30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित
महतारी वंदन की राशि से बहनें मनाएंगी रक्षाबंधन का पर्व, घर-परिवार की खुशियों में बढ़ेगा आर्थिक संबल
रायपुर, 22 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।
रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशी रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।
हर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारा सूरजपुर जिले की श्रीमती तेज कुमारी, श्रीमती मंजू रजवाड़े, श्रीमती पुनिया प्रजापति, श्रीमती शहनाज बेगम, श्रीमती गणेश्वरी प्रजापति, श्रीमती मेनका रजवाड़े और श्रीमती लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।
बचत से स्वरोजगार तक की नई राह महतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है। मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की श्रीमती अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूडि़यों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की श्रीमती गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की श्रीमती राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।
भविष्य की सुरक्षा का भी भरोसा कोरबा की श्रीमती शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की श्रीमती हेमंत बंजारे, मोहला जिले की श्रीमती देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की श्रीमती अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।
30 किस्तों ने बनाया भरोसे का मजबूत आधार 1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।
महतारी वंदन से खुशहाल परिवार, सशक्त मातृशक्ति महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी को मजबूत करने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च को बढ़ावा दिया है। महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ा है। रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त इस बदलाव की एक सुखद तस्वीर पेश कर रही है। प्रदेश की बहनें इस राशि से राखी और मिठाई खरीदने के साथ अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते हुए भाई-बहन के स्नेह का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगी। महतारी वंदन योजना की यह कहानी केवल आर्थिक सहायता की कहानी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई ताकत मिल रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची राशि उनके लिए ’‘विष्णु भैया का उपहार’’ बनकर पर्व की खुशियों को और खास बना रही है।
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी सरदार सिंह होंगे लीग के एंबेसडर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा
ओलंपियन सुरेंद्र कुमार, प्रदीप मोर, एस.वी. सुनील, ललित कुमार उपाध्याय, शमशेर सिंह और चिंगलेनसाना सिंह करेंगे टीमों की अगुवाई
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। भारत के सबसे प्रतिष्ठित और सफल फील्ड हॉकी खिलाड़ियों में से एक सरदार सिंह को छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का लीग एंबेसडर घोषित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित भारत की पहली हॉकी लीग, छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्घाटन सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित होगा। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में लीग की छह फ्रेंचाइज़ीस और टीमों का ऐलान किया गया। ड्रा के जरिए फ्रेंचाइजीस को टीमों के आबंटन के साथ ही सभी टीमों की जर्सी भी लॉन्च की गई। टीम ड्रॉ के माध्यम से प्रत्येक फ्रेंचाइज़ी को 22 खिलाड़ियों का दल और एक मुख्य कोच आबंटित किया गया।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा, “छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के लिए सरदार सिंह जैसी प्रतिष्ठित शख्सियत को लीग एंबेसडर बनाना हमारे युवा खिलाड़ियों को सही संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वह भारत के सबसे प्रतिष्ठित हॉकी खिलाड़ियों में से एक हैं और उनकी विशेषज्ञता से इस लीग को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।”
श्री साव ने जमीनी स्तर पर छत्तीसगढ़ में हॉकी को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने के लिए लीग और फ्रेंचाइज़ी टीमों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “मैं उन छह टीम मालिकों और प्रायोजकों का हार्दिक स्वागत करता हूं, जिन्होंने हमारे खेल का समर्थन करने और इसमें निवेश करने का निर्णय लिया है। हॉकी को बढ़ावा देने के लिए उनका दृष्टिकोण और दृढ़ संकल्प सराहनीय है। राज्य में हॉकी के पुनरुत्थान की इस महत्वपूर्ण पहल में सरकार के साथ साझेदारी के लिए मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।”
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लीग एंबेसडर सरदार सिंह ने कहा, “एक पूर्व खिलाड़ी और अब हॉकी इंडिया के साथ कोच के रूप में मैंने छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षा राज्य को एक खेल राज्य के रूप में विकसित करने की है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की शुरुआत एक ऐसी पहल है, जो दूसरे राज्यों के लिए मिसाल बनेगी। मुझे विश्वास है कि इससे छत्तीसगढ़ के हॉकी खिलाड़ियों को बहुत लाभ मिलेगा। सीएचएल का लीग एंबेसडर बनना मेरे लिए केवल एक मानद पद नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सितारों के रूप में विकसित करने में योगदान देने का अवसर भी है।”
सीएचएल में छह फ्रेंचाइज़ी टीमें शामिल हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ियों, ओलंपियनों, स्थानीय प्रतिभाओं और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय मंच उपलब्ध कराना और राज्य में घरेलू हॉकी के ढांचे को मजबूत करना है।
प्रतियोगिता की छह फ्रेंचाइजी टीमों के साथ प्रतिष्ठित संस्थान जुड़े हैं। चक्रधर चैंपियंस की फ्रेंचाइजी जिंदल स्टील लिमिटेड, न्यायधानी नाइट्स की साउथ इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), राजधानी रॉयल्स की श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, मैनपाट टाइगर्स की छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड और बैलाडीला बुल्स की फ्रेंचाइजी एनएमडीसी लिमिटेड के पास है।
*विजेता को मिलेंगे 11 लाख रुपए, 18 पुरुष मुकाबलों के साथ महिला हॉकी का भी दिखेगा रोमांच*
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में छह फ्रेंचाइजी टीमों के कुल 132 खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 108 स्थानीय और 24 अतिथि खिलाड़ी शामिल हैं। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी होंगे। इनमें चार अतिथि खिलाड़ी शामिल रहेंगे। हर टीम में एक पूर्व ओलंपियन मार्की खिलाड़ी भी होगा। 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक आयोजित इस लीग में 18 पुरुष हॉकी मुकाबले और एक प्रदर्शनी महिला हॉकी मैच खेला जाएगा। खिलाड़ियों के लिए कुल 21 लाख रुपए की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। विजेता टीम को 11 लाख और उपविजेता को छह लाख रुपए मिलेंगे। दर्शक सभी मुकाबलों का नि:शुल्क आनंद ले सकेंगे। हॉकी के रोमांच के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति और मनोरंजन का भी रंग जमेगा।
लीग की सबसे बड़ी खासियत प्रत्येक टीम में एक पूर्व ओलंपियन का मार्की खिलाड़ी के रूप में शामिल होना है। इन छह दिग्गज खिलाड़ियों में एस.वी. सुनील, सुरेंद्र कुमार, ललित कुमार उपाध्याय, चिंगलेनसाना सिंह, शमशेर सिंह और प्रदीप मोर के नाम शामिल हैं। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से स्थानीय खिलाड़ियों को भी मैदान पर उनके साथ खेलने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए पुरस्कारों की भी आकर्षक व्यवस्था की गई है। कुल 21 लाख रुपए की पुरस्कार राशि में से 17 लाख रुपए विजेता और उपविजेता टीमों के लिए निर्धारित हैं। विजेता टीम को 11 लाख रुपए तथा उपविजेता को छह लाख रुपए दिए जाएंगे। व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए अलग-अलग श्रेणियों में कुल चार लाख रुपए के पुरस्कार रखे गए हैं।
प्रतियोगिता के सभी 18 पुरुष मुकाबलों में प्रत्येक मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को दस हजार रुपए दिए जाएंगे। इस तरह प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कारों पर कुल एक लाख 80 हजार रुपए खर्च होंगे। वहीं, प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट को एक लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा। सर्वाधिक गोल करने वाले टॉप स्कोरर, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ी खिलाड़ी और अंडर-21 वर्ग के उभरते खिलाड़ी को 30-30 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
हॉकी प्रेमियों के लिए मुकाबलों के समय के साथ मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है। पहला मुकाबला शाम साढ़े पांच बजे और दूसरा मुकाबला शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा। दोनों मैचों के बीच प्रतिदिन मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जो दर्शक स्टेडियम नहीं पहुंच पाएंगे, वे भी मुकाबलों का आनंद ले सकेंगे। लीग का लाइव प्रसारण जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर किया जाएगा। स्टेडियम में दर्शकों का प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा।
लीग का उद्घाटन समारोह खेल के साथ छत्तीसगढ़ की कला और सांस्कृतिक विरासत का संगम होगा। समारोह में प्रदेश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली प्रस्तुतियां होंगी। देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। मुख्य आकर्षण पंजाबी गायक जस्सी गिल और बब्बल राय की प्रस्तुतियां होंगी। इस अवसर पर हॉकी के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का सम्मान भी किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को प्रदेश की पहचान से जोड़ने के लिए विशेष लोगो, मस्कट और टैगलाइन तैयार की गई है। लीग के लोगो का पहले ही अनावरण किया जा चुका है। इसमें छत्तीसगढ़ के नक्शे के साथ सफेद रंग में हॉकी खेलते हुए खिलाड़ी की आकृति दर्शाई गई है। यह छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की प्रगति और प्रदेश के शांत वातावरण का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की शान बाघ को लीग का मस्कट बनाया गया है, जिसे ‘बघवा’ नाम दिया गया है। वहीं, ‘चलो रे संगी हॉकी खेलबो’ लीग की टैगलाइन रखी गई है। प्रतियोगिता के सभी मुकाबलों का विधिवत आयोजन हॉकी इंडिया से संबंधित ऑफिशियल और अधिकारी करेंगे। राजधानी रायपुर में 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक हॉकी के रोमांचक मुकाबलों के साथ खेल, संस्कृति और मनोरंजन का अद्भूत संगम देखने को मिलेगा।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे और सुश्री रेणुका यादव सहित लीग के सभी फ्रेंचाइजीस एवं स्पान्सर्स के प्रतिनिधि तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
माँ ब्रह्मचारिणी देवी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा करने परिसर में लम्बी लाईन
कोरबा। आज नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को कोरबा के आस्था का केन्द्र माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में माँ ब्रह्मचारिणी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा करने परिसर में आस्था का सैलाब देखने को मिला।
अलसुबह जब माँ के दरबार का कपाट खुला, सबसे पहले आदिशक्ति माँ ब्रह्मचारिणी स्वरूपा श्री सर्वमंगला देवी का पुजारियों ने महाश्रृंगार किया और उसके बाद आम लोगों के दर्शन एवं पूजन के लिए कपाट खुला। महाश्रृंगार के बाद माता का दिव्य रूप देखकर श्रद्धालुओं के मन में असीम शांति का अनुभव हुआ। नयनाभिराम माँ ब्रह्मचारिणी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा में डूबा कोरबा अलसुबह से समाचार लिखे जाने तक परिसर में अगाध श्रद्धा का दृश्य देखने को मिला। मनोकामना ज्योति कलशों की लालिमा से सौंदर्य बढ़ा
माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में कलश कक्षों में स्थापित 12000 मनोकामना ज्योति कलशों की लालिमा से परिसर का सौंदर्य देखते ही बन रहा है। परिसर की लाईंटिंग से सजा मनमोह रहा
मंदिर प्रबंधन द्वारा नवरात्रि से पूर्व मंदिर सहित परिसर का रंग-रोगन के साथ परिसर में मनोहारी लाईटिंग की सजावट भी की गई है, जिससे परिसर का सौंदर्य निखर आया है और यहां दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं का मन आनंदित भी हो रहा है। माँ ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा से मिलता है मोक्ष-नमन पाण्डेय
आज नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी देवी स्वरूपा की पूजा अर्चना की गई। प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि माँ ब्रह्मचारिणी मोक्षदायनी है और इनकी पूजा करने से जीवन के संकट का हरण होता है और घर में सुख-शांति का वास होता है। आज माँ को अर्पित छप्पन भोग में मिश्री और फल को भी शामिल किया गया, क्योंकि माँ ब्रह्मचारिणी देवी को भोग में मिश्री और फल अतिप्रिय हैं। जसगीत, शंख, घंटे की नाद से परिसर हुआ भक्तिमय
वैसे तो माँ सर्वमंगला देवी का परिसर स्वर्ग से कम नहीं। यहां कभी भी दर्शन करने जाओ, तो लगता है स्वर्ग में सैर कर रहे हैं, लेकिन नवरात्रि में यहां का माहौल कुछ अलग सा ही मन में पवित्रता और आध्यात्मिकता का जागरण करता है। 09 दिन तक टीम द्वारा जसगीत से यहां उपस्थित लोगों में भक्ति का भाव जगाया जा रहा है, वहीं शंख एवं घंटे की नाद से परिसर भक्तिमय हो गया है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और विधायक प्रेमचंद पटेल ने किया लोकार्पण कोरबा, 12 अक्टूबर 2026। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और विधायक प्रेमचंद पटेल ने आज घुड़देवा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवीन शाला भवन का लोकार्पण किया। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से रूपये 99.64 लाख की लागत से निर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया गया। नवीन भवन से विद्यालय के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिला खनिज न्यास मद के माध्यम से विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराया गया है। इस मद से जिले के जर्जर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नवीन भवनों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि नवीन शाला भवन से विद्यार्थियों को सुविधाजनक वातावरण मिलेगा और उनकी पढ़ाई को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है। शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि नवीन भवन विद्यालय की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करेगा। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
कार्यक्रम में बांकीमोंगरा नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी झा, विकास झा, उदय शर्मा एवं मनीष मिश्रा, पार्षद अश्विनी मिश्रा एवं श्रीमती देवकी साहू, एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन, विद्यालय के प्राचार्य जय सिंह मोहलीकर सहित जितेंद्र सिंह, श्रीमती शशि साहू, संतोष कर्ष, श्रीमती अनीता राजपूत, रामेश्वर वैष्णव, संतोष यादव, श्रीमती अनूपा साहू, विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।