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नेपाल में बाढ़ से तबाही, सैकड़ों लापता, 55 मौतें:पावर प्लांट और पुल बह गए, तिब्बत में बांध टूटा तो दोबारा बाढ़ का खतरा

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काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। सुबह 9 बजे तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया जिसमें कई इलाके चपेट में आ गए।

काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, अब तक 55 लोगों की मौत की खबर है। सैकड़ों लोग लापता हैं। इस आपदा में कई गांवों को भारी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 105 भारतीय समेत 291 विदेशी पर्यटक हैं। लापता भारतीयों में ज्यादातर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे।

नेपाल में आई बाढ़ की तस्वीरें

आपदा के दौरान घने जंगल से ढके पहाड़ की खड़ी ढलान पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन होता दिखाई दे रहा है। मलबे के साथ धूल का एक बड़ा गुबार तेजी से नीचे की ओर बढ़ रहा है।

आपदा के दौरान घने जंगल से ढके पहाड़ की खड़ी ढलान पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन होता दिखाई दे रहा है। मलबे के साथ धूल का एक बड़ा गुबार तेजी से नीचे की ओर बढ़ रहा है।

तस्वीर में चट्टानों और पेड़ों से घिरी एक संकरी घाटी के बीच तेज और उफनते हुए गंदले पानी की फ्लैश फ्लड बहती दिखाई दे रही है।

तस्वीर में चट्टानों और पेड़ों से घिरी एक संकरी घाटी के बीच तेज और उफनते हुए गंदले पानी की फ्लैश फ्लड बहती दिखाई दे रही है।

बाढ़ के तेज बहाव में कई पुल बह गए। इससे आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई और स्थानीय जिला मुख्यालयों तथा बस्तियों से जुड़ने वाले हाईवे संपर्क टूट गए।

बाढ़ के तेज बहाव में कई पुल बह गए। इससे आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई और स्थानीय जिला मुख्यालयों तथा बस्तियों से जुड़ने वाले हाईवे संपर्क टूट गए।

नेपाल के त्रिसूली बाजार में बुधवार सुबह 9 बजे अचानक नदी में बाढ़ आई।

नेपाल के त्रिसूली बाजार में बुधवार सुबह 9 बजे अचानक नदी में बाढ़ आई।

80 सुरक्षाकर्मी भी लापता

बाढ़ की चपेट में सुरक्षा बल भी आए हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर 80 सुरक्षाकर्मी लापता हैं। इनमें 44 नेपाली सेना के जवान शामिल हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रियों की तलाश तेज

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए नेपाल का रसुवागढ़ी मार्ग अहम रास्ता है। बाढ़ के कारण नेपाल-चीन सीमा की ओर जाने वाली सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है।

कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित हैं। हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है। यह बौद्ध, जैन और बोन परंपरा के अनुयायियों के लिए भी पवित्र स्थल है।

भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर साल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते तिब्बत की ओर जाते हैं। इस बार बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों के संपर्क से बाहर होने के बाद उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

लापता लोगों में 3 अमेरिकी नागरिक भी

नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, लापता 291 विदेशी नागरिक लापता हैं। इनमें 142 भारतीय, 17 मलेशियाई, 12 ब्रिटिश, 4 दक्षिण अफ्रीकी, 8 दक्षिण कोरियाई, 1 अमेरिकी, 1 ऑस्ट्रेलियाई और 1 डच नागरिक शामिल हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में एक जगह कम से कम 3 अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की बात कही गई है। 111 अन्य लापता लोगों के नागरिकता की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।

भोटेकोशी नदी में अचानक आई फ्लैश फ्लड के बाद रिहायशी इलाके से तेज रफ्तार में गंदा बाढ़ का पानी बहता हुआ।

भोटेकोशी नदी में अचानक आई फ्लैश फ्लड के बाद रिहायशी इलाके से तेज रफ्तार में गंदा बाढ़ का पानी बहता हुआ।

बाढ़ में 500 लोग लापता, इनमें 37 INR भी शामिल

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद करीब 500 यात्री लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 37 प्रवासी भारतीय (NRI) और 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने यह जानकारी दी है।

तबाही के मंजर की तस्वीरें

सैटेलाइट तस्वीर में दिखा तबाही का मंजर

सैटेलाइट तस्वीर में नेपाल की एक घाटी में पहाड़ों से नीचे की ओर आए मलबे, चट्टानों और बर्फ के तेज बहाव के निशान दिखाई दे रहे हैं।

रसुवा में बाढ़ से नौ बैंकों की शाखाएं बहीं, 26 कर्मचारी लापता

रसुवा में आई भीषण बाढ़ में नौ बैंकों की शाखाएं बह गईं। नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन के मुताबिक, इनमें काम करने वाले 26 कर्मचारियों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। टेलीफोन सेवाएं ठप होने और बिजली नहीं होने के कारण राहत एवं बचाव टीमों को भी संपर्क करने में परेशानी हो रही है।

भारतीय वायुसेना अलर्ट पर, C-17 और C-130 विमान तैयार

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को कहा कि भारतीय वायुसेना नेपाल में राहत और बचाव मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है। राहत सामग्री, दवाइयों और मिट्टी हटाने वाले उपकरणों से लदे सी-17 और सी-130 विमान स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।

बाढ़ के मलबे में अपना सामान ढूंढ़ते लोग

सबसे ज्यादा प्रभावित रसुवा की आबादी करीब 50 हजार

रासुवा में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। यह जिला काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में चीन के तिब्बत क्षेत्र की सीमा के पास स्थित है।

बाढ़ ने रसुवा से नुवाकोट और धादिंग तक नदी किनारे के कई इलाकों को प्रभावित किया। करीब 40-42 किलोमीटर सड़क और कम से कम 19 पुलों को नुकसान पहुंचा है। करीब दर्जनभर बस्तियां भी प्रभावित हुई हैं। रसुवा जिले की आबादी करीब 50 हजार है।

शी जिनपिंग ने राहत-बचाव तेज करने का दिया आदेश

तिब्बत में आई बाढ़ के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। लापता लोगों की तलाश जारी है। बचाव अभियान के लिए 145 पुलिसकर्मियों और जवानों को प्रभावित इलाके में भेजा गया है।

नेपाल में तबाही की 5 फोटोज

नेपाल के पहाड़ी जिले रासुवा में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही मचाई।

नेपाल के पहाड़ी जिले रासुवा में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही मचाई।

नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त घर।

नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त घर।

त्रिशूली में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद एक घर के आसपास जमा हुआ कीचड़ और मलबा।

त्रिशूली में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद एक घर के आसपास जमा हुआ कीचड़ और मलबा।

नेपाल के त्रिशूली में अचानक आई बाढ़ के बाद एक घर के आसपास जमा हुआ मलबा।

नेपाल के त्रिशूली में अचानक आई बाढ़ के बाद एक घर के आसपास जमा हुआ मलबा।

नेपाल के नुवाकोट जिले के ढुंगेबाजार में त्रिशूली नदी के आसपास का इलाका बाढ़ से प्रभावित हुआ।

नेपाल के नुवाकोट जिले के ढुंगेबाजार में त्रिशूली नदी के आसपास का इलाका बाढ़ से प्रभावित हुआ।

नेपाल में 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान

बाढ़ से नेपाल के जलविद्युत क्षेत्र को भी बड़ा नुकसान हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक रसुवा और नुवाकोट जिलों में कम से कम 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इनमें चालू और निर्माणाधीन दोनों परियोजनाएं शामिल हैं।

लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान की खबर है। 20 मेगावाट की इस निर्माणाधीन परियोजना का पावरहाउस बाढ़ में पूरी तरह बह गया है। यहां 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।

नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।

PM मोदी बोले- भारत हर संभव मानवीय मदद देने को तैयार

नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।

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खाद्य मानकों में सख्ती के FSSAI के कदमों के समर्थन में नेस्लेः वैश्विक सीईओ

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिग्गज एफएमसीजी कंपनी नेस्ले के वैश्विक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) फिलिप नवरातिल ने बुधवार को खाद्य उत्पादों की लेबलिंग के नियमों को कड़ा करने के भारतीय खाद्य नियामक एफएसएसएआई के कदम का समर्थन किया। रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली कंपनी के सीईओ नवरातिल ने कहा कि ग्राहकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि वे जिस खाद्य पदार्थ का सेवन कर रहे हैं, उसमें क्या-क्या मिलाया गया है। उन्होंने कहा कि नेस्ले भारत में नियामकीय अनिवार्यता नहीं होने के बावजूद कैलोरी समेत सभी सामग्री की जानकारी देती है और कंपनी पारदर्शिता लाने के कदमों का समर्थन करती है। 

नवरातिल ने एक मीडिया गोलमेज बैठक में कहा, ”हम चाहते हैं कि उपभोक्ता इस बात को लेकर जिज्ञासु हों कि वे क्या खाते और पीते हैं। हम हमेशा पारदर्शिता के पक्ष में रहे हैं।” उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य कंपनियों के दावों और खुलासों की जांच हाल में तेज की है। नियामक ने भ्रामक विज्ञापनों, स्वास्थ्य संबंधी अप्रमाणित दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रमुख खाद्य एवं पेय कंपनियों को 150 से अधिक नोटिस जारी किए हैं। इस पर नवरातिल ने कहा कि नेस्ले पैकेट के सामने पोषण संबंधी जानकारी देने के नियमों का भी स्वागत करेगी। 

उन्होंने कहा कि कंपनी चीनी, वसा और सोडियम की मात्रा कम करके अपने उत्पादों के पोषण संबंधी प्रोफाइल में सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे नियमों से उपभोक्ताओं को बेहतर जानकारी मिलेगी और वे अपने तथा अपने परिवार के लिए बेहतर विकल्प चुन सकेंगे। हालांकि, उन्होंने इस पर जोर दिया कि ऐसे नियम उचित और संतुलित तरीके से तथा वैज्ञानिक आधार पर लागू किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी जानकारी उत्पाद के कुल ग्राम के बजाय एक सामान्य हिस्से के आधार पर देना अधिक उपयुक्त हो सकता है, क्योंकि उपभोक्ता आमतौर पर उत्पाद का एक हिस्सा खाते हैं। सरकार के साथ सहयोग के बारे में पूछे जाने पर नवरातिल ने कहा कि यदि सरकार कंपनियों से सुझाव मांगती है तो नेस्ले अपने अनुभव और अन्य देशों के अनुभव साझा करने के लिए तैयार है।

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Nifty जाएगा 27000 तक, JP Morgan ने भारतीय शेयर बाजार पर जताया भरोसा

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नई दिल्ली, एजेंसी। जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। ग्लोबल बैंक ने निफ्टी के लिए 27,000 का लक्ष्य तय किया है। बैंक के मुताबिक, भारतीय शेयरों में वैल्यू ट्रेड पिछले तीन वर्षों की तुलना में अब बेहतर नजर आ रहा है। घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़े और बड़े शेयरों की अपेक्षाकृत आकर्षक वैल्यूएशन बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

बेहतर रहे पहली तिमाही के नतीजे

जेपी मॉर्गन के इंडिया इक्विटी रिसर्च प्रमुख संजय मूकीम के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनियों के प्रदर्शन के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे। खासकर लार्ज-कैप शेयरों की वैल्यूएशन में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। इससे भारतीय बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी दोबारा बढ़ती दिखाई दे रही है।

उत्तर एशिया के टेक्नोलॉजी शेयरों में अस्थिरता और भारतीय बड़े शेयरों की बेहतर कीमतों के चलते विदेशी निवेशक भी भारत की ओर लौट रहे हैं। हालांकि, जेपी मॉर्गन को निकट अवधि में विदेशी निवेश में बहुत बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बनी बड़ी चुनौती

भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम वैश्विक स्तर पर ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड है। जेपी मॉर्गन का मानना है कि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड पर आकर्षक यील्ड मिलने से निवेशकों के पास डॉलर आधारित अपेक्षाकृत सुरक्षित परिसंपत्तियों में पैसा लगाने का विकल्प मौजूद है। ऐसे में उभरते बाजारों में बड़ी तेजी सीमित हो सकती है।

IPO और ब्लॉक डील से लिक्विडिटी पर दबाव

भारत में IPO, QIP और ब्लॉक डील की मजबूत पाइपलाइन भी बाजार की लिक्विडिटी को प्रभावित कर रही है। बैंक के अनुसार, फिलहाल नए शेयरों की सप्लाई घरेलू म्यूचुअल फंड में हर महीने आने वाले निवेश से अधिक है। इससे अल्पावधि में बाजार पर दबाव रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि में जेपी मॉर्गन इसे बाजार के विस्तार के लिए सकारात्मक मानता है।

किन सेक्टर पर भरोसा?

सेक्टर के लिहाज से जेपी मॉर्गन वित्तीय कंपनियों, फार्मा और हेल्थकेयर, डिफेंस तथा चुनिंदा पावर और पावर-इक्विपमेंट कंपनियों को लेकर सकारात्मक है। कंजम्प्शन में बैंक की पसंद स्टेपल्स के मुकाबले डिस्क्रेशनरी कंपनियां हैं। वहीं, IT सेक्टर पर बैंक सतर्क है। वैल्यूएशन में सुधार के बावजूद सेक्टर की ग्रोथ को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।

RBI और विदेशी निवेश पर नजर

जेपी मॉर्गन को फिलहाल RBI से तत्काल ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद नहीं है। बैंक का बेस केस है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रख सकता है। लंबी अवधि में बैंक भारत को अगले 3-5 वर्षों के लिए संरचनात्मक रूप से मजबूत ग्रोथ मार्केट मानता है। हालांकि, अगले कुछ तिमाहियों में बड़े FII प्रवाह की उम्मीद सीमित है।

AI से जुड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर को लेकर भी जेपी मॉर्गन का अनुमान सकारात्मक है। बैंक को उम्मीद है कि 2027 में AI पर होने वाला खर्च 2026 के स्तर से भी अधिक हो सकता है, हालांकि इस निवेश से मिलने वाला वास्तविक रिटर्न बाजार के लिए अहम सवाल बना रहेगा।

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FD में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर, इन 2 बैंकों ने बढ़ाया ब्याज

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश के दो प्रमुख प्राइवेट सेक्टर बैंकों एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और फेडरल बैंक (Federal Bank) ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव किया है। हालांकि, दोनों बैंकों ने यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए की है। इससे चुनिंदा अवधि की FD पर सीनियर सिटीजन को पहले की तुलना में थोड़ा ज्यादा रिटर्न मिलेगा।

HDFC Bank ने 0.10% बढ़ाई ब्याज दर

HDFC Bank ने 3 करोड़ रुपए से कम की FD पर कुछ चुनिंदा अवधि के लिए वरिष्ठ नागरिकों की ब्याज दर में 10 बेसिस पॉइंट यानी 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है। बैंक की संशोधित दरें 19 अगस्त 2026 से लागू हो चुकी हैं।

इस बदलाव के बाद 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम अवधि वाली FD पर सीनियर सिटीजन को अधिकतम 7.10 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा। इससे पहले इसी अवधि की FD पर 7 फीसदी ब्याज दिया जा रहा था।

सामान्य ग्राहकों की दरों में बदलाव नहीं

एचडीएफसी बैंक ने अन्य FD अवधि की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। 60 साल से कम उम्र के ग्राहकों को अभी भी अलग-अलग अवधि की FD पर 2.75 फीसदी से लेकर 6.50 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी इस खास अवधि को छोड़कर बाकी FD की ब्याज दरें पहले जैसी ही हैं।

Federal Bank में भी बढ़ा रिटर्न

फेडरल बैंक ने भी सीनियर सिटीजन के लिए FD पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। बैंक की नई दरें 17 अगस्त 2026 से लागू हैं। वरिष्ठ नागरिकों को अब FD पर अधिकतम 7.20 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है।

बैंक सामान्य ग्राहकों को अलग-अलग अवधि की FD पर 3 फीसदी से लेकर 6.70 फीसदी तक ब्याज देता है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 3.50 फीसदी से शुरू होकर 7.20 फीसदी तक जाती है। बैंक 48 महीने की अवधि वाली FD पर सीनियर सिटीजन को सबसे ज्यादा 7.20 फीसदी ब्याज दे रहा है।

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