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कोरबा

बालको के ‘क्वालिटी संकल्प’ के एक साल पूरे, गुणवत्ता उत्पादन हुआ उत्कृष्ट

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बालकोनगर। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘क्वालिटी संकल्प’ के 12 महीने पूरे कर लिए हैं। यह बालको के सभी उत्पादों में ‘जीरो डिफेक्ट’ गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कार्यस्थल पर गुणवत्ता-केंद्रित सोच विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

बालको में उत्पादन के हर चरण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। ‘क्वालिटी संकल्प’ के अंतर्गत पिछले एक वर्ष में व्यक्तिगत जिम्मेदारी, त्रुटि रोकथाम, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन, दोषों की रोकथाम, मूल कारणों की पहचान, लीन प्रबंधन और डेटा आधारित निर्णय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। इस पहल में 3000 से अधिक कर्मचारी और व्यावसायिक साझेदार शामिल हुए।

यह मासिक अभियान कर्मचारियों में गुणवत्ता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने, जागरूकता बढ़ाने और संगठन की गुणवत्ता प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा है। इससे बालको को उच्च गुणवत्ता वाले एल्यूमिनियम उत्पादक के रूप में अपनी पहचान और सशक्त करने में मदद मिली है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बालको में गुणवत्ता हमारे कार्य संस्कृति का मूल आधार है। ‘क्वालिटी संकल्प’ हमारे सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है, जो रोजमर्रा के कार्यों और निर्णयों में गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की सोच को मजबूत करता है। विश्वस्तरीय विनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ते हुए ग्राहकों का विश्वास बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बालको लगातार प्रचालन दक्षता और उत्पादन उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा में ‘क्वालिटी संकल्प’ गुणवत्ता संस्कृति को मजबूत करने, बेहतर उत्पादन क्षमता विकसित करने और ग्राहकों की अपेक्षाओं के अनुरूप उत्कृष्ट उत्पाद उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इसके अलावा बालको सालभर गुणवत्ता आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है। इनमें ‘क्वालिटी नॉलेज बाइट्स’ के माध्यम से गुणवत्ता सिद्धांतों की जानकारी साझा करना, वर्ल्ड क्वालिटी वीक के दौरान विविध कार्यक्रम आयोजित करना तथा स्टैंडर्ड कार्निवल में भागीदारी शामिल है। डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देते हुए बालको ने ‘क्वालिटी संकल्प ऐप’ भी शुरू किया है, जिसके माध्यम से कर्मचारी उत्पादन स्थल पर गुणवत्ता मानकों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकते हैं और सुधारात्मक कार्यों को रिकॉर्ड कर सकते हैं। इससे उत्पाद गुणवत्ता और ग्राहक विश्वास को और मजबूती मिली है।

प्रचालन दक्षता बढ़ाने के लिए बालको ने अपनी प्रयोगशाला और उत्पादन प्रक्रियाओं में डिजिटल तकनीक को अपनाया है। कोल लैब के 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण से डेटा रिकॉर्डिंग, रिपोर्टिंग और निगरानी की प्रक्रिया तेज और आसान हुई है, जिससे कार्यकुशलता के साथ पर्यावरणीय प्रदर्शन में भी सुधार आया है। गुणवत्ता और उत्कृष्टता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को एएसआई, बीआईएस आईएसओ, आईएटीएफ और एनएबीएल जैसे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्रों से मान्यता मिली है, जो बालको के उच्च गुणवत्ता मानकों और सतत विकास के प्रयासों को दर्शाते हैं।

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कोरबा

23-24 जुलाई को रद्द की गई 4 मेमू ट्रेन बहाल:चार ट्रेनें अब भी रद्द रहेंगी, भाटापारा-हथबंध में ऑटो सिग्नलिंग काम होगा

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रायपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। रेलवे ने पहले जिन ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की थी।

इनमें से चार मेमू ट्रेनों को बहाल (रिस्टोर) कर दिया है। ये ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी।

ये 4 ट्रेनें अब रद्द नहीं होंगी

रेलवे के संशोधित आदेश के अनुसार 23 जुलाई को चलने वाली ये ट्रेनें अब सामान्य रूप से संचालित होंगी।

  • 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू
  • 68734 बिलासपुर–कोरबा मेमू
  • 68733 कोरबा–बिलासपुर मेमू
  • 68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू

अब ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

संशोधित सूची के अनुसार अब भी ये ट्रेनें रद्द रहेंगी।

  • 23 जुलाई: 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू
  • 24 जुलाई: 68745 कोरबा–रायपुर मेमू

इस ट्रेन का आंशिक परिचालन

23 जुलाई को चलने वाली 68862/68861 झारसुगुड़ा–गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू केवल बिलासपुर तक ही चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और वहीं से प्रारंभ होगी। बिलासपुर–गोंदिया–बिलासपुर के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।

क्यों किया गया बदलाव?

रेलवे के अनुसार रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से कुछ ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

यात्रियों के लिए सलाह

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES या हेल्पलाइन के माध्यम से जरूर जांच लें, क्योंकि इंजीनियरिंग कार्य के दौरान परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

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बिस्तर पर लिपटा करैत, सोते मासूम को डसा:कोरबा में इलाज के दौरान 6 साल के बच्ची की मौत, पिता के साथ सो रही थी

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कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के आमाखोखरा गांव में करैत सांप के डसने से 6 साल की बच्ची सान्वी कंवर की मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ बिस्तर पर सो रही थी। रात करीब 1 बजे सांप ने उसे डस लिया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी।

सान्वी के पिता किरण सिंह आमाखोखरा गांव में रहते हैं। वे मजदूरी और खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना वाली रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद सोने चले गए। सान्वी अपने पिता के साथ एक कमरे में सो रही थी, जबकि उसकी मां और दूसरा बच्चा दूसरे कमरे में थे।

चिल्लाने पर खुली नींद

रात करीब 1 बजे करैत सांप ने पहले सान्वी के कान और फिर हाथ पर डस लिया। दर्द से वह चिल्लाते हुए उठी, जिससे परिवार की नींद खुल गई। शुरुआत में परिजनों को लगा कि किसी कीड़े ने काटा है, लेकिन सर्पदंश के लक्षण दिखने पर वे उसे तुरंत कटघोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

मेडिकल कॉलेज रेफर, इलाज के दौरान तोड़ा दम

बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बिस्तर पर ही छिपा था करैत सांप

मासूम के पिता किरण सिंह ने बताया कि घटना के बाद उन्हें लगा कि सांप बाहर निकल गया होगा। बाद में देखा तो करैत सांप बिस्तर पर ही लिपटा हुआ था। उनका कहना है कि संभवतः सांप पहले से ही बिस्तर पर था, लेकिन अंधेरे में नजर नहीं आया।

बरसात में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा

स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप घरों में घुस आते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों से मच्छरदानी लगाकर सोने, घर के आसपास साफ-सफाई रखने और सर्पदंश होने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने की अपील की। साथ ही झाड़-फूंक के बजाय तुरंत चिकित्सकीय इलाज कराने की सलाह दी।

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कोरबा

बड़े ने कुल्हाड़ी से छोटे भाई को काट डाला:कोरबा में खाना खाने के विवाद में वारदात, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

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कोरबा। कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र के ग्राम नामलेपरा में मंगलवार देर रात खाना खाने के दौरान हुए विवाद में बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी जब्त कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम नामलेपरा निवासी 42 वर्षीय मथुरा धनवार अपनी पत्नी प्रमिला धनवार के साथ बड़े भाई 45 वर्षीय कैलाश धनवार के घर खाना खाने गए थे। घर में मुर्गा-भात बना था और सभी लोग एक साथ भोजन कर रहे थे।

खाना खाने के बाद मथुरा आंगन में चला गया। वहां से वह अपनी पत्नी को बार-बार जल्दी खाना खत्म कर बाहर आने के लिए आवाज लगा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद शुरू हो गया

गुस्से में कुल्हाड़ी से किया ताबड़तोड़ हमला

पत्नी को लगातार आवाज लगाने से नाराज कैलाश धनवार गुस्से में आ गया। उसने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और आंगन में बैठे मथुरा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में मथुरा गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही लहूलुहान हो गया।

अस्पताल में डॉक्टर ने किया मृत घोषित

घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल मथुरा को 108 एंबुलेंस की मदद से पौड़ी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज

वारदात के बाद आरोपी कैलाश धनवार मौके से फरार हो गया। मृतक की पत्नी प्रमिला धनवार की शिकायत पर बांगो थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर लगातार तलाश की जा रही है।

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