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कोरबा

बालको ने मेटल डिवीजन पेट्रोल पंप में अग्नि आपातकालीन मॉक ड्रिल का किया आयोजन

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बालकोनगर। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने मेटल डिवीजन स्थित पेट्रोल पंप क्षेत्र में अग्नि आपातकाल एवं कैजुअल्टी प्रबंधन की तैयारियों का आकलन करने हेतु एक मॉक ड्रिल आयोजित किया। यह अभ्यास राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जो कर्मचारी सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी एवं औद्योगिक सुरक्षा जागरूकता के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मॉक ड्रिल जिला प्रशासन के प्रतिनिधि विजय सिंह पोटाई, उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, कोरबा की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करना, विभिन्न टीमों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा औद्योगिक सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करना था। इस दौरान पेट्रोल डिस्पेंसिंग यूनिट में संचालन के समय आग लगने की आभासी स्थिति तैयार की गई। अभ्यास में कैजुअल्टी की स्थिति भी शामिल की गई थी

आपातकालीन प्रक्रिया के तहत ऑपरेटर ने तत्काल अलार्म बजाया तथा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थल पर उपलब्ध अग्निशामक यंत्र का उपयोग किया। इसके साथ ही सेंट्रल कंट्रोल रूम को सूचना दी गई, जिसके बाद फायर, रेस्क्यू, मेडिकल एवं सुरक्षा टीमों को तुरंत घटनास्थल पर रवाना किया गया। सभी आपातकालीन टीमें निर्धारित समय के भीतर मौके पर पहुंचीं और समन्वित तरीके से अग्निशमन, रेस्क्यू एवं मेडिकल कार्यवाही को अंजाम दिया। आभासी रूप से घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया तथा आगे की चिकित्सीय जांच हेतु भेजा गया।

अभ्यास में बालको की आपातकालीन नेतृत्व टीम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रमुख अधिकारियों में बालको के सीईओ एवं निदेशक आर.के. सिंह (चीफ इंसीडेंट कंट्रोलर),शुभम भारद्वाज, (साइट इंसीडेंट कंट्रोलर) बसंत कुमार (वर्क इंसीडेंट कंट्रोलर), तथा भारतेंदु कमल पांडे, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर शामिल रहे।

मॉक ड्रिल की सराहना करते हुए श्री विजय सिंह पोटाई ने कहा कि इस प्रकार की नियमित मॉक ड्रिल औद्योगिक सुरक्षा मानकों को मजबूत करने एवं वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयारियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली एवं विभिन्न टीमों के प्रभावी समन्वय के लिए बालको की प्रशंसा भी की।

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कोरबा

कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस अब रोज दौड़ेगी:दो ट्रेनों का हुआ विलय, 1 अगस्त से एक ही नंबर 18249/18250 से मिलेगा दैनिक सफर

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बिलासपुर/कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर जोन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए हसदेव एक्सप्रेस की सेवाओं का विलय कर इसे प्रतिदिन संचालित करने का निर्णय लिया है। अब ट्रेन संख्या 18249/18250 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस 1 अगस्त से रोजाना चलेगी

अब तक 18249/18250 रायपुर-कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस सप्ताह में चार दिन और 18251/18252 रायपुर-कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन संचालित होती थी। रेलवे ने दोनों सेवाओं का विलय कर एक ही ट्रेन नंबर के साथ इसे दैनिक कर दिया है।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

रेलवे के इस निर्णय से यात्रियों को अब अलग-अलग ट्रेन नंबर और उनके संचालन के दिन याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। 18249/18250 हसदेव एक्सप्रेस के प्रतिदिन चलने से यात्रा की योजना बनाना पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक होगा।

15 आधुनिक एलएचबी कोच के साथ चलेगी ट्रेन

रेलवे के अनुसार, दैनिक संचालन के दौरान हसदेव एक्सप्रेस में कुल 15 आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।

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चलती ट्रेन में टॉयलेट की खिड़की से लटकती मिली लाश:दोस्त संग उज्जैन घूमने गया था कोरबा का युवक, बीना में गार्ड ने देखा शव

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रहने वाले गुरुवार सिंह (30) का शव बीना रेलवे स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस के जनरल कोच के टॉयलेट की खिड़की से फंदे पर लटका मिला। तलाशी के दौरान मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सिंह बाइक बेचकर दोस्त के साथ उज्जैन घूमने गया था। परिजनों के अनुसार, उसका स्वभाव गुस्सैल था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार बीना के लिए रवाना हो गया। उसके पिता किसान होने के साथ मजदूरी भी करते हैं।

ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने GRP को बताया कि युवक भोपाल रेलवे स्टेशन से ट्रेन के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच कर रही है। घटना गुरुवार देर रात की है।

गुरुवार सिंह दोस्तों के साथ उज्जैन घूमने गया था।

गुरुवार सिंह दोस्तों के साथ उज्जैन घूमने गया था।

भोपाल से रवाना होने के दो घंटे बाद मिली लाश

जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 12534 पुष्पक एक्सप्रेस गुरुवार रात करीब 10 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला निर्धारित ठहराव ललितपुर था। इसी दौरान रात करीब 12 बजे ट्रेन के गार्ड की नजर जनरल कोच के शौचालय की खिड़की पर फंदे से लटके युवक पर पड़ी।

पुष्पक एक्सप्रेस के टॉयलेट की खिड़की पर गुरुवार सिंह की फंदे से लटकती लाश मिली है।

पुष्पक एक्सप्रेस के टॉयलेट की खिड़की पर गुरुवार सिंह की फंदे से लटकती लाश मिली है।

गार्ड की सूचना पर बीना स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन

इसके बाद गार्ड ने फौरन रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन पर रोकने का फैसला लिया गया। सूचना मिलने के बाद ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। पहले से मौके पर मौजूद जीआरपी ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए बीना के सिविल अस्पताल भेजा।

ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। (फाइल फोटो)

ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। (फाइल फोटो)

आधार कार्ड से हुई मृतक की पहचान

पुलिस ने मौके से मृतक के सामान की तलाशी ली, जिसमें मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान गुरुवार सिंह (30), निवासी कोरबा (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई। जीआरपी की शुरुआती पूछताछ में ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने बताया कि गुरुवार सिंह भोपाल रेलवे स्टेशन से ही जनरल कोच में सवार हुआ था।

आधार कार्ड से मृतक युवक की पहचान हो पाई।

आधार कार्ड से मृतक युवक की पहचान हो पाई।

भोपाल से जनरल कोच में हुआ था सवार

यात्रियों के मुताबिक वह काफी देर तक कोच के गेट के पास बैठकर यात्रा कर रहा था। इसके बाद वह कब शौचालय की ओर गया और यह घटना कैसे हुई, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। पुलिस यात्रियों के बयान दर्ज कर रही है।

हर पहलू से जांच कर रही जीआरपी

जीआरपी ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक ने आत्महत्या की या फिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे।

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कोरबा

तेज रफ्तार स्कूटी हादसे में 9वीं के छात्र की मौत:कोरबा में स्कूटी डिवाइडर से टकराई, दोस्त घायल, 11 नाबालिग वाहन चालक गिरफ्तार

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कोरबा। कोरबा में तेज रफ्तार और नाबालिग द्वारा वाहन चलाने की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। सुनालिया मोड़ के पास बुधवार शाम हुए सड़क हादसे में सेंट जेवियर्स स्कूल के कक्षा 9वीं के छात्र हर्षवर्धन सिंह (13) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त वंशु कुमार जोशी (13) गंभीर रूप से घायल है।

जानकारी के अनुसार, मिशन रोड निवासी हर्षवर्धन सिंह और वंशु कुमार जोशी बुधवार (29 जुलाई) शाम स्कूटी से टीपी नगर की ओर जा रहे थे। स्कूटी हर्षवर्धन चला रहा था। सुनालिया मोड़ के पास तेज रफ्तार के कारण स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई और डिवाइडर से जा टकराई।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

हादसे में हर्षवर्धन का सिर डिवाइडर से टकराने से उसे गंभीर चोट आई, जबकि पीछे बैठा वंशु उछलकर दूर जा गिरा और उसके कंधे में फ्रैक्चर हो गया। स्थानीय लोगों ने दोनों को तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया। गुरुवार को उपचार के दौरान हर्षवर्धन ने दम तोड़ दिया, जबकि वंशु का इलाज जारी है।

परिवार और स्कूल में शोक

हर्षवर्धन की असमय मौत से परिवार में मातम छा गया है। स्कूल में भी शोक का माहौल है। सहपाठी और शिक्षक इस हादसे से स्तब्ध हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

नाबालिगों के वाहन चलाने पर फिर उठे सवाल

पुलिस ने बताया कि हादसे के शिकार दोनों छात्र नाबालिग थे। लगातार जागरूकता अभियान चलाने और अभिभावकों को चेतावनी देने के बावजूद नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो गंभीर हादसों का कारण बन रही हैं।

अभियान में 11 नाबालिग चालक पकड़े गए

इसी बीच “सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान के तहत यातायात पुलिस ने सघन वाहन जांच अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई में 11 नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 22 हजार रुपये का समन शुल्क लगाया गया। पुलिस ने अभिभावकों को भी नाबालिगों को वाहन न देने की सख्त हिदायत दी।

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