Connect with us

देश

नेपाल में तबाही : ग्लेशियर का 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर गिरा था अब तक 633 मौतें, 2500 लापता

Published

on

काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया।

वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है।

हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है।

ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो

320 भारतीय अभी भी लापता

नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं।

तबाह घरों से अपना बचा हुआ सामान खोज रहे लोग

बाढ़ से बचाए गए लोगों की सूची में अपने परिजनों के नाम खोजते लोग

नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग खुद रेस्क्यू ऑपरेशन में उतरे

नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरंग बाढ़ प्रभावित इलाके में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में खुद शामिल हुए। उन्होंने सुरंग के अंदर पहुंचकर बचाव टीमों के साथ काम किया और फंसे लोगों को बाहर निकालने के अभियान में मदद की।

बिजली का तार पकड़े लटके रहे तब बची जान

त्रिशूली बाजार में मिठाई की दुकान पर काम कर रहे रामबचन साह बुधवार को अचानक आई बाढ़ में बह गए थे। उन्होंने बताया कि बिजली का तार पकड़कर करीब आधे घंटे तक लटके रहने के बाद उनकी जान बच सकी।

साह सुरक्षित हैं, लेकिन दुकान में मौजूद संगीता, उनका बेटा राहुल और कर्मचारी बिनोद भगत अब भी लापता हैं। उनकी कीचड़ से लथपथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।

नेपाल में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर

एक बुजुर्ग बस्ती के बीच से गुजरता हुआ। बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन घरों की दीवारों और गलियों में फंसा मलबा तबाही की भयावह तस्वीर दिखा रहा है।

एक बुजुर्ग बस्ती के बीच से गुजरता हुआ। बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन घरों की दीवारों और गलियों में फंसा मलबा तबाही की भयावह तस्वीर दिखा रहा है।

बाढ़ के बाद उजड़ी बस्ती का एरियल व्यू। लोगों के घर कीचड़ से ढ़के हुए दिखाई दिए।

बाढ़ के बाद उजड़ी बस्ती का एरियल व्यू। लोगों के घर कीचड़ से ढ़के हुए दिखाई दिए।

बेत्रावती में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर। बाढ़ ने घरों, सड़कों और आसपास के इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

बेत्रावती में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर। बाढ़ ने घरों, सड़कों और आसपास के इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

त्रिशूली में बाढ़ के कीचड़ और मलबे से घिरी एक क्षतिग्रस्त इमारत।

त्रिशूली में बाढ़ के कीचड़ और मलबे से घिरी एक क्षतिग्रस्त इमारत।

एक क्षतिग्रस्त इमारत जो कीचड़ और मलबे के बीच है। पानी के सैलाब ने यहां सब कुछ तबाह कर दिया।

एक क्षतिग्रस्त इमारत जो कीचड़ और मलबे के बीच है। पानी के सैलाब ने यहां सब कुछ तबाह कर दिया।

नेपाल की हाइड्रोपावर इंडस्ट्री पर बाढ़ का खतरा

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने देश की हाइड्रोपावर इंडस्ट्री पर बड़ा असर डाला है। भोटेकोशी और त्रिशूली घाटियों में बाढ़ से 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इनमें 6 निर्माणाधीन प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।

नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ के बाद 431 MW बिजली उत्पादन क्षमता बंद हो गई। यह देश की कुल उत्पादन क्षमता का 12% से ज्यादा है। निर्माणाधीन प्रोजेक्टों को भी जोड़ने पर प्रभावित क्षमता करीब दोगुनी हो जाती है।

बाढ़ ने प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल उठाए

हिमालयी क्षेत्र में भूस्खलन, हिमस्खलन और ग्लेशियल झील फटने जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। जलवायु परिवर्तन के साथ इन जोखिमों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

बाढ़ के बाद अब सवाल उठ रहा है कि नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट कहां बनाए जाएं और उन्हें ऐसे प्राकृतिक खतरों से बचाने के लिए किस तरह डिजाइन किया जाए। विशेषज्ञ छोटे प्रोजेक्टों की मजबूती और बड़े जलाशयों की जरूरत पर भी चर्चा कर रहे हैं।

नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए पुरी बीच पर खास संदेश

ओडिशा के पुरी बीच पर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने नेपाल बाढ़ के पीड़ितों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने नेपाली झंडे और प्रे फॉर नेपाल’ संदेश के साथ रेत की कलाकृति बनाकर प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की।

बाढ़ के बाद नेपाल की सड़कों पर कीचड़ और मलबा

एक सुरक्षाकर्मी धादिंग में बाढ़ के बाद सड़क पर जमा कीचड़ और मलबा हटाता हुआ।

एक सुरक्षाकर्मी धादिंग में बाढ़ के बाद सड़क पर जमा कीचड़ और मलबा हटाता हुआ।

सड़क पर जमा कीचड़ और मलबे में फंसे एक ऑटो-रिक्शा को निकालने की कोशिश करते पुलिसकर्मी।

सड़क पर जमा कीचड़ और मलबे में फंसे एक ऑटो-रिक्शा को निकालने की कोशिश करते पुलिसकर्मी।

एक महिला बाढ़ प्रभावित इलाके में गैस सिलेंडर के पास बैठकर फोन पर बात करती हुई।

एक महिला बाढ़ प्रभावित इलाके में गैस सिलेंडर के पास बैठकर फोन पर बात करती हुई।

एक महिला बाढ़ के बाद मलबे और कीचड़ से घिरे इलाके में खड़ी हुई।

एक महिला बाढ़ के बाद मलबे और कीचड़ से घिरे इलाके में खड़ी हुई।

त्रिशूली सुरंग में फंसे लोगों को बचाने पहुंची भारतीय टीम

नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्हें बचाने के लिए भारत की एक टीम भी त्रिशूली पहुंच गई है।

भारतीय टीम पहले हेलिकॉप्टर से चिलिमे और लांगटांग इलाके का हवाई सर्वे करेगी। इसके बाद हालात के मुताबिक आगे का बचाव अभियान चलाया जाएगा।

सुरंग में फंसे लोगों की तलाश के लिए दो दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। शनिवार सुबह से सुरंग का रास्ता खोलने के लिए मलबा और मिट्टी हटाने का काम तेज कर दिया गया है।

ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो आया

इसमें धूल और मलबा तेजी से घाटी की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा है।

इसमें धूल और मलबा तेजी से घाटी की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा है।

तिब्बत के पास नेपाल में हिमस्खलन का खौफनाक मंजर कैमरे में कैद हुआ। टूर गाइड और हाइकर्स के एक ग्रुप ने बुधवार सुबह तिब्बत में एक ऑब्जर्वेशन डेक से इस घटना को देखा। यहां से नेपाल की सीमा के पार बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई देते हैं।

हाइकर्स के वीडियो में हिमस्खलन से पहले और बाद का अंतर साफ दिखाई देता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का कितना बड़ा हिस्सा नीचे घाटी में गिरा।

ग्रुप जब नीचे उतरा, तब उन्हें रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें हिमस्खलन और उसके बाद आई बाढ़ से हुई तबाही की जानकारी मिली।

चीन में बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो क्यों नहीं दिख रहे?

नेपाल और तिब्बत की सीमा पर आई बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो पूरी दुनिया में तेजी से फैल गए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा ग्यिरोंग पोर्ट के वीडियो की हुई। यह नेपाल और तिब्बत के बीच एक अहम सीमा चौकी है। वीडियो में दिख रहा है कि बाढ़ का तेज पानी सब कुछ बहाता हुआ आगे बढ़ रहा है और लोग जान बचाने के लिए भाग रहे हैं।

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सोशल मीडिया पर यह वीडियो नहीं दिख रहा है।

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सोशल मीडिया पर यह वीडियो नहीं दिख रहा है।

ये वीडियो CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए थे। सोशल मीडिया के जरिए ये दुनिया के कई देशों में पहुंच गए। लेकिन चीन में लोगों को ये वीडियो आसानी से देखने को नहीं मिले। चीन के सरकारी टीवी समाचार में भी अब तक इस घटना की सिर्फ एक तस्वीर दिखाई गई है।

चीन के इंटरनेट पर बाढ़ के वीडियो ढूंढना मुश्किल है। यहां तक कि इस बाढ़ में हुई मौतों और लापता लोगों के बारे में सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट भी आसानी से नहीं मिल रही हैं।

ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन में इंटरनेट पर सरकार का कड़ा नियंत्रण और सेंसरशिप है। कौन-सी जानकारी लोगों तक पहुंचेगी और कौन-सी नहीं, इस पर सरकार का काफी नियंत्रण रहता है।

नेपाल ने भारत की मदद के लिए आभार जताया

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए भारत के समर्थन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से दिखाई गई चिंता, सहयोग और एकजुटता के लिए नेपाल सरकार और जनता की ओर से वह दिल से धन्यवाद।

काठमांडू के मुर्दाघर में अपनों को तलाशते लोग

UN बोला- नेपाल में हजारों परिवारों को खाने और साफ पानी की जरूरत

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर हैं। UN के मुताबिक, हजारों परिवारों को भोजन और पीने के साफ पानी की जरूरत है।

राहत-बचाव के लिए कई देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने मदद बढ़ाई है। यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका ने नेपाल को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

वैज्ञानिक बोले- कभी भी टूट सकता है दूसरी झील का बांध

वैज्ञानिक जेफ्री कार्गेल ने CNN से कहा कि नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाके के ऊपर बनी दूसरी झील का पानी अस्थिर है। बांध टूटा तो नीचे के इलाकों में फिर बड़ी बाढ़ आ सकती है।

पहली झील का बांध शुक्रवार को टूट चुका है। अगर दूसरी झील भी टूटी तो उसका पानी पहली झील में पहुंचकर दोनों का पानी एक साथ नीचे ला सकता है। कार्गेल ने रेस्क्यू टीमों को ऊंचे इलाकों में तैयार रहने की सलाह दी है।

दोनों झीलें नेपाल-चीन सीमा के पास हैं, जहां बुधवार को भीषण बाढ़ आई थी।

बाढ़ से नेपाल में 80 पुल और 40 किमी सड़कें टूटीं

बाढ़ ने नेपाल की नई सरकार की आर्थिक मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। देश की अर्थव्यवस्था विदेशी मदद, विदेशों में काम कर रहे नेपाली लोगों के भेजे पैसे और चीन-भारत के सामान पर निर्भर है।

राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ से 80 पुल और करीब 40 किमी सड़कें खराब हुई हैं। प्रभावित इलाका चीन सीमा के पास है। ये सड़कें और पुल चीन से सामान लाने-भेजने के लिए जरूरी हैं। चीन नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

Continue Reading

देश

अपराधी एपस्टीन और मंत्री हरदीप पुरी की फोटो वायरल:मंत्री ने कहा था- कभी अकेले नहीं मिला; कांग्रेस का सवाल- फिर तस्वारें कहां से आईं

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।

तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।

दैनिक भास्कर ने ऑनलाइन तस्वीर को रिवर्स सर्च किया, तो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की साइट पर यह फोटो मिला।

इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।

इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की वेबसाइट का लिंक- https://www.justice.gov/epstein/files/DataSet%209/EFTA01191294.pdf

राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया था

इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।

पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।

पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।

पुरी ने कहा-

QuoteImage

पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?QuoteImage

नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम

  • निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
  • ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
  • तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
  • एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
  • ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।

हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल

यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।

यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।

इसमें लिखा है- प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।

करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।

उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।

उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

Continue Reading

कोरबा

भक्ति का अनूठा समागम: मां सर्वमंगला मंदिर में 501 कन्याओं का महापूजन और कन्या भोज

Published

on

कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां

साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं

सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया।
सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन

विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है।
कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय

विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।

श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण

इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है।
उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां

501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।

Continue Reading

कोरबा

जवारा कलश विसर्जन के साथ माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि सम्पन्न

Published

on

जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा
देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो
प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन
पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद

कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया।
चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…।
दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित

हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना।
काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों।
जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल

जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे।
शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय

क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।

नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677