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नेपाल में बाढ़ से तबाही, सैकड़ों लापता, 95 मौतें:पावर प्लांट-पुल बहे, 133 भारतीय लापता, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे

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काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। सुबह 9 बजे तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया जिसमें कई इलाके चपेट में आ गए।

नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 95 लोगों के मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं।

नेपाली अधिकारियों के मुताबिक एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि जिस ग्लेशियल झील के फटने से अचानक बाढ़ आई थी, वहां अभी भी करीब 7 मीटर ऊंचा पानी का बांध बना हुआ है। यह कभी भी टूट सकता है।

तिब्बत से नेपाल में घुसा बाढ़ का पानी

तिब्बत-चीन सीमा पर ग्यिरोंग पोर्ट के इमिग्रेशन कॉम्प्लेक्स में लोग खतरे को देखकर भागते नजर आ रहे हैं।

तिब्बत-चीन सीमा पर ग्यिरोंग पोर्ट के इमिग्रेशन कॉम्प्लेक्स में लोग खतरे को देखकर भागते नजर आ रहे हैं।

अचानक आई बाढ़ के दौरान मिट्टी और पानी का तेज बहाव घुसता हुआ। पानी इमिग्रेशन कॉम्पलेक्स के ऊपर से आता हुआ दिख रहा है।

अचानक आई बाढ़ के दौरान मिट्टी और पानी का तेज बहाव घुसता हुआ। पानी इमिग्रेशन कॉम्पलेक्स के ऊपर से आता हुआ दिख रहा है।

बाढ़ का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने तक का मौका नहीं मिला।

बाढ़ का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने तक का मौका नहीं मिला।

चीन-नेपाल को जोड़ने वाला पुल तबाह

पानी के बहाव ने रसुआ जिले में नेपाल और चीन को जोड़ने वाले मितेरी पुल को तोड़ दिया।

पानी के बहाव ने रसुआ जिले में नेपाल और चीन को जोड़ने वाले मितेरी पुल को तोड़ दिया।

उफान पर भोटे कोशी नदी के तेज बहाव में पुल का बाकी हिस्सा भी बह गया।

उफान पर भोटे कोशी नदी के तेज बहाव में पुल का बाकी हिस्सा भी बह गया।

पहाड़ से उतर रही नदी ने तबाई मचाई

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में पानी का तेज बहाव नीचे आता दिख रहा है।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में पानी का तेज बहाव नीचे आता दिख रहा है।

जैसे-जैसे नदी का पानी नीचे आया उसकी रफ्तार और ऊंचाई और ज्यादा हो गई।

जैसे-जैसे नदी का पानी नीचे आया उसकी रफ्तार और ऊंचाई और ज्यादा हो गई।

भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने रास्ते में आने वाले घरों को तबाह कर दिया।

भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने रास्ते में आने वाले घरों को तबाह कर दिया।

बाढ़ की वजह क्या?

शुरुआती वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, ल्हेंदे नदी में बर्फ और पत्थरों का बड़ा हिस्सा गिरा, जिससे नदी का रास्ता रुक गया और पानी जमा होने लगा।

बाद में यह रुकावट टूट गई और जमा पानी तेज रफ्तार से नीचे बहा, जिससे अचानक फ्लैश फ्लड आ गई। ग्लेशियल झील फटने (GLOF) की संभावना की भी जांच की जा रही है। उस समय रसुवा में तेज बारिश नहीं हुई थी।

हालांकि इसकी वजह भूकंप भी बताई जा रही है। सुबह 8:37 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। बाढ़ भी इसी समय के आसपास आई, इसलिए इसके संबंध की जांच हो रही है।

नेपाल में 42 किमी की सड़क बही

बाढ़ का असर रसुवा से नुवाकोट, धादिंग होते हुए चितवन तक देखा गया। रसुवा में टिमुरे, स्याफ्रुबेसी, हाकुबेसी, मेलुंग, सल्लेटार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खाल्टी बस्ती और बेत्रावती समेत करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुईं। बाढ़ धादिंग के गल्छी तक पहुंची और आगे मुग्लिन की ओर बढ़ने की चेतावनी दी गई।

बेत्रावती से रसुवागढ़ी-तिब्बत सीमा तक करीब 42 किमी सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई। इसके अलावा स्याफ्रुबेसी से सीमा तक 16 किमी सड़क को भी नुकसान पहुंचा।

भारत में कहां-कितना असर होगा

भारत में इसका असर मुख्य रूप से बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों में दिखने की आशंका है। नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास सतर्कता बरती जा रही है।

सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर है। नेपाल का पानी त्रिशूली नदी से होते हुए गंडक तक पहुंचेगा। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी बढ़ सकता है। अगले 5-6 घंटे अहम बताए गए हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि इन सभी इलाकों में बाढ़ आएगी ही।

बिहार में बाढ़ का अलर्ट, गंडक नदी के जलस्तर पर नजर

नेपाल में बाढ़ के बीच भारत के पड़ोसी राज्य बिहार में भी गंडक नदी से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य के कई जिलों में तटबंधों की निगरानी, रात में गश्त और आपातकालीन टीमों की तैनाती जैसे कदम उठाए गए हैं।

रेड क्रॉस के मुताबिक, करीब 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा जताया गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को बाढ़ प्रभावित पटना, भागलपुर, कटिहार, नौगछिया, बेगूसराय और खगड़िया जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को बाढ़ प्रभावित पटना, भागलपुर, कटिहार, नौगछिया, बेगूसराय और खगड़िया जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था।

तिब्बत में भूस्खलन से 3 लोगों की मौत, 265 लापता

चीनी सरकारी मीडिया CCTV के मुताबिक, तिब्बत के ग्यिरोंग में हुए भूस्खलन में अब तक 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 265 लोग लापता हैं। स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे तक का यह आंकड़ा है। प्रभावित इलाके में बचाव अभियान जारी है।

बाढ़ में 13 साल की बच्ची समेत 12 ब्रिटिश नागरिक लापता

नेपाल के रासुवा जिले में आई भीषण बाढ़ के बाद 13 साल की बच्ची समेत 12 ब्रिटिश नागरिक लापता बताए जा रहे हैं।

लापता ब्रिटिश नागरिकों की उम्र 13 से 65 साल के बीच है। वे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक टूर ग्रुप के साथ यात्रा कर रहे थे। ट्रैवल कंपनी के मुताबिक, इस ग्रुप में 12 ब्रिटिश, 4 दक्षिण अफ्रीकी और 4 नेपाली नागरिक शामिल थे।

पायलट ने बताया- बाढ़ में 5 से 6 मीटर ऊंची लहरें देखीं

भीषण बाढ़ को हवा से देखने वाले एक हेलीकॉप्टर पायलट ने बताया कि उसने 5 से 6 मीटर तक ऊंची पानी की लहरें देखीं।

पायलट अमन बुधाथोकी ने CNN को बताया कि लैंडिंग से करीब पांच मिनट पहले उन्हें नदी से धूल उठती दिखाई दी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद भूस्खलन हुआ है। उन्होंने यह भी अंदाजा लगाया कि सड़क बनाने के लिए सेना विस्फोट कर रही होगी।

लेकिन कुछ ही सेकंड में उन्हें समझ आया कि यह तेज बाढ़ का पानी है। उन्होंने बताया कि गहरे रंग का पानी मलबे के साथ तेज गति से नीचे की ओर बह रहा था।

उन्होंने कहा कि यह बेहद डरावना दृश्य था। नुकसान का अंदाजा लगाने के लिए उन्होंने कुछ समय तक बाढ़ के बहाव का पीछा भी किया। पायलट ने कहा कि उन्होंने इससे पहले कभी प्रकृति की ताकत को इस तरह सामने आते नहीं देखा था।

सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही

नेपाल के खड्ग भंज्यांग इलाके की 23 अगस्त और 26 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरें, जिनमें बाढ़ से पहले और बाद का फर्क दिख रहा है।

चीन ने 574 बचावकर्मी और 30 हजार राहत सामग्री भेजी

चीन ने तिब्बत के ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट पर मलबे के बहाव के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। इसके लिए 574 बचावकर्मियों को प्रभावित इलाके में भेजा गया है।

बचाव दल के साथ जरूरी मशीनें और खास उपकरण भी भेजे गए हैं, ताकि मलबे में फंसे या लापता लोगों की तलाश की जा सके।

बाढ़ में तमिलनाडु के करीब 50 तीर्थयात्री फंसे

नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बीच तमिलनाडु के करीब 50 तीर्थयात्री फंस गए हैं। अलर्ट मिलने के बाद तमिलनाडु सरकार ने उनके बचाव के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये तीर्थयात्री तीन वाहनों में सवार होकर जा रहे थे। इनमें से एक वाहन में सवार लोगों ने टिमुरे स्थित सशस्त्र पुलिस बल की चौकी में शरण ली है। टिमुरे काठमांडू से करीब 150 किलोमीटर उत्तर में स्थित है।

अधिकारियों के मुताबिक, फंसे हुए तीर्थयात्री तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों से हैं। इनमें चेन्नई, पुडुचेरी, चिदंबरम, कुंभकोणम, मयिलादुथुरई और तिरुचिरापल्ली के लोग शामिल हैं।

तमिलनाडु सरकार के अधिकारी नेपाल में संबंधित एजेंसियों के संपर्क में हैं और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

नेपाली सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

80 सुरक्षाकर्मी भी लापता

बाढ़ की चपेट में सुरक्षा बल भी आए हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर 80 सुरक्षाकर्मी लापता हैं। इनमें 44 नेपाली सेना के जवान शामिल हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रियों की तलाश तेज

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए नेपाल का रसुवागढ़ी मार्ग अहम रास्ता है। बाढ़ के कारण नेपाल-चीन सीमा की ओर जाने वाली सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है।

कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित हैं। हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है। यह बौद्ध, जैन और बोन परंपरा के अनुयायियों के लिए भी पवित्र स्थल है।

भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर साल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते तिब्बत की ओर जाते हैं। इस बार बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों के संपर्क से बाहर होने के बाद उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

लापता लोगों में 3 अमेरिकी नागरिक भी

नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, लापता 291 विदेशी नागरिक लापता हैं। इनमें 142 भारतीय, 17 मलेशियाई, 12 ब्रिटिश, 4 दक्षिण अफ्रीकी, 8 दक्षिण कोरियाई, 1 अमेरिकी, 1 ऑस्ट्रेलियाई और 1 डच नागरिक शामिल हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में एक जगह कम से कम 3 अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की बात कही गई है। 111 अन्य लापता लोगों के नागरिकता की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।

भोटेकोशी नदी में अचानक आई फ्लैश फ्लड के बाद रिहायशी इलाके से तेज रफ्तार में गंदा बाढ़ का पानी बहता हुआ।

भोटेकोशी नदी में अचानक आई फ्लैश फ्लड के बाद रिहायशी इलाके से तेज रफ्तार में गंदा बाढ़ का पानी बहता हुआ।

बाढ़ में 500 लोग लापता, इनमें 37 INR भी शामिल

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद करीब 500 यात्री लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 37 प्रवासी भारतीय (NRI) और 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने यह जानकारी दी है।

सबसे ज्यादा प्रभावित रसुवा की आबादी करीब 50 हजार

रासुवा में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। यह जिला काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में चीन के तिब्बत क्षेत्र की सीमा के पास स्थित है।

बाढ़ ने रसुवा से नुवाकोट और धादिंग तक नदी किनारे के कई इलाकों को प्रभावित किया। करीब 40-42 किलोमीटर सड़क और कम से कम 19 पुलों को नुकसान पहुंचा है। करीब दर्जनभर बस्तियां भी प्रभावित हुई हैं। रसुवा जिले की आबादी करीब 50 हजार है।

तबाही के मंजर की तस्वीरें

सैटेलाइट तस्वीर में दिखा तबाही का मंजर

सैटेलाइट तस्वीर में नेपाल की एक घाटी में पहाड़ों से नीचे की ओर आए मलबे, चट्टानों और बर्फ के तेज बहाव के निशान दिखाई दे रहे हैं।

रसुवा में बाढ़ से नौ बैंकों की शाखाएं बहीं, 26 कर्मचारी लापता

रसुवा में आई भीषण बाढ़ में नौ बैंकों की शाखाएं बह गईं। नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन के मुताबिक, इनमें काम करने वाले 26 कर्मचारियों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। टेलीफोन सेवाएं ठप होने और बिजली नहीं होने के कारण राहत एवं बचाव टीमों को भी संपर्क करने में परेशानी हो रही है।

भारतीय वायुसेना अलर्ट पर, C-17 और C-130 विमान तैयार

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को कहा कि भारतीय वायुसेना नेपाल में राहत और बचाव मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है। राहत सामग्री, दवाइयों और मिट्टी हटाने वाले उपकरणों से लदे सी-17 और सी-130 विमान स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।

बाढ़ के मलबे में अपना सामान ढूंढ़ते लोग

शी जिनपिंग ने राहत-बचाव तेज करने का दिया आदेश

तिब्बत में आई बाढ़ के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। लापता लोगों की तलाश जारी है। बचाव अभियान के लिए 145 पुलिसकर्मियों और जवानों को प्रभावित इलाके में भेजा गया है।

नेपाल में तबाही की फोटोज

नेपाल के पहाड़ी जिले रासुवा में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही मचाई।

नेपाल के पहाड़ी जिले रासुवा में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही मचाई।

नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त घर।

नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त घर।

त्रिशूली में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद एक घर के आसपास जमा हुआ कीचड़ और मलबा।

त्रिशूली में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद एक घर के आसपास जमा हुआ कीचड़ और मलबा।

नेपाल के त्रिशूली में अचानक आई बाढ़ के बाद एक घर के आसपास जमा हुआ मलबा।

नेपाल के त्रिशूली में अचानक आई बाढ़ के बाद एक घर के आसपास जमा हुआ मलबा।

नेपाल के नुवाकोट जिले के ढुंगेबाजार में त्रिशूली नदी के आसपास का इलाका बाढ़ से प्रभावित हुआ।

नेपाल के नुवाकोट जिले के ढुंगेबाजार में त्रिशूली नदी के आसपास का इलाका बाढ़ से प्रभावित हुआ।

नेपाल में 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान

बाढ़ से नेपाल के जलविद्युत क्षेत्र को भी बड़ा नुकसान हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक रसुवा और नुवाकोट जिलों में कम से कम 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इनमें चालू और निर्माणाधीन दोनों परियोजनाएं शामिल हैं।

लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान की खबर है। 20 मेगावाट की इस निर्माणाधीन परियोजना का पावरहाउस बाढ़ में पूरी तरह बह गया है। यहां 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।

नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।

PM मोदी बोले- भारत हर संभव मानवीय मदद देने को तैयार

नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।

लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना के 60 लोग लापता

नेपाल की 20 मेगावाट क्षमता वाली लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

परियोजना के प्रमोटर बिजय मोहन भट्टराई के मुताबिक, इनमें सुरंग के अंदर काम कर रहे 35 लोग शामिल हैं। भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद सुबह से इन लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है।

हेलिकॉप्टर से लोगों का रेस्क्यू जारी

ग्लेशियल झील फटने की आशंका

रसुवा में पिछले 24 घंटे में 7 मिमी से ज्यादा बारिश नहीं हुई, इसलिए बाढ़ की वजह स्थानीय बारिश नहीं मानी जा रही। अधिकारियों को शक है कि तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने (GLOF) से अचानक पानी भोटे कोशी में आया।

ICIMOD-UNDP की 2020 की स्टडी के मुताबिक, भोटे कोशी बेसिन में 122 ग्लेशियल झीलें हैं। कौन-सी झील फटी, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है; सैटेलाइट इमेज और तकनीकी जांच से स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

टिमुरे में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान की आशंका है। फिलहाल मौतों और नुकसान का सही आंकड़ा जुटाया जा रहा है।

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अपराधी एपस्टीन और मंत्री हरदीप पुरी की फोटो वायरल:मंत्री ने कहा था- कभी अकेले नहीं मिला; कांग्रेस का सवाल- फिर तस्वारें कहां से आईं

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नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।

तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।

दैनिक भास्कर ने ऑनलाइन तस्वीर को रिवर्स सर्च किया, तो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की साइट पर यह फोटो मिला।

इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।

इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की वेबसाइट का लिंक- https://www.justice.gov/epstein/files/DataSet%209/EFTA01191294.pdf

राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया था

इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।

पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।

पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।

पुरी ने कहा-

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पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?QuoteImage

नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम

  • निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
  • ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
  • तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
  • एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
  • ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।

हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल

यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।

यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।

इसमें लिखा है- प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।

करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।

उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।

उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

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कोरबा

भक्ति का अनूठा समागम: मां सर्वमंगला मंदिर में 501 कन्याओं का महापूजन और कन्या भोज

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कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां

साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं

सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया।
सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन

विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है।
कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय

विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।

श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण

इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है।
उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां

501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।

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कोरबा

जवारा कलश विसर्जन के साथ माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि सम्पन्न

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जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा
देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो
प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन
पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद

कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया।
चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…।
दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित

हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना।
काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों।
जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल

जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे।
शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय

क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।

नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।

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