरसिंह अवतार बताया। बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों की जीत है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हार है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधान के इस्तीफे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए ये फैसला जरूरी था। वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।
यादव ने आगे कहा कि बड़े मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा वापस लेना चाहिए।
इधर, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने ‘विजय रैली’ निकाली। रैली के दौरान स्टूडेंट्स ने ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और ’एनटीए (NTA) रद्द करो’ के नारे लगाए। वहीं, छात्रों का कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, लड़ाई अभी भी बाकी है।
भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।
भूपेल बोले- छात्र नरसिंह के अवतार में आए
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम ने सोनम वांगचुक को चीन का ऐजेंट बता दिया था और मंत्री उनको जूस पिला रहे थे। इनकी स्थिति यह है कि जब जरूरत पड़े तो ये किसी को भी अपना बाप बना ले। छात्रों के आगे किसी एजेंसी की नहीं चली। छात्र नरसिंह के अवतार में आए हैं।
रमन सिंह बोले- आंदोलन शांत करने जरूरी था फैसला
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस विषय को लेकर पूरी दुनिया भर में हल्ला मचाया जा रहा था, उसकी इतिश्री हो गई। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने कहा है कि इस मामले में सख्त से सख्त कानून बनाया जाएगा। 10 करोड़ और 10 साल की सजा जैसे कठोर कानून आने वाले समय में बनाएंगे जाएंगे ताकि किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो।
गजेंद्र यादव बोले- देशहित में इस्तीफा वापस लें प्रधान
डॉ रमन सिंह के बयान के कुछ ही समय बाद प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इससे बिल्कुल अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। जब एक बार जांच के लिए कमेटी गठित हो गई है, फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिया गया है, तो उसके बाद मुझे ऐसा लगता है कि धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। बल्कि देशहित में इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए।
12 साल में पहली बार विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा
2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।
मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट
जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं।
कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया।
NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया।
ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना हो सकता है।
बलौदाबाजार, एजेंसी।छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की संयुक्त टीम ने कारोबारी राजकुमार सराफ के बेटों के घर पर दबिश दी है। राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ शराब और जमीन कारोबारी है, उनकी पीतल की फैक्ट्री भी है। कार्रवाई के दौरान अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।
दरअसल, ईडी अधिकारियों ने 24 जुलाई की रात ही बलौदाबाजार पहुंचकर कारोबारी के घर की निगरानी शुरू कर दी थी। अगले दिन रविवार सुबह टीम ने घर में एंट्री कर तलाशी ली। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ED की रेड के बाद आयकर विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की है।
बैंक-संपत्ति समेत कई दस्तावेज खंगाल रही टीम
छापेमारी के दौरान अधिकारी घर के हर कमरे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। कई दस्तावेज खंगाले गए, जिनमें डायरी, बैंक खातों के विवरण, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। परिवार के सदस्यों और कारोबार से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
शहर के बड़े कारोबारी थे राजकुमार सराफ
राजकुमार सराफ शहर के जाने-माने कारोबारी थे। उनके कई व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। राजकुमार के निधन के बाद उनके बेटे राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ कारोबार चला रहे हैं।
अधिकारियों को बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, जिसके चलते यह कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को ED की टीम को कुछ अहम दस्तावेज मिले थे, जिनके आधार पर IT विभाग ने फिर अतिरिक्त कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस जवान तैनात
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है। कारोबारी के घर के बाहर अधिकारियों के साथ पुलिस जवान भी तैनात है। आसपास के लोग दूर से ही घटनाक्रम को देख रहे थे। फिलहाल, जांच जारी है और टीम पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
कोई अधिकारिक बयान नहीं आया
हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक छापे के कारणों और जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच के दौरान क्या कुछ मिला, इसे लेकर सफाई नहीं दी गई है।
बताया जा रहा है कि छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
बालोद, एजेंसी।छत्तीसगढ़ के बालोद में महिला और उसका परिवार टीवी पर दिखाए गए ज्योतिष के विज्ञापन के झांसे में आ गया। आरोप है कि ठगों ने पूजा-पाठ से चौथे स्टेज का कैंसर ठीक करने का दावा किया और महिला से अलग-अलग खातों में 13 लाख 13 हजार 673 रुपए जमा करा लिए।
जब पति की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और पत्नी ने पैसे वापस मांगे। ऐसे में आरोपियों ने पुलिस, सीबीआई और हत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी। महिला ने पति के इलाज की उम्मीद में अपना सोना गिरवी रखा और परिचितों से कर्ज लेकर यह रकम जुटाई।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, ठगी का यह सिलसिला 28 नवंबर 2024 से 30 मई 2026 तक चलता रहा। मामला रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री का है।
पीड़ित महिला का नाम प्रेमलता चंद्राकर (55) है। उनका परिवार खेती-किसानी करता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति ऋषि चंद्राकर चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। धार्मिक चैनल पर पं. वेद प्रकाश तिवारी की लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था का विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से उनके पति पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। इसके बाद अलग-अलग पूजा और अनुष्ठानों के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाने लगे। आरोपी राहुल तिवारी ने सबसे पहले बारकोड के जरिए 30 हजार रुपए जमा कराए।
इसके बाद 28 नवंबर 2024 को फोन-पे के माध्यम से 18 हजार रुपए और भेजने के लिए कहा गया। पति के स्वस्थ होने की उम्मीद में प्रेमलता चंद्राकर ने अलग-अलग बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लगातार रकम भेजी।
बेटी और परिचितों के खातों से भी भेजी रकम
प्रेमलता चंद्राकर ने बताया कि बेटी रूही चंद्राकर से 2.30 लाख रुपए, परिचित अमन देवांगन के जरिए 7 लाख 40 हजार 673 रुपए, नेहुल निर्मल से 25 हजार रुपए, तुषार साहू से 40 हजार रुपए, जयंत देशमुख से 73 हजार रुपए और छत्रपाल साहू से 2.05 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों और मोबाइल नंबरों पर ट्रांसफर कराए। इस तरह कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपए भेजे गए।
पैसे लौटाने का झांसा देकर फिर किया संपर्क
आरोप है कि बाद में पं. वेद प्रकाश तिवारी के नाम से फिर फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि संस्था के कुछ लोगों ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर ठगी की है। उसने भरोसा दिलाया कि महिला की पूरी रकम 2 महीने के भीतर वापस करा दी जाएगी।
पुलिस और CBI का डर दिखाकर फिर मांगे रुपए
प्रेमलता चंद्राकर का आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि राहुल तिवारी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में उसका और वेद प्रकाश तिवारी का नाम लिखा है।
आरोपियों ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उत्तर प्रदेश पुलिस उसके घर पहुंचेगी, सीबीआई जांच होगी और उसे हत्या के मामले में फंसा दिया जाएगा। डर दिखाकर उससे फिर ऑनलाइन पैसे मांगे गए।
पति की बीमारी का उठाया फायदा
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पति चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। उन्हें बचाने की उम्मीद में उसने सोना गिरवी रखा और कई लोगों से कर्ज लेकर पैसे जुटाए। आरोप है कि ठगों ने उनकी मजबूरी और भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाया। इस दौरान उन्होंने महिला का फोटो, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी व्हाट्सऐप पर मंगवा लिया।
कई मोबाइल नंबरों पर किए गए ट्रांजेक्शन
एफआईआर में महिला ने नवंबर 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग मोबाइल नंबरों और यूपीआई आईडी पर किए गए कई ट्रांजेक्शन की जानकारी पुलिस को दी है। सबसे ज्यादा रकम अमन देवांगन के बैंक खातों के जरिए भेजी गई। इसके अलावा बेटी और अन्य परिचितों के माध्यम से भी कई बार पैसे ट्रांसफर किए गए।
ASP बोलीं- केस दर्ज, जांच जारी
एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि महिला की शिकायत पर रनचिरई थाने में वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।