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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में नीटपरीक्षा में नहीं हुआ प्रक्रिया का पालन,प्राचार्य बोले- हमसे गलती हुई, ऊपर वालों को बताया, उन्होंने जो कहा वो किया

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में 391 स्टूडेंट्स को गलत प्रश्न पत्र बांटने के मामले में आरोपियों पर 6 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शासकीय आदर्श बालक उच्चतर माध्यमिक शाला प्रभारी अरूण कुमार साहू के मुताबिक कंफ्यूजन में गलत प्रश्न पत्र बंट गया था। साहू के मुताबिक पूरी जानकारी अफसरों को दी गई और उनके निर्देश पर आगे की प्रक्रिया का पालन किया गया।

छात्रों ने इसकी शिकायत राज्यपाल से की है और राष्ट्रपति को पत्र लिखने की बात कही है। छात्रों की मांग है, कि बोनस अंक दिया जाए। नीट परीक्षा मामले में परीक्षार्थियों को इंसाफ नहीं मिलने पर कांग्रेस अब इसे मुद्दा बना रही है। बालोद जिले से कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने मामले में कलेक्टर, राजभवन और एनटीए को पत्र लिखा है। पत्र में छात्रों को बोनस अंक देने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

ये है पूरा मामला

नीट की प्रवेश परीक्षा के लिए पहली बार बालोद जिले में आदर्श कन्या उच्चतर माध्यिमक विद्यालय और शासकीय आदर्श बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को सेंटर बनाया गया था। आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी भूपेश्वर नाथ योगी और शासकीय आदर्श बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी अरूण कुमार साहू को बनाया गया था। भूपेश्वर नाथ योगी आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी होने के साथ नीट परीक्षा के कॉर्डिनेटर भी थे।

परीक्षा के दौरान छात्रों को गलत प्रश्न पत्र दे दिया गया। छात्रों ने प्रश्न पत्र गलत आने की बात कही, तो जांच के नाम पर कॉर्डिनेटर और केंद्र प्रभारी 45 मिनट तक छात्रों से गलत प्रश्न पत्र सॉल्व करवाते रहे और उसके बाद प्रश्न पत्र बदलने का निर्देश दिया गया।

छात्रों ने दूसरा प्रश्न पत्र सॉल्व किया, लेकिन अतिरिक्त समय के नाम पर उन्हें मात्र 10 से 15 मिनट दिया गया। पालकों को इस बात की जानकारी हुई, तो केंद्रों में विरोध शुरू हो गया और प्रभारी समेत पूरे स्टाफ को बंधक बना लिया गया।

पूरे मामले में जब देर रात जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तो मामला शांत हुआ। लेकिन पांच दिन बाद भी मामले में कोई छात्रहित का निर्णय नहीं आने पर छात्र परेशान है। छात्रों ने मामले में राज्यपाल को पत्र लिखा है और राष्ट्रपति भवन पत्र भेजने की बात कही है। दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी, इस सवाल पर जिला प्रशासन के अधिकारी चुप हैं और मीडिया से पूरे मामले में अब दूरी बना रहे है।

स्टेट बैंक-केनरा बैंक में जमा थे पेपर

शासकीय आदर्श बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा केंद्र में आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य अरुण साहू ने बताया कि, बैंक से पेपर लाने में गलती हुई है। स्टेट बैंक और केनरा बैंक दोनों जगह नीट के पेपर जमा थे।

दोनों जगह से प्रश्न पत्र ले गए। उसके बाद हम खुद कंफ्यूज हो गए थे। पहले बच्चों को दूसरा प्रश्न पत्र हल करने को कहा गया, फिर हमें लगा कि यह नहीं है, तो फिर दूसरा प्रश्न पत्र दिए। हमे जो जानकारी मिल रही थी, हम उसे ऊपर अफसरों तक दे रहे थे। वहां से जो कहा जा रहा था, उस प्रक्रिया को पूरा कर रहे थे।

इस प्रक्रिया का नहीं हुआ पालन

किसी भी प्रवेश परीक्षा के दौरान बैंकों से केंद्रों तक प्रश्न पत्र पहुंचाने की जिम्मेदारी कॉर्डिनेटर की होती है। इस प्रक्रिया के तहत कॉर्डिनेटर बैंकों से प्रश्न पत्र कलेक्ट करवाते हैं और फिर से केंद्र में छोड़ा जाता है। केंद्र में प्रभारी स्टाफ और 4 छात्रों के सामने प्रश्न पत्र में लगी सील को हटवाते हैं और उसकी जांच कराते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड बुक में नोट किया जाता है, ताकि आरोप-प्रत्यारोप से बचा जा सके। इस पूरे मामले में कॉर्डिनेटर और प्रभारी की ओर से इस प्रक्रिया की अनदेखी की गई। छात्रों को प्रश्न पत्र देने से पहले उनकी जांच हो जाती और छात्रों को सही प्रश्न पत्र मिलता।

ड्यूटी कर रहे शिक्षक बोले हमे जानकारी नहीं : रेणुका साहू

नीट यूजी का पेपर था। हमें शुरू में दो पेपर लाकर दिया गया। मैंने मैम-सर से पूछा, कि कौन सा पेपर सॉल्व करना है, तो उन्होंने कहा, कि नहीं पता। फिर पिंक ओएमआर बनाने के लिए कहा गया। आधे घंटे बाद यानि 3 बजे बोला गया, कि इस ओएमआर को नहीं, बल्कि दूसरे को बनाना है।

कुछ देर बाद बोले, कि अभी रुको, जब बोलेंगे, तब बनाना है। सर ने बोला था, कि अतिरिक्त समय देंगे, लेकिन 5.30 बजे उन्होंने ओएमआर वापस ले ली। हमें अतिरिक्त समय नहीं मिल पाया।

तीन बार प्रश्न पत्र बदलने के लिए एग्जामिनर ने कहा: डामन साहू

परीक्षा के दौरान हमें दो प्रश्न पत्र मिले थे। हमने बायोलॉजी के जब आधे प्रश्न पत्र यानि 20वें पेज को सॉल्व कर लिया, तो एग्जामिनर ने दूसरा प्रश्न पत्र सॉल्व करने के लिए कहा। मैं दूसरा प्रश्न पत्र सॉल्व करने लगा तो एग्जामिनर कुछ देर बाद फिर वापस आए और पहला प्रश्न पत्र सॉल्व करने के लिए कहा। मैं फिर से पहला प्रश्न पत्र सॉल्व करने लगा, तो एग्जामिनर फिर वापस आए और पहला प्रश्न पत्र सॉल्व करने के लिए कहा।

हर कुछ देर में प्रश्न पत्र बदलने पर परीक्षा के दौरान फ्लो टूटा और अच्छे से प्रश्न पत्र सॉल्व नहीं कर पाया। परीक्षा में प्रश्न पत्र साल्व करने के लिए तीन घंटे 20 मिनट मिलता है। इसी समय में हमारी ओएमआर सीट हॉल में मौजूद शिक्षकों ने ले ली, हमें गलत प्रश्न पत्र देने पर जो अतिरिक्त समय देने का वादा एग्जामिनर ने किया था, उसे पूरा नहीं किया।

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कोरबा

पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों एवं अन्य पदों हेतु चल-साक्षात्कार का आयोजन

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कोरबा। जिले के सभी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हेतु चल-साक्षात्कार  का आयोजन पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरिकला, ब्लॉक-कटघोरा में किया जा रहा है।

इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन फॉर्म गूगल लिंक  https://forms.gle/CvqXuqgnmtGgzUTp7  के माध्यम से भर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि साक्षात्कार का आयोजन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। साक्षात्कार के समय आवेदकों को अपने पूर्णतः भरे हुए आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक प्रमाणपत्रों की एक स्व-प्रमाणित प्रति अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
भर्ती के लिए उपलब्ध पदों में स्नातकोत्तर शिक्षक के अंतर्गत अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान और गणित विषय शामिल हैं। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के लिए अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, विज्ञान और शारीरिक शिक्षा के पद रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त नर्स (महिला), काउंसलर (महिला) और आतिथ्य एवं पर्यटन प्रशिक्षक के पदों पर भी नियुक्तियां की जानी हैं।
विभिन्न पदों हेतु शैक्षणिक योग्यता, वेतन, सेवा शर्तें और विस्तृत जानकारी के लिए जिला प्रशासन कोरबा की आधिकारिक वेबसाइट https://korba.gov.in पर उपलब्ध लिंक का अवलोकन किया जा सकता है। नियोजन केवल उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। अधिक जानकारी हेतु मो.नं. 7869096888 पर संपर्क किया जा सकता है।

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कोरबा

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश:कलेक्टर की संवेदनशील पहल, दिव्यांग बालक को तत्काल व्हील चेयर कराया गया उपलब्ध

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शिविर के माध्यम से आमजनों को बिजली बिल सुधार की समस्याओं से राहत दिलाने के निर्देश

राशन वितरण में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश

कोरबा। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के शहरी एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत की। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी  निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर टी आर भारद्वाज सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में सरईसिंगार  के निवासी प्रकाश चन्द्र साहू द्वारा अपने 14 वर्षीय दिव्यांग पुत्र यश कुमार साहू के लिए पेंशन व व्हील चेयर हेतु आवेदन प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने प्रकरण को सवेंदनशीलता से लेते हुए उप संचालक समाज कल्याण  को तत्काल यश कुमार को व्हील चेयर प्रदान करने के निर्देश दिए, उन्होंने यश के बेहतर स्वास्थ्य लाभ हेतु स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया साथ ही दिव्यांग पेंशन  सहित  विभाग में संचालित अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में समाज कल्याण विभाग द्वारा  त्वरित कार्यवाही करते हुए आवेदक प्रकाश चन्द्र को उनके पुत्र यश कुमार के लिए व्हील चेयर प्रदान किया गया एवं अन्य विभागीय योजनाओं से शीघ्र ही लाभान्वित करने आशांवित किया गया।

जनदर्शन में विभिन्न ग्रामों से आए संतोष कुमार, सामरत यादव सहित अन्य नागरिकों ने बिजली बिल में त्रुटियों के सुधार के सम्बंध में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री दुदावत ने विद्युत विभाग के अधिकारी को  शिविर आयोजित कर राज्य शासन की नई गाइडलाइन के अनुसार आमजनों को राहत पहचाने के निर्देश दिए। साथ ही शिविर के सम्बंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

ग्राम खोड्डल की महिलाओं द्वारा गांव के  उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की शिकायत प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य अधिकारी को तत्काल जांच दल गठित कर प्रकरण की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायत सत्य पाए जाने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
विभिन्न जनसमस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही के निर्देश’

जनदर्शन में अवैध कब्जा पर रोक प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा मजदूरी भुगतान, आर्थिक सहायता, वनाधिकार पट्टा, सीमांकन एवं मानदेय  भुगतान संबंधी कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत प्रदान करने के निर्देश दिए।

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कोरबा

जल जीवन मिशन से ढिटोरी की महिलाओं के जीवन में आई नई मुस्कान

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कोरबा। जिले के करतला विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढियापाली का आश्रित ग्राम ढिटोरी, जो जिला मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। लगभग 763 की जनसंख्या वाले इस गाँव में पहले स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी, जिससे विशेषकर महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। गाँव की 38 वर्षीय जोगिनी बाई उन दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि उन्हें पानी लाने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता था। गर्मी हो या बारिश, हर मौसम में साफ पानी का इंतजाम करना एक संघर्ष जैसा था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि शारीरिक श्रम भी अधिक करना पड़ता था।  

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ’हर घर जल’ पहल और जल जीवन मिशन के माध्यम से ढिटोरी की यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। मिशन के तहत ग्राम ढिटोरी के सभी 176 घरों को नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को सुबह और शाम उनके घर पर ही पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाओं को पानी ढोने के पुराने और कठिन काम से बड़ी राहत मिली है, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हो रही है।  
जल जीवन मिशन ने न केवल पेयजल की समस्या का निदान किया है, बल्कि इसने ग्रामीण समाज की महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव भी लाया है। घर पर ही स्वच्छ पानी उपलब्ध होने से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास जागृत हुआ है। आज ढिटोरी की महिलाएं घर के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। पानी की उपलब्धता ने गाँव में खुशहाली का संचार किया है और जोगिनी बाई जैसी अनेक महिलाओं के जीवन को सम्मान और गरिमा के साथ सहज बना दिया है।

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