रायपुर, एजेंसी। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि मैं जब तक सक्रिय हूं, तब तक मुझे कोई किनारे नहीं कर सकता और न ही मेरे साथ कोई सौतेला व्यवहार कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैं 10 साल तक कोर ग्रुप में रहा हूं, अब नए लोगों को जिम्मेदारी दी गई है जो कि एक सामान्य प्रक्रियात्मक बदलाव है
क्योंकि कोई भी व्यक्ति एक ही जगह जिंदगी भर नहीं रहेगा और समय-समय पर लोग बदलते रहते हैं। बृजमोहन ने ये बातें रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कही हैं।
वहीं, इस बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा नेता रिक्शा से पहुंचे थे, जिनके पीछे उनका काफिला चल रहा था। इस पर सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद हमने भी अपने कारकेड (काफिले) में कटौती की है और आने वाले समय में हम ई-वाहन (EV) के उपयोग पर जोर देंगे।
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ। चुनावों में जीत पर जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। भाजपा का वोट प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध किया, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पहले बैठकों में कार्यकर्ता अपनी पीड़ा बताते थे, लेकिन अब भाजपा कार्यसमिति में नक्सल उन्मूलन पर चर्चा हो रही है। बस्तर के मड़ई मेलों में फिर से रंगत लौटी है। बस्तर को लेकर विस्तृत असेसमेंट किया गया है। अब बस्तर बदल रहा है।
बुधवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में किरणदेव सिंह, सीएम साय।
भाजपा कार्यसमिति की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश हुआ।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा बोले- बैठक में बस्तर को लेकर विस्तृत असेसमेंट किया गया।
कोर कमेटी में ओपी, विजय, अमर की एंट्री
पहले दिन मंगलवार को छत्तीसगढ़ भाजपा कोर कमेटी में बदलाव किया गया था। कमेटी में कई नए सदस्यों को शामिल किया गया है, जबकि कुछ पुराने सदस्यों को हटा दिया गया है। मंत्री ओपी चौधरी और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के साथ पूर्व मंत्री और विधायक अमर अग्रवाल को कोर कमेटी में जगह दी गई है।
वहीं कोर कमेटी की बैठक में पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन अग्रवाल और गौरीशंकर अग्रवाल शामिल नहीं हुए।
इन नेताओं के बैठक में शामिल न होने से उनके कोर कमेटी से हटाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं कोर ग्रुप के पुनर्गठन की पुष्टि भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने की है।
मंगलवार को भाजपा कोर कमेटी से पहले प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई थी।
बैठक में संगठन मजबूत करने पर चर्चा
इससे बाद प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई। मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें पार्टी के संगठनात्मक काम को गांव और बूथ स्तर तक कैसे मजबूत किया जाए, इस पर भी बात हुई।
साथ ही आने वाले समय में अलग-अलग तरह की बैठकों के आयोजन और उनकी रूपरेखा को लेकर भी चर्चा की गई। इन सभी विषयों पर प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श हुआ।
इसमें राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित कई प्रदेश महामंत्री और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव।
सत्ता और संगठन दोनों में बदलाव की चर्चा क्यों?
छत्तीसगढ़ भाजपा इस समय दो समानांतर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहली सरकार को ढाई साल पूरे होने की ओर बढ़ रही है और दूसरी संगठन में कई बड़े पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्ति की स्थिति में है।
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के कार्यकाल को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा तेज है। संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी देने और कई नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर एडजस्ट करने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि पार्टी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में सत्ता और संगठन को लेकर फीडबैक और सर्वे कराया है। उसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। यही वजह है कि अब चर्चा सिर्फ छोटे बदलाव की नहीं, बल्कि व्यापक पुनर्संतुलन की हो रही है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।
डिप्टी सीएम को मिलेगी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी?
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि राज्य के किसी एक उपमुख्यमंत्री को संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिल सकती है। राजनीतिक हलकों में डिप्टी सीएम विजय शर्मा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, हालांकि कुछ जगहों पर अरुण साव का नाम भी सामने आ रहा है।
कहा जा रहा है कि भाजपा राष्ट्रीय संगठन में ऐसे चेहरों को आगे लाना चाहती है, जो चुनावी मैनेजमेंट, आक्रामक राजनीति और संगठन विस्तार में प्रभावी रहे हों। बंगाल चुनाव में जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी, उनके कामकाज का मूल्यांकन भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
यह भी चर्चा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपनी नई टीम तैयार कर सकते हैं। लंबे समय तक छत्तीसगढ़ प्रभारी रहने के कारण वे यहां के नेताओं की कार्यशैली और क्षमता से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने या दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
महिला डिप्टी सीएम का फार्मूला क्यों चर्चा में?
अगर डिप्टी सीएम स्तर पर बदलाव होता है, तो भाजपा एक महिला चेहरे को आगे कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में लता उसेंडी और रेणुका सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं।
इसके पीछे भाजपा की बहुस्तरीय रणनीति देखी जा रही है। पार्टी किसी महिला आदिवासी या ओबीसी चेहरे को डिप्टी सीएम बनाती है तो वह एक साथ कई सामाजिक समीकरण साध सकती है।
महिला प्रतिनिधित्व का संदेश
आदिवासी वोट बैंक को मजबूत करना
सरगुजा-बस्तर क्षेत्र में राजनीतिक संतुलन
और भविष्य के चुनावों के लिए नया नेतृत्व तैयार करना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब सिर्फ सरकार चलाने के मोड में नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की सामाजिक और क्षेत्रीय रणनीति पर काम कर रही है।
मंत्रिमंडल में किन चेहरों पर चर्चा?
चर्चा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व पर केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह भरोसे में है और फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई स्थिति नहीं है। बल्कि पार्टी आगामी चुनाव भी उनके चेहरे पर लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
लेकिन मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चा काफी तेज है। कहा जा रहा है कि 2-4 मंत्री पदों में चेहरे बदल सकते हैं और उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। खास बात यह है कि इस बार पुराने और वरिष्ठ विधायकों की तुलना में नए चेहरों को प्राथमिकता मिलने की संभावना ज्यादा बताई जा रही है।
संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल में एक और महिला चेहरे को शामिल किया जा सकता है। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम हो रहा है।
राजनीतिक चर्चाओं में जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें
भावना बोहरा
पुरंदर मिश्रा
सुशांत शुक्ला
और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम प्रमुख है।
लंबे समय के बाद बीजेपी में प्रदेश कार्यसमिति और कोर कमेटी की बैठक हुई।
आखिर भाजपा इतनी जल्दी बदलाव क्यों चाहती है?
भाजपा की राजनीति में अब चुनाव से ठीक पहले बदलाव के बजाय समय रहते परफॉर्मेंस ट्यूनिंग का मॉडल ज्यादा दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में पार्टी सत्ता में आने के बाद अब दूसरे चरण की रणनीति पर काम कर रही है।
जांजगीर-चांपा।जांजगीर-चांपा में शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में सख्ती बरतते हुए जांजगीर-चांपा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने एक अनोखा फैसला सुनाया है। तीसरी बार ड्रिंक एंड ड्राइव करते पकड़े गए चालक को 30 दिनों तक सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया गया है।
अब आरोपी को रोजाना कोतवाली थाना परिसर की सफाई करनी होगी और शहर के चौक-चौराहों पर लोगों को शराब पीकर वाहन नहीं चलाने के लिए जागरूक भी करना होगा।
कोर्ट के आदेश पर करेगा थाना परिसर की सफाई
कोतवाली थाना में झाड़ू लगाता दिखाई दे रहा युवक कोई सफाई कर्मचारी नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश का पालन कर रहा है। तीसरी बार शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी स्वदेश कुमार यादव को 30 दिन तक सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई है। इसके तहत उसे प्रतिदिन थाना परिसर की साफ-सफाई करनी होगी।
दो बार जुर्माना, फिर भी नहीं बदली आदत
पुलिस के मुताबिक, स्वदेश कुमार यादव पहले भी दो बार शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा जा चुका था। दोनों मामलों में जिला न्यायालय ने उस पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था, लेकिन इसके बावजूद उसने अपनी आदत नहीं बदली।
तीसरी बार फिर नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़े जाने पर अदालत ने इस बार आर्थिक दंड के बजाय सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाली सजा सुनाई।
यातायात पुलिस चला रही विशेष अभियान
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर जिले में यातायात पुलिस लगातार विशेष जांच अभियान चला रही है। हेलमेट जांच के साथ-साथ शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
30 दिन तक चलाएगा जागरूकता अभियान
न्यायालय के आदेश के अनुसार स्वदेश कुमार यादव को 30 दिनों तक कोतवाली थाना की सफाई करने के साथ शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लोगों से शराब पीकर वाहन नहीं चलाने की अपील भी करनी होगी। उसे सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए आम लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
सड़क सुरक्षा की दिशा में नई पहल
जिला न्यायालय के इस फैसले को केवल दंड नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। माना जा रहा है कि ऐसी सजा से न सिर्फ आरोपी अपनी गलती का एहसास करेगा, बल्कि समाज में भी ड्रिंक एंड ड्राइव के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
कोरबा।कोरबा के सीएसईबी चौकी क्षेत्र में रविवार को दिनदहाड़े बीच सड़क एक युवक के साथ जमकर मारपीट की गई। फाटक के पास कुछ युवकों ने उसे घेरकर लात-घूंसों से पीटा और गाली-गलौज की। घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुटी रही, लेकिन किसी ने बीच-बचाव की कोशिश नहीं की।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फाटक के पास हुआ हंगामा, लग गया जाम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फाटक के पास किसी बात को लेकर दो पक्षों के युवकों के बीच पहले कहासुनी हुई। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल गया। कई युवकों ने एक युवक को घेर लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए। सड़क पर हंगामे के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोग लगातार हॉर्न बजाते रहे।
राहगीरों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरी मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कई युवक एक युवक की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने खड़े हैं।
पीड़ित ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
मारपीट के बाद पीड़ित युवक सीधे सीएसईबी चौकी पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि कुछ युवकों ने बिना किसी वजह के उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।
वीडियो और CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जांच में मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है।
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में शामिल युवकों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा।जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम के ‘कैच द रेन’ अभियान का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। प्रधानमंत्री की इस सराहना से जिला प्रशासन, नगर निगम और जिलेवासियों में उत्साह और गर्व का माहौल है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में कोरबा में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। एसएएम-2.0 अभियान के तहत शहर के 10 स्थानों पर इसरो के विशेषज्ञों की सलाह से इंजेक्ट वेल तकनीक से रिचार्ज वेल बनाए गए हैं।
1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तैयार
इन संरचनाओं के जरिए वर्षा जल सीधे भूगर्भ में पहुंच रहा है, जिससे भूजल स्तर सुधारने और पानी की बर्बादी रोकने में मदद मिली है।
नगर निगम ने जनसहभागिता के माध्यम से 757 शासकीय और 971 निजी भवनों में कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तैयार कराए हैं। भवन निर्माण की अनुमति में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया गया है। स्कूलों, आंगनबाड़ियों, मंगल भवनों और अन्य सार्वजनिक भवनों में भी इसकी व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।
अनुपयोगी बोरवेल बनेंगे रिचार्ज संरचना
भूजल संरक्षण को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने 95 अनुपयोगी बोरवेल चिन्हित किए हैं। इन्हें री-ड्रिलिंग कर रिचार्ज संरचना में बदलने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग हो सके।
पौधरोपण अभियान भी तेज
जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। वन विभाग के कोरबा और कटघोरा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 15 सितंबर तक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है। वहीं 18 जुलाई को आयोजित ‘रन फॉर ग्रीन कोरबा’ अभियान में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
‘मन की बात’ का हुआ सामूहिक श्रवण
इसी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के शक्ति केंद्र पोडीबाहर स्थित एसएलआर सेंटर में ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता के प्रति अपना संकल्प दोहराया।
जल संरक्षण की पहल को राष्ट्रीय पहचान
पूर्व महापौर ने बताया प्रेरणादायी पहल
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व महापौर जोगेश लांबा ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ-स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।