कोरबा। कोरबा में भारतीय युवा कांग्रेस ने शनिवार को अपना स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जिला युवा कांग्रेस कार्यालय, एसईसीएल मुड़ापार में वृक्षारोपण और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कार्यकर्ताओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल थे। उन्होंने कार्यालय परिसर में पौधा लगाकर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने जोर दिया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे से आने वाली पीढ़ी को जीवन मिलेगा। अग्रवाल ने उपस्थित युवा कार्यकर्ताओं को समाज सेवा, संगठन की मजबूती और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित रहने की शपथ भी दिलाई।
जयसिंह अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की आधारशिला होती है और उनमें बदलाव लाने की क्षमता होती है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया, जिससे देश की दिशा और दशा बदली जा सके।
उन्होंने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से केवल राजनीति तक सीमित न रहकर गांव-गांव में स्वच्छता, नशा मुक्ति और हरियाली के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
इस कार्यक्रम में पीसीसी सचिव विकास सिंह, डीसीसी उपाध्यक्ष अशोक लोढ़ा, पवन विश्वकर्मा, बृजभूषण, सुनील निर्मलकर, अजित बर्मन, विवेक श्रीवास, अमित सिंह सहित निकिता खलखो, ईशा, मुस्कान, नितेश, कुलदीप, नारायण, सुजीत बर्मन, मनीष, बाबिल, आकाश प्रजापति, मिनकेतन, वीरेन्द्र, लगन, हेमंत और निखिल समेत बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सभी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी प्रण किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सहयोग करेंगे।
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि स्थापना दिवस को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाते हुए पूरे जिले में सप्ताहभर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ तथा देशभक्ति के नारों के साथ हुआ।
लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के परिजनों में आक्रोश, कहा-एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं और मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का नाम लापरवाही की वजह से गई मेरी माँ की जान-सोनाली कोरबा। कोरबा में कई ऐसी बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बना ली गई और बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के हॉस्पिटल खोल दिए गए और नाम रख दिया गया मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल। 08 मार्च 2026 को नया बस स्टैंड टी पी नगर कोरबा में ऐसा ही एक हॉस्पिटल मंत्री के हाथों उद्घाटित कर दिया गया, जबकि उक्त हॉस्पिटल प्रबंधन ने न तो नर्सिंग होम का लाइसेंस लिया और न ही एक भी स्पेशिलिस्ट डॉक्टर। आज यह हॉस्पिटल मौत का सौदागर बन कर उभरा है। मामला लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के आकस्मिक निधन का है। सोनाली ने बताया कि 04 अगस्त की रात्रि को माँ की कमर में दर्द उठा और उन्हें नजदीक होने के कारण शिवाय हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। भर्ती के समय डाक्टरों ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में गेप आ गया है और उन्हें रात्रि को एनआईवी सपोर्ट में रखा गया। तीन दिन बाद उन्हें वेंटिलेटर में रखते ही उनकी मौत हो गई।
एक्स-रे लेने पर पता चला रीढ़ की हड्डी में गेप है
मृतक श्रीमती सविता जायसवाल पति सुनील जायसवाल (62) की पुत्री सोनाली ने रोते हुए बताया कि माँ को एडमिट करने के बाद एक्स-रे किया गया, जहां डाक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में गेप होना बताया और उन्हें एनआईवी सपोर्ट दिया गया। सोनाली के अनुसार डाक्टरों ने बताया कि माँ का आक्सीजन और ब्लड लेबल काफी कम है और उन्हें एनआईवी सपोर्ट देना पड़ेगा। रात्रि में माँ एनआईवी सपोर्ट को बार-बार निकाल देती थी, लेकिन रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों एवं स्टाफ ने लापरवाही बरती और एनआईवी सपोर्ट निकलने के कारण माँ की जान चली गई। सोनाली ने यह भी बताया कि हमें अंदर ही जाने नहीं दिया जाता था और लापरवाही के कारण माँ की जान चली गई।
बिना चेकअप चिकित्सकों ने फार्म भरा दिया-माँ का कंडीशन क्रिटिकल है-सोनाली मृतका की बेटी सोनाली ने बताया कि जब माँ को एडमिट किया गया तो यहां के चिकित्सकों ने पहले कोरे फार्म पर साइन कराने की कोशिश की, लेकिन फार्म में लिखकर आने के बात कही गई तो बिना जांच माँ के कंडीशन को क्रिटिकल बताने वाले फार्म में साइन करा लिया, ताकि खुद का बचाव चिकित्सक कर सकें।
मामला बिगड़ते देख वेंटिलेशन में रखा और तत्काल माँ की मौत हो गई-सोनाली मृतका श्रीमती सविता जायसवाल की बेटी सोनाली ने कहा कि तीन दिन तक माँ के ईलाज में लापरवाही की गई, खासकर रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही से माँ की जान आकस्मिक चली गई। एनआईवी सपोर्ट को माँ निकाल देती थी, लेकिन मरीज के पास न तो स्टाफ रहते थे और न ही चिकित्सक, जिसके कारण माँ की हालत बिगड़ी। माँ की हालत बिगड़ते देख चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर में रख दिया और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सोनाली ने कहा कि माँ की मौत सामान्य नहीं, बल्कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार शिवाय हास्पिटल है।
एनआईवी सपोर्ट की जगह पाईप क्यों नहीं लगाया चिकित्सकों ने एक्स-रे और ईसीजी करने के बाद चिकित्सकों ने एनआईवी सपोर्ट लगाया, जबकि माँ उसे निकाल दिया करती थी। केस बिगड़ते देख डाक्टरों ने पाईप के जरिये ऑक्सिजन लेबल सामान्य करने के लिए बाद में पाईप लगाया, जबकि पहले ही लगा देना था। सोनाली ने शिवाय हास्पिटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह बात कही और कहा कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार रात्रि कालीन स्टाफ है।
डाक्टरों से बात न कर पाएं, इसलिए बड़े-बड़े बाउंसर तैनात किए- शिवम
मृतका श्रीमती सविता जायसवाल के पुत्र शिवम ने माँ का कंडीशन जानने के लिए ईलाज कर रहे चिकित्सकों से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बताया कि शिवाय हास्पिटल प्रबंधन कई गुंडे किस्म के बाउंसर रख लिए हैं, जो डाक्टरों से मिलने ही नहीं दिए और कहते रहे जो भी बात करनी है हमसे करो और चिकित्सकों से मिलने ही नहीं दिए। शिवाय हास्पिटल में ईलाज हो न हो, गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसे मंदिर की जगह में सेवा होनी चाहिए, वहां गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसी जगह में बाउंसर रखना कहां तक उचित है? शिवम ने कहा- क्या डाक्टरों को अपने ईलाज में खुद को विश्वास नहीं है? नहीं तो बाउंसर रखने की जरूरत ही क्यों पड़ती?
ईलाज के नाम पर सिर्फ लूट का धंधा-प्रदीप जायसवाल
मृतका के जेठ एवं पूर्व अनुविभागीय अधिकारी (जल संसाधन) प्रदीप जायसवाल ने बताया कि भाई बहू श्रीमती सविता जायसवाल की मौत लापरवाही की वजह से हुई है। शिवाय हास्पिटल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही यहां ढंग से ईलाज होता है। ईलाज के नाम पर सिर्फ मेडिकल लूट का धंधा खोल दिया गया है।
07 को सविता जायसवाल ने अंतिम सांस ली
लालू राम कॉलोनी निवासी प्रदीप जायसवाल के छोटे भाई सुनील जायसवाल की धर्मपत्नी सविता जायसवाल का 07 अगस्त को आकस्मिक निधन हो गया। दूसरे दिन दिनांक 8/8/26 दिन शनिवार को सुबह 11 बजे मोती सागरपारा मुक्तिधाम में सवित जायसवाल का अंतिम संस्कार किया गया।
दशगात्र के बाद मच सकता है बवाल स्व.श्रीमती सविता जायसवाल की पुत्री सोनाली ने कहा कि अभी पूरा परिवार शोक में है, लेकिन हमारी माँ यूं ही नहीं चली गई। शिवाय हास्पिटल वाले रिफर भी नहीं किए और न ही बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए और ईलाज में पूरी लापरवाही बरती गई। डाक्टर फीस लूटने में लगे रहे और अच्छी खासी माँ चली गई। शिवाय हास्पिटल नहीं ले जाते तो माँ हमारी हमारे बीच ही रहती। अभी हम शोक में हैं, लेकिन माँ की मौत का हिसाब होगा।
बिना लायसेंस अवैध हास्पिटल का हो गया था आरंभ
नर्सिंगहोम एक्ट के तहत शिवाय हास्पिटल ने बिना लायसेंस मंत्री से 08 मार्च को लोकार्पण करा दिया था, जो अवैध माना जा रहा था, लेकिन मंत्री के हाथों फीता कटवाने के बाद आखिर प्रबंधन को किसका डर!
हमारा काम मरीज की जान बचाना-डॉ. दिविक मित्तल
प्रतिक्रिया जानने शिवाय हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दिविक मित्तल से सम्पर्क किया गया, तो उन्होंने कहा-सविता जायसवाल का ईलाज हालांकि मैंने नहीं किया, लेकिन जो जानकारी है, उसके तहत मैं कह सकता हूं कि सविता जायसवाल क्रिटिकल कंडीशन में आई थीं, उनके लंग्स और किडनी में इंफेक्शन था। हमारा काम मरीज की जान बचाना होता है। मैं उनकी पूरी रिपोर्ट देखने के बाद ही पूरी जानकारी दे सकता हूं। इसे फोन पर नहीं बताया जा सकता, हास्पिटल में आकर मिलना पड़ेगा।
चलते रास्ते में युवती से मारपीट कर मोबाइल लूटकर हुआ था फरार सीसीटीवी फुटेज एवं लगातार पतासाजी से आरोपी तक पहुंची पुलिस लूटा गया Realme मोबाइल बरामद
कोरबा। दिनांक 30.03.2026 की रात्रि करीब 09:30 बजे प्रार्थिया पूनम राय, उम्र 24 वर्ष, निवासी बालाजी विहार स्कूल के पास, पम्प हाउस अटल आवास, चौकी सीएसईबी, बाजार से पैदल अपने घर लौट रही थी। रेलवे क्रॉसिंग के पास अंधेरे का फायदा उठाकर एक अज्ञात युवक ने प्रार्थिया का हाथ पकड़कर उसके साथ मारपीट की तथा उसका Realme कंपनी का मोबाइल फोन, कीमत करीब रू.15,000/- छीनकर फरार हो गया। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 274/2026, धारा 304(2), 115(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान विवेचना के दौरान घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का अवलोकन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों एवं लगातार पतासाजी के आधार पर आरोपी की पहचान रामा सोरी, पिता बंशी सोरी, उम्र 29 वर्ष, निवासी जैन मंदिर के पीछे, बुधवार बाजार के पास, कोरबा के रूप में हुई।
मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार
दिनांक 09.08.2026 को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा आरोपी रामा सोरी को बुधवार रेलवे किनारे बस्ती, चौकी सीएसईबी क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा गया।पूछताछ में आरोपी ने प्रार्थिया के साथ मारपीट कर मोबाइल लूटना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से Realme कंपनी का मोबाइल फोन, मॉडल RMX 3944, कीमत करीब 15,000/- बरामद कर विधिवत जब्त किया गया।विवेचना में अपराध की प्रकृति के आधार पर प्रकरण में धारा 309(6) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी को दिनांक 09.08.2026 को 13:10 बजे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
सराहनीय भूमिका आरोपी की गिरफ्तारी एवं लूटे गए मोबाइल की बरामदगी में पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा लखन पटले के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी सीएसईबी उप निरीक्षक राजेश तिवारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रमोद पटेल, प्र.आर. 286 गोविन्द सिंह एवं आर. 689 रितेश शर्मा का विशेष योगदान रहा।
युवा मतदाताओं को जोड़ने तथा मतदाता जागरूकता को बढ़ाने के दिए गए निर्देश
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार युवा मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के जिले के सभी शासकीय- अशासकीय महाविद्यालयों हाई स्कूल,हायर सेकेंडरी स्कूलों उच्च शैक्षणिक संस्थानों, मतदान केन्द्रों सहित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों,औद्योगिक इकाइयों में इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब ELC का गठन कर मतदाता जागरूकता को बढ़ाने के लिए सभी इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब ELC के नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन की उपस्थिति में दिनांक 8 अगस्त 2026 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष कोरबा में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण में सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन ने सभी नोडल अधिकारियों को भावी मतदाताओं तथा युवा मतदाताओं को मतदान के महत्व को बताने तथा मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण में युवाओं की भूमिका को बढ़ाने एवं मतदान प्रक्रिया में युवाओं के योगदान के लिए विशेष रूप से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर ने शैक्षणिक संस्थानों के साथ ही मतदान केन्द्रों में भी अनिवार्य रूप से मतदाता जागरूकता विषयक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए निर्देश दिए।
प्रशिक्षण कार्यशाला में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने जिले के सभी शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों, हाई स्कूल/ हायर सेकेंडरी स्कूलों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/ औद्योगिक इकाइयों, सभी मतदान केन्द्रों में इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब (ELC) का गठन कर सुचारू संचालन किए जाने हेतु भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली से प्राप्त दिशा-निर्देशों को विस्तार से बताया। सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने ईसीआई नेट ECINET मोबाइल एप की उपयोगिता के संबंध में, मतदाता सूची में अर्हता तिथि 01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई, 01 अक्टूबर को मतदाताओं का नाम दर्ज कराने के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को मतदाता जागरूकता के लिए सभी संस्थाओं, मतदान केन्द्रों के लिए माइक्रो लेवल पर कार्ययोजना बनाकर भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप युवा मतदाताओं को मतदान प्रकिया से जोड़ने के लिए विविध गतिविधियों का सुचारू क्रियान्वयन करने को कहा। प्रशिक्षण में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, डिलिट कराने, संशोधन, स्थानांतरण कराने की ऑनलाइन, ऑफलाइन प्रक्रिया, विभिन्न फाॅर्म की जानकारी, मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण एस आई आर, एस एस आर, मतदाता सूची की जानकारी, भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका, ईवीएम-वीवीपैट मशीन के माध्यम से मतदान प्रक्रिया की जानकारी, भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रियाओं की जानकारी, नैतिक मतदान, मतदाता साक्षरता, मतदाता जागरूकता अभियान सहित निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी टी पी उपाध्याय, ई व्ही पी जी कॉलेज स्वीप नोडल अधिकारी बलराम कुर्रे,मास्टर ट्रेनर सहायक प्राध्यापक जे सी देवांगन, श्रीमती उपासना पाठक व्याख्याता, इलेक्शन सुपरवाइजर दीनदयाल भारद्वाज, सहायक प्रोग्रामर शीतल अग्रवाल, राम निवास साहू लेखापाल, भूपेंद्र पोर्ते तकनीकी सहायक सहित सभी शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूलों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों के ईएलसी नोडल अधिकारी, प्रभारी,सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।