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PM मोदी की यूरोप कूटनीति सफल: भारत-नीदरलैंड के बीच 17 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर, अरबों डॉलर का होगा फायदा

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नई दिल्ली/एम्स्टर्डम, एजेंसी। वैश्विक भू-राजनीति में बदलावों के बीच भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीदरलैंड के उनके समकक्ष रॉब जेटेन के बीच हुई वार्ता के दौरान रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। शनिवार शाम को हुई बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने पश्चिम एशिया की स्थिति, विशेष रूप से क्षेत्र और व्यापक विश्व पर इसके गंभीर प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी क्योंकि इसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क में व्यवधान उत्पन्न हो रहे हैं।

INDIA and NETHERLANDS sign deal to POWER first ADVANCED semiconductor fab pic.twitter.com/hPBekRWfX0

— RT (@RT_com) May 16, 2026

होर्मुज संकट और वैश्विक तनाव पर साझा चिंता
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष, खासकर Strait of Hormuz में तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके प्रभाव को लेकर गहरी चिंता जताई। दोनों देशों ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अंतरराष्ट्रीय जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित रहनी चाहिए और किसी भी प्रकार के “प्रतिबंधात्मक कदम” का विरोध किया जाना चाहिए।एक संयुक्त बयान के अनुसार, मोदी और जेटेन ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर स्वतंत्र नौवहन और वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन का आह्वान किया। उन्होंने किसी भी तरह के ”प्रतिबंधात्मक” कदमों का विरोध किया और इस संबंध में जारी पहलों के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया।

यूक्रेन युद्ध पर भारत-नीदरलैंड का साझा रुख
India और Netherlands ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा की और संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर संवाद और कूटनीति के जरिए स्थायी और न्यायपूर्ण शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर आधारित संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से यूक्रेन में व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति प्राप्त करने के प्रयासों का समर्थन जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

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PM Modi to Dutch CEOs:
“Your companies are not just popular brands in India, but true ambassadors of India-Netherlands friendship. We are delighted that firms like NXP, Philips, and Prosus are developing world-class solutions with Indian talent. Companies such

1/2 pic.twitter.com/SxCMKXcLax

— Terror Alerts (@Terroralerts007) May 16, 2026

रक्षा और तकनीक में बड़ा सहयोग
दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक ढांचा विकसित करने, रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण, तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उद्यमों पर काम करने की सहमति जताई।इसके अलावा डच सेमीकंडक्टर कॉम्पिटेंस सेंटर को भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़ने की पहल का भी स्वागत किया गया। इससे भारत के चिप निर्माण और हाई-टेक सेक्टर को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

व्यापार और निवेश में तेजी
Netherlands यूरोप में भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। दोनों देशों के बीच व्यापार 2024-25 में 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं नीदरलैंड 55.6 अरब डॉलर निवेश के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।रॉटरडैम बंदरगाह को भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है।

PM Modi’s Netherlands visit is not just diplomacy, it is also India’s semiconductor moment.

Speaking in The Hague, PM Modi said 12 semiconductor plants are now underway in India, with production already started at 2 facilities. And Gujarat has a role to play in it.

His message… pic.twitter.com/sN9bQfnCGp

— DeepDownAnalysis (@deepdownanlyz) May 16, 2026

आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ नीदरलैंड
नीदरलैंड ने अप्रैल 2025 के Pahalgam आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ भारत को “अटूट समर्थन” देने का ऐलान किया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने और दोहरे मापदंडों को खारिज करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और नवाचार, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक तथा विनिर्माण में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की गति व कौशल मिलकर वैश्विक स्तर पर नई साझेदारी का मॉडल बना सकते हैं।

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बंगाल में 252 मदरसे बंद करने का आदेश:सरकार बोली- इनके पास बुनियादी सुविधाएं नहीं, पहले मदरसों का बजट रू.3600 करोड़ घटाया था

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कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है। करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।

सरकार का कहना है कि जांच में इन मदरसों के पास बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली। यह कार्रवाई अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने की है।

सरकार ने रविवार को ये भी बताया कि मानक पूरे करने वाले मदरसे चलते रहेंगे। जिन संस्थाओं को नोटिस दिए गए हैं, उनके जवाब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

इससे पहले 2026 के बजट में बंगाल सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा विभाग के लिए फंड रू.5,713 करोड़ से घटाकर रू.2,165.42 करोड़ कर दिया था। यानी बजट में लगभग रू.3600 करोड़ की कटौती हुई थी।

सभी जिलों में हुआ सर्वे

अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने जून की शुरुआत से पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में जमीनी सर्वे किया। इस सर्वे में सरकारी और निजी मदरसों की बुनियादी सुविधाएं, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था की जांच की गई।

अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मदरसों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनके जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह जांच अलग-अलग जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की जानकारी पता करने के लिए कराई थी।

बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा।

इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा की ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।

UP और असम सरकार ने भी मदरसों की जांच की

उत्तरप्रदेश सरकार ने भी सितंबर से नवंबर 2022 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की फंडिंग और सुविधाओं की जांच के लिए बड़ा सर्वे कराया था। साथ ही पारदर्शिता लाने के लिए ‘मदरसा पोर्टल’ शुरू किया और सिलेबस में एनसीईआरटी की किताबें, कंप्यूटर, गणित व अंग्रेजी जैसे आधुनिक विषय अनिवार्य किए।

वहीं, असम सरकार ने दिसंबर 2020 सरकारी खर्च से चलने वाले सभी मदरसों को बंद करके उन्हें सामान्य सरकारी स्कूलों में बदल दिया था। संस्थानों के नाम से ‘मदरसा’ शब्द हटाकर केवल राज्य शिक्षा बोर्ड (SEBA) का सामान्य सिलेबस लागू किया गया है।

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शाह बोले- भारत का PM पाकिस्तान में घुसकर मारेगा:पहले यह कौन सोच सकता था, मोदी ने ऐसी नीति बनाई कि आज दुश्मन भी डरता है

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मुंबई, एजेंसी। गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि पहले कौन सोच सकता था कि आतंकवादी हमले की स्थिति में भारत का प्रधानमंत्री पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जवाब देने को तैयार होगा। उन्होंने कहा-

चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर, हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने ऐसी रक्षा नीति बनाई है, जिससे भारत पर हमला करने के बारे में हमारे दुश्मनों को दो बार सोचना पड़ता है।

अमित शाह ने मुंबई में 52वें इंडिया जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स समारोह में ये बातें कहीं। इसके बाद उन्होंने मुंबई में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की लॉन्चिंग की और प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

शाह की बड़ी बातें, कहा- भारत कमजोर इकोनॉमी से बाहर निकला

भारत दुनिया की टॉप-5 इकोनॉमी

केंद्र सरकार ने पिछले 12 सालों में बुनियादी बदलाव किए हैं। इसके परिणामस्वरूप भारत 2014 में ‘फ्रैजाइल फाइव’ (कमजोर) अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने से निकलकर आज दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंच गया है। 2014 में भारत को फ्रैजाइल फाइव में गिना जाता था, लेकिन आज वह दुनिया की टॉप 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

भारत 2047 तक हर क्षेत्र में आगे रहेगा

भारत ने जीडीपी में 7.8% की वृद्धि दर्ज की है और प्रमुख देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। पीएम मोदी ने लोगों में यह विश्वास पैदा किया है कि 15 अगस्त 2047 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया के सभी देशों से आगे होगा।

भारत निर्यात के पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है

इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात में सरकार ने काफी काम किया है। इनमें प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाएं भी शामिल हैं। भारत का निर्यात लगातार पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

दुनिया भारत के पीएम की बात सुनती है

पिछले 12 सालों में देश की वैश्विक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। आज दुनिया का मुद्दा चाहे कोई भी हो, भारत के प्रधानमंत्री की राय को महत्व दिया जाता है। दुनियाभर में लोग भारतीय पासपोर्ट रखने वाले नागरिकों को सम्मान की नजर से देखते हैं।

21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू होगा

तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की है। मुझे विश्वास है कि बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू कर दी जाएगी। अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है।

हर एक अवैध घुसपैठिए को बाहर निकालेंगे

मैं अपना संकल्प दोहराता हूं कि हम इस देश से हर एक अवैध घुसपैठिए को बाहर निकालेंगे। उनकी एक-एक करके पहचान की जाएगी और उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा।

भाजपा देशभर में एक महीने चलाएगी सेवा संकल्प अभियान

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की सार्वजनिक सेवा पूरी होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में महीनेभर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। यह अभियान हर जिले, लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ प्रत्येक मतदान केंद्र तक पहुंचेगा।

शाह ने कहा कि इस अभियान में पूरा एनडीए गठबंधन, स्वयंसेवी संगठन और देशभर के लोग भाग लेंगे। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर होगी। वहीं, 6 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री संयुक्त रूप में उनके कार्यकाल के 25 साल पूरे होंगे।

हालांकि पूरे देश में अभियान चलाने के अलावा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी स्पेशल आयोजन किया जाएगा।

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ब्रिक्स फोटो सेशन में जिनपिंग-पुतिन के बीच PM मोदी:भाषण में बोले- टेक्नोलॉजी-मिनरल्स को हथियार बनाना गलत, इससे दुनिया की तरक्की पर असर पड़ेगा

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नई दिल्ली, एजेंसी। BRICS समिट का समापन हो गया है। समिट के दूसरे दिन PM मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत है। इससे दुनिया की तरक्की पर असर पड़ता है।

मोदी ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि दुनिया के देश एक-दूसरे से जुड़े हैं। एक जगह आया संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने BRICS देशों से आपसी सहयोग बढ़ाने और मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान PM मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए।

BRICS समिट के दूसरे दिन की फोटोज

BRICS समिट के दूसरे दिन PM मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और अन्य देशों के नेता भारत मंडपम में मौजूद रहे।

BRICS समिट के दूसरे दिन PM मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और अन्य देशों के नेता भारत मंडपम में मौजूद रहे।

भारत मंडपम में PM मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

भारत मंडपम में PM मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

प्रधानमंत्री मोदी, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन बातचीत करते नजर आए।

प्रधानमंत्री मोदी, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन बातचीत करते नजर आए।

PM मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भारत मंडपम पहुंचे।

PM मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भारत मंडपम पहुंचे।

भारत मंडपम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ PM मोदी।

भारत मंडपम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ PM मोदी।

BRICS समिट के दूसरे दिन भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

BRICS समिट के दूसरे दिन भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

7 वर्ल्ड लीडर्स के साथ PM मोदी की मीटिंग

आज PM मोदी 7 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। समिट के पहले दिन डिनर का आयोजन किया गया। इसमें चीनी राष्ट्रपति और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस को छोड़कर सभी वर्ल्ड लीडर पहुंचे।

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद समिट में शामिल होने के बाद अपने देश लौट गए थे। वहीं, PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे।

BRICS देशों ने नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी

BRICS देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इसमें कई मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया।

डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही, आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों पर कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी।

BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान, सऊदी अरब और UAE के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।

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