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आठ प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री जनवरी-मार्च के दौरान 2% घटी: प्रॉपटाइगर

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश के आठ प्रमुख शहरों में इस साल जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री सालाना आधार पर दो प्रतिशत घटकर करीब 96 हजार इकाई रह गई। रियल एस्टेट क्षेत्र की परामर्श कंपनी प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि मांग में नरमी और सस्ते घरों की नई आपूर्ति कम रहने से बिक्री प्रभावित हुई है। प्रॉपटाइगर ने शनिवार को ‘रियल इनसाइट-रेजिडेंशियल क्यू1 2026’ रिपोर्ट जारी की। इसमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई महानगर क्षेत्र और पुणे के आवास बाजार का विश्लेषण किया गया है। 

रिपोर्ट के अनुसार, इन आठ शहरों में जनवरी-मार्च 2026 के दौरान आवासीय संपत्तियों की बिक्री घटकर 95,973 इकाई रह गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 98,095 इकाई थी। इस दौरान मकानों की नई आपूर्ति भी 93,065 इकाई पर लगभग स्थिर रही, जो पिछले साल की पहली तिमाही में 93,144 इकाई थी।

प्रॉपटाइगर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रकाश तेजवानी ने कहा, “भारतीय आवास बाजार अब अधिक संतुलित और व्यवस्थित दौर में पहुंच चुका है। अब बाजार की वृद्धि सट्टेबाजी के बजाय वास्तविक मांग, नियंत्रित भंडार और खरीदारों के भरोसे के आधार पर हो रही है।” शहरों में बेंगलुरु सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला बाजार रहा। वहां जनवरी-मार्च के दौरान मकानों की बिक्री 33 प्रतिशत बढ़कर 15,603 इकाई हो गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 11,731 इकाई थी। 

चेन्नई में बिक्री बढ़कर 6,841 इकाई हो गई, जो पहले 4,774 इकाई थी। हैदराबाद में भी बिक्री 25 प्रतिशत बढ़कर 13,297 इकाई रही, जबकि पिछले वर्ष यह 10,647 इकाई थी। दिल्ली-एनसीआर में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 9,447 इकाई हो गई। हालांकि मुंबई महानगर क्षेत्र में बिक्री 15 प्रतिशत घटकर 26,116 इकाई रह गई, जो पहले 30,705 इकाई थी। पुणे में बिक्री 21 प्रतिशत घटकर 13,565 इकाई और कोलकाता में 24 प्रतिशत घटकर 2,883 इकाई रह गई। 

अहमदाबाद में भी इस साल जनवरी-मार्च अवधि के दौरान मकानों की बिक्री 23 प्रतिशत घटकर 8,221 इकाई रह गई, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 10,730 इकाई थी। प्रॉपटाइगर ने कहा कि सभी आठ प्रमुख शहरों में मकानों की कीमतों में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। बिना बिके मकानों की संख्या भी संतुलित स्तर पर बनी रही। 

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बंगाल में 252 मदरसे बंद करने का आदेश:सरकार बोली- इनके पास बुनियादी सुविधाएं नहीं, पहले मदरसों का बजट रू.3600 करोड़ घटाया था

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कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है। करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।

सरकार का कहना है कि जांच में इन मदरसों के पास बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली। यह कार्रवाई अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने की है।

सरकार ने रविवार को ये भी बताया कि मानक पूरे करने वाले मदरसे चलते रहेंगे। जिन संस्थाओं को नोटिस दिए गए हैं, उनके जवाब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

इससे पहले 2026 के बजट में बंगाल सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा विभाग के लिए फंड रू.5,713 करोड़ से घटाकर रू.2,165.42 करोड़ कर दिया था। यानी बजट में लगभग रू.3600 करोड़ की कटौती हुई थी।

सभी जिलों में हुआ सर्वे

अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने जून की शुरुआत से पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में जमीनी सर्वे किया। इस सर्वे में सरकारी और निजी मदरसों की बुनियादी सुविधाएं, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था की जांच की गई।

अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मदरसों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनके जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह जांच अलग-अलग जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की जानकारी पता करने के लिए कराई थी।

बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा।

इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा की ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।

UP और असम सरकार ने भी मदरसों की जांच की

उत्तरप्रदेश सरकार ने भी सितंबर से नवंबर 2022 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की फंडिंग और सुविधाओं की जांच के लिए बड़ा सर्वे कराया था। साथ ही पारदर्शिता लाने के लिए ‘मदरसा पोर्टल’ शुरू किया और सिलेबस में एनसीईआरटी की किताबें, कंप्यूटर, गणित व अंग्रेजी जैसे आधुनिक विषय अनिवार्य किए।

वहीं, असम सरकार ने दिसंबर 2020 सरकारी खर्च से चलने वाले सभी मदरसों को बंद करके उन्हें सामान्य सरकारी स्कूलों में बदल दिया था। संस्थानों के नाम से ‘मदरसा’ शब्द हटाकर केवल राज्य शिक्षा बोर्ड (SEBA) का सामान्य सिलेबस लागू किया गया है।

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शाह बोले- भारत का PM पाकिस्तान में घुसकर मारेगा:पहले यह कौन सोच सकता था, मोदी ने ऐसी नीति बनाई कि आज दुश्मन भी डरता है

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मुंबई, एजेंसी। गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि पहले कौन सोच सकता था कि आतंकवादी हमले की स्थिति में भारत का प्रधानमंत्री पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जवाब देने को तैयार होगा। उन्होंने कहा-

चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर, हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने ऐसी रक्षा नीति बनाई है, जिससे भारत पर हमला करने के बारे में हमारे दुश्मनों को दो बार सोचना पड़ता है।

अमित शाह ने मुंबई में 52वें इंडिया जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स समारोह में ये बातें कहीं। इसके बाद उन्होंने मुंबई में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की लॉन्चिंग की और प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

शाह की बड़ी बातें, कहा- भारत कमजोर इकोनॉमी से बाहर निकला

भारत दुनिया की टॉप-5 इकोनॉमी

केंद्र सरकार ने पिछले 12 सालों में बुनियादी बदलाव किए हैं। इसके परिणामस्वरूप भारत 2014 में ‘फ्रैजाइल फाइव’ (कमजोर) अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने से निकलकर आज दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंच गया है। 2014 में भारत को फ्रैजाइल फाइव में गिना जाता था, लेकिन आज वह दुनिया की टॉप 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

भारत 2047 तक हर क्षेत्र में आगे रहेगा

भारत ने जीडीपी में 7.8% की वृद्धि दर्ज की है और प्रमुख देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। पीएम मोदी ने लोगों में यह विश्वास पैदा किया है कि 15 अगस्त 2047 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया के सभी देशों से आगे होगा।

भारत निर्यात के पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है

इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात में सरकार ने काफी काम किया है। इनमें प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाएं भी शामिल हैं। भारत का निर्यात लगातार पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

दुनिया भारत के पीएम की बात सुनती है

पिछले 12 सालों में देश की वैश्विक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। आज दुनिया का मुद्दा चाहे कोई भी हो, भारत के प्रधानमंत्री की राय को महत्व दिया जाता है। दुनियाभर में लोग भारतीय पासपोर्ट रखने वाले नागरिकों को सम्मान की नजर से देखते हैं।

21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू होगा

तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की है। मुझे विश्वास है कि बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू कर दी जाएगी। अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है।

हर एक अवैध घुसपैठिए को बाहर निकालेंगे

मैं अपना संकल्प दोहराता हूं कि हम इस देश से हर एक अवैध घुसपैठिए को बाहर निकालेंगे। उनकी एक-एक करके पहचान की जाएगी और उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा।

भाजपा देशभर में एक महीने चलाएगी सेवा संकल्प अभियान

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की सार्वजनिक सेवा पूरी होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में महीनेभर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। यह अभियान हर जिले, लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ प्रत्येक मतदान केंद्र तक पहुंचेगा।

शाह ने कहा कि इस अभियान में पूरा एनडीए गठबंधन, स्वयंसेवी संगठन और देशभर के लोग भाग लेंगे। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर होगी। वहीं, 6 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री संयुक्त रूप में उनके कार्यकाल के 25 साल पूरे होंगे।

हालांकि पूरे देश में अभियान चलाने के अलावा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी स्पेशल आयोजन किया जाएगा।

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ब्रिक्स फोटो सेशन में जिनपिंग-पुतिन के बीच PM मोदी:भाषण में बोले- टेक्नोलॉजी-मिनरल्स को हथियार बनाना गलत, इससे दुनिया की तरक्की पर असर पड़ेगा

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नई दिल्ली, एजेंसी। BRICS समिट का समापन हो गया है। समिट के दूसरे दिन PM मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत है। इससे दुनिया की तरक्की पर असर पड़ता है।

मोदी ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि दुनिया के देश एक-दूसरे से जुड़े हैं। एक जगह आया संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने BRICS देशों से आपसी सहयोग बढ़ाने और मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान PM मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए।

BRICS समिट के दूसरे दिन की फोटोज

BRICS समिट के दूसरे दिन PM मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और अन्य देशों के नेता भारत मंडपम में मौजूद रहे।

BRICS समिट के दूसरे दिन PM मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और अन्य देशों के नेता भारत मंडपम में मौजूद रहे।

भारत मंडपम में PM मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

भारत मंडपम में PM मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

प्रधानमंत्री मोदी, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन बातचीत करते नजर आए।

प्रधानमंत्री मोदी, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन बातचीत करते नजर आए।

PM मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भारत मंडपम पहुंचे।

PM मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भारत मंडपम पहुंचे।

भारत मंडपम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ PM मोदी।

भारत मंडपम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ PM मोदी।

BRICS समिट के दूसरे दिन भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

BRICS समिट के दूसरे दिन भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

7 वर्ल्ड लीडर्स के साथ PM मोदी की मीटिंग

आज PM मोदी 7 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। समिट के पहले दिन डिनर का आयोजन किया गया। इसमें चीनी राष्ट्रपति और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस को छोड़कर सभी वर्ल्ड लीडर पहुंचे।

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद समिट में शामिल होने के बाद अपने देश लौट गए थे। वहीं, PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे।

BRICS देशों ने नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी

BRICS देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इसमें कई मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया।

डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही, आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों पर कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी।

BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान, सऊदी अरब और UAE के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।

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