सक्ती। सक्ती जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जैजैपुर और सक्ती वृत्त में तीन अलग-अलग मामलों में कुल 25.8 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की गई। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। कार्रवाई कलेक्टर सक्ती के निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में की गई।
आबकारी वृत्त जैजैपुर की टीम ने ग्राम अरसिया के वार्ड नंबर 7 में कार्रवाई की। टीम ने विक्रम खूंटे के रसोईघर की तलाशी ली, जहां 34 प्लास्टिक पाउच में भरी 6.8 लीटर महुआ शराब बरामद हुई।
इसी गांव में विमल कुर्रे के घर पर भी दबिश दी गई। यहां 45 पाउच में रखी 9 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
देवरमाल में 10 लीटर शराब बरामद
इसके बाद आबकारी वृत्त सक्ती की टीम ने ग्राम देवरमाल के वार्ड नंबर 8 में कार्रवाई की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सहायक जिला आबकारी अधिकारी आशीष उप्पल और आबकारी उपनिरीक्षक घनश्याम प्रधान के नेतृत्व में टीम ने किशन खूंटे (32 वर्ष) के घर दबिश दी।
तलाशी के दौरान रसोईघर में छिपाकर रखे दो पीले प्लास्टिक जरीकेन से 10 लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब बरामद की गई। आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर गैर-जमानती प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
सहायक जिला आबकारी अधिकारी आशीष उप्पल ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अवैध शराब से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी आबकारी विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
सजग कोरबा–सतर्क कोरबा अभियान के तहत उरगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र के ग्राम बरपाली स्थित दुकान में दिनांक 07.08.2026 की रात्रि चोरी की घटना हुई थी। सुबह दुकान खोलने पर शटर का ताला टूटा हुआ मिला तथा दुकान में रखी नगदी चोरी होना पाया गया।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 449/2026, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
CCTV फुटेज से मिला महत्वपूर्ण सुराग
पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया गया। CCTV फुटेज से मिले सुरागों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें पकड़ा गया।
बिलासपुर से लौटते समय बनाई चोरी की योजना
पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताया गया कि वे बिलासपुर गए थे और वहां से वापस लौटते समय दुकान का शटर बंद होने तथा शटर एवं जमीन के बीच गैप दिखाई देने पर चोरी करने की योजना बनाई। इसके बाद आरोपीगण मड़वारानी के पास से सरिया लेकर आए और उसी सरिया की सहायता से दुकान का शटर उठाकर अंदर प्रवेश कर चोरी की घटना को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपी
युवराज सिंह राजपूत, पिता दीनदयाल सिंह राजपूत, उम्र 19 वर्ष, निवासी 15 ब्लॉक पंप हाउस, कोरबा के साथ 02 विधि से संघर्षरत बालकों को भी पकड़ा गया है।
बरामदगी आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त लोहे की सरिया, घटना में प्रयुक्त स्कूटी एवं चोरी की गई नगद 9000रुपए बरामद की गई है। मुख्य आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की भूमिका CCTV फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर तंत्र की मदद से उरगा पुलिस ने मामले का त्वरित खुलासा किया। ➡️ कोरबा पुलिस द्वारा “ सजग कोरबा–सतर्क कोरबा ” अभियान के तहत चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है।
लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के परिजनों में आक्रोश, कहा-एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं और मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का नाम लापरवाही की वजह से गई मेरी माँ की जान-सोनाली कोरबा। कोरबा में कई ऐसी बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बना ली गई और बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के हॉस्पिटल खोल दिए गए और नाम रख दिया गया मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल। 08 मार्च 2026 को नया बस स्टैंड टी पी नगर कोरबा में ऐसा ही एक हॉस्पिटल मंत्री के हाथों उद्घाटित कर दिया गया, जबकि उक्त हॉस्पिटल प्रबंधन ने न तो नर्सिंग होम का लाइसेंस लिया और न ही एक भी स्पेशिलिस्ट डॉक्टर। आज यह हॉस्पिटल मौत का सौदागर बन कर उभरा है। मामला लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के आकस्मिक निधन का है। सोनाली ने बताया कि 04 अगस्त की रात्रि को माँ की कमर में दर्द उठा और उन्हें नजदीक होने के कारण शिवाय हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। भर्ती के समय डाक्टरों ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में गेप आ गया है और उन्हें रात्रि को एनआईवी सपोर्ट में रखा गया। तीन दिन बाद उन्हें वेंटिलेटर में रखते ही उनकी मौत हो गई।
एक्स-रे लेने पर पता चला रीढ़ की हड्डी में गेप है
मृतक श्रीमती सविता जायसवाल पति सुनील जायसवाल (62) की पुत्री सोनाली ने रोते हुए बताया कि माँ को एडमिट करने के बाद एक्स-रे किया गया, जहां डाक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में गेप होना बताया और उन्हें एनआईवी सपोर्ट दिया गया। सोनाली के अनुसार डाक्टरों ने बताया कि माँ का आक्सीजन और ब्लड लेबल काफी कम है और उन्हें एनआईवी सपोर्ट देना पड़ेगा। रात्रि में माँ एनआईवी सपोर्ट को बार-बार निकाल देती थी, लेकिन रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों एवं स्टाफ ने लापरवाही बरती और एनआईवी सपोर्ट निकलने के कारण माँ की जान चली गई। सोनाली ने यह भी बताया कि हमें अंदर ही जाने नहीं दिया जाता था और लापरवाही के कारण माँ की जान चली गई।
बिना चेकअप चिकित्सकों ने फार्म भरा दिया-माँ का कंडीशन क्रिटिकल है-सोनाली मृतका की बेटी सोनाली ने बताया कि जब माँ को एडमिट किया गया तो यहां के चिकित्सकों ने पहले कोरे फार्म पर साइन कराने की कोशिश की, लेकिन फार्म में लिखकर आने के बात कही गई तो बिना जांच माँ के कंडीशन को क्रिटिकल बताने वाले फार्म में साइन करा लिया, ताकि खुद का बचाव चिकित्सक कर सकें।
मामला बिगड़ते देख वेंटिलेशन में रखा और तत्काल माँ की मौत हो गई-सोनाली मृतका श्रीमती सविता जायसवाल की बेटी सोनाली ने कहा कि तीन दिन तक माँ के ईलाज में लापरवाही की गई, खासकर रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही से माँ की जान आकस्मिक चली गई। एनआईवी सपोर्ट को माँ निकाल देती थी, लेकिन मरीज के पास न तो स्टाफ रहते थे और न ही चिकित्सक, जिसके कारण माँ की हालत बिगड़ी। माँ की हालत बिगड़ते देख चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर में रख दिया और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सोनाली ने कहा कि माँ की मौत सामान्य नहीं, बल्कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार शिवाय हास्पिटल है।
एनआईवी सपोर्ट की जगह पाईप क्यों नहीं लगाया चिकित्सकों ने एक्स-रे और ईसीजी करने के बाद चिकित्सकों ने एनआईवी सपोर्ट लगाया, जबकि माँ उसे निकाल दिया करती थी। केस बिगड़ते देख डाक्टरों ने पाईप के जरिये ऑक्सिजन लेबल सामान्य करने के लिए बाद में पाईप लगाया, जबकि पहले ही लगा देना था। सोनाली ने शिवाय हास्पिटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह बात कही और कहा कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार रात्रि कालीन स्टाफ है।
डाक्टरों से बात न कर पाएं, इसलिए बड़े-बड़े बाउंसर तैनात किए- शिवम
मृतका श्रीमती सविता जायसवाल के पुत्र शिवम ने माँ का कंडीशन जानने के लिए ईलाज कर रहे चिकित्सकों से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बताया कि शिवाय हास्पिटल प्रबंधन कई गुंडे किस्म के बाउंसर रख लिए हैं, जो डाक्टरों से मिलने ही नहीं दिए और कहते रहे जो भी बात करनी है हमसे करो और चिकित्सकों से मिलने ही नहीं दिए। शिवाय हास्पिटल में ईलाज हो न हो, गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसे मंदिर की जगह में सेवा होनी चाहिए, वहां गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसी जगह में बाउंसर रखना कहां तक उचित है? शिवम ने कहा- क्या डाक्टरों को अपने ईलाज में खुद को विश्वास नहीं है? नहीं तो बाउंसर रखने की जरूरत ही क्यों पड़ती?
ईलाज के नाम पर सिर्फ लूट का धंधा-प्रदीप जायसवाल
मृतका के जेठ एवं पूर्व अनुविभागीय अधिकारी (जल संसाधन) प्रदीप जायसवाल ने बताया कि भाई बहू श्रीमती सविता जायसवाल की मौत लापरवाही की वजह से हुई है। शिवाय हास्पिटल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही यहां ढंग से ईलाज होता है। ईलाज के नाम पर सिर्फ मेडिकल लूट का धंधा खोल दिया गया है।
07 को सविता जायसवाल ने अंतिम सांस ली
लालू राम कॉलोनी निवासी प्रदीप जायसवाल के छोटे भाई सुनील जायसवाल की धर्मपत्नी सविता जायसवाल का 07 अगस्त को आकस्मिक निधन हो गया। दूसरे दिन दिनांक 8/8/26 दिन शनिवार को सुबह 11 बजे मोती सागरपारा मुक्तिधाम में सवित जायसवाल का अंतिम संस्कार किया गया।
दशगात्र के बाद मच सकता है बवाल स्व.श्रीमती सविता जायसवाल की पुत्री सोनाली ने कहा कि अभी पूरा परिवार शोक में है, लेकिन हमारी माँ यूं ही नहीं चली गई। शिवाय हास्पिटल वाले रिफर भी नहीं किए और न ही बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए और ईलाज में पूरी लापरवाही बरती गई। डाक्टर फीस लूटने में लगे रहे और अच्छी खासी माँ चली गई। शिवाय हास्पिटल नहीं ले जाते तो माँ हमारी हमारे बीच ही रहती। अभी हम शोक में हैं, लेकिन माँ की मौत का हिसाब होगा।
बिना लायसेंस अवैध हास्पिटल का हो गया था आरंभ
नर्सिंगहोम एक्ट के तहत शिवाय हास्पिटल ने बिना लायसेंस मंत्री से 08 मार्च को लोकार्पण करा दिया था, जो अवैध माना जा रहा था, लेकिन मंत्री के हाथों फीता कटवाने के बाद आखिर प्रबंधन को किसका डर!
हमारा काम मरीज की जान बचाना-डॉ. दिविक मित्तल
प्रतिक्रिया जानने शिवाय हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दिविक मित्तल से सम्पर्क किया गया, तो उन्होंने कहा-सविता जायसवाल का ईलाज हालांकि मैंने नहीं किया, लेकिन जो जानकारी है, उसके तहत मैं कह सकता हूं कि सविता जायसवाल क्रिटिकल कंडीशन में आई थीं, उनके लंग्स और किडनी में इंफेक्शन था। हमारा काम मरीज की जान बचाना होता है। मैं उनकी पूरी रिपोर्ट देखने के बाद ही पूरी जानकारी दे सकता हूं। इसे फोन पर नहीं बताया जा सकता, हास्पिटल में आकर मिलना पड़ेगा।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शिवसेना प्रमुख धनंजय परिहार का तलवार से केक काटने का वीडियो वायलर हो रहा है। घटना रायपुर के टिटोस क्लब की है। धनंजय परिहार टिटोस क्लब के मालिक भी हैं। आरोप है कि इसी क्लब में रात 12 बजे के बाद भी पार्टी चलती रही और शराब परोसी जा रही थी।
मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि क्लब के अंदर बड़ी संख्या में युवक-युवतियां मौजूद हैं। तेज म्यूजिक के बीच पार्टी चल रही है। इसी दौरान शिवसेना प्रमुख केक लेकर पहुंचते हैं और तलवार से केक काटते हैं। आसपास मौजूद लोग जश्न मनाते और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं।
वहीं, वायरल वीडियो को लेकर शिवसेना प्रमुख धनंजय परिहार ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो करीब 6 महीने पुराना है। कार्यकर्ताओं के कहने पर उन्होंने तलवार से केक काटा था। उनका कहना है कि केक काटने का उद्देश्य किसी पर हमला करना नहीं था।
6 महीने पुराना वीडियो अब वायरल
बताया जा रहा है कि करीब 6 महीने पहले शिवसेना प्रमुख धनंजय परिहार का जन्मदिन था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने टिटोस क्लब में उनका बर्थडे सेलिब्रेट किया। सेलिब्रेशन के दौरान उन्होंने तलवार से केक काटा, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रात 12 बजे के बाद भी चलती रही पार्टी
वीडियो में देखा जा सकता है कि आधी रात के बाद भी क्लब में युवक-युवतियां पार्टी करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान शराब परोसे जाने की बात भी कही जा रही है। इधर, लोगों का कहना है कि शहर में बार और क्लबों के संचालन के लिए तय नियम हैं, जिनका सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
छत्तीसगढ़ शिवसेना प्रमुख धनंजय परिहार। (फाइल फोटो)
धनंजय परिहार ने दी सफाई
छत्तीसगढ़ शिवसेना प्रमुख धनंजय परिहार ने चर्चा में कहा कि वायरल वीडियो करीब 6 महीने पुराना है और उनके जन्मदिन का है। उन्होंने बताया कि दोस्तों के कहने पर उन्होंने तलवार से केक काटा था। इसका उद्देश्य किसी पर हमला करना नहीं था।
देर रात शराब परोसे जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि क्लब में रात 12 बजे तक शराब परोसने का समय निर्धारित है। ग्राहकों को बाहर निकलने में कुछ समय लग जाता है, लेकिन रात 12 बजे के बाद ग्राहकों को शराब नहीं दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ब्लैकमेल करने के लिए लगातार पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं।