भारतीय ज्ञान-परंपरा और गुरु-शिष्य संस्कृति के गौरव का हुआ गुणगान, आचार्यों के त्याग और राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया गया नमन एनटीपीसी कोरबा के सहयोग से नवनिर्मित एवं सुसज्जित सभा-भवन का उल्लेख, विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास में मील का पत्थर बताया विद्या भारती के आचार्यों को राष्ट्र निर्माण का शिल्पकार बताते हुए उनके निःस्वार्थ सेवा, संस्कार और समर्पण को किया गया सम्मानित
कोरबा। भारतीय ज्ञान-परंपरा के संवाहक, मनीषी एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पावन जयंती (शिक्षक दिवस) के पुण्य अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्रगति नगर (एनटीपीसी कोरबा) के पावन प्रांगण में भव्य ‘आचार्य अभिनंदन समारोह’ का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में किया गया। सर्वेश्वर शिक्षण समिति, जमनीपाली द्वारा आयोजित इस समारोह में प्रगति नगर एवं जमनीपाली दोनों विद्या-मंदिरों के तपस्वी, निष्ठावान एवं कर्मठ आचार्यों का वंदन एवं अभिनंदन किया गया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने गुरु की भारतीय परंपरा में प्रतिष्ठा, शिक्षा के माध्यम से चरित्र निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण में आचार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह का विधिवत शुभारंभ वीणावादिनी मां सरस्वती, ॐ, भारत माता एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैलचित्र के समक्ष दीप-प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन तथा वैदिक स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सुमधुर सरस्वती वंदना एवं गुरु-वंदना ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक दिव्यता से सराबोर कर दिया। श्रद्धा और सम्मान से ओत-प्रोत इस आयोजन में आचार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान को नमन किया गया। आचार्य सम्मान और विद्यालय विकास पर अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार राठौर ने रखे विचार
प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार राठौर ने मंचासीन अतिथियों का भावभीना परिचय एवं औपचारिक स्वागत प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यालय के आधारभूत विकास में एनटीपीसी कोरबा के सतत योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एनटीपीसी प्रबंधन ने सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए विद्यालय में जिस सुसज्जित एवं नवीकृत सभा-भवन का निर्माण व लोकार्पण कराया है, वह विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने इसके लिए मुख्य अतिथि शत्रुघ्न बेहरा (महाप्रबंधक) एवं विशिष्ट अतिथि विजय कुमार गर्ग (महाप्रबंधक) का संपूर्ण विद्यालय परिवार एवं प्रबंध समिति की ओर से हृदयतल से आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने आशा एवं विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्र-निर्माण के इस पावन शैक्षणिक प्रकल्प को भविष्य में भी एनटीपीसी का ऐसा ही स्नेहपूर्ण एवं संबलकारी सहयोग निरंतर प्राप्त होता रहेगा। गुरु को जीवन-शिल्पी बताते हुए अमरदीपक देवांगन ने किया आचार्यों के योगदान का बखान प्रबंधकारिणी समिति के सचिव अमरदीपक देवांगन ने सनातन जीवन-मूल्यों के आलोक में गुरु-शिष्य परंपरा एवं गुरु की अलौकिक महिमा का भावपूर्ण बखान किया। उन्होंने कहा, “गुरु केवल साक्षर बनाने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि अंतर्मन के तिमिर को हरकर प्रज्ञा का दीप प्रज्वलित करने वाले जीवन-शिल्पी हैं। कुम्हार जिस प्रकार माटी को गढ़कर सुंदर घट का रूप देता है, ठीक उसी प्रकार हमारे आचार्य बालकों की दुर्बलताओं को दूर कर उनमें राष्ट्रप्रेम, शुचिता और उच्च नैतिक संस्कारों की प्राण-प्रतिष्ठा करते हैं।” उन्होंने कहा कि आज समाज भौतिकता की अंधी दौड़ में भटक रहा है और ऐसे संक्रमण काल में विद्या भारती के आचार्यों का त्याग एवं निष्ठा पूरे समाज के लिए प्रकाशस्तंभ है। उन्होंने कहा कि आचार्यों का सम्मान करना वास्तव में समाज का स्वयं को गौरवान्वित करना है। मुख्य अतिथि शत्रुघ्न बेहरा ने चरित्र निर्माण को बताया शिक्षा का मूल उद्देश्य
मुख्य अतिथि शत्रुघ्न बेहरा, महाप्रबंधक, प्रचालन एवं अनुरक्षण, एनटीपीसी लिमिटेड, कोरबा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा, “सच्चा शिक्षक वह नहीं जो केवल पाठ्य-पुस्तकों का अक्षर-ज्ञान कराए, अपितु वह है जो अंतश्चेतना को झकझोर कर जीवन-मूल्यों की नींव सुदृढ़ करे। औद्योगिक एवं तकनीकी विकास तभी सार्थक है, जब समाज की धुरी चरित्रवान नागरिकों के हाथ में हो; और इस चरित्र-निर्माण की पावन भट्ठी में तपने वाले शिल्पकार केवल हमारे आचार्य हैं। आचार्यों का यह मौन तप राष्ट्र को अविचल सम्बल प्रदान करता है।” उन्होंने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और अक्षर-ज्ञान तक सीमित न मानते हुए जीवन-मूल्यों एवं चरित्र निर्माण से जोड़ा। उनके वक्तव्य में आचार्यों के मौन तप, समर्पण और राष्ट्र के लिए उनके योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। विशिष्ट अतिथि विजय कुमार गर्ग ने गुरु को बताया संस्कार और ज्ञान के संतुलन का आधार विशिष्ट अतिथि विजय कुमार गर्ग, महाप्रबंधक, रसायन, एनटीपीसी लिमिटेड, कोरबा ने कहा, “रसायन शास्त्र जिस प्रकार विभिन्न तत्त्वों के संतुलन से नवीन ऊर्जा का सृजन करता है, ठीक उसी प्रकार एक गुरु विद्यार्थी के अंतर्मन में संस्कार, विचार एवं ज्ञान का संतुलन स्थापित कर उसे समाजोपयोगी व्यक्तित्व बनाता है। आधुनिक युग की चकाचौंध में भी विद्या भारती के आचार्य जिस प्रकार विद्यार्थियों में राष्ट्रनिष्ठा, विनम्रता और आत्मसंयम का बीजारोपण कर रहे हैं, वह समस्त मानवता के लिए अनुकरणीय एवं वन्दनीय है।” उन्होंने विद्या भारती के आचार्यों द्वारा विद्यार्थियों में राष्ट्रनिष्ठा, विनम्रता एवं आत्मसंयम जैसे मूल्यों के विकास के प्रयासों को अनुकरणीय बताया। मुख्य वक्ता जुड़ावन सिंह ठाकुर ने आचार्य को बताया राष्ट्र निर्माण का शिल्पकार मुख्य वक्ता जुड़ावन सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष, विद्या भारती, मध्य क्षेत्र ने सनातन ऋषि-परंपरा में आचार्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “हमारी सनातन ऋषि-परम्परा में आचार्य का पद देवतुल्य माना गया है—‘गुकारस्त्वन्धकारस्तु रुकारस्तन्निरोधकः’। आचार्य वह सूर्य हैं जो अज्ञान के सघन अंधकार को भेदकर ज्ञान के शाश्वत आलोक का संचरण करते हैं।” उन्होंने कहा कि विद्या भारती केवल प्रमाणपत्र बांटने वाला संस्थान नहीं, अपितु व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की अविरल साधना है। आचार्यों का अभिनंदन समाज द्वारा उनके अप्रतिम त्याग, निःस्वार्थ साधना एवं राष्ट्र-सेवा के प्रति व्यक्त की गई विनम्र कृतज्ञता है। रोली-तिलक, श्रीफल और उपहार देकर हुआ आचार्यों एवं दीदियों का अभिनंदन कार्यक्रम के मुख्य चरण में मंचासीन अतिथियों एवं समिति के पदाधिकारियों द्वारा दोनों विद्यालयों के समस्त आचार्यों एवं दीदियों का रोली-तिलक लगाकर, श्रीफल एवं उपहार सादर समर्पित कर अभिनंदन किया गया। अपने आचार्यों का ऐसा दिव्य सम्मान देखकर उपस्थित जनसमुदाय भाव-विभोर हो उठा। सम्मान के इस अवसर पर करतल ध्वनि से पूरा परिसर गूंज उठा और वातावरण गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना से भर गया। समारोह में सर्वेश्वर शिक्षण समिति के पदाधिकारीगण, स्थानीय प्रबंध समिति के सदस्य तथा प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय जीवन-मूल्यों, संस्कार आधारित शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में आचार्यों की भूमिका को केंद्र में रखते हुए वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन विश्व-कल्याण की भावना से ओत-प्रोत ‘शान्ति मन्त्र’ एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह ने आचार्यों के प्रति समाज की कृतज्ञता, सम्मान और विश्वास को अभिव्यक्त किया तथा शिक्षा के माध्यम से संस्कारवान एवं चरित्रवान पीढ़ी के निर्माण के महत्व को रेखांकित किया।
40 वर्षों बाद भी रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के ग्रामीण
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले संपन्न हुआ महासम्मेलन
कोरबा/दीपका। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL और स्थानीय प्रशासन की तानाशाहीपूर्ण नीतियों के कारण दीपका क्षेत्र के भू-विस्थापित परिवारों का जीवन संकट में आ पड़ा है भूमि अर्जन और विस्थापन के 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी विस्थापितों की समस्याओं का अंत नहीं हो सका है और रोजगार व पुनर्वास की मांगें आज भी अधर में लटकी हुई हैं एसईसीएल प्रबंधन की इस वादाखिलाफी और उपेक्षा के विरोध में ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के तत्वाधान में आज 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार को प्रातः 11:00 बजे ग्राम पंचायत अंडीकछार स्थित टिनठिकिया स्थान पर एक विशाल भू-विस्थापित महासम्मेलन का आयोजन किया गया ।
इस महासम्मेलन में दीपका क्षेत्र के अर्जित एवं पुनर्वासित गांवों सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के प्रभावित ग्रामीण युवा बुजुर्ग और महिलाएं एकजुट होकर एसईसीएल प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरें ।
महासम्मेलन के मुख्य मुद्दे
ग्राम सुवाभोड़ी की प्रमुख मांगें पर लंबित मुआवजा एवं परिसंपत्तियों का अविलंब भुगतान 5 लाख की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि बसाहट पात्रता दस्तावेजों में व्याप्त नाम व जाति संबंधी त्रुटियों का तत्काल सुधार स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार का अधिकार के विषयों पर विशेष चर्चा पर प्रस्ताव पारित किया गया !
इसके साथ ही पुनर्वासित क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाएं सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर बेलटिकरी ग्रामीणों को भूमि पट्टे का आवंटन पक्की सड़कें नाली पुल-पुलिया गार्डन सामुदायिक भवन मुक्तिधाम तालाब और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं लंबित मुआवजा व पुनर्वास नीति के तहत सभी पात्रताओं का पारदर्शी निपटारा भू-विस्थापित कोटा टेंडर व स्वरोजगार अधिकार वैकल्पिक स्वरोजगार हेतु निर्धारित 5 लाख की टेंडर सीमा को बढ़ाकर 20 लाख स्थानीय भू-विस्थापित ठेकेदारों के साथ किए जा रहे भेदभाव को तुरंत समाप्त के संबंध में भी निर्णय व प्रस्ताव पारित किये गये !
संगठन का आह्वान
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने दीपका क्षेत्र के समस्त प्रभावित ग्रामों के निवासियों माताओं-बहनों बुजुर्गों और विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे अपने हक और अधिकार की इस निर्णायक लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा वर्षों से अपनी जमीन देकर देश को रोशन करने वाले किसान आज अपने ही हक के लिए तरस रहे हैं एसईसीएल की इस तानाशाही रवैये को अब बर्दाश्त नहीं की जायेगा और महासम्मेलन में अन्य समस्याओं का भी ऐतिहासिक निर्णय व प्रस्ताव लिया गया तथा इसी मंच से एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ आगामी लड़ाई व संघर्ष की तैयारी की जाएगी !
कोरबा। कांग्रेस संगठन द्वारा जिले में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों को लेकर 23 अक्टूबर, शुक्रवार को शाम 3 बजे टी.पी. नगर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, कोरबा में जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। बैठक को छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल संबोधित करेंगे। बैठक में जिले में संगठन की गतिविधियों, सेक्टर, मंडल, वार्ड एवं बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय एवं मजबूत बनाने तथा आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सभी मंडल अध्यक्षों, सेक्टर प्रभारियों, वार्ड अध्यक्षों, बूथ पदाधिकारियों सहित कांग्रेस के समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस संगठन द्वारा विभिन्न वार्डों में सेक्टर स्तर की बैठकों का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी क्रम में 23 अक्टूबर को अलग-अलग क्षेत्रों में सेक्टर बैठकों के पश्चात जिला स्तर पर यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होकर संगठनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की है। दिनांक 29 अक्टूबर को AICC द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक नवज्योत पटनायक और पी.सी.सी. पर्यवेक्षक एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री व् खरसिया विधायक उमेश पटेल द्वरा कोरबा जिला के कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कांग्रेस पार्टी के संगठन एवं मोर्चा से सम्बंधित समस्त पधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को बैठक में उपस्थित रहना अनिवार्य रहेगा.
शिवहर, सीतामढ़ी एवं मधुबनी पूर्व-पश्चिम जिलों के कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ करेंगे संगठनात्मक बैठक कोरबा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा चलाए जा रहे दो माह के राष्ट्रव्यापी “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बिहार के शिवहर, सीतामढ़ी तथा मधुबनी पूर्व एवं मधुबनी पश्चिम संगठनात्मक जिलों का केंद्रीय पर्यवेक्षक (AICC Observer) नियुक्त किया गया है। AICC के निर्देशानुसार श्री अग्रवाल शीघ्र ही बिहार के इन जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे प्रत्येक जिले में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, वरिष्ठ पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों, बूथ लेवल एजेंटों (BLA), फ्रंटल संगठनों एवं अभियान से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा करेंगे तथा आगामी कार्यक्रमों की जिम्मेदारियां तय करेंगे। बैठकों में विशेष रूप से मतदाता सूची के सत्यापन, SIR के माध्यम से हटाए गए या प्रभावित मतदाताओं की पहचान, “Vote Rakshak” पोर्टल के उपयोग, बूथ स्तर पर सत्यापन, ग्राम स्तरीय चौपालों तथा जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा की जाएगी। श्री अग्रवाल यह भी सुनिश्चित करेंगे कि AICC द्वारा निर्धारित कार्यक्रम प्रत्येक जिले में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ संचालित हों। अभियान के आगामी चरण में 25 अक्टूबर से “वोट बचाओ–देश बचाओ चौपाल” का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रेस वार्ता, ब्लॉक स्तर की बैठकें, बूथ लेवल एजेंटों एवं “Vote Rakshak” कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण तथा बूथवार मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद गांव-गांव चौपाल आयोजित कर प्रभावित एवं हटाए गए मतदाताओं की जानकारी एकत्रित की जाएगी। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची केवल कागज का दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के अधिकार और उसकी राजनीतिक भागीदारी का आधार है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटता है अथवा चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता होती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि AICC द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे तथा बिहार के संबंधित जिलों में कांग्रेस संगठन के सभी स्तरों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान को बूथ और गांव के स्तर तक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी समन्वय, अनुशासन और पूरी सक्रियता के साथ अभियान में जुटें तथा हर पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा को अपना संगठनात्मक दायित्व समझकर कार्य करें।