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कोरबा

सावन में उत्पात मचाने वालों पर कोरबा पुलिस सख्त:बाइकर्स गिरोह, शराबियों पर रहेगी पैनी नजर, हिंदू नारायणी सेना ने सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। कोरबा पुलिस ने सावन महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष तैयारी की है। प्रत्येक सावन सोमवार को कनकीधाम जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस पेट्रोलिंग टीम गश्त करेगी। चौक-चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले वर्षों में सावन सोमवार के दौरान कुछ बाइकर्स गिरोहों द्वारा फटे साइलेंसर, तेज आवाज में डीजे और तेज रफ्तार से वाहन चलाकर उत्पात मचाने की शिकायतें मिली थीं। ऐसे मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा था।

उन्होंने कहा कि इस बार भी ऐसे तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाने, मारपीट, छेड़छाड़ या शांति भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिंदू नारायणी सेना ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

सावन सोमवार के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को लेकर हिंदू नारायणी सेना के प्रमुख अरविंद अग्रवाल और उनकी टीम ने कोरबा एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कनकीधाम जाने वाले रास्ते में श्रद्धालुओं के साथ कथित छेड़छाड़, मारपीट और अभद्रता की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की गई।

ज्ञापन में तेज आवाज में डीजे बजाने और फटे साइलेंसर वाली बाइकों से धार्मिक माहौल खराब होने की शिकायत भी की गई। सेना ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित और निर्विघ्न हो सके।

रविवार शाम से शुरू हो जाती है कांवड़ यात्रा

सावन सोमवार से एक दिन पहले रविवार शाम से ही कांवड़िया भक्त कनकीधाम के लिए रवाना होना शुरू हो जाते हैं। श्रद्धालु पैदल, वाहनों से और समूहों में कांवड़ लेकर ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए कनकीधाम पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह को बख्शा नहीं जाएगा। सावन सोमवार के दौरान शांति भंग करने वालों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

CCTV फुटेज की मदद से दुकान चोरी का खुलासा: मुख्य आरोपी सहित 02 विधि से संघर्षरत बालक पकड़े गए, चोरी में प्रयुक्त सरिया एवं स्कूटी बरामद

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सजग कोरबा–सतर्क कोरबा अभियान के तहत उरगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई

कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र के ग्राम बरपाली स्थित दुकान में दिनांक 07.08.2026 की रात्रि चोरी की घटना हुई थी। सुबह दुकान खोलने पर शटर का ताला टूटा हुआ मिला तथा दुकान में रखी नगदी चोरी होना पाया गया।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 449/2026, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

CCTV फुटेज से मिला महत्वपूर्ण सुराग

पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया गया। CCTV फुटेज से मिले सुरागों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें पकड़ा गया।

बिलासपुर से लौटते समय बनाई चोरी की योजना

पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताया गया कि वे बिलासपुर गए थे और वहां से वापस लौटते समय दुकान का शटर बंद होने तथा शटर एवं जमीन के बीच गैप दिखाई देने पर चोरी करने की योजना बनाई।
इसके बाद आरोपीगण मड़वारानी के पास से सरिया लेकर आए और उसी सरिया की सहायता से दुकान का शटर उठाकर अंदर प्रवेश कर चोरी की घटना को अंजाम दिया।

मुख्य आरोपी

युवराज सिंह राजपूत, पिता दीनदयाल सिंह राजपूत, उम्र 19 वर्ष, निवासी 15 ब्लॉक पंप हाउस, कोरबा के साथ 02 विधि से संघर्षरत बालकों को भी पकड़ा गया है।

बरामदगी
आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त लोहे की सरिया, घटना में प्रयुक्त स्कूटी एवं चोरी की गई नगद 9000रुपए बरामद की गई है।
मुख्य आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की भूमिका
CCTV फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर तंत्र की मदद से उरगा पुलिस ने मामले का त्वरित खुलासा किया।
➡️ कोरबा पुलिस द्वारा “ सजग कोरबा–सतर्क कोरबा ” अभियान के तहत चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है।

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कोरबा

सनसनी:मौत का सौदागर बना शिवाय हॉस्पिटल: कमर में दर्द को लेकर पहुंची महिला, तीन दिन बाद निकला शव

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लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के परिजनों में आक्रोश, कहा-एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं और मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का नाम
लापरवाही की वजह से गई मेरी माँ की जान-सोनाली
कोरबा। कोरबा में कई ऐसी बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बना ली गई और बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के हॉस्पिटल खोल दिए गए और नाम रख दिया गया मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल। 08 मार्च 2026 को नया बस स्टैंड टी पी नगर कोरबा में ऐसा ही एक हॉस्पिटल मंत्री के हाथों उद्घाटित कर दिया गया, जबकि उक्त हॉस्पिटल प्रबंधन ने न तो नर्सिंग होम का लाइसेंस लिया और न ही एक भी स्पेशिलिस्ट डॉक्टर। आज यह हॉस्पिटल मौत का सौदागर बन कर उभरा है।
मामला लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के आकस्मिक निधन का है। सोनाली ने बताया कि 04 अगस्त की रात्रि को माँ की कमर में दर्द उठा और उन्हें नजदीक होने के कारण शिवाय हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। भर्ती के समय डाक्टरों ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में गेप आ गया है और उन्हें रात्रि को एनआईवी सपोर्ट में रखा गया। तीन दिन बाद उन्हें वेंटिलेटर में रखते ही उनकी मौत हो गई।

एक्स-रे लेने पर पता चला रीढ़ की हड्डी में गेप है

मृतक श्रीमती सविता जायसवाल पति सुनील जायसवाल (62) की पुत्री सोनाली ने रोते हुए बताया कि माँ को एडमिट करने के बाद एक्स-रे किया गया, जहां डाक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में गेप होना बताया और उन्हें एनआईवी सपोर्ट दिया गया। सोनाली के अनुसार डाक्टरों ने बताया कि माँ का आक्सीजन और ब्लड लेबल काफी कम है और उन्हें एनआईवी सपोर्ट देना पड़ेगा। रात्रि में माँ एनआईवी सपोर्ट को बार-बार निकाल देती थी, लेकिन रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों एवं स्टाफ ने लापरवाही बरती और एनआईवी सपोर्ट निकलने के कारण माँ की जान चली गई। सोनाली ने यह भी बताया कि हमें अंदर ही जाने नहीं दिया जाता था और लापरवाही के कारण माँ की जान चली गई।

बिना चेकअप चिकित्सकों ने फार्म भरा दिया-माँ का कंडीशन क्रिटिकल है-सोनाली
मृतका की बेटी सोनाली ने बताया कि जब माँ को एडमिट किया गया तो यहां के चिकित्सकों ने पहले कोरे फार्म पर साइन कराने की कोशिश की, लेकिन फार्म में लिखकर आने के बात कही गई तो बिना जांच माँ के कंडीशन को क्रिटिकल बताने वाले फार्म में साइन करा लिया, ताकि खुद का बचाव चिकित्सक कर सकें।

मामला बिगड़ते देख वेंटिलेशन में रखा और तत्काल माँ की मौत हो गई-सोनाली
मृतका श्रीमती सविता जायसवाल की बेटी सोनाली ने कहा कि तीन दिन तक माँ के ईलाज में लापरवाही की गई, खासकर रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही से माँ की जान आकस्मिक चली गई। एनआईवी सपोर्ट को माँ निकाल देती थी, लेकिन मरीज के पास न तो स्टाफ रहते थे और न ही चिकित्सक, जिसके कारण माँ की हालत बिगड़ी।
माँ की हालत बिगड़ते देख चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर में रख दिया और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सोनाली ने कहा कि माँ की मौत सामान्य नहीं, बल्कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार शिवाय हास्पिटल है।

एनआईवी सपोर्ट की जगह पाईप क्यों नहीं लगाया चिकित्सकों ने
एक्स-रे और ईसीजी करने के बाद चिकित्सकों ने एनआईवी सपोर्ट लगाया, जबकि माँ उसे निकाल दिया करती थी। केस बिगड़ते देख डाक्टरों ने पाईप के जरिये ऑक्सिजन लेबल सामान्य करने के लिए बाद में पाईप लगाया, जबकि पहले ही लगा देना था। सोनाली ने शिवाय हास्पिटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह बात कही और कहा कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार रात्रि कालीन स्टाफ है।

डाक्टरों से बात न कर पाएं, इसलिए बड़े-बड़े बाउंसर तैनात किए- शिवम

मृतका श्रीमती सविता जायसवाल के पुत्र शिवम ने माँ का कंडीशन जानने के लिए ईलाज कर रहे चिकित्सकों से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बताया कि शिवाय हास्पिटल प्रबंधन कई गुंडे किस्म के बाउंसर रख लिए हैं, जो डाक्टरों से मिलने ही नहीं दिए और कहते रहे जो भी बात करनी है हमसे करो और चिकित्सकों से मिलने ही नहीं दिए। शिवाय हास्पिटल में ईलाज हो न हो, गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसे मंदिर की जगह में सेवा होनी चाहिए, वहां गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसी जगह में बाउंसर रखना कहां तक उचित है? शिवम ने कहा- क्या डाक्टरों को अपने ईलाज में खुद को विश्वास नहीं है? नहीं तो बाउंसर रखने की जरूरत ही क्यों पड़ती?

ईलाज के नाम पर सिर्फ लूट का धंधा-प्रदीप जायसवाल

मृतका के जेठ एवं पूर्व अनुविभागीय अधिकारी (जल संसाधन) प्रदीप जायसवाल ने बताया कि भाई बहू श्रीमती सविता जायसवाल की मौत लापरवाही की वजह से हुई है। शिवाय हास्पिटल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही यहां ढंग से ईलाज होता है। ईलाज के नाम पर सिर्फ मेडिकल लूट का धंधा खोल दिया गया है।

07 को सविता जायसवाल ने अंतिम सांस ली

लालू राम कॉलोनी निवासी प्रदीप जायसवाल के छोटे भाई सुनील जायसवाल की धर्मपत्नी सविता जायसवाल का 07 अगस्त को आकस्मिक निधन हो गया। दूसरे दिन दिनांक 8/8/26 दिन शनिवार को सुबह 11 बजे मोती सागरपारा मुक्तिधाम में सवित जायसवाल का अंतिम संस्कार किया गया।

दशगात्र के बाद मच सकता है बवाल
स्व.श्रीमती सविता जायसवाल की पुत्री सोनाली ने कहा कि अभी पूरा परिवार शोक में है, लेकिन हमारी माँ यूं ही नहीं चली गई। शिवाय हास्पिटल वाले रिफर भी नहीं किए और न ही बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए और ईलाज में पूरी लापरवाही बरती गई। डाक्टर फीस लूटने में लगे रहे और अच्छी खासी माँ चली गई। शिवाय हास्पिटल नहीं ले जाते तो माँ हमारी हमारे बीच ही रहती। अभी हम शोक में हैं, लेकिन माँ की मौत का हिसाब होगा।

बिना लायसेंस अवैध हास्पिटल का हो गया था आरंभ

नर्सिंगहोम एक्ट के तहत शिवाय हास्पिटल ने बिना लायसेंस मंत्री से 08 मार्च को लोकार्पण करा दिया था, जो अवैध माना जा रहा था, लेकिन मंत्री के हाथों फीता कटवाने के बाद आखिर प्रबंधन को किसका डर!

हमारा काम मरीज की जान बचाना-डॉ. दिविक मित्तल

प्रतिक्रिया जानने शिवाय हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दिविक मित्तल से सम्पर्क किया गया, तो उन्होंने कहा-सविता जायसवाल का ईलाज हालांकि मैंने नहीं किया, लेकिन जो जानकारी है, उसके तहत मैं कह सकता हूं कि सविता जायसवाल क्रिटिकल कंडीशन में आई थीं, उनके लंग्स और किडनी में इंफेक्शन था। हमारा काम मरीज की जान बचाना होता है। मैं उनकी पूरी रिपोर्ट देखने के बाद ही पूरी जानकारी दे सकता हूं। इसे फोन पर नहीं बताया जा सकता, हास्पिटल में आकर मिलना पड़ेगा।

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कोरबा

सजग कोरबा – सतर्क कोरबा अभियान के तहत मोबाइल लूट का आरोपी गिरफ्तार

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चलते रास्ते में युवती से मारपीट कर मोबाइल लूटकर हुआ था फरार
सीसीटीवी फुटेज एवं लगातार पतासाजी से आरोपी तक पहुंची पुलिस
लूटा गया Realme मोबाइल बरामद

कोरबा। दिनांक 30.03.2026 की रात्रि करीब 09:30 बजे प्रार्थिया पूनम राय, उम्र 24 वर्ष, निवासी बालाजी विहार स्कूल के पास, पम्प हाउस अटल आवास, चौकी सीएसईबी, बाजार से पैदल अपने घर लौट रही थी। रेलवे क्रॉसिंग के पास अंधेरे का फायदा उठाकर एक अज्ञात युवक ने प्रार्थिया का हाथ पकड़कर उसके साथ मारपीट की तथा उसका Realme कंपनी का मोबाइल फोन, कीमत करीब रू.15,000/- छीनकर फरार हो गया।
प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 274/2026, धारा 304(2), 115(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान
विवेचना के दौरान घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का अवलोकन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों एवं लगातार पतासाजी के आधार पर आरोपी की पहचान रामा सोरी, पिता बंशी सोरी, उम्र 29 वर्ष, निवासी जैन मंदिर के पीछे, बुधवार बाजार के पास, कोरबा के रूप में हुई।

मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार

दिनांक 09.08.2026 को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा आरोपी रामा सोरी को बुधवार रेलवे किनारे बस्ती, चौकी सीएसईबी क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा गया।पूछताछ में आरोपी ने प्रार्थिया के साथ मारपीट कर मोबाइल लूटना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से Realme कंपनी का मोबाइल फोन, मॉडल RMX 3944, कीमत करीब 15,000/- बरामद कर विधिवत जब्त किया गया।विवेचना में अपराध की प्रकृति के आधार पर प्रकरण में धारा 309(6) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी को दिनांक 09.08.2026 को 13:10 बजे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

सराहनीय भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी एवं लूटे गए मोबाइल की बरामदगी में पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा लखन पटले के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी सीएसईबी उप निरीक्षक राजेश तिवारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रमोद पटेल, प्र.आर. 286 गोविन्द सिंह एवं आर. 689 रितेश शर्मा का विशेष योगदान रहा।

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